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वायु और जल प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं,लेकिन फिर भी इनको चुनावी मुद्दा नहीं बनाया जा रहा है?क्यों

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“भारत में खतरनाक स्तर पर पहुंचा वायु प्रदूषण 2017 में 12 लाख लोगों की हुई मौत अमेरिका के हेल्थ इफेक्ट्स इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में स्ट्रोक, मधुमेह, दिल का दौरा, फेफड़े के कैंसर या फेफड़े की पुरानी बीमारियों से पूरी दुनिया में करीब 50 लाख लोगों की मौत हुई. अकेले भारत में 12 लाख लोगों की मौत हुई है”

“सन 2025 तक भारत की जनसंख्या 139 करोड़ तथा सन 2050 तक 165 करोड़ तक पहुँच जाएगी। इस बढ़ती जनसंख्या का पेयजल खासकर भूमिगत जल पर जबर्दस्त दबाव पड़ेगा”

“कुल आकलनों के अनुसार सन 2000 में जल की आवश्यकता 750 अरब घन मीटर (घन किलोमीटर) यानी 750 जीसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) थी। सन 2025 तक जल की यह आवश्यकता 1050 जीसीएस तथा सन 2050 तक 1180 बीसीएम तक बढ़ जाएगी”

“स्वतंत्रता प्राप्ति के समय देश में प्रति व्यक्ति जल की औसत उपलब्धता 5000 घन मीटर प्रति वर्ष थी। सन 2000 में यह घटकर 2000 घन मीटर प्रतिवर्ष रह गई। सन 2050 तक प्रति व्यक्ति जल की उपलब्धता 1000 घन मीटर प्रतिवर्ष से भी कम हो जाने की सम्भावना है”

“जंगलों के कटने से धरती का हर साल एक प्रतिशत क्षेत्रफल रेगिस्तान में तब्दील होता है”

“जल प्रदूषण की समस्या ने बोतलबन्द जल की संस्कृति को जन्म दिया। बोतलबन्द जल बेचने वाली कम्पनियाँ भूमिगत जल का जमकर दोहन करती हैं। नतीजतन, भूजल-स्तर में गिरावट आती है। गौरतलब है कि भारत बोतलबन्द पानी का दसवाँ बड़ा उपभोक्ता है। हमारे देश में प्रति व्यक्ति बोतलबन्द पानी की खपत पाँच लीटर सालाना है जबकि वैश्विक औसत 24 है। देश में सन 2013 तक बोतलबन्द जल का कारोबार 60 अरब रुपये था। सन 2018 तक इसके 160 अरब हो जाने का अनुमान है”

“भारत में स्वास्थ्य संबंधी खतरों से होने वाली मौतों का तीसरा सबसे बड़ा कारण वायु प्रदूषण और इसके बाद धूम्रपान है. इस वजह से दक्षिण एशिया में मौजूदा स्थिति में जन्म लेने वाले बच्चों का जीवन ढाई साल कम हो जायेगा. वहीं वैश्विक जीवन प्रत्याशा में 20 महीने की कमी आएगी. लेकिन भारत में अभी भी 60 फीसदी लोग सॉलिड फ्यूल से खाना बना रहे हैं. इसकी वजह से घर के भीतर प्रदूषण बढ़ रहा है, घर का प्रदूषण भी बाहरी हवा को दूषित करता है”

हवा और पानी आखिर चुनाव का मुद्दा क्यों नहीं बन पाते ?
वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर होने के बावजूद भारत में क्यों नहीं बना चुनावी मुद्दा ?
वायु और जल प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं, लेकिन फिर भी इनको चुनावी मुद्दा नहीं बनाया जा रहा है
हर साल प्रदूषण के चलते कई लोगों की जान तक चली जाती है, लेकिन यह अब भी चुनावी एजेंडे से गायब रहता है. आखिर इसकी वजह क्या है, जिसके चलते राजनीतिक दल प्रदूषण को चुनावी मुद्दा नहीं बनाते हैं?
भारत में प्रदूषण बड़ी समस्या बनता जा रहा है, लेकिन लोकसभा चुनाव के मुद्दे से यह एकदम गायब है. उत्तर भारत के तमाम इलाकों में पराली जलाने की वजह से हवा में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है, लेकिन लोकसभा चुनाव में न नेताओं के लिए और न ही आम आदमी के लिए यह कोई मुद्दा नहीं है. चुनाव के दौरान इसकी चर्चा तक नहीं की जा रही है.वहीं पर्यावरण विदों का कहना है कि आज वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण एक बड़ी समस्या है,लेकिन आम लोगों में अभी तक इसके प्रति जागरूकता उस स्तर तक नहीं आई है, जिससे यह चुनावी मुद्दा बन सके.
पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ ही राजस्थान में जब धान की पराली जलाई जाती है, तो दिल्ली-एनसीआर में लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ होती है. दिवाली पर तो वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर चला जाता है और तमाम लोग इसके शिकार हो जाते हैं. पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे महीन कण हवा में सामान्य के मुकाबले 10 गुना तक बढ़ जाते हैं. इस वजह से दिल्ली-एनसीआर की हवा अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर महीने में जहरीली हो जाती है.जाड़े के सीजन में तो इस समस्या को लेकर दिल्ली जैसे मेट्रोपॉलिटन शहर में सरकार को तमाम कदम उठाने पड़ते हैं. अगर जल प्रदूषण की बात करें, तो दिल्ली में यमुना नदी की हालत एक गंदे नाले की तरह हो गई है. यमुना के पानी के अंदर रहने वाले जीव-जंतु मर चुके हैं और पानी पूरी तरीके से क्षारीय हो गया है.दिल्ली-एनसीआर की दूसरे इलाकों की बात करें, गाजियाबाद में हिंडन नदी की स्थिति प्रदूषण के मामले में बद से बदतर हो चुकी है.हापुड़ के पास की काली नदी अब नाला बन चुकी है. इन सबके बावजूद इन नदियों के प्रति उदासीनता बेहद चिंताजनक है.

पीएम 2.5 क्या है
“2.5 माइक्रोमीटर diameter (व्यास) वाले कण एक इंसान का बाल से 30 गुना बड़ा होता है. ये इतने छोटे होते हैं कि आंखों से नहीं दिखाई देते. टेलीस्कोप से ही हम इसे देख सकते हैं. वातावरण PM 2.5 के level बढ़ने से हवा में धुंध दिखाई पड़ती है, जिससे आस-पास दिखाई देना कम हो जाता है. PM 2.5 हवा के साथ हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं और हमारे फेफड़ों में घुस जाते हैं, जिससे हमें सांस लेने में तकलीफ होती है. इसके कारण हमें फेफड़ों की कई खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं”

दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस बार किसी भी राजनीतिक दल ने पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को अपने घोषणापत्र में प्रमुखता से जगह नहीं दी. उनका मानना है कि लोगों को साफ हवा और पानी से भरी हुई नदी को अब चुनाव का मुद्दा बनाना चाहिए, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ.उनका मानना है कि वायु और जल प्रदूषण को लेकर लोगों में और ज्यादा जागरूकता की जरूरत है. हमारे जैसे पर्यावरणविद् आम लोगों के बीच पर्यावरण के महत्व को बताने में कहीं ना कहीं नाकाम रहे हैं. जाने-माने पर्यावरणविद् विलास गोकटे के मुताबिक आम लोगों में पर्यावरण को लेकर चिंता तो जरूर है, लेकिन यह चुनाव का मुद्दा बने, इसके लिए अभी इतनी जागरूकता लोगों में नहीं आई है.

उनका कहना है कि वायु प्रदूषण से लोग प्रभावित हो रहे हैं और नदियां पूरी तरीके से खत्म हो रही हैं. इससे हमारा अस्तित्व भी खतरे में पड़ गया है. ऐसे में राजनीतिक दलों को इस मुद्दे पर सोचना होगा. उनको पर्यावरण के मसले पर अपनी रणनीति लोगों के बीच रखनी होगी. इस बार यह चुनाव का मुद्दा तो नहीं रहा, लेकिन आने वाले दिनों में निश्चित तौर पर चुनाव का मुद्दा बनेगा.Disclaimer:हमारे वेबसाइट www.etoinews.com पोर्टल की सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और किसी भी जानकारी की सटीकता, पर्याप्तता या पूर्णता की गारंटी नहीं देता है साथ ही किसी भी त्रुटि या चूक के लिए या किसी भी टिप्पणी, प्रतिक्रिया और विज्ञापनों के लिए जिम्मेदार नहीं है। आपको केवल एक सुविधा के रूप में ये न्यूज या लिंक प्रदान कर रहा है और किसी भी समाचार अथवा लिंक को हमारा वेबसाइट समर्थन नहीं करता है।

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‘रातों को चीखकर जाग जाने वाली वो लड़की बैखौफ सो सके’ गैंगरेप सर्वाइवर के पति के नजर से देखिए ये किस्सा

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6 लोगों ने उसका रेप किया. तस्वीरें निकालीं. और महीनों ब्लैकमेल किया. आज हम शादीशुदा हैं. वकीलों की फीस के लिए मैंने प्रॉपर्टी बेच दी. कोर्ट जाता हूं तो जान से मारने की धमकियां मिलती हैं लेकिन मुझे अब डर नहीं. रातों को चीखकर जाग जाने वाली वो लड़की बैखौफ सो सके, बस यही मकसद है.

हरियाणा के जितेंद्र छातर ने गैंग-रेप सर्वाइवर से शादी की और साढ़े तीन सालों से इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे हैं.

सावन का महीना था. गांव के दस्तूर के अनुसार मेरे घरवाले सिंगार की डलिया लेकर उसके घर पहुंचे. लाल-हरी चूड़ियां, चटख चुनरी, बिंदिया- उस डलिया में सबकुछ था जो 20 साल की एक लड़की को भाए लेकिन उसने लेने से इन्कार कर दिया. रिश्ते पर मुहर लगने से पहले वो एक बार लड़के यानी मुझसे मिलना चाहती थी. मैं पहुंचा. मैं चाचा-ताऊओं के साथ सामनेवाले कमरे में बैठा था. लड़की की तस्वीर भर देखी थी. दुआ कर रहा था कि वो मना न करे. तभी भीतर से पहली बार उसकी आवाज सुनी. वो मुझसे अकेले में मिलना चाहती थी.

हम ठेठ गांववाले हैं. माता-पिता रिश्ता जोड़ते हैं तो सीधे शादी के मंडप में ही मुलाकात होती है.

इधर ये लड़की मुझसे मिलना चाहती है, वो भी अकेले में! साथ पहुंचे घरवालों के लिए ये एकदम अजूबी बात थी. सब अकबकाए बैठे मेरा चेहरा देख रहे थे. मैं उठा और भीतर चला गया. धुकधुकी लगी हुई थी कि अब कोई न कोई तो इन्कार करेगा ही.

भीतर पहुंचा तो वो चुपचाप बैठी थी. तस्वीर से भी प्यारी उस लड़की के चेहरे पर हर पल ढेरों भाव आ-जा रहे थे. मुझे देखते ही उठ खड़ी हुई. चेहरा ताजा आंसुओं से भीगा हुआ. आंखों के नीचे रतजगे के निशान.

बहुत देर बाद उस लड़की ने बोलना शुरू किया. बिना किसी भूमिका के एकदम सर्द आवाज में वो बता रही थी और मैं सुन रहा था. चंद मिनटों में ही मेरी दुनिया उलट-पुलट हो गई. ऐसा लगा, कोई ऊंचाई पर ले जाकर बार-बार पटक रहा हो. जाननेवाले मुझे काफी सख्त और हिम्मतवाला मानते हैं. पहली बार मैं हिम्मत खो रहा था.

सामने बैठी लड़की, जिसकी आंखें उसके रंग से ज्यादा चमकती हैं, उसका रेप हुआ! एक-दो नहीं, कई-कई बार. बीबीए फर्स्ट ईयर के दौरान ट्रेनिंग का झांसा देकर गैंगरेप हुआ. वीडियो बनाई गई और फिर वीडियो, तस्वीरों के हवाले से उसे बार-बार बुलाया जाता रहा. मना करने पर वीडियो वायरल करने की धमकियां मिलतीं.

ब्लैकमेलिंग और रेप का ये सिलसिला तकरीबन 10 महीनों तक चला. बात खत्म होने से पहले मैं उसकी आंखों में देखने की हिम्मत खो चुका था.

थोड़ी देर बाद संभलकर जैसे-तैसे पूछा- ‘आपने मुझे ये बात क्यों बताई?’ उसका जवाब था- ‘क्योंकि मैं धोखे में रखकर नया रिश्ता नहीं चाहती थी. आप मना कर दें तो मुझे मलाल नहीं होगा.’ अब बोलने की मेरी बारी थी. वो टुकुर-टुकुर मुंह ताक रही थी. मेरी ‘न’ का इंतजार करते उसके चेहरे पर कुछ तो ऐसा था जो मुझे रोक रहा था. मैं तय कर चुका था कि मुझे क्या करना है. उसका हाथ पकड़कर वहां ले गया, जहां सब बैठे थे.

पूरा हॉल दो खेमों में बंटा हुआ था. एक तरफ मेरे घरवाले, जो लड़के से अकेले में मिलने की मांग सुनकर हैरान थे. दूसरी ओर उसके घरवाले, जो अपनी सीधी-सादी बच्ची की हिमाकत पर सहमे हुए थे.

बिना कोई आगा-पीछा सोचे मैंने सारी बात बता दी. पूरा हॉल सन्न था. अब भी याद है. हॉल में एक दीवारघड़ी थी. बस उसी की आवाज आ रही थी. लड़की कोने में खड़ी रो रही थी. मेरी मां ने चुप्पी तोड़ी. उसे गले लगाते हुए कहा- तू बड़ी हिम्मती है. ये बहुत बड़ी बात है कि नए घर में जाने से पहले तूने सब बता दिया. तुझे इंसाफ जरूर मिलेगा. फिर मेरी तरफ मुड़ी और कहा- इससे शादी करो, न करो, ये तुम्हारा फैसला है. मैंने दुनिया देखी है. बस, ये कह सकती हूं कि ऐसी सच्ची बच्ची कोई दूसरी नहीं होगी.

अगले ही दिन मैं अपनी भावी पत्नी के साथ जींद थाने में था. हमने रिपोर्ट कराई, फिर पानीपत पहुंचे क्योंकि हादसा वहीं हुआ था. वहां भी रिपोर्ट दर्ज की गई. 27 अगस्त 2015 को पहला आरोपी गिरफ्तार हुआ.

साल के आखिर में हमने शादी कर ली. पूरी टीमटाम के साथ उसे घर लेकर आया. छत्तीस बिरादरी का भोज हुआ था. गांव में कई दिनों तक जलसा रहा.

इसके बाद असल लड़ाई शुरू हुई. इतने महीनों तक लगातार इतना कुछ अकेले सहने के कारण मेरी पत्नी डिप्रेशन में थी. रात में जागकर चीखने लगती. शरीर पसीने में नहा जाता. बड़ी मुश्किल से उसे संभालता था. उसकी काउंसलिंग शुरू हुई. इंसाफ की लड़ाई भी साथ-साथ चलती रही.

दोषी काफी रसूखदार हैं. जैसे ही मामला दर्ज कराया, धमकियां आने लगीं. फोन आते कि केस वापस ले लो वरना पत्नी को उठा लेंगे. मार देंगे. आएदिन मुझे जान से मारने की धमकियां मिलतीं. पहली बार कोर्ट में गवाही के लिए जाना था, तब धमकी मिली कि रास्ते में ही खत्म कर देंगे. पत्नी रो पड़ी. मैंने तसल्ली दी कि ऊपरवाला सब संभाल लेगा, लेकिन अब रुकना मत. केस वापस लेने के लिए मुझे डेढ़ करोड़ का ‘ऑफर’ मिला. फर्जी केस में फंसाया गया.

जब भी कमजोर पड़ता- मुझे अपनी पत्नी का आंसू-धुला चेहरा याद आ जाती. शादी के दिन सात वादों के साथ मैंने एक और वादा किया था कि चाहे जान चली जाए लेकिन इंसाफ की लड़ाई में साथ खड़ा रहूंगा.

कुछ सह चुकी लड़की धीरे-धीरे पिछली जिंदगी से उबर रही है

साढ़े तीन साल बीते. इस बीच काफी कुछ बदला. किसान का बेटा हूं, जमीन बेचना दिल बेचने के बराबर है लेकिन हाईकोर्ट की फीस के लिए मैंने प्रॉपर्टी बेच दी. 

वकील आएदिन कभी किसी कागज तो कभी किसी तारीख के लिए पैसे मांगते. हारकर मैंने खुद लॉ कर लिया. अगले महीने चंडीगढ़ हाईकोर्ट में प्रैक्टिस भी शुरू कर दूंगा.

6 में से 2 मुजरिम अब भी छुट्टा घूम रहे हैं. जो डेढ़ करोड़ देने की बात करते हैं, आप खुद ही अंदाजा लगाएं कि वो कितनी पहुंचवाले रखते होंगे. हर हफ्ते तारीख मिलती है. कभी पानीपत जाते हैं तो कभी चंडीगढ़ जाना होता है. साथ में बीसेक मित्र जाते हैं. लेकिन मुश्किल तब होती है, जब पत्नी को भी जाना होता है. बार-बार बुलाहट होती है. जींद से पानीपत की दूरी 70 किलोमीटर है. यानी दो घंटे. क्रिमिनल इलाका है. डर लगता है कि जिस लड़की ने इतना कुछ सहा, अब उसे दोबारा कोई धक्का न लगे.

पिछले महीने की बात है. कोर्ट से लौट रहे थे. पत्नी खिड़की से बाहर देख रही थी. बड़ी देर बाद बोली- सारी उम्र केस में ही बीत जाएगी! मैं कुछ बोल नहीं सका. उसकी आंखों के नीचे अब भी स्याह धब्बा है. जब भी देखता हूं, सोचता हूं कि इतनी सी उम्र में इस लड़की ने कितना कुछ सहा है.

उस हादसे के बाद कॉलेज छोड़ दिया था. घर से बाहर तभी निकलती, जब उन लोगों की मिलने या पैसों की मांग आती. शादी के बाद मेरी जिद पर दोबारा ग्रेजुएशन किया. अब लॉ कर रही है. ख्वाहिश है कि वो काला कोट पहनकर कोर्ट पहुंचे और उन तमाम लड़कियों की आवाज बने, जिन्होंने किसी भी किस्म की ज्यादती सही हो. जिस हौसले से इसने अपना सच बताया था, उसी हौसले से लड़कियों के लिए लड़े.

क्रेडिट और डिस्क्लेमर :”यह समाचार http://hindi.news18.com से साभार लिया , इस खबर की पुष्टि का दावा etoinews.com नही करता “

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 पीएम मोदी ने नहीं की ऐसी कोई अपील: विदेश मंत्री

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पीएम मोदी ने नहीं की ऐसी कोई अपील: विदेश मंत्री

ट्रंप के बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्पष्टीकरण के लिए विपक्ष की मांग को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद के दोनों सदनों में मंगलवार को जवाब दिया। विदेश मंत्री ने पहले राज्यसभा और फिर लोकसभा में अपना पक्ष रखा।विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा-प्रधानमंत्री ने ट्रंप से ऐसी कोई अपील नहीं की। कश्मीर भारत-पाकिस्तान का द्विपक्षीय मसला है, इसमें कोई तीसरा मुल्क हस्तक्षेप नहीं कर सकता है-आतंकवाद समाप्त होने के बाद ही पाकिस्तान के साथ वार्ता संभव है- कश्मीर को लेकर भारत का रुख हमेशा से साफ रहा है।- मैं कहना चाहूंगा कि शिमला और लाहौर समझौते के तहत तय हुआ था कि पाकिस्तान के साथ हर मुद्दा द्विपक्षीय ही सुलझ सकता है।पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्रंप के साथ मुलाकात में कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की। इसी वार्ता के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि कश्मीर पर हम मध्यस्थता को तैयार हैं। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ने मुझसे इस मुद्दे को सुलझाने में मदद मांगी थी।हालांकि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी डोनाल्ड ट्रंप से कश्मीर के मसले पर हस्तक्षेप की मांग की। इमरान खान ने कहा, ‘मैं राष्ट्रपति ट्रंप से कहना चाहता हूं कि अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर देश है और वह उपमहाद्वीप में शांति में अहम योगदान दे सकता है।’ इसपर ट्रंप ने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री मोदी से दो हफ्ते पहले मिला था। हमने इस मुद्दे पर बात की और उन्होंने हमसे कहा कि आप मध्यस्थता करेंगे। मैंने कहा किस पर तो उन्होंने कहा कि कश्मीर। उन्होंने कहा बहुत सालों से विवाद चल रहा है, इसका हल चाहते हैं और आप भी इसका हल चाहते हैं। मैंने कहा कि मुझे इस मुद्दे में मध्यस्थता करके खुशी होगी।’

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सुकमा नक्सली मुठभेड़ में मारा गया एक लाख का इनामी नक्सली

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  • मिली जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ के बाद जवानों ने कुछ हथियार भी बरामद किए है. एसपी शलभ सिंहा ने इस मुठभेड़ की पुष्टि की है. छत्तीसगढ़ के सुकमा  जिले से इस वक्त एक बड़ी खबर आ रही है. भेज्जी इलाके में सुरक्षा बल के जवानों के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हुई है. फोर्स का दावा है कि इस मुठभेड़ में एक इनामी नक्सली को मार गिराया गया है. मिली जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ के बाद जवानों ने कुछ हथियार भी बरामद किए है. एसपी शलभ सिंहा ने इस मुठभेड़ की पुष्टि की है.
  • मारा गया एक लाख का इनमी नक्सली -मिली जानकारी के मुताबिक डीआरजी के जवानों को नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना मिली थी. जानकारी मिलने के बाद सोमवार रात डीआरजी की टीम सर्चिंग के लिए निकली. मंगलवार सुबह बीराभट्टी इलाके में जवानों के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हुई. जवानों का दावा है कि इस मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया है. मारे गए नक्सली का नाम मड़कम हिड़मा बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक मारे गए नक्सली की पहचान RPC अध्यक्ष के रूप में हूई है. मौक़े से दो नग देसी हथियार भी जवानों ने बरामद किया. फिलहाल इलाके की सर्चिंग की जा रही है. सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया है.
क्रेडिट और डिस्क्लेमर :”यह समाचार http:///hindi.news18.com से साभार लिया , इस खबर की पुष्टि का दावा etoinews.com नही करता “

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