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24 /01/2020 का पंचांग एवं राशिफल

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  • रायपुर (etoi news) 23  .01.2020
  • दिनांक 24 .01.2020 का पंचाग
  • शुभ संवत 2076 शक 1941 …
  • सूर्य उत्तरायण का …माघ मास कृष्ण पक्ष – अमावस्या तिथि.. रात्रि 03 बजकर 12 मिनट तक … शुक्रवार ..उत्तरा आषाढ़ा नक्षत्र … रात्रि को 01 बजकर 12 मिनट तक … आज चंद्रमा …  मकर राशि में … आज का राहुकाल दिन को 10 बजकर 53 मिनट से 12 बजकर 16 मिनट तक होगा …

मौनी अमावस्या मे 30 वर्षों के बाद शनि का राशि परिवर्तन होगा खास –

माघ महीने की अमावस्या को मौनी अमावस्या और माघी अमावस्या कहते हैं। इस अमावस्या का बहुत महत्व है। माघ के महीने में लोग जप, तप और दान करने के लिए पवित्र नदियों के किनारे एकत्रित होते हैं। इस बार मौनी अमावस्या 24 जनवरी को है, इसी दिन शनि 30 वर्षों के बाद दोबारा मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं। मौनी अमावस्या पर मौन रख व्रत किया जाता है।

मौनी अमावस्या का ज्योतिषीय महत्व –

मौनी अमावस्या के दिन सूर्य और चंद्रमा मकर राशि में होते हैं। इनके एक साथ होने का संयोग प्रत्येक वर्ष एक ही दिन होता है। इस शुभ संयोग में किसी पवित्र नदी में मौन धारण करते हुए डुबकी लगाने का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व होता है। यही कारण है कि तमाम तीर्थो पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु नदी तीर्थ पर पावन डुबकी लगाने के लिए इकट्ठा होते हैं।

अक्षय पुण्य के लिए मौन रहकर करें स्नान-ध्यान

मान्यता है कि मन और वाणी पर नियंत्रण पाते हुए इस पावन तिथि पर स्नान करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मोक्ष मिलता है। साथ ही इस दिन किए जाने वाले मौन स्नान से शरीर की सकारात्मक ऊर्जा का ह्रास भी नहीं होता है। मौन साधना से मिलने वाला पुण्य अक्षय रहता है। संतों के अनुसार मौन व्रत के बगैर मौनी अमावस्या पर स्नान करने से श्रद्धालुओं को पूरा पुण्य नहीं मिलता है।

मौनी अमावस्या पूजा विधि

यदि आप किसी कारण किसी नदी तीर्थ पर जाकर इस पावन तिथि वाले दिन स्नान-ध्यान एवं पूजन करने में असमर्थ हैं तो आप अपने घर में ही इसका पुण्य लाभ पा सकते हैं। मौनी अमावस्या के दिन मां गंगा का ध्यान करते हुए अपने जल के स्नान में गंगाजल और तिल डाल कर मौन रखते हुए स्नान करें और स्नान-ध्यान के पश्चात किसी मंदिर में जाकर अपनी क्षमता के अनुसार दान करें।

शनि परिवर्तन का राशियों पर प्रभाव –

मेष राशि (शनि गोचर 2020)

मेष राशि में दशम और एकादश भाव का स्वामी है। साल 2020 में शनि आपके दशम भाव में विराजमान होगा।

दशम भाव विशेष रूप से कर्म का भाव होता है और शनि भी कर्म का स्वामी है।

इस दौरान सफलता प्राप्त करने के लिए आपको कड़ी मेहनत और संघर्ष करना होगा और उस मेहनत या प्रयास का पूरा फल भी आपको हासिल होगा। किसी नए काम की शुरुआत की सोच रहे हैं तो 11 मई से पहले कर लें, क्योंकि उसके बाद शनि के वक्री होने की वजह से मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है। दसम का शनि आपके स्वास्थ्य विशेषकर पेट से संबंधित तकलीफ दे सकता है अतः खानपान में सावधानी जरूर रखें।

वृषभ राशि (शनि गोचर 2020)

शनि के मकर राशि में जाने से इस राशि से शनि की ढैया का असर बिलकुल खत्म हो जाएगा। इस भाव में चांदी के पाये के साथ आएंगे। शनि आपके नवम और दशम भाव का स्वामी है।

गोचर के दौरान शनि आपके नवम भाव में विराजमान होगा।

चूंकि नवम भाव भाग्य का स्थान होता है इसलिए इस समय भाग्य उत्तम रहेगा किंतु इस दौरान पिता के साथ वाद-विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

शनि गोचर के दौरान अपनी वाणी पर संयम रखें और किसी के साथ भी गलत व्यवहार न करें।

किसी से भी ऐसा कोई वादा न करें जिसे कि आप समय पर पूरा न कर पाएं।

आलस्य का त्याग करें अन्यथा सभी महत्वपूर्ण कार्य हाथ से निकल जाएंगे।

नई नौकरी की तलाश में हैं तो यह काम साल की शुरुआत में ही पूर्ण कर लें।

मिथुन राशि (शनि गोचर 2020)

इस राशि के लिए शनि आपके अष्टम और नवम भाव का स्वामी है।

गोचर के दौरान शनि आपके अष्टम भाव में प्रवेश करेगा।

अष्टम भाव विशेष रूप से अचानक होने वाले कर्म के लिए जिम्मेवार होता है इसलिए इसका प्रभाव आपके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ सकता है।

परिणामस्वरूप अचानक ही किसी काम में रुकावट और मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है।

शनि के प्रभाव से आर्थिक स्थिति निराशाजनक रहेगी, पैसों के लेन-देन के मामलों में सतर्कता बरतें।

विदेश यात्रा के लिए जाना हो सकता है।

लंबे वक्त से चले आ रहे जमीन-जायदाद के मामलों का निपटारा होगा।

जीवन में लिए जाने वाले महत्वपूर्ण निर्णय बड़ों से सलाह-मशविरे के बाद ही करें।

 

कर्क राशि (शनि गोचर 2020)

इस राशि के लोगों के लिए शनि सप्तम और अष्टम भाव का स्वामी है।

साल 2020 में शानि आपके सप्तम भाव में विराजमान होगा।

व्यापार से जुड़े लोग साल की शुरुआत में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं।

काम के सिलसिले में किसी विदेशी स्रोत से जुड़ सकते हैं।

शनि गोचर के दौरान संतान के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

वाहन चलाते वक्त सावधानी बरतें।

साज-सज्जा की वस्तुओं पर पैसे खर्च करने से बचें।

अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें, किसी पुरानी बीमारी से परेशान हो सकते हैं।

व्यर्थ के वाद विवाद में न उलझें, धन हानि की संभावना हो सकती है।

 

सिंह राशि (शनि गोचर 2020)

शनि आपके षष्ठम और सप्तम भाव का स्वामी है।   

साल 2020 में शनि आपके षष्ठम भाव में विराजमान होगा।

शनि गोचर इस साल आपके लिए काफी लाभदायक सिद्ध होगी।

इस साल आपको अपनी मेहनत का भरपूर लाभ मिलेगा यानी कि सफलता प्राप्त करने के लिए भरपूर मेहनत की आवश्यकता होगी।

जमीन-जायदाद के क्षेत्र में निवेश करने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें।

स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं। किसी पुरानी बीमारी की वजह से मानसिक तनाव से घिर सकते हैं।

साल के मध्य में अपनी नौकरी में परिवर्तन की कदापि न सोचें।

किसी वर्षों पुराने मित्र से इस दौरान मुलाकात हो सकती है।

 

कन्या राशि (शनि गोचर 2020)

इस राशि पर से शनि की ढैया समाप्त हो जाएगी। इस वजह से तमाम तरह की परेशानियों से इन्हें निजात मिल जाएगी।

शनि आपके पंचम और षष्टम भाव का स्वामी है।

साल 2020 में शनि आपके पंचम भाव में स्थापित होगा।

शनि गोचर के दौरान इस साल आप किसी रुकी हुई शिक्षा को पूरा कर सकते हैं।

इस साल गोचर के दौरान आप कोई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं।

किसी नए बिजनेस की शुरुआत करने जा रहे हैं तो अच्छी तरह से विचार-विमर्श जरूर कर लें।

कार्यक्षेत्र में किसी करीबी सहयोगी के साथ मतभेद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

माता-पिता का सहयोग मिलेगा।

आभूषण या कोई महंगी चीज खरीद सकते हैं।

साल के मध्य में घर या गाड़ी खरीद सकते हैं।

तुला राशि (शनि गोचर 2020)

साल 2020 में शनि इस राशि वालों के लिए चैथे भाव में गोचर करेगा। चैथे भाव में शनि के गोचर से इन राशि के जातकों पर चतुर्थ की ढैया प्रारंभ हो जाएगी। शनि के गोचर के कारण इस राशि के लोगों को कोई पुराना रोग फिर से परेशान कर सकता है। इन लोगों को इस समय में इनके शत्रु भी अधिक परेशान करेंगे। तुला राशि के लोगों पर इस समय काम का बोझ अत्यधिक रहेगा जिसकी वजह से ये अधिक तनाव महसूस करेंगे। शनि की ढैया के कारण इस राशि के लोगों को स्वास्थ्य की अनेक समस्याएं उत्पन्न होंगी।

बिजनेस से जुड़े हैं, उन्हें इस साल अच्छे अवसर मिल सकते हैं।

किसी भी प्रकार के अहंकार से खुद को बचाकर रखें।

धन निवेश के मामलों में विशेष रूप से सोच-विचार कर लें, किसी के बहकावे में न आएं।

साल के मध्य में शनि के वक्री होने से माता के साथ मतभेद हो सकता है।

मानसिक तनाव की स्थिति से जहां तक संभव हो, बचें।

सितंबर माह के बाद विदेश यात्रा के योग बन सकते हैं।

वाद-विवाद की स्थिति उत्पन्न होने पर दूर ही रहें।

 

वृश्चिक राशि (शनि गोचर 2020)

शनि के मकर राशि में जाने से वृश्चिक राशि वालों पर अब शनि की टेढ़ी नजर नहीं रहेगी। साल 2020 में उन्हें कई सुखद समाचार मिलेगा। शनि आपके तृतीय और चैथे भाव का स्वामी है।

साल 2020 में शनि आपके तृतीय भाव में स्थापित होगा।

शनि गोचर के बाद लंबे समय तक आपके ऊपर चली आ रही शनि की साढ़ेसाती भी खत्म हो जाएगी।

किसी काम को परिपूर्ण करने के लिए आलस का त्याग बेहद जरूरी है, इस बात का खास ख्याल रखें।

यह समय आपके लिए किसी नए कार्य या बिजनेस की शुरुआत करने के लिए सबसे अच्छा रहेगा।

शनि गोचर के दौरान आर्थिक स्थिति में वृद्धि होगी।

किसी रुकी हुई पढ़ाई को इस साल पूरा कर सकते हैं।

 

धनु राशि (शनि गोचर 2020)

धनु राशि में शनि दूसरे और तृतीय भाव का स्वामी होकर धनु राशि से दूसरे भाव में गोचर करेगा। इस वर्ष कोई भी कार्य शुरू करना चाहें तो अपने आप पर पूरी तरह से ध्यान लगाकर ही करें, तभी यह शनि आपको सफलता दिलाएगा। साढ़ेसाती का आखिरी चरण होने से यह शनि जाते-जाते आपको सोने की तरह तपाकर उजला बना देगा।

शनि आपके दूसरे और तृतीय भाव का स्वामी है।

साल 2020 में शनि आपके दूसरे भाव में विराजमान होगा।

शनि की साढ़ेसाती का यह आखिरी समय होगा, जो आपकी मेहनत का फल आपको जरूर देगा।

शनि गोचर के दौरान आपको आर्थिक मामलों से जुड़ी कुछ परेशानी आ सकती है लेकिन आपका कोई कार्य इस दौरान रुकेगा नहीं।

जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में लाभ प्राप्त होगा।  

आर्थिक क्षेत्र में पिता का सहयोग मिलेगा।

विदेश जाने की सोच रहे हैं, तो इस साल आपको रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है।

 

मकर राशि (शनि गोचर 2020)

मकर राशि के लोगों के लिए शनि आपके प्रथम और दूसरे भाव का स्वामी है।

साल 2020 में शनि आपके दूसरे भाव में स्थापित होगा।

शनि गोचर के बाद शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण प्रारंभ होगा जिस वजह से मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है।

इस दौरान आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और अपनी मंजिल की तरफ बढ़ने में मदद मिलेगी।

बिजनेस की दिशा में आय के नए मार्ग बनेंगे और आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

विदेश यात्रा का लाभ भी उठा सकते हैं।

नया घर लेने का सपना भी इस साल पूरा हो सकता है।

जीवनसाथी के साथ मतभेद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, सूझ-बूझ के साथ काम लें।

अपनी सेहत का खास ख्याल रखें और वाहन चलाते वक्त सावधानी बरतें।

 

कुंभ राशि (शनि गोचर 2020)

शनि आपके 12वें और प्रथम भाव का स्वामी है।

साल 2020 में शनि आपके 12वें भाव में स्थापित होगा।

इस दौरान इस राशि के जातकों के लिए शनि के साढ़ेसाती का पहला चरण प्रारंभ होगा।

इसलिए इस दौरान आपको जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत की आवश्यकता पड़ेगी।

किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने से पहले एक बार दूसरों से सलाह-मशविरा जरूर कर लें।

जीवनसाथी के साथ मतभेद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, इस दौरान संयम से काम लें।

घर के साजो-सामान की वस्तुएं और नई गाड़ी को खरीदने में धन का खर्च हो सकता है।

 

मीन राशि (शनि गोचर 2020)

मीन राशि के लिए शनि 11वें और 12वें भाव का स्वामी है।

साल 2020 में शनि आपके 11वें भाव में विराजमान होगा।

इस दौरान आलस को खुद पर बिलकुल भी हावी न होने न दें।

इस साल समाज में नई पहचान मिलेगी और कार्यक्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे।

वैवाहिक जीवन खुशहाल बीतेगा, जीवनसाथी के साथ अच्छा वक्त गुजारने का अवसर प्राप्त होगा।

स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से शनि गोचर आपके लिए काफी लाभदायक साबित होगा।

हर कार्य में माता-पिता का भरपूर साथ मिलेगा।

 

शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने हेतु आवश्यक उपाय-

  1. प्रत्येक शनिवार छाया दान करें। (लोहे की कटोरी में तेल भरकर उसमें अपना मुख देखकर उस तेल को कटोरी सहित दान करें)
  2. सात शनिवार 7 बादाम शनि मंदिर में चढ़ाएं।
  3. शनिवार को लंगर या भंडारे में कोयला दान करें।
  4. प्रत्येक शनिवार सवा किलो काले चने, सवा किलो उड़द, काली मिर्च, कोयला, चमड़ा, लोहा काले, वस्त्र में लपेटकर दान करें।
  5. प्रत्येक शनिवार चींटियों को शक्कर मिश्रित आटा डालें।
  6. प्रतिदिन पीपल में जल चढ़ाएं।
  7. प्रतिदिन स्नान के जल में सौंफ, खस, सुरमा व काले तिल डालकर स्नान करें।
  8. प्रतिदिन ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः का जाप करें।
  9. प्रतिदिन दशरथकृत शनि स्तोत्र का पाठ करें।
  10. साढ़ेसाती व ढैय्या की अवधि में काले व नीले वस्त्र धारण ना करें।

 

 

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देश - दुनिया

जब कार के पहिए में फंसा 10 फिट लंबा अजगर…वीडियो में देखें आगे क्या हुआ

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सोमवार को मुंबई में बचावकर्मियों ने एक कार के पहिए में लिपट गए एक 10 फिट लंबे अजगर का रेस्क्यू किया है. इस दौरान रेस्क्यू का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

दरअसल, वायरल भवानी ने इसे अपने इंस्टाग्राम पेज पर इस वीडियो को पोस्ट किया है. वीडियो में दिख रहा है कि एक लंबा अजगर एक कार के नीचे पहुंच गया और गलती से कार के पहियों में फंस गया. यह मामला मुंबई के इस्टर्न एक्सप्रेस वे का है.

घटना की सूचना मिलते ही बचावकर्मियों का एक दल मौके पर पहुंचा और कार के पहिए में फंसे अजगर का रेस्क्यू किया. कार को राजमार्ग के एक किनारे पार्क किया गया था. इस दौरान ट्रैफिक पूरी तरह से थम गया था. लोग अजगर को देखने के लिए बेताब थे.

जानकारी के मुताबिक, यह अजगर जब इस्टर्न एक्सप्रेसवे पर सोमैया मैदान की तरफ से आया और सड़क पर खड़ी एक कार के पहिए में घुस गया. कार चालक को इसका जैसे ही पता चला वह बीच सड़क कार खड़ी कर उससे बाहर निकल गया.

अजगर को पकड़ने में बचावकर्मियों को तकरीबन आधे घंटे का समय लगा. फिलहाल अजगर को एक बोरे में रखकर वन विभाग के दफ्तर में ले जाया गया है.

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मनोरंजन

सुशांत सिंह राजपूत केस: CBI, ED, NCB के बाद अब होगी NIA की एंट्री?…जानिए वजह

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फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत केस में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए की एंट्री हो सकती है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है. क्योंकि ड्रग से संबंधित मामलों की जांच के लिए केंद्र सरकार द्वारा अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी को मंजूरी दे दी गई है। सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े केस की एनआईए जांच का यह बड़ा कारण हो सकता है। आपको बता दें कि इस एजेंसी का गठन मूल रूप से आतंकवाद से संबंधित मामलों की जांच के लिए किया जाता है।

अगर इस केस की जांच एनआईए को सौंपी जती है तो तो केंद्रीय जांच ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के बाद एनआईए इस मामले में शामिल होने वाली चौथी एजेंसी बन जाएगी।

वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने मंगलवार को एक अधिसूचना जारी की, जिसमें कहा गया कि धारा 53 द नार्कोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के अनुसार, केंद्र राज्यों के साथ परामर्श करने के बाद ”एनआईए में निरीक्षकों के रैंक से ऊपर के अधिकारियों को शक्तियों का प्रयोग करने और कर्तव्यों का पालन करने के लिए आमंत्रित करता है।”

यह धारा सरकार को किसी भी अधिकारी को इस अधिनियम के तहत अपराधों की जांच के लिए एक पुलिस स्टेशन की शक्तियां प्रदान करने की अनुमति देती है। एनआईए की स्थापना 2008 के मुंबई सीरियल धमाकों के बाद एक साल के लिए की गई थी। खासतौर से देश भर में आतंकी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए। पिछले साल एनआईए अधिनियम में संशोधन में, एजेंसी को मानव तस्करी, जाली नोट और साइबर आतंकवाद से संबंधित मामलों की जांच करने का अधिकार क्षेत्र भी दिया गया था, लेकिन मादक पदार्थों के मामले अभी भी इसके दायरे में नहीं थे। मंगलवार को इसका भी आदेश दे दिया गया।

इस मामले के जानकार एक सरकारी अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि यह आदेश सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में चल रही जांच के दायरे का विस्तार कर सकता है, जहां ड्रग्स, मनी लॉन्ड्रिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे उभरे हैं।

एक दूसरे सरकारी अधिकारी ने कहा कि अधिसूचना का महत्व यह था कि ऐसे मामले जो पहले केवल एनसीबी के डोमेन थे, अब एनआईए द्वारा नियंत्रित किए जा सकते हैं। महाराष्ट्र के एक मंत्री से इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे फिलहहाल इसकी कोई जानकारी नहीं है।

आपको बता दें कि 14 जून को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत केस की जांच के लिए बिहार सरकार ने जैसे ही सीबीआई जांच की मांग की वैसे ही यह एक राजनीतिक मुद्दा बन गई है। बिहार सरकार की इस मांग की महाराष्ट्र सरकार ने आलोचना की।  मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और सर्वोच्च न्यायालय ने भी सीबीआई जांच की मंजूरी दे दी। इस केस में  मौत के आसपास की परिस्थितियों की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है और ड्रग्स की एगल पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा जांच की जा रही है। अभिनेत्री और सुशांत की प्रेमिका रिया चक्रवर्ती एक कथित “ड्रग सिंडिकेट” में उनकी भूमिका और अभिनेता के लिए कथित रूप से ड्रग्स की खरीद के लिए हिरासत में हैं। ईडी जांच के मनी लॉन्ड्रिंग पहलुओं पर गौर कर रहा है।

एडीजी (कानून व्यवस्था), जीपी सिंह ने कहा, “यह विशेष रूप से आतंकी मॉड्यूल और ड्रग डीलरों के बीच बढ़ती संबंधों के प्रकाश में एक अच्छा कदम है। एनआईए अधिकारी नार्को-आतंकवाद अपराधों की प्रभावी जांच कर सकते हैं। राज्य पुलिस अधिकारियों की शक्तियों पर इसका कोई असर नहीं होगा।”

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देश - दुनिया

कोरोना अपडेट : 83,347 नए मामले…1,085 मौतें

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देश में 21वें दिन लगातार हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. अबतक कोरोना से संक्रमित 90 हजार लोगों की जान जा चुकी है. हालांकि भारत दुनियाभर में रिकवर केसों के मामलों में सबसे टॉप स्थान पर बना हुआ है. देश में पिछले 24 घंटों में 83,347 नए कोरोना मामले दर्ज किए गए हैं और 1085 लोगों की जान भी चली गई है. दो सितंबर से लगातार देश में एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. अच्छी खबर ये है कि 24 घंटे में अबतक 89,746 मरीज ठीक भी हुए हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में अब कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 56 लाख 46 हजार हो गई है. इनमें से 90,020 लोगों की मौत हो चुकी है. एक्टिव केस की संख्या घटकर 9 लाख 68 हजार हो गई और 45 लाख 87 हजार लोग ठीक हो चुके हैं. संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या की तुलना में स्वस्थ हुए लोगों की संख्या करीब चार गुना अधिक है.

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