अम्बिकापुर 13 जुलाई 2019

आपसी समझौते के आधार पर राजीनामा कर लोगों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार आज नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री बी.पी. वर्मा ने जिला न्यायालय में माँ सरस्वती की छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया। इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री बी.पी वर्मा सहित अन्य न्यायाधीशों ने लोक अदालत के उद्देश्य एवं महत्ता के संबंध में जानकारी दी। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बिकापुर श्री जनार्दन खरे ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आज 171 प्रकरणों का निपटारा कर 1 करोड 48 लाख 86 हजार 284 रूपए का समझौता राशि जमा कराई गई। उन्होंने बताया कि प्री-लिटिगेशन के 2 हजार 707 प्रकरणों में से 37 प्रकरणों का आपसी समझौता के आधार पर निराकरण कर समझौता राशि 1 लाख 68 हजार 532 रूपए जमा कराया गया वहीं 882 लम्बित प्रकरणों मंे से 134 प्रकरणों का निराकरण कर 1 करोड 47 लाख 17 हजार 752 रूपए जमा कराए गए।
ज्ञातव्य है कि जिला न्यायाधीश श्री बी.पी. वर्मा के निर्देशानुसार जिला न्यायालय स्तर पर कुल 12 खण्डपीठ का गठन किया गया था। इनमें परिवार न्यायालय, उपभोक्ता फोरम सहित जिला न्यायालय अंतर्गत सभी न्यायाधीशों की खण्डपीठ शामिल थे। गठित खण्डपीठ में पीठासीन अधिकारी के अतिरिक्त एक-एक अधिवक्ता एवं एक-एक सामाजिक कार्यकर्ता की नियुक्ति की गई थी। जिला न्यायाधीश  द्वारा नेशनल लोक अदालत में जिला न्यायालय में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों – राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, एन.आई.एक्ट, बैंक वसूली प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, श्रम विवाद प्रकरण, विद्युत एवं पानी बिल संबंधी मामले, पारिवारिक मामले, राजस्व मामले, अन्य सिविल मामलों का एवं प्रीलिटिगेशन प्रकरणों – एन.आई.एक्ट, बैंक वसूली प्रकरण, श्रम विवाद प्रकरण, विद्युत एवं पानी बिल संबंधी मामलों का अधिक से अधिक संख्या में निराकरण कर नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने का आग्रह किया गया था।
आज के नेशनल लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन प्रकरणों से संबंधित बैंक रिकव्हरी के 8 प्रकरणों से 5 लाख 62 हजार 765, बिजली बिल के एक प्रकरण से 40 हजार 695 तथा पानी बिल के 23 प्रकरणों से 2 लाख 42 हजार 935 रूपए समझौता राशि जमा कराया गया। इसी प्रकार लंबित प्रकरणों से संबंधित श्रम विवाद के 34 प्रकरणों से 1 लाख 10 हजार 500, एमएससीटी के 5 प्रकरणों से 23 लाख 16 हजार, एनआईए एक्ट के 4 प्रकरणों से 3 लाख 99 हजार 417 तथा 4 अन्य प्रकरणों से 30 लाख 18 हजार 900 रूपए की समझौता राशि जमा कराई गई।