Connect with us

राजनीति

केंद्र में भी कर्नाटक मॉडल पर कांग्रेस तैयार,मोदी को दिया बड़ा संकेत,

Published

on

  • यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी विपक्ष दलों को एकजुट करने के लिए सक्रिय हो गई हैं और तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर तीसरे मोर्चे की सरकार की कवायद में जुटे हुए हैं. इन सबके बीच नरेंद्र मोदी को दोबारा से सत्ता में आने से रोकने के लिए कांग्रेस कर्नाटक मॉडल की तर्ज पर भी केंद्र में सरकार गठन का दांव चल सकती है. हालांकि कांग्रेस की पहली कोशिश विपक्षी दलों के साथ खुद की सरकार बनाने को लेकर है.आम चुनाव के अंतिम और सातवें चरण की वोटिंग से ऐन पहले कांग्रेस के महासचिव गुलाम नबी आजाद ने बड़े राजनीतिक संकेत दिए हैं. वो पहले कांग्रेसी नेता हैं जिन्होंने कहा कि नतीजे के बाद अगर उनकी पार्टी को प्रधानमंत्री पद की पेशकश नहीं की गई तो कांग्रेस इसे मुद्दा नहीं बनाएगी बल्कि हम किसी अन्य नेता को प्रधानमंत्री बनने की राह में रोड़ा नहीं बनेंगे.
  • कांग्रेस का लक्ष्य किसान और जनविरोधी बीजेपी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकना है.गुलाब नबी आजाद ने कहा कि अगर केंद्र में एक गठबंधन सरकार बनेगी और यह बीजेपी विरोधी पार्टियों के सहयोग से बनेगी. कांग्रेस सरकार में शामिल होगी तो पार्टी इसे प्रतिष्ठा का विषय नहीं बनाएगी. उन्होंने दावा किया केंद्र में ना ही बीजेपी और ना ही एनडीए केंद्र में सत्ता में आएंगे. आजाद के बयान से साफ तौर पर समझा जा सकता है कि कांग्रेस प्रधानमंत्री पद के लिए बहुत हाथ पांव नहीं मारेगी बल्कि मोदी को रोकने के लिए विपक्ष को सहयोग कर सरकार बनवाने की रणनीति पर काम कर सकती है.
  • कांग्रेस बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए केंद्र में कर्नाटक मॉडल का दांव चल सकती है. कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सबसे ज्यादा सीटें मिली थी और सीटों की संख्या में कांग्रेस दूसरे और जेडीएस तीसरे नंबर पर थी. प्रदेश में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था. ऐसे में कांग्रेस ने बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए जेडीएस की कम सीटें होने के बावजूद सीएम पद देकर सरकार बनवाई थी.राज्यपाल ने सरकार बनाने का सबसे पहले ऑफर बीजेपी को दिया था,लेकिन वह बहुमत साबित नहीं कर सकी थी.लोकसभा चुनाव में विपक्ष दलों ने जिस तरह से नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनावी जंग लड़ा है. कांग्रेस के नेतृत्व में काफी दल नहीं आए, जिसके चलते दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्य हैं, जहां कांग्रेस को अकेले चुनावी मैदान में उतरना पड़ा है.
  • कांग्रेस को उम्मीद है कि 2004 की तरह चुनाव के बाद विपक्ष के ये सभी दल एकजुट होकर मोदी को सरकार में आने से रोकने का काम करेंगे.दरअसल माना जा रहा है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को अकेले बहुमत नहीं मिलने जा रहा है. ऐसे में कांग्रेस 2004 की तर्ज पर अपनी सरकार बनाने की पहली कोशिश कर रही है. इसी मद्देनजर बुधवार को सोनिया गांधी ने विपक्ष के तमाम दलों के प्रमुख नेताओं को फोन करके पूछा था कि 22, 23 और 24 मई को दिल्ली में हैं.पिछले दिनों तमिलनाडु के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करके नतीजे से पहले विपक्ष दलों के नेताओं की बैठक करने पर विचार विमर्श किया था. नायडू ने 21 मई को बैठक बुलाई है, जिस पर कई नेताओं ने 23 मई से पहले बैठक में शामिल होने से मना कर दिया था. वहीं, तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर तीसरे मोर्च की सरकार के लिए कई दलों के नेताओं के साथ मुलाकात की है.

Disclaimer:

हमारे वेबसाइट www.etoinews.com पोर्टल की सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और किसी भी जानकारी की सटीकता, पर्याप्तता या पूर्णता की गारंटी नहीं देता है साथ ही किसी भी त्रुटि या चूक के लिए या किसी भी टिप्पणी, प्रतिक्रिया और विज्ञापनों के लिए जिम्मेदार नहीं है। आपको केवल एक सुविधा के रूप में ये न्यूज या लिंक प्रदान कर रहा है और किसी भी समाचार अथवा लिंक को हमारा वेबसाइट समर्थन नहीं करता है।

 

 

SHARE THIS

राजनीति

महाजीत के बाद मोदी ने किया बाबा विश्वनाथ की महापूजा,मांगा देश-दुनिया में विकास और शांति का आशीर्वाद

Published

on

By

  • लोकसभा चुनाव 2019 में मिली प्रचंड जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे. इसके बाद पीएम मोदी ने यहां बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए.  उनके साथ भारतीय जनता पार्टी  के अध्यक्ष अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे. तीनों ने मंदिर में विधिवत पूजा की. पीएम मोदी ने बाबा विश्वनाथ की पूजा अर्चना के दौरान बिल्‍व पत्र और कमल पुष्‍प की माला अर्पित की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान विश्‍वनाथ से देश-दुनिया में विकास और शांति का आशीर्वाद मांगा.
  • प्रधानमंत्री मोदी काशी में बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेकर 30 मई को दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. काशी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है और यहां इस चुनाव में उन्हें यहां से 4.79 लाख वोटों के अंतर से बड़ी जीत मिली है.पीएम मोदी बाबा विश्वनाथ की पूजा अर्चना के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे.वाराणसी पहुंचने के बाद पीएम मोदी पुलिस लाइन से काशी विश्वनाथ मंदिर तक कारों के काफिले में पहुंचे. इस दौरान उनके इंतजार में खड़े लोगों में रामायण के पात्र बनकर आए  कलाकार भी शामिल थे.  Disclaimer:

हमारे वेबसाइट www.etoinews.com पोर्टल की सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और किसी भी जानकारी की सटीकता, पर्याप्तता या पूर्णता की गारंटी नहीं देता है साथ ही किसी भी त्रुटि या चूक के लिए या किसी भी टिप्पणी, प्रतिक्रिया और विज्ञापनों के लिए जिम्मेदार नहीं है। आपको केवल एक सुविधा के रूप में ये न्यूज या लिंक प्रदान कर रहा है और किसी भी समाचार अथवा लिंक को हमारा वेबसाइट समर्थन नहीं करता है।

SHARE THIS
Continue Reading

राजनीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,का काशी के जनता ने ऐसे किया स्वागत…..

Published

on

  • लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र  वाराणसी की जनता का आभार जताने के लिए काशी पहुंच गए हैं। पीएम मोदी ने करीब सात किमी की दूरी तय कर बाबा विश्‍वनाथ के दर्शन कर उनका अभिषेक किया। उनके साथ बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह, राज्‍यपाल राम नाईक और यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ भी मौजूद थे। पूरे रास्‍ते में पीएम मोदी के स्‍वागत में हजारों लोग सड़क के दोनों तरफ खड़े होकर लोग मोदी-मोदी के नारे लगा रहे थे और पुष्‍प वर्षा कर रहे थे। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे वाराणसी पहुंच गए। राज्‍यपाल राम नाईक और सीएम योगी आदित्‍यनाथ, बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्‍वागत किया। वह सड़क मार्ग से काशी विश्‍वनाथ मंदिर के लिए रवाना हो गए।
  • विश्‍वनाथ मंदिर को फूल-मालाओं से सजाया गया था। पीएम मोदी ने पुलिस लाइन से विश्‍वनाथ मंदिर तक की करीब सात किलोमीटर की दूरी बेहद धीमी रफ्तार से तय की ताकि वह लोगों का अभिवादन कर सकें। एक तरीके से यह अघोषित रोड शो की तरह से था। यह पहला मौका है जब नरेंद्र मोदी बतौर कार्यवाहक प्रधानमंत्री काशी में हैं। बता दें कि पीएम मोदी 30 मई को शपथ ग्रहण करने जा रहे हैं। 20 क्विंटल गुलाब की बारिश पीएम मोदी के स्‍वागत के लिए पूरे शहर को भगवा रंग में रंग दिया गया है। पीएम मोदी के विश्‍वनाथ मंदिर जाने का पूरा रास्‍ता, चौराहे, नुक्‍कड़ मार्ग और भवन झंडे-बैनरों और भगवा रंग के गुब्बारे से सजाया गया है। काशी प्रांत के उपाध्‍यक्ष और मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पूरी काशी भगवामय हो गई है। काशी की जनता, बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता रास्‍ते में जगह-जगह प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए तैयार खड़े हैं। इसके लिए 20 क्विंटल फूलों का इंतजाम किया गया है। नौवीं बार बाबा की शरण में मोदी एक माह पहले 25 अप्रैल को नामांकन करने दो दिन के लिए काशी पहुंचे थे। तभी रोड शो के बाद मां गंगा की आरती की थी। अब जीत के बाद वाराणसी में पीएम ने बाबा विश्‍वनाथ का अभिषेक क‍िया।
  • मोदी ज्ञानवापी द्वार से बाबा के दरबार में प्रवेश क‍िया। पूजा आधे घंटे तक चली। यह नौवां मौका था जब मोदी काशी विश्‍वनाथ की शरण में थे। कर्मस्‍थली के रूप में काशी को चुनने के बाद वह 21वीं बार वाराणसी आए हैं। 2014 में सांसद चुने जाने से पहले भी उन्‍होंने बाबा का आशीर्वाद लेकर ही पहली सभा की थी। शाही स्‍वागत की तैयारी प्रधानमंत्री दर्शन-पूजन के बाद पुलिस लाइन आकर हेलिकॉप्टर से बड़ालालपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय हस्‍तकला संकुल पहुंचेंगे। यहां मतदाताओं और बूथ स्‍तर कार्यकर्ताओं से रूबरू होंगे। उनकी मेहनत और लगन के प्रति आभार जताएंगे। समारोह में राष्‍ट्रीय, प्रदेश, काशी क्षेत्र, महानगर और जिला कमिटी के पदाधिकारी व जन प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। पांच हजार से ज्‍यादा कार्यकर्ताओं के समागम में प्रधानमंत्री का शाही स्‍वागत और अभिनंदन की तैयारी है। इस दौरान बूथ प्रमुखों से उनका सीधा संवाद होगा। करीब तीन घंटे काशी प्रवास के बाद मोदी दिल्ली लौट जाएंगे।

Disclaimer:

हमारे वेबसाइट www.etoinews.com पोर्टल की सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और किसी भी जानकारी की सटीकता, पर्याप्तता या पूर्णता की गारंटी नहीं देता है साथ ही किसी भी त्रुटि या चूक के लिए या किसी भी टिप्पणी, प्रतिक्रिया और विज्ञापनों के लिए जिम्मेदार नहीं है। आपको केवल एक सुविधा के रूप में ये न्यूज या लिंक प्रदान कर रहा है और किसी भी समाचार अथवा लिंक को हमारा वेबसाइट समर्थन नहीं करता है।

SHARE THIS
Continue Reading

अन्य खबरे

अहम पहचान बनाने वाली ‘स्मृति ईरानी’ ने बना दिया नामुमकिन को मुमकिन

Published

on

By

  • 2019 के लोकसभा चुनाव में पहली बार ऐतिहासिक रूप से भारतीय जनता पार्टी ने 300 सीटों के आंकड़े को पार कर दिया, लेकिन पार्टी की नेता चर्चा स्मृति ईरानी की जीत की हो रही है. क्योंकि कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका स्मृति ईरानी ने ही दिया.टीवी के पर्दे से अपने करियर की शुरुआत कर सियासी गलियारों में अहम पहचान बनाने वाली स्मृति ईरानी ने नामुमकिन को मुमकिन बना दिया. जब उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को उनके ही गढ़ में शिकस्त दे दी. ये चमत्कार एक दिन में नहीं हुआ. इसके लिए स्मृति ईरानी ने लगातार मेहनत की.लोकसभा चुनाव के लिए देश के विभिन्न हिस्सों समेत अमेठी में प्रचार जोर-शोर से जारी था. सभी दलों के दिग्गज नेता अपने क्षेत्रों में लोगों से मिलने जुलने और जनसभा करने में व्यस्त थे. लेकिन इस दौरान केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का एक अलग चेहरा देखने को मिला.
  • स्मृति ईरानी अमेठी में प्रचार के लिए दौरे पर थीं. इसी दौरान वे वहां के गोवर्धनपुर गांव में खेत में लगी आग बुझाने के लिए वह पहुंच गईं. स्मृति ने हैंडपंप चलाकर पानी भरा और आग बुझाने में लोगों के साथ-साथ फायर ब्रिगेड की मदद की. फायर ब्रिगेड की गाड़ी देर से पहुंचने पर स्मृति ने अफसरों की क्लास भी ली.अमेठी में बीजेपी कार्यकर्ता और स्मृति ईरानी के खासे करीबी सुरेंद्र सिंह की रविवार को हत्या कर दी गई. अमेठी से सांसद बनीं स्मृति ईरानी को खबर मिली तो वे कुछ ही घंटों में दिल्ली में मृतक सुरेंद्र सिंह के शोक में डूबे परिवार से मिलने लखनऊ पहुंच गई और इतना ही नहीं, उन्होंने अंतिम यात्रा में सुरेंद्र सिंह के शव को कंधा भी दिया 2014 में अमेठी में मिली हार के बाद वे विचलित नहीं हुईं. बल्कि लगातार अमेठी के लोगों के दिल में जगह बनाने कोशिश करती रहीं और राहुल गांधी की सियासी जमीन ख‍िसका दी.
  • अमेठी में कांटे की टक्कर का अंदाजा तो सभी सियासी पंडित पहले से ही लगा चुके थे, लेकिन राहुल गांधी से स्मृति अमेठी छीन लेंगी, इसका किसी को अनुमान नहीं था. अमेठी से स्मृति ईरानी का जीतना 2019 का सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है.16 की उम्र में ही स्मृति की दिलचस्पी नाटक वगैरह में बढ़ने लगी.वह मुंबई में भी अपनी किस्मत आजमाने लगी थीं. जल्द ही वह मिस इंडिया कॉन्टेस्ट में सेलेक्ट कर ली गईं और टॉप 5 तक जगह बनाने में कामयाब रहीं. यहीं से मॉडलिंग की दुनिया में उनके संघर्ष के दिन शुरू हुए थे.स्मृति ईरानी के बेटे जोहर का जन्म साल 2001 में अक्टूबर महीने में हुआ था. उस समय समृति चर्चित टीवी सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में काम करती थीं. एक इवेंट में स्मृति ने खुद एक्टिंग लाइफ की मुश्किलें शेयर करते हुए बताया था कि बेबी होने के 2 दिन बाद ही वो शूटिंग के लिए लौट गई थीं.

Disclaimer:
हमारे वेबसाइट www.etoinews.com पोर्टल की सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और किसी भी जानकारी की सटीकता, पर्याप्तता या पूर्णता की गारंटी नहीं देता है साथ ही किसी भी त्रुटि या चूक के लिए या किसी भी टिप्पणी, प्रतिक्रिया और विज्ञापनों के लिए जिम्मेदार नहीं है। आपको केवल एक सुविधा के रूप में ये न्यूज या लिंक प्रदान कर रहा है और किसी भी समाचार अथवा लिंक को हमारा वेबसाइट समर्थन नहीं करता है।

SHARE THIS
Continue Reading

ब्रेकिंग खबरे !!!!

#Exclusive खबरे

Etoi Exclusive5 days ago

लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा फेक न्यूज – सोशल मीडिया पर हो सर्तक निगाहें

Click Here To Read Astrological Articles & Contact Astrologer नहीं, 2000 रुपये के नए नोटों में कोई जीपीएस चिप नहीं...

Etoi Exclusive1 week ago

गोडसे को देशभक्त बताने पर भड़के पीएम मोदी , कहा- मैं दिल से उन्हें कभी माफ नहीं कर पाऊंगा

आखिरी चरण के चुनाव से पहले नाथूराम गोडसे और महात्मा गांधी पर राजनीति तेज हो गई है।महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को...

Etoi Exclusive1 week ago

BJP नेताओं के बयानों पर भड़के अमित शाह

गोडसे पर BJP नेताओं के बयानों पर भड़के अमित शाह, कहा- पार्टी का लेना-देना नहीं अमित शाह ने एक अन्य...

Etoi Exclusive1 week ago

बाल-बाल बचे RSS प्रमुख मोहन भागवत,गाय को बचाने के चक्कर में पलट गई कार

Click Here To Read Astrological Articles & Contact Astrologer महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में गुरुवार 16 मई को आरएसएस चीफ...

Etoi Exclusive2 weeks ago

जिंदल स्टील को मिला 89042 टन रेल आपूर्ति करने का आर्डर

जिंदल स्टील को मिला 89042 टन रेल आपूर्ति करने का आर्डर जे.एस.पी.एल. को रेलवे को दिए गए पहले रेलवे के...

Calendar

May 2019
M T W T F S S
« Apr    
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
Advertisement

निधन !!!

Uncategoried2 months ago

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर आज होगा राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

गोवा के मुख्यमंत्री और पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर का सोमवार को अंतिम संस्कार होगा। पैंक्रियाटिक कैंसर से पिछले एक...

निधन4 months ago

पैसों की तंगी झेल रहे बॉलीवुड के खलनायक की मौत, घर में मिली लाश

शक्ति कपूर बोले- काम न मिलने से डिप्रेशन में थे महेश आनंद, सेट पर भी पीते थे शराब Click Here...

निधन4 months ago

निधन – फत्तेचंद अग्रवाल सक्ती

सक्ति (कन्हैया गोयल) 31/01/2019 शक्ति शहर की प्रतिष्ठित फर्म काशीराम फत्तेचंद के संचालक सजन अग्रवाल, पवन अग्रवाल एवं नवलकिशोर अग्रवाल...

दिल्ली4 months ago

पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का 89 साल की उम्र में निधन

Click Here To Read Astrological Articles & Contact Astrologer नई दिल्ली 29 जनवरी 2019 भारत के पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज...

निधन4 months ago

श्रीमती कमला सिंह का निधन

जांजगीर-चाम्पा (हरीश राठौर) 28/01/2029 भैंसदा के प्रतिष्ठित ठाकुर परिवार के स्व. पलटन सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती कमला सिंह का 28 जनवरी...

निधन4 months ago

जलसंसाधन विभाग के मुख्य अभियंता विजय श्रीवास्तव पंचतत्व में विलीन

27 जनवरी को आयोजित जेष्ठ पुत्रमयंक का वैवाहिक कार्यक्रम स्थगित बिलासपुर (अमित मिश्रा) 27/01/2019 हसदेव कछार जल संसाधन विभाग बिलासपुर...

निधन4 months ago

रायपुर : श्रीमती माणक बाई ललवाणी (जैन) का निधन

रायपुर,14/01/2019 रायपुर निवासी श्रीमती माणक बाई ललवाणी  (जैन) 95 वर्ष, घर्मपत्नी स्व.पन्नालाल ललवाणी का स्वर्गवास आज हो गया हैं जिनकी...

निधन4 months ago

रायपुर : श्रीमती बिदामी बाई बुरड़ का निधन

Click Here To Read Astrological Articles & Contact Astrologer रायपुर,14/01/2019 आनन्द नगर विनायक इनक्लेव, रायपुर निवासी श्रीमती बिदामी बाई पत्नी...

निधन5 months ago

छोटेलाल कौशिक का निधन

जांजगीर-चाम्पा (हरीश राठौर) 09/01/2019 ग्राम डोंगाकोहरौद के मालगुजार छोटेलाल कौशिक का गत् 4 जनवरी को हो गया। अचानक वे 3...

छत्तीसगढ़5 months ago

लक्ष्मण प्रसाद साहू नगरदा का निधन : दशकर्म एवं चंदनपान 8 जनवरी को

Click Here To Read Astrological Articles & Contact Astrologer सक्ती (कन्हैया गोयल) 05/01/2019 शक्ति विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक,भाजपा नेता...

Trending

Breaking News