नासा के शोधकर्ताओं ने गुरुवार को कहा कि कक्षा में रहने के दौरान केली के शरीर ने कई बदलावों का सामना किया। उनकी कुछ कोशिकाओं में डीएनए परिवर्तित हो गया। उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली ने नए सिग्नलों की उत्पत्ति की, जबकि उनके शरीर में कुछ नए प्रकार के बैक्टीरिया पाए गए। इनमें से कई शारीरिक बदलाव नुकसानदेह नहीं पाए गए और धरती पर लौटने के बाद दूर हो रहे हैं, लेकिन कुछ आनुवांशिक बदलाव और स्मृति संबंधी गिरावट दुरुस्त नहीं हो पाई है। इसके चलते वैज्ञानिकों में चिंता बढ़ गई है।

कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि इन खतरों पर काबू पा ला लिया जाएगा, जबकि कुछ इस बात को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं कि क्या अंतरिक्षयात्रियों के लिए मंगल ग्रह या अंतरिक्ष में लंबा सफर करना सुरक्षित होगा। इसका जवाब हालांकि और अंतरिक्षयात्रियों पर होने वाले अध्ययनों के 

नतीजों पर निर्भर करेगा। अमेरिका के स्क्रिप्स रिसर्च ट्रांसलेशनल इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. एरिक टोपोल ने कहा, ‘मेरा मानना है कि यह व्यापक अनुमान है।’