Connect with us

देश-दुनिया

लॉकडाउन का उदाहरण परिवार ने ऑनलाइन कराई अपनी दो बेटियों का निकाह

Published

on

कोरोना के फैले इस खौफ में पूरी‌ दुनिया ही लगभग अपने घरों में बंद है. सरकार भी लोगों से घर में रहने की अपील कर रही है. ऐसे में बेगूसराय के एक परिवार ने इस लॉकडाउन में मिसाल पेश की है. इस परिवार ने अपनी दो बेटियों का निकाह ऑनलाइन करवा कर लोगों को सही मायनों में लॉकडाउन का उदाहरण दिया. इस दौरान दुल्हनें बेगूसराय थीं तो दूल्हे गया और नालंदा में थे. अब ये शादी देश भर में चर्चा का विषय बन गई है.

25 मार्च को तय थी शादी की तारीख

बेगूसराय के छोटी बलिया मिदहटोली निवासी मोहम्मद वली अहमद कुरैशी की दो बेटियों नगमा परवीन और राहत परवीन की शादी 25 मार्च को तय की गई थी और इसी रोज बरात आनी थी. लेकिन, कोरोना वायरस के कारण लाॅकडाउन की घोषणा हो गई. ऐसे में बरात नहीं आ सकती थी और शादी टलने की नौबत आ गई.

ऑनलाइन निकाह पढ़वाने का किया गया इंतजाम

चिंता में पड़े लड़का एवं लड़की पक्षों ने फैसला किया कि निकाह तो होकर रहेगा. कोरोना के चलते बरात निकालना तो असंभव दिखा. ऐसे में दोनों पक्षों ने घर में रहकर ऑनलाइन शादी का निर्णय लिया. इसी के तहत बुधवार को ऑनलाइन निकाह पढ़वाने का इंतजाम किया गया. कुरैशी की पुत्री नगमा परवीन की शादी नालंदा के शमशाद से और दूसरी बेटी राहत परवीन की शादी गया के शाहनवाज आलम के साथ हुई.

रद्द कर दी गई 400 लोगों की दावत

बता दें कि इस खास मौके के लिए 400 लोगों को दावत दी गई थी जिसे लॉकडाउन को देखते हुए वापस ले लिया गया. बहरहाल दो सगी बहनों का ये ऑनलाइन निकाह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.

Advertisement
Click to comment

You must be logged in to post a comment Login

Leave a Reply

Etoi Exclusive

देश दुनिया की पढ़ें ख़ास ख़बरें,,,, सुबह की सुर्खियाँ 31/03/2020

Published

on

 

सुधि पाठकों की ,,,,आपको जो हेड लाइन पसंद आये,उसे एक बार क्लिक करें और पसंद ना आये उसे छोड़ आगे बढ़ जाएँ,
देश विदेश और अपने प्रदेश की,सभी ख़ास खबरों का ख़ास संकलन,रोज सुबह सुबह पढ़े सिर्फ हमारे पोर्टल में ,,,,,,

  1. मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 लाख रूपए का दान
  2. जिले में एस्मा कानून लागू
  3. कोरोना से डरने की जरुरत नहीं : डॉ महेश सिन्हा, डॉ सिन्हा का कोरोना पर जबरदस्त एनालिसिस,पढ़ना जरुरी है
  4. जब 90 वर्षीय शख्स ने पकड़े थे ‘श्रीराम’ और ‘युधिष्ठिर’ के पैर, कहा था- ‘अब मैं चैन से मर सकूंगा’
  5. रैपर बादशाह ने भी कोरोना जैसी महामारी से लड़ने के लिए दान किए इतने लाख
  6. देश में लॉकडाउन से हुए बेरोजगार लोगों को, सरकार अपनी जेब से दे सकती है सैलरी!
  7. 1000 से ज्यादा पदों पर,कई सरकारी विभागों ने मांगे हैं आवेदन
  8. आवश्यक वस्तुओं एवं सब्जियों के दाम जानने सड़क पर उतरे सीएम
  9. रिसर्च मे हुआ खुलासा, ‘स्वस्थ होने के बाद भी मिले कोरोना वायरस के लक्षण’
  10. सावधान! जालसाजों ने बनाई PM CARES Fund की फर्जी UPI ID, योगदान देते समय ज़रूर दें ध्यान
  11. लॉकडाउन में मर्दों के बाहर जाने से तंग महिलाओं ने गांव में कर दी नाकाबंदी, शिफ्ट में ​कर रहीं ड्यूटी
  12. रायपुर : मुख्यमंत्री सहायता कोष में ’सारडा ग्रुप ने जरूरतमंदो के लिए दी एक करोड़ की राशि’
  13. लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं एवं सब्जियों के दाम जानने सड़क पर उतरे सीएम भूपेश बघेल
  14. किसान ने गेहूं की फसल दी जरूरत मंदों को दान, सीएम ने की तारीफ
  15. रामायण से बिग बॉस तक, लॉकडाउन में फिर टेलीकास्ट हो रहे ये 13 हिट शोज
  16. Google Play Store पर ये ऐप हो रहा है सबसे ज्यादा ट्रेंड, जानें क्या है खास?
  17. रायपुर में जरूरी सामान- दवाओं के लिए इन नंबरों पर कॉल करें
  18. कोरोना वायरस अपडेट्स : भारत में अब तक 1300 संक्रमित, 38 लोगों की हुई मौत 31 मार्च 20 ,,,कोरोना से जुडी देश भर की सारी ताजा खबरें पढ़ते रहें लगातार
  19. कोरोना का असर केरल में डॉक्टर के प्रेसक्रिप्शन पर ही मिलेगी शराब
  20. Lockdown में खाली सड़कों पर निकले वन्य जीव
  21. इंदौर में देश का सबसे कड़ा लॉकडाउन शुरू.
  22. छत्तीसगढ़ में 62 हजार से अधिक परिवारों को भोजन और निशुल्क राशन सामग्री का वितरण
  23. जर्मनी के वित्त मंत्री ने कोरोना वायरस की वजह से की खुदकुशी
  24. WhatsApp Status में कंपनी ने किया एक बड़ा बदलाव
  25. शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उनको भी मुफ्त मिलेगा अनाज
  26. कारोबार लाल निशान पर
  27. सुबह 8 बजे से पहले ,ये 8 काम करने से, आपकी जिंदगी में आएगा बड़ी तेजी से बदलाव
  28. सोने-चांदी की कीमतों में बड़ा बदलाव
  29. सचिन-गांगुली के बाद विराट कोहली ने तोड़ी चुप्पी, दिया ये बड़ा बयान
  30. वरुण धवन की फ्लॉप फिल्म के बाद रेमो ने लिया फैसला अब नहीं बनाएंगे डांस फिल्में
  31. ट्रोल होने के बाद ट्विटर अकाउंट डिलीट करना चाहते हैं अमिताभ
  32. ब्रिटेन के मंत्री ने चतावनी, 6 महीने तक बढ़ाया जा सकता है लॉकडाउन
  33. एक्ट्रेस नर्स बन अस्पताल में कर रही मरीजों की मदद
  34. 7 अप्रैल तक कोरोना मुक्त हो जाए तेलंगाना, सीएम ने दी खुशखबरी
  35. स्टाफ नर्स और फार्मेसिस्ट सहित निकली 314 वैकेंसी
  36. अगले हफ्ते टोक्यो ओलिंपिक की नई तारीखों का ऐलान!
  37. …तो इस बार IPL का नो चांस?
  38. 21 दिन लॉकडाउन क्या? आगे बढ़ेगा, इस पर सरकार ने दिया जवाब
  39. लॉकडाउन के बावजूद मस्जिदों में छिपे, 19 विदेशी नागरिकों के मिलने से हड़कंप
  40. सलमान खान ने लॉकडाउन के बीच गरीबों के लिए उठाया बड़ा कदम
  41. बार बार जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने से बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर घबराई
  42. दिल्‍ली के RML हॉस्पिटल के 6 डॉक्‍टर और 4 नर्स, सभी क्‍वारेंटाइन किया गया
  43. मकर के मंगल शनि गुरु क्या मचाएंगे धमाल ?
  44. यह ख़बर जरुरी है, कोरोना नियंत्रण का क्या है जी पी एस विकल्प ?डॉ सरीन के जवाब ,,,,,
  45. कोरोना वायरस अपडेट्स : भारत में अब तक 1071 संक्रमित, 99 हुए ठीक 30 मार्च 20
  46. मकर के मंगल शनि गुरु क्या मचाएंगे धमाल ?
  47. यह ख़बर जरुरी है, कोरोना नियंत्रण का क्या है जी पी एस विकल्प ?डॉ सरीन के जवाब ,,,,,
  48. किसने कहा भारत में कोरोना वायरस के फैलने की सम्भावना कम है मग़र शासन के निर्देशों का पालन जरुरी है ?
  49. व्यक्ति ब्रह्म की इच्छा के अतिरिक्त कुछ कभी कर नहीं पाता .
  50. रोगों व परेशानियों से रक्षा करता है देवी कवच, स्व एवं समाज हित में करें पाठ
  51. कोरोना के खिलाफ जंग में शामिल ‘दवा की खोज के लिए 2.5 करोड़ डॉलर’ – फेसबुक के संस्थापक जुकरबर्ग
  52. 30 मार्च से 2 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में होगी बारिश.
  53. गैरेज में टेंट लगाकर रहता है कोरोना का डॉक्टर ताकि पत्नी-बच्चों को न हो खतरा
  54. कोरोना: फिल्म इंडस्ट्री के दिहाड़ी मजदूरों की मदद को आगे आए सलमान खान
  55. क्वारेंटाइन छोड़कर परिवार वालों से मिलने भागा IAS अधिकारी, केस हुआ दर्ज
  56. जाने अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देने के क्या है फायदे
  57. फिर से Ramayana के टेलीकास्ट पर दीपिका ने कही ये बात
  58. कलेक्टर कर सकेंगे चिकित्सक एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की अस्थाई संविदा नियुक्ति
  59. प्रदेश कांग्रेस ने राजीव भवन में बनाया कंट्रोल रूम
  60. भाग्य को प्रबल करने के लिए करें देवी कात्यायनी की पूजा और करें मनचाही मुराद पूरी
  61. मजदूरों के पलायन पर केंद्र सरकार सख्त,राज्यों से कहा- सीमा सील कर दो
  62. मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना
  63. लॉकडाउन के दौरान जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता बनाये रखने के निर्देश – कलेक्टर
  64. CGPSC भर्ती 2020 : विभिन्न जॉब्स के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
  65. तकनीकी सेवा आयोग भर्ती 2020 : फ़ूड सेफ्टी ऑफिसर, फिजियोथेरेपिस्ट के लिए आवेदन आमंत्रित
  66. पुरानी रंजिश के चलते नवादा में डबल मर्डर
  67. ‘बिग बॉस’ के सफर को बयां कर रही आसिम की ये तस्वीर
  68. पुलिस विभाग में ट्रांसफर एसपी ने जारी किये आदेश
  69. अमेरिका में कोविड-19 से एक साल से भी कम उम्र के शिशु की मौत
  70. ‘महाभारत’ और ‘रामायण’ के बाद अब ‘शक्तिमान’
  71. लॉकडाउन से हुई कठिनाई के लिए पीएम मोदी ने लोगों से मांगी माफ़ी, कही 10 खास बातें…
  72. लॉक डाउन के दौरान राहत के लिए टाटा ने दिए 500 करोड़, अक्षय कुमार ने 21 करोड़ और IAS एसोसिएशन ने दिया फंड
  73. रायपुर नगर निगम 30 हजार जरूरतमंद परिवारों तक भोजन पहुंचाएगा
  74. IRCTC आज से हजारों बेघरों और गरीबों को मुफ्त में भोजन उपलब्ध कराएगी
  75. मेयर पर लगा भ्रष्टाचार का आरोप,जो राशन लोगों के घरों तक पहुंचाने थे,वो उसने भाई के दुकान में पहुंचा
  76. लॉकडाउन में ड्यूटी निभा रहा वर्ल्ड चैम्पियन
  77. लॉकडाउन से परेशान परिवार ने दी आत्महत्या की धमकी, पुलिस ने की सहायता
  78. भारतीय रेल 21 मार्च से 14 अप्रैल 2020 तक की यात्रा अवधि के सभी टिकटों का पूरा पैसा लौटाएगी
  79. स्पेन की राजकुमारी मारिया टेरेसा की कोरोना वायरस से मौत
  80. लॉकडाउन की अवधि के दौरान प्रवासी कामगारों को हरसंभव सहायता उपलब्‍ध कराने सरकार प्रतिबद्ध : अमित शाह
  81. लॉकडाउन के दौरान जनता को राहत!, ऑनलाइन बिजली बिल भुगतान पर 50 प्रतिशत की छूट
  82. BSNL का धांसू ऑफर! यूज़र्स के लिए 5GB फ्री इंटरनेट, नहीं लगेगा कोई चार्ज
  83. ट्विंकल खन्ना ने पूछा आप सच में 25 करोड़ दान देंगे, तो ऐसा था अक्षय का रिएक्शन
  84. कोरोना वायरस को लेकर गलतफहमी से बचा जा सकता है, जानें ये जरूरी बातें
  85. कोरोना वायरस को लेकर गलतफहमी से बचा जा सकता है, जानें ये जरूरी बातें
  86. एम्बुलेंस में बैठ कर भाग रहे, फर्जी 8 मरीज को पुलिस ने किया गिरफ्तार
  87. दुनिया कि इस पहली महिला से फैलना शुरू हुआ कोरोना संक्रमण!
  88. लॉकडाउन काम करे बैंक कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान, मिलेगी एक्स्ट्रा सैलरी
  89. बैंक जीरो बैलेंस होने पर मुफ्त में देते हैं ये सुविधाएं
  90. लॉकडाउन के बीच RBI ने 1 अप्रैल से 10 सरकारी बैंकों के विलय को मंजूरी दी
  91. बिहार में तिहरी मार: कोरोना के बीच बर्ड फ्लू से सनसनी
  92. खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये कृषि को लॉकडाउन से दी गयी छूट: मंत्री
  93. कोरोना का भारत में महिलाओं पर ज्यादा असर पड़ने वाला है. जाने ऐसा क्यों?
  94. कोरोना वायरस अपडेट्स | Corona virus updates 29 मार्च 2020 04 : 00 AM
  95. देश की नींद उड़ानें वाली केबिनेट सचिव की चिट्ठी : सम्पादकीय.
Continue Reading

अन्य खबरे

कोरोना से डरने की जरुरत नहीं : डॉ महेश सिन्हा, डॉ सिन्हा का कोरोना पर जबरदस्त एनालिसिस,पढ़ना जरुरी है

Published

on

छत्तीसगढ़ मेडिकल एसोसिएशन के प्रमुख डॉ महेश सिन्हा का  इतोई न्यूज़ के सम्पादक से कोरोना पर वन टू वन चर्चा : डॉ सिन्हा का बड़ा बयान कोरोना उतना घातक नहीं जितना प्रचारित किया जा रहा है चीन ने छुपाई संक्रमण की बात,वरना नहीं फैलता इतना वैश्विक संक्रमण कोरोना संकट इसी वैश्विक भूल का नतीजा मात्र है ,बहुत आसान नहीं जल्द ही दवा या वैक्सीन को ईजाद करना ,इसकी प्रोसेस में ही लगता है बहुत समय, मगर जल्द ही इस पर होगा नियंत्रण ,इस वक्त इसे फैलने से रोकना ही बेहतर विकल्प …..
इसके लिए सुझाये तीन विकल्प :
  • संक्रमण के संदिग्ध लोगों के संपर्क में आये प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचना होगा।
  • जरूरी काम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके लिये लोगों को जागरूक कर संक्रमण के लक्षणों को छुपाने के बजाय खुद उजागर करने के लिये प्रेरित किया जाना है।
  • परीक्षण क्षमता को मांग की तुलना में काफी अधिक रखना है। राज्यों के स्तर पर इन तीन कामों की बदौलत ही संक्रमण को दूसरे चरण तक सीमित रखा जा सकता है।

पोर्टल के संपादक से डॉ सिन्हा की चर्चा

प्रश्नोत्तरी :

वायरस यानि विषाणु क्या है ?

वायरस :वायरस प्रोटीन कोट से ढाका हआ न्यूक्लिक एसिड का एक अणु है जो संक्रमण फैलाने में सक्षम है और इसे हम हल्के माइक्रोस्कोप से नहीं देख सकते और यह मेजबान (शरीर) की जीवित कोशिकाओं में खुद को मल्टीप्लाई  करने में सक्षम होता है। विषाणु एक पौधे के बीज की तरह अकोशिकीय सूक्ष्म जीव है , जिस तरह एक बीज हज़ारो वर्षों तक सुरक्षित पड़ा रह सकता है अगर उसे पानी , हवा और मिट्टी नही मिले तो , ठीक उसी तरह एक विषाणु को अगर कोई जीवित कोशिका नही मिले तो वह सैकड़ो वर्षों तक सुशुप्तावस्था में पड़ा रह सकता है । जैसे ही विषाणु को एक जीवित कोशिका मिलता है वह जीवित हो उठता है और अपने वंश को बढ़ाने लगता विषाणु जीवित कोशिका में प्रवेश करने के उपरांत , मूल कोशिका की आरएनए एवं डीएनए की जेनेटिक संरचना को अपनी जेनेटिक सूचना से बदल देता है और संक्रमित कोशिका अपने जैसे संक्रमित कोशिकाओं का पुनरुत्पादन शुरू कर देती है । चुकी एक विषाणु अपने आप प्रजनन नही कर सकता इसलिए विषाणु को जीवित नही माना जाता । विषाणु कोशकीय जीव नहीं होते । एक कोशिका से भी छोटे होते हैं । आसान शब्दों में कहा जाये तो विषाणु नुक्लिक एसिड और प्रोटीन का एक छोटा पैकेट होते हैं ।लेकिन एक विषाणु और कोशिका में कुछ हद तक समानता भी है जैसे की उनमे नुक्लिक एसिड का जीनोम होता है जो की एक आम कोशिका में भी पाया जाता है । वायरस या विषाणु का जेनेटिक वेरिएशन भी होता है। और वे एवोल्व भी हो सकते हैं ।

वायरस जीवित है या मरे हुए है ?

ये भी एक सोचने वाली बात है , जिसका उत्तर अभी किसी के पास नहीं । लेकिन हम ये मान लिए हैं की विषाणु मृत हैं । अगर हम उनका तुलना एक पौधे के बीज से करे तो पाएंगे क्योकि उनकी  जिन्दगी एक बीज से मिलती जुलती है ।

वायरस यानि विषाणु और बैक्टीरिया यानि जीवाणु में क्या अंतर है ?

विषाणु जीवाणु से भी छोटे होते हैं क्यों की जीवाणु एक कोशकीय जीव हैं लेकिन विषाणु अकोशिकीय जीव हैं । बैक्टीरिया और वायरस में अंतर बैक्टीरिया एक कोशकीय जीव होते हैं जो प्रजनन के लिए दूसरे कोशिका पर निर्भर नही होते जबकि वायरस प्रजनन करने या अपनी संख्या बढ़ने के लिए दुसरे कोशकीय जन्तुओ पर निर्भर होता है । बेक्टीरिया और वायरस से हुई बीमारियाँ इसी लिए अलग अलग तरीको से ठीक किया जाता है , जैसे की बैक्टीरिया से हई बिमारियों को ठीक करने के लिए एंटीबायोटिक दवाइयों का इस्तेमाल होता है ,लेकिन ये दवाइयां वायरस के लिए असरदार नहीं हैं ।बैक्टीरिया का आकार वायरस से काफी बड़ा होता हे क्यों की वो एक कोशीय जीव है जबकी वायरस एक केमिकल स्ट्रक्चर है जो  जीव के अन्दर जाकर जीवित होता है ।

कोरोनावायरस (Coronavirus) क्या है ?

कोरोनावायरस (Coronavirus) कई प्रकार के विषाणुओं (वायरस) का एक समूह है जो स्तनधारियों और पक्षियों में रोग उत्पन्न करता है। यह आरएनए वायरस होते हैं। इनके कारण मानवों में श्वास तंत्र संक्रमण पैदा हो सकता है जिसकी गहनता हल्की (जैसे सर्दी-जुकाम) से लेकर अति गम्भीर (जैसे, मृत्यु) तक हो सकती है। गाय और सूअर में इनके कारन अतिसार हो सकता है जबकि इनके कारण मुर्गियों के ऊपरी श्वास तंत्र के रोग उत्पन्न हो सकते हैं।
इनकी रोकथाम के लिए कोई टीका (वैक्सीन) या विषाणुरोधी (antiviral) अभी उपलब्ध नहीं है और उपचार के लिए प्राणी की अपने प्रतिरक्षा प्रणाली पर निर्भर करता है। अभी तक रोगलक्षणों (जैसे कि निर्जलीकरण या डीहाइड्रेशन, ज्वर, आदि) का उपचार किया जाता है ताकि संक्रमण से लड़ते हुए शरीर की शक्ति बनी रहे। चीन के वूहान शहर से उत्पन्न होने वाला 2019 नोवेल कोरोनावायरस इसी समूह के वायरसों का एक उदहारण है, जिसका संक्रमण सन् 2019-20 काल में तेज़ी से उभरकर 2019–20 वुहान कोरोना वायरस प्रकोप के रूप में फैलता जा रहा है।हाल ही में WHO ने इसका नाम COVID-19 रखा। लातीनी भाषा में “कोरोना” का अर्थ “मुकुट” होता है और इस वायरस के कणों के इर्द-गिर्द उभरे हुए कांटे जैसे ढाँचों से इलेक्ट्रान सूक्षमदर्शी में मुकुट जैसा आकार दिखता है, जिस पर इसका नाम रखा गया था। यह वायरस भी जानवरों से आया है। ज्यादातर लोग जो चीन शहर के केंद्र में स्थित हुआनन सीफ़ूड होलसेल मार्केट में खरीदारी के लिए आते हैं या फिर अक्सर काम करने वाले लोग जो जीवित या नव वध किए गए जानवरों को बेचते थे जो इस वायरस से संक्रमित थे।

आर एन ए क्या है ?

आर एन ए एक अकेली बहु न्यूक्लियोटाइड शृंखला वाला लम्बा तंतुनुमा अणु, जिसमें फॉस्फेट और राइबोज़ शर्करा की इकाइयां एकांतर में स्थापित होतीं हैं। इसका पूर्ण नाम है राइबोज़ न्यूक्लिक अम्ल। डी एन ए की तरह आर एन ए में भी राइबोज़ से जुड़े चार क्षारक होते हैं। अंतर केवल इतना है, कि इसमें थाइमीन के स्थान पर यूरासिल होता है। किसी भी जीवित प्राणी के शरीर में राइबोन्यूलिक अम्ल भी उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जितनी डी एन ए। आरएनए शरीर में डीएनए के जीन्स को नकल कर के व्यापक तौर पर प्रवाहित करने का काम करता है। इसके साथ ही यह कोशिकाओं में अन्य आनुवांशिक सामग्री पहुंचाने में भी सहायक होता है।
 
आरएनए की खोज FRADRICK MICHER NE की थी। आरएनए के महत्त्वपूर्ण कार्यो में जीन को सुचारू बनाना और उनकी प्रतियां तैयार करना होता है। यह विभिन्न प्रकार के प्रोटीनों को जोड़ने का भी कार्य करता है। इसकी कई किस्में होती हैं जिनमें रिबोसोमल आरएनए, ट्रांसफर आरएनए और मैसेंजर आरएनए प्रमुख हैं। आरएनए की श्रृंखला फॉस्फेट्स और राइबोस के समूहों से मिलकर बनती है, जिससे इसके चार मूल तत्व, एडेनाइन, साइटोसाइन, गुआनाइन और यूरासिल जुड़े होते हैं। डीएनए से विपरीत, आरएनए एकल श्रृंखला होती है जिसकी मदद से यह खुद को कोशिका के संकरे आकार में समाहित कर लेता है। आरएनए का स्वरूप एक सहस्राब्दी यानी एक हजार वर्षो में बहुत कम बदलता है। अतएव इसका प्रयोग विभिन्न प्राणियों के संयुक्त पूर्वजों की खोज करने में किया जाता है। डीएनए ही आरएनए के संधिपात्र की भूमिका अदा करता है। मूलत: डीएनए में ही आरएनए का रूप निहित होता है। इसलिए आवश्यकतानुसार डीएनए, जिसके पास आरएनए बनाने का अधिकार होता है, आवश्यक सूचना लेकर काम में लग जाता है।

डी एन ए क्या है ?

डी एन ए जीवित कोशिकाओं के गुणसूत्रों में पाए जाने वाले तंतुनुमा अणु को डी-ऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल या डी एन ए कहते हैं। इसमें अनुवांशिक कूट निबद्ध रहता है। डी एन ए अणु की संरचना घुमावदार सीढ़ी की तरह होती है।

डीएनए का एक अणु चार अलग-अलग वस्तुओं से बना है जिन्हें न्यूक्लियोटाइड कहते है। हर न्यूक्लियोटाइड एक नाइट्रोजन युक्त वस्तु है। इन चार न्यूक्लियोटाइडोन को एडेनिन, ग्वानिन, थाइमिन और साइटोसिन कहा जाता है। इन न्यूक्लियोटाइडों से युक्त डिऑक्सीराइबोस नाम का एक शक्कर भी पाया जाता है। इन न्यूक्लियोटाइडों को एक फॉस्फेट की अणु जोड़ती है। न्यूक्लियोटाइडों के सम्बन्ध के अनुसार एक कोशिका के लिए अवश्य प्रोटीनों की निर्माण होता है। अतः डी एन ए हर एक जीवित कोशिका के लिए अनिवार्य है।

डीएनए आमतौर पर क्रोमोसोम के रूप में होता है। एक कोशिका में गुणसूत्रों के सेट अपने जीनोम का निर्माण करता है; मानव जीनोम 46 गुणसूत्रों की व्यवस्था में डीएनए के लगभग 3 अरब आधार जोड़े है। जीन में आनुवंशिक जानकारी के प्रसारण की पूरक आधार बाँधना के माध्यम से हासिल की है। उदाहरण के लिए, एक कोशिका एक जीन में जानकारी का उपयोग करता है जब प्रतिलेखन में, डीएनए अनुक्रम डीएनए और सही आरएनए न्यूक्लियोटाइडों के बीच आकर्षण के माध्यम से एक पूरक शाही सेना अनुक्रम में नकल है। आमतौर पर, यह आरएनए की नकल तो शाही सेना न्यूक्लियोटाइडों के बीच एक ही बातचीत पर निर्भर करता है जो अनुवाद नामक प्रक्रिया में एक मिलान प्रोटीन अनुक्रम बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है। वैकल्पिक भानुमति में एक कोशिका बस एक प्रक्रिया बुलाया डीएनए प्रतिकृति में अपने आनुवंशिक जानकारी कॉपी कर सकते हैं।

कोरोना वायरस की खासियत और इतिहास ?

कोरोना वायरस का मुख्य लक्षण तेज बुखार है. बच्चों और वयस्कों में अगर 100 डिग्री फ़ारेनहाइट (37.7 डिग्री सेल्सियस) या इससे ऊपर पहुंचता है तभी यह चिंता का विषय है.कोरोना वायरस यानी कि Coronavirus disease (COVID-19) बहुत सूक्ष्म लेकिन प्रभावी वायरस है. कोरोना वायरस मानव के बाल की तुलना में 900 गुना छोटा है. आकार में इस छोटे वायरस ने पूरी दुनिया को डरा दिया है. दिसंबर 2019 में चीन के वुहान शहर में नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) का पहला मामला जानकारी में आया.इस संक्रमण से प्रभावित लोगों में बुखार, सर्दी-जुखाम, खांसी तथा सांस लेने में तकलीफ पाई गई थी. डाक्टरों ने पाया ये लक्षण सार्स से काफी मिलते-जुलते हैं. नोवल कोरोना वायरस (एनसीओवी/कोविड-19) कोरोना वायरस परिवार का सातवां वायरस है. अब छह तरह के कोरोना वायरस सामने आए हैं. इसकी अनुवांशिक संरचना 80 फीसदी तक चमगादड़ों में पाए जाने वाले सार्स वायरस जैसी मिली ,विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर 88 फीसदी को बुखार, 68 फीसदी को खांसी और कफ, 38 फीसदी को थकान, 18 फीसदी को सांस लेने में तकलीफ, 14 फीसदी को शरीर और सिर में दर्द, 11 फीसदी को ठंड लगना और 4 फीसदी में डायरिया के लक्षण दिखते हैं. रनिंग नोज यानी नाक बहना कोरोना वायरस का लक्षण नहीं माना जा रहा है.कोरोना वायरस का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है. इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है. इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था. डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं. अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है.

इस वायरस लक्षण और बचाव के तरीके क्या हैं ?

क्या हैं इस बीमारी के लक्षण? 
इसके लक्षण फ्लू से मिलते-जुलते हैं. संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं. यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है. कुछ मामलों में कोरोना वायरस घातक भी हो सकता है. खास तौर पर अधिक उम्र के लोग और जिन्हें पहले से अस्थमा, डायबिटीज़ और हार्ट की बीमारी है.
 
क्या हैं इससे बचाव के उपाय?
हाथों को साबुन से धोना चाहिए. अल्‍कोहल आधारित हैंड रब का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है. खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढककर रखें. जिन व्यक्तियों में कोल्ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें. अंडे और मांस के सेवन से बचें. जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें.

कोरोना की पहचान कैसे करें ?

तेज बुखार आनाः अगर किसी व्यक्ति को सुखी खांसी के साथ तेज बुखार है तो उसे एक बार जरूर जांच करानी चाहिए. यदि आपका तापमान 99.0 और 99.5 डिग्री फारेनहाइट है तो उसे बुखार नहीं मानेंगे. अगर तापमान 100 डिग्री फ़ारेनहाइट (37.7 डिग्री सेल्सियस) या इससे ऊपर पहुंचता है तभी यह चिंता का विषय है.
कफ और सूखी खांसीः पाया गया है कि कोरोना वायरस कफ होता है मगर संक्रमित व्यक्ति को सुखी खांसी आती है.
सांस लेने में समस्याः कोरोना वायरस से संक्रमित होने के 5 दिनों के अंदर व्यक्ति को सांस लेने में समस्या हो सकती है. सांस लेने की समस्या दरअसल फेफड़ो में फैलते कफ के कारण होती है.कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर कभी-कभी बुखार, खांसी, सांस में दिक्कत के अलावा फ्लू और कोल्ड जैसे लक्षण भी हो सकते हैं.
कोरोना से संक्रमित लोगों में डायरिया और उल्टी के भी लक्षण देखे गए है. करीब 30 प्रतिशत लोगों में इस तरह के लक्षण पाये गए हैं. सूंघने और स्वाद की क्षमता में कमीः बहुत से मामलों में पाया गया है कि कोरोना से संक्रमित लोगों को सूंघने और स्वाद की क्षमता में कमी आती है.

कोरोना से बचने के पांच आसान स्टेप्स बताए ?

कोरोना से बचने के पांच आसान स्टेप्स :
1. हाथ धोएं: दिन भर में बीमारी फैलाने वाले जर्म्स जर्म्स आपके हाथों में लगें हैं उनसे बचने के लिए बार-बार हाथ धोएं।
 Covid-19 कोरोनावायरस से बचने के लिए हाथों की हाइजीन सबसे ज्यादा जरूरी है। उसमें भी ख़ास साबुन और पानी से हाथों को धोना क्योकि सबसे अच्छा साबुन और पानी से हाथ चाहिए , क्योंकि सैनिटाइजर कुछ जर्म्स को मारने में नाकाम साबित हो चुका है।ख़ासकर  ग्रीसी और धूल भरे हाथों के लिए भी सैनिटाइजर अच्छा नहीं है। 99 % भी एल्कोहल भी एक विकल्प है ,अगर साबुन ना हो तो आर अल्कोहल वाले सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
 हाथ धोने का सही तरीका, 5 स्टेप में जानें
1. सबसे पहले अपने हाथों को पानी की टैप के नीचे गीला करें और पानी की टैप बंद कर दें।
2. इसके बाद हाथों में साबुन अच्छे से हाथों के पीछे, उंगलियों के बीच में और नाखूनों के आसप-पास अच्छे से लगाएं।
3. 20 सेकेंड के लिए हाथों को स्क्रब करें।
4. साफ पानी से अपने हाथ धोएं
5. सूखे साफ कपड़े से अपने हाथों को पोछें।

कोरोना वायरस से कितना डरना चाहिए ?यानि कितना खतरनाक हो सकता है कोरोना वायरस ?

कोरोना से डरने की बिलकुल आवश्यकता नहीं क्योकि इसमें मृत्युदर बहुत कम है

9 साल तक के बच्चों में- 0 प्रतिशत

10-39 वर्ष तक के लोगों में 0.2 प्रतिशत

40-49 वर्ष तक के लोगों में 0.4 प्रतिशत

50-59 वर्ष तक के लोगों में 1.3 प्रतिशत

60-69 वर्ष तक के लोगों में 3.6 प्रतिशत

60-69 वर्ष तक के लोगों में 3.6 प्रतिशत

70-79 वर्ष तक के लोगों में 8 प्रतिशत

80 से ज्यादा वर्ष के लोगों में 14.8 प्रतिशत

चीन के वुहान शहर से शुरू हुए कोरोना वायरस का संक्रमण अब दुनिया भर के कई देशों में पांव पसार चुका है। चीन के बाद ईरान, हांगकांग, जापान, इटली समेत कई देशों के बाद अब इसने भारत में भी इसने दस्तक दे दी है। इस वायरस का किसी भी देश के पास कोई इलाज नहीं है। लेकिन हां कुछ सावधानी बरतकर आप इससे बच सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अब तक के शोध से पता चला है कि यह वायरस हवा से नहीं बल्कि सांस लेने/ सांस छोड़ने, खांसने और छींकने की वजह से फैल रहा है। इसलिए जिन्हें सर्दी-जुकाम हुआ हो उससे दूरी बनाकर रखें ,कोरोनावायरस (COVID 19 में बुख़ार होता है, सूखी खांसी होती है और फिर सांस लेने में परेशानी होने लगती है, ये कोरोना वायरस COVID 19 के नाम से जाना जाता है इसमें खांसी, तेज बुखार, सांस फूलना जैसे लक्षण होते हैं,ये दूसरे फ्लू से बिल्कुल अलग है। इससे संक्रमित देशों से जो लोग आए हैं उनमें इसका ज्यादा खतरा है, उन्हें नोडल सेंटर पर जाकर जांच करानी चाहिए। इसकी खास बतायह भी है कि 85 फीसदी लोगों में यह हल्की बीमारी के रुप में होती है जो अपने आप ठीक हो रही है, 15 को हॉस्पिटल की जाने की जरूरत होती है, सिर्फ 5 फीसदी लोगों में ही गंभीर कोरोना वायरस होता है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है।कोरोना वायरल इंफेक्शन का कोई पुख्ता इलाज नहीं है। इसमें मरीज को सपोर्टिव इलाज दिया जाता है। लक्षण के आधार पर इलाज किया जाता है। इसके लिए स्पेशल बचाव जरूर रखना चाहिए। खासकर मास्क को भी संक्रमण से बचाने के लिए जरूरी है, हाथ धोएं. हमारे देश के लिए अच्छी बात यह है कि चीन के बाद हमें इस बीमारी के बारे में काफी आइडिया हो गया और जिस टाइम ये वायरस हमारे देश में आया यहां समर की शुरुआत हो गई है। गर्मी में ये वायरस नहीं फैलते हैं, इसको लेकर पैनिक न फैलाएं। उम्मीद की जा रही है वो अप्रैल में इससे काफी राहत मिलेगी। इस बीमारी से बचने के लिए बेसिक अवेयरनेस जरूरी है। अगर कोई आपका फैमिली मेंबर इन संक्रमित देशों की यात्रा से लौटकर आया है खास सावधानी की जरूरत है।

कोरोना के फैलने की वजह ?

कोरोना के फैलने की वजह चीन ने और यूरोप के देशों ने इसके बारे में समय रहते आगाह नहीं किया
कोरोना संकट इसी वैश्विक भूल का नतीजा है। अक्टूबर 2019 से चीन में कोरोना के मामले सामने आने शुरू हो गए थे, पर चीन सरकार ने दिसंबर तक दुनिया से इसे छुपाए रखा।द टाइम्स के अनुसार दिसंबर में चीनी पैथोलॉजिस्ट्स को सरकार ने मजबूर किया था कि वे कोरोना संक्रमण से जुड़े मामलों की जांच रिपोर्ट और सैंपल नष्ट कर दें। इसके चलते दूसरे देश चीन से आने वाले यात्रियों की सही समय से जांच पड़ताल शुरू नहीं कर पाए जिसके चलते कोरोना पूरे विश्व में फैल गया।कोरोना संकट के दौरान चीन का व्यवहार 1997 में हांगकांग से शुरू हुए एच5एन1 संक्रमण से बिल्कुल भिन्न रहा है। उस समय इस संक्रमण को न पहचान पाने की स्थिति में चीन ने सैंपल अमेरिका भेज दिए थे , इस बार चीन ने एकदम उलट किया। उसने अपने व्यापारिक साझीदार देशों तक को इस महामारी की भनक तक नहीं लगने दी। इसकी सबसे बड़ी कीमत चुकाई उस इटली ने जो चीन की वन बेल्ट वन रोड परियोजना में शामिल होने वाला जी-7 समूह का इकलौता देश है।यूरोप की अहम कड़ी बनने वाले इटली को भी चीन ने इस खतरे के प्रति आगाह करना उचित नहीं समझा। वैसे भी उत्तरी इटली और चीन के कोरोना प्रभावित इलाकों के बीच चमड़े का व्यापार बड़े पैमाने पर होता है। इस सिलसिले में तमाम लोग चीन से इटली आते-जाते रहे जिससे वायरस फैलता गया। इसका नतीजा यही निकला कि आज पूरे इटली में मातम पसरा हुआ है। उसके बाद चीन सरकार ने हर वह कदम उठाया जिससे यह सुनिश्चित हो कि दुनिया इस संकट से बेखबर रहे और यह समूचे विश्व में फैल जाए।

क्या कोरोना की वैक्सीन या दवा है ?

कोरोना के वैश्विक संक्रमण के साथ ही सोशल मीडिया में कोरोना के इलाज जबरदस्त बाढ़ सी आ गयी है जिसका परिणाम बहुत अच्छा नहीं रहा है कुछ मामलों में लोग खुद ही दवा लेने लग गए जिसका परिणाम की जरुरी दवाइयों की कमी हो गयी जिसकी अन्य बिमारियों में जरुरत थी ,इसके अलावा भी बहुत सी सलाहें सोशल मीडिया में वायरल हो रही है उन सभी सलाहों का एक समाधान ,आप कोई भी दवा क्वालिफाइड डॉक्टर की सलाह पर ही लें 
21 मार्च को डोनॉल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया-”हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन और एजिथ्रोमाइसिन का कॉम्बिनेशन मेडिसिन की दुनिया में बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है.मग़र सीडीसी ने बताया कि कोविड-19 के मरीज़ों के लिए एफडीए ने कोई दवा अब तक अप्रूव नहीं की है. हालांकि इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका सहित कई देशों में कोविड-19 के मरीजों के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन का इस्तेमाल किया जा रहा है.वहीं एक अध्ययन के मुताबिक हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन के साथ एजिथ्रोमाइसिन का कॉम्बिनेशन कोरोना के असर को कम कर सकता है. पर कुछ मामलों में मौते भी रिकार्ड की गयी है इस लिए कोई भी दवा डॉक्टर की निर्देश में ही लें ,इस रिपोर्ट में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन के साथ एजिथ्रोमाइसिन के इस्तेमाल को ‘अनकंट्रोल बेसिस’ बताया गया है. इससे साफ है कि इस कॉम्बिनेशन को औपचारिक इलाज ना माना जाए.इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के डायरेक्टर जनरल बलराम भार्गव ने 23 मार्च को बताया, ”हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन का इस्तेमाल सिर्फ हास्पिटल वर्कर करेंगे जो कोविड-19 के मरीजों की देखभाल कर रहे हैं. या फिर अगर किसी के घर में कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति है तो उसकी देखभाल करने वाला ही इस दवा का सेवन करे.”
कोरोना वायरस(COVID-19) की गिरफ्त में आकर विश्‍वभर में सैकड़ों लोगों की जान रोजाना जा रही है. समस्‍या ये है कि इस वायरस से लड़ने के लिए अभी तक कोई दवा या वैक्‍सीन ईजाद नहीं की जा सकी है. कई अन्‍य रोगों में इस्‍तेमाल होने वाली दवाओं का इस्‍तेमाल कोरोना वायरस से पीडि़त लोगों पर किया जा रहा है. हालांकि, विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) ने इसे लेकर पूरे विश्‍व को चेतावनी दी है कि ऐसा करना खतरनाक साबित हो सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी कि कोविड-19 के उपचार में बिना परीक्षण वाली दवाओं का इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है और इससे झूठी उम्मीदें जग सकती हैं. डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टी. ए. गेब्रेयेसस ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान कहा, ‘देखिए, बिना सही साक्ष्य के बिना परीक्षण वाली दवाओं का इस्तेमाल करने से झूठी उम्मीदें जग सकती हैं. यह लाभ के बजाए ज्यादा नुकसान कर सकती हैं और आवश्यक दवाओं की कमी हो सकती है, जिनकी जरूरत अन्य बीमारियों के उपचार में होती हैं.’
कब तक बनेगा टीका ?
ये सवाल लगातार उठ रहा है कि कोरोना वायरस से जान बचाने वाली दवा या टीका कब तक बन जाएगा. इसके लिए रिसर्च पूरे जोरों से चल रही है. वैज्ञानिक अभी जानवरों पर रिसर्च की स्टेज पर हैं. इस साल के अंत तक इंसानों को इससे फायदा मिलने की उम्मीद कर रहे हैं. वैज्ञानिकों का दावा है कि वैक्सीन आने में एक साल का वक्त लग सकता है. वैज्ञानिकों ने इस साल कोरोना वायरस के लिए वैक्सीन बना भी ली, तो भी इसका बड़ी संख्या में उत्पादन होने में वक्त लगेगा.
Continue Reading

देश-दुनिया

जब 90 वर्षीय शख्स ने पकड़े थे ‘श्रीराम’ और ‘युधिष्ठिर’ के पैर, कहा था- ‘अब मैं चैन से मर सकूंगा’

Published

on

बीआर चोपड़ा की महाभारत का एक बार फिर से दूरदर्शन पर प्रसारण किया जा रहा है। ऐसे में सोशल मीडिया पर तमाम ऐसे पोस्ट देखने को मिल रहा है, जिनमें दर्शक न सिर्फ महाभारत का लॉकडाउन के बीच लोग आनंद उठा रहे हैं बल्कि साथ ही साथ अपने पुराने दिनों को भी याद कर रहे हैं। ऐसे में हम आपको बताते हैं महाभारत में युधिष्ठिर का किरदार निभाने वाले गजेंद्र चौहान के बारे में कुछ किस्से। वैसे बता दें कि गजेंद्र के इन किस्सों का महाभारत से सीधा संबंध है।

गजेंद्र ने आगे कहा, ‘उन सज्जन ने मुझसे उनके पिता के सिर पर हाथ रखने की गुजारिश की ताकि वो ठीक हो जाएं। या ठीक ना भी हो पाएं तो उन्हें संतोष रहेगा कि मरने से पहले धर्मराज युधिष्ठिर ने उन्हें स्पर्श किया। मुझे यह बात बड़ी अजीब लगी और थोड़ी झिझक भी हुई लेकिन उनके बार-बार कहने पर मैं मान गया। मैं उनके पिता से मिला और उनके सिर पर हाथ रखा। किस्मत देखिए, कुछ दिन अस्पताल में रहने के बाद वह बिलकुल ठीक भी हो गए और बार-बार मेरा अहसान माना।’

इसके साथ ही बीबीसी से बातचीत के दौरान गजेंद्र ने एक किस्से का जिक्र करते हुए बताया था, ‘एक बार मैं और अरुण गोविल (जिन्होंने रामायण में राम का किरदार निभाया था) चंडीगढ़ एयरपोर्ट में मिले। हम बात कर रहे थे कि हमें अपने पैर के पास कुछ महसूस हुआ। हमने नीचे देखा कि करीब 90 वर्ष के एक बुजुर्ग अपना एक हाथ मेरे पैरों पर और दूसरा हाथ अरुण गोविल के पैरों पर रखे हुए हैं।’

गजेंद्र कहते हैं, ‘ ऐसे देखकर हम चौंक गए। हमने उन्हें उठाया और कहा कि यह आप क्या कर रहे हैं, तो वो बोले, “जिंदगी में पहली बार श्रीराम और धर्मराज युधिष्ठिर को साथ देख रहा हूं। अब मैं चैन से मर सकूंगा।’ गौरतलब है कि दूरदर्शन पर सुबह और रात को नौ बजे रामायण, जबकि दोपहर 12 बजे और शाम को सात बजे महाभारत प्रसारित किया जा रहा है।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

#Chhattisgarh खबरे !!!!

Etoi Exclusive6 hours ago

देश दुनिया की पढ़ें ख़ास ख़बरें,,,, सुबह की सुर्खियाँ 31/03/2020

  सुधि पाठकों की ,,,,आपको जो हेड लाइन पसंद आये,उसे एक बार क्लिक करें और पसंद ना आये उसे छोड़...

छत्तीसगढ़7 hours ago

मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 लाख रूपए का दान

राजनांदगांव(etoi news) 30 मार्च 2020 मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति डोंगरगढ़ द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 लाख रुपए का...

छत्तीसगढ़7 hours ago

जिले में एस्मा कानून लागू

जगदलपुर(etoi news) 30 मार्च 2020 कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डाॅ. अय्याज तम्बोली द्वारा कोरोना वायरस के रोक थाम के लिए...

छत्तीसगढ़11 hours ago

आवश्यक वस्तुओं एवं सब्जियों के दाम जानने सड़क पर उतरे सीएम

रायपुर(etoi news) 30 मार्च 2020   छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज लाकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं, खाद्यान्न...

अन्य खबरे12 hours ago

लॉकडाउन में मर्दों के बाहर जाने से तंग महिलाओं ने गांव में कर दी नाकाबंदी, शिफ्ट में ​कर रहीं ड्यूटी

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कोरोना वायरस (Covid-19) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए महिलाओं ने मोर्चा...

#Exclusive खबरे

Etoi Exclusive1 day ago

देश दुनिया की पढ़ें ख़ास ख़बरें,,,, सुबह की सुर्खियाँ 30/03/2020

सुधि पाठकों की ,,,,आपको जो हेड लाइन पसंद आये,उसे एक बार क्लिक करें और पसंद ना आये उसे छोड़ आगे...

Etoi Exclusive2 days ago

देश दुनिया की पढ़ें ख़ास ख़बरें,,,, सुबह की सुर्खियाँ 29/03/2020

सुधि पाठकों की ,,,,आपको जो हेड लाइन पसंद आये,उसे एक बार क्लिक करें और पसंद ना आये उसे छोड़ आगे...

Etoi Exclusive3 days ago

देश दुनिया की पढ़ें ख़ास ख़बरें,,,, सुबह की सुर्खियाँ 28/03/2020

सुधि पाठकों की ,,,,आपको जो हेड लाइन पसंद आये,उसे एक बार क्लिक करें और पसंद ना आये उसे छोड़ आगे...

Etoi Exclusive4 days ago

देश दुनिया की पढ़ें ख़ास ख़बरें,,,, सुबह की सुर्खियाँ 27/03/2020

सुधि पाठकों की ,,,,आपको जो हेड लाइन पसंद आये,उसे एक बार क्लिक करें और पसंद ना आये उसे छोड़ आगे...

Etoi Exclusive5 days ago

देश दुनिया की पढ़ें ख़ास ख़बरें,,,, सुबह की सुर्खियाँ 26/03/2020

सुधि पाठकों की ,,,,आपको जो हेड लाइन पसंद आये,उसे एक बार क्लिक करें और पसंद ना आये उसे छोड़ आगे...

Calendar

March 2020
M T W T F S S
« Feb    
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  

निधन !!!

Advertisement

Trending