Connect with us

देश - दुनिया

दूल्हे को लापरवाही पड़ी महंगी, शादी के आठ दिन बाद ही कोरोना से हुई मौत

Published

on

आंखों में सुखमय जीवन के हजारों सपने लेकर ससुराल आई एक नवविवाहिता का सुहाग आठ दिन में ही उजड़ गया। कोरोना के कारण उसके पति की गुरुवार को मौत हो गई। पति की मौत की खबर घर पहुंची तो पत्नी प्रियंका बदहवास सी हो गई। जो भी सामने मिल रहा था उससे अपने पति के पास ले चलने की जिद करने लग रही थी। दुल्हन की यह हालत देखकर घरवाले अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। यह हृदयविदारक घटना हजारीबाग के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित हुटपा गांव की है।

बताया जाता है कि गांव के कृष्णा महतो के पुत्र अनिल महतो की शादी 28 अप्रैल को जिले के टाटीझरिया प्रखंड स्थित झरपो में कौलेश्वर महतो की पुत्री प्रियंका से हुई थी। शादी के बाद दुल्हन प्रियंका बड़े अरमान के साथ ससुराल पहुंची। लेकिन, तब उसको क्या पता था कि दबे पांव मौत उसके पति का पीछा कर रही है। बताया जाता है कि दूल्हे अनिल ने शादी के पहले से ही कोविड-19 के लक्षण उभर आए थे। लेकिन उसने और घरवालों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि शादी के बाद से ही अनिल की तबीयत खराब रहने लगी। परिजनों को तब भी उसके कोरोना पीड़ित होने का अंदेशा नहीं हुआ। उन्होंने सोचा कि किसी अन्य कारण से अनिल की तबीयत खराब है। ऐसे में समय पर उचित इलाज शुरू नहीं होने से अनिल की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। तबीयत में सुधार नहीं होने पर उसके परिजन अंतत: अस्पताल ले गए। वहां कोरोना का इलाज शुरू हुआ। हालांकि, डॉक्टरों के तमाम प्रयास के बावजूद अनिल को बचाया नहीं जा सका। प्रियंका के मायके और ससुराल में अनिल की मौत से मातम पसरा हुआ है। जिस किसी ने भी यह खबर सुनी वह कुदरत के इस क्रूर मजाक पर रोए बिना नहीं रह सका।

Advertisement
Click to comment

You must be logged in to post a comment Login

Leave a Reply

देश - दुनिया

कद्दू के बीज खाने के पांच जबरदस्त फायदे, ऐसे लोग जरूर करें इसका सेवन

Published

on

By

कद्दू की सब्जी तो आपने खाई ही होगी? यह बाजार में मिलने वाली आम सब्जियों में से एक है। लेकिन क्या आपने कद्दू के अंदर मौजूद बीजों का सेवन किया है और अगर किया है तो क्या इसके फायदों के बारे में जानते हैं? विशेषज्ञ कहते हैं कि ये स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक होते हैं। कद्दू के बीजों में विटामिन-बी, सी, ई, के और मैग्नीशियम, मैंगनीज, फास्फोरस, तांबा, जस्ता, आयरन और भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें मुक्त कणों को खत्म करने के लिए विभिन्न रूपों में एंटी-ऑक्सीडेंट भी मौजूद होते हैं। इसका उपयोग कई प्रकार से किया जाता है। मिठाई बनाने से लेकर मीठी चटनी, सलाद और सूप आदि में कद्दू के बीजों का इस्तेमाल किया जाता है।

गठिया में हैं फायदेमंद 

चाहे कद्दू के बीज हों या तेल, इनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो गठिया में बहुत फायदेमंद होते हैं। ये एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण जोड़ों में दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इसलिए कद्दू के बीजों को अपने आहार में शामिल करें या इसके तेल से प्रतिदिन प्रभावित जगह पर दो बार 2-3 मिनट के लिए मालिश करें। इससे काफी आराम मिलेगा।

चिंता, अवसाद को करता है दूर 

कद्दू के बीजों में ट्रिप्टोफेन एमिनो एसिड पाया जाता है, जो चिंता और अवसाद को कम करने में मदद करता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि शरीर में ट्रिप्टोफेन की कमी से ही चिंता, अवसाद और अन्य मूड संबंधित समस्याएं पैदा होती हैं।

हड्डियों को बनाता है स्वस्थ 

कद्दू के बीजों में पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य में सुधार करता है और हड्डियों की बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में भी मदद करता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि इसमें फास्फोरस और जिंक भी पाए जाते हैं, जिन्हें ऑस्टियोपोरोसिस के खिलाफ प्राकृतिक संरक्षक माना जाता है।

दिल के लिए भी हैं फायदेमंद 

चूंकि कद्दू के बीजों में मैग्नीशियम होता है और यह उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है और हृदय रोग, जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक को रोकने में भी मदद करता है। इन खतरों को कम करने के लिए आप अपने आहार में कद्दू के बीजों को शामिल कर सकते हैं।

डायबिटीज के मरीजों के लिए हैं फायदेमंद 

कद्दू के बीजों को डायबिटीज में भी फायदेमंद माना जाता है। ये ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। डायबिटीज के मरीज नाश्ते के रूप में प्रतिदिन दो चम्मच भुने हुए कद्दू के बीजों का सेवन कर सकते हैं।

 

Continue Reading

देश - दुनिया

नन्हें किसान ने चलाया हल…आप देखे विडियो

Published

on

By

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देख आप हैरान हो जाएंगे। यह वीडियो ” मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती, मेरे देश की धरती” गाने के मुखड़े को सच साबित करता है। इस वीडियो में नन्हें किसान की मेहनत देखने लायक है। सोशल मीडिया पर लोग नन्हें किसान की जमकर तारीफ कर रहे हैं। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक नन्हा किसान पिता की मौजूदगी में खेत में हल चला रहा है।

बरसात के दिनों में खेत की बुआई देशभर में जारी है। इसके लिए खेत में हल चलाकर खेत को तैयार किया जाता है। हर साल की तरह इस बार भी धान की खेती की जा रही है। किसान दिल लगाकर धान की खेती करने में जुटे हैं। इस क्रम में देखा जा रहा है कि एक नन्हा किसान अपने पिता के साथ खेत पर आया है और वह पिता से खेती सीख रहा है।

तभी किसान के लिए घर से जलपान आता है। यह देख किसान हल और बैल को खेत की पगडंडी के समीप खड़ाकर जलपान करने लगता है। उस समय नन्हा किसान खेत में घुस जाता है और पिता की अनुमति लेकर हल चलाने लगता है। यह दृश्य देखने लायक है। नन्हा किसान बड़ी बहादुरी से हल चलाता दिख रहा है। बैलों को भी खबर हो जाती है कि किसान बदल चुका है, तो बैल भी अपनी गति बढ़ा देता है। फिर तो दृश्य देखने लायक रहता है। नन्हा किसान खेत में ही तैरने लगता है। इसके बावजूद नन्हा किसान हल नहीं छोड़ता है।

 

 

Continue Reading

देश - दुनिया

अभिषेक बनर्जी को थप्पड़ जड़ने वाले शख्स की मौत,परिवार ने बताया मर्डर

Published

on

पश्चिम बंगाल में 2015 में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को जिस शख्स ने थप्पड़ जड़े थे, उसकी मौत हो गई है। अभिषेक बनर्जी को कभी थप्पड़ जड़ने वाले भाजपा से जुड़े देबाशीष आचार्य की गुरुवार को रहस्यमय ढंग से मौत हुई है। बताया जा रहा है कि कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया और कुछ देर बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। परिवार ने इसे हत्या करार दिया है।

गुरुवार तड़के देवाशीष आचार्य को गंभीर रूप से घायल हालत में मिदनापुर के तमलुक जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के रिकॉर्ड से पता चलता है कि उन्हें कुछ अज्ञात लोगों द्वारा सुबह 4.10 बजे लाया गया, जो जल्द ही चले गए। उनकी मौत दोपहर में हुई। जब उनके परिवार को अस्पताल पहुंचने पर रहस्यमय मौत के बारे में पता चला और तो उन्होंने दावा किया कि देवाशीष की हत्या कर दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी नेताओं ने अब देवाशीष आचार्य की मौत पर सवाल उठाए हैं। बता दें कि देवाशीष 2020 में भाजपा में शामिल हुए थे। पुलिस ने अपनी प्रारंभिक जांच में पाया कि देवाशीष आचार्य 16 जून की शाम अपने दो दोस्तों के साथ बाहर गए थे। वह चाय की दुकान पर भी रुके थे और वहां से अचानक चले गए थे।

बता दें कि देबाशीष आचार्य सबसे पहले 2015 में उस दौरान सुर्खियों में छाए थे जब उन्होंने एक राजनीतिक कार्यक्रम में अभिषेक बनर्जी को भरी जनसभा में थप्पड़ जड़ दिया था। हालांकि, इसके बाद टीएमसी समर्थकों ने उनकी खूब पिटाई की थी। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था, मगर अभिषेक बनर्जी के दखल पर रिहा कर दिया गया था।

 

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

#Chhattisgarh खबरे !!!!

छत्तीसगढ़20 hours ago

छत्तीसगढ़ में बाबा रामदेव के खिलाफ एफआईआर, जाने क्या है मामला

कोरोना महामारी के बीच योगगुरु बाबा रामदेव की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है. बाबा रामदेव के खिलाफ इस...

छत्तीसगढ़20 hours ago

सीएम भूपेश बघेल ने 18 जिलों को दी 5 हजार 220 करोड़ की सौगात

कोरोना की दूसरी लहर की रफ्तार धीमी पड़ने के साथ ही छत्तीसगढ़ में विकास-कार्यों में तेजी आ गई है। मुख्यमंत्री...

छत्तीसगढ़1 day ago

रायपुर : सिविल लाइंस थाने में बाबा रामदेव के खिलाफ मामला दर्ज

एलोपैथी मेडिसिन, डॉक्टरों और कोरोना वैक्सीन के बारे में पिछले दिनों लगातार बयान दे रहे बाबा रामदेव के खिलाफ रायपुर...

छत्तीसगढ़1 day ago

छत्तीसगढ़ : शाम होते ही ग्रामीण को करना पड़ रहा है जेल में बंद, जानिए क्या है वजह

कांकेर: छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन हाथी ग्रामीणों...

छत्तीसगढ़1 day ago

जानें क्‍या है वजह, जो बच्‍चा बूढ़ा, या जवान,जेल में कर द‍िया जाता है बंद

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर से एक अनोखी तस्वीर निकलकर सामने आई है. यहां हाथियों से जान बचाने के...

#Exclusive खबरे

Calendar

June 2021
S M T W T F S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  

निधन !!!

Advertisement

Trending