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कई बीमारियों का इलाज करते हैं ये 7 फूल, जानें कैसे करें इस्तेमाल

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भारतीय आयुर्वेद में विभिन्न प्राकर के फूलों का इस्तेमाल बहुत पहले से ही होता रहा है. कहते हैं कि कुछ खास प्रकार के फूल बीमारियों को ठीक करने में सक्षम होते हैं. इन फूलों का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है. फूल हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग हैं और यह न केवल आपके आसपास की सुंदरता को बढ़ाते हैं बल्कि पोषण और औषधीय उपयोग के लिए भी इस्तेमाल होते हैं. सुंदर से दिखने वाले कई तरह के फूलों में त्वचा की समस्याओं से लेकर कई तरह के संक्रमण तक को ठीक करने की शक्ति होती है. आपको बता दें कि कुंभी फूल, गुलाब और केसर के फूल का औषधीय प्रयोजनों के लिए इस्‍तेमाल किया जाता है. इनका सेवन पंखुड़ियों के रूप में या जूस और काढ़े के रूप में भी किया जा सकता है. इसे टिंचर के रूप में शरीर पर लगाया जा सकता है. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ खास फूलों के बारे में जो औषधीय रूप में आपकी मदद कर सकते हैं.

गुलाब

गुलाब के फूलों में टैनिन, विटामिन ए, बी और सी होते हैं. गुलाब के फूल के रस का उपयोग शरीर की गर्मी और सिरदर्द को कम करने के लिए किया जाता है. सूखे फूल गर्भवती महिलाओं को मूत्रवर्धक के रूप में दिए जाते हैं और पंखुड़ियों का उपयोग पेट की सफाई के लिए किया जाता है. गुलाब की पंखुड़ियों का इस्‍तेमाल ‘मुरब्‍बा’ जैसी मिठाइयां बनाने के लिए भी किया जाता है और जो डाइजेशन संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करता है. गुलाब की पंखुड़ियों से खांसी, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसी फेफड़ों की समस्‍याएं और पाचन संबंधी समस्याओं जैसे अपच और पेट फूलना को ठीक किया जा सकता है. गुलाब जल से आंखों की जलन दूर की जा सकती है. कब्ज को कम करने के लिए गुलाब की चाय का सेवन किया जा सकता है.

इन सुगंधित फूलों का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाओं में त्वचा रोगों, घावों और अल्सर जैसी विभिन्न बीमारियों के लिए किया जाता है. चंपा फूल का काढ़ा मतली, बुखार, चक्कर आना, खांसी और ब्रोंकाइटिस के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

गुड़हल

गुड़हल फूल की पंखुड़ियां और पत्तियां लाल, गुलाबी, सफेद, पीले और नारंगी रंग में पाई जाती हैं. गुड़हल का इस्तेमाल आयुर्वेदिक चाय बनाने में किया जाता है जो ब्‍लड प्रेशर के लेवल को कम करने में मदद करता है. यह लूज मोशन, पाइल्स, ब्‍लीडिंग के साथ-साथ बालों के झड़ने, हाई ब्‍लडप्रेशर, खांसी में भी मदद करता है.

अमलतास

गोल्डन शावर ट्री में पीले फूल होते हैं जो इसके पेड़ से लंबी लटकती जंजीरों में दिखाई देते हैं. यह त्वचा रोगों, हार्ट संबंधी बीमारियों, पीलिया, कब्ज, अपच और यहां तक कि कान के दर्द में भी उपयोगी है.

कमल

कमल सफेद या गुलाबी रंग के बड़े फूल होते हैं. कमल के फूल का जबरदस्त आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अर्थ है. यह तापमान, प्यास, त्वचा रोग, जलन, फोड़े, लूज मोशन और ब्रोंकाइटिस को कम करने में कारगर साबित होता रहा है.

गुलदाउदी

गुलदाउदी सजावटी पीले फूल होते हैं. इस फूल का रस या आसव चक्कर आना, हाई ब्‍लड प्रेशर, फुरुनकुलोसिस को ठीक करने में मदद करता है. इसकी पंखुड़ियों से बनी गरमा गरम चाय शरीर दर्द और बुखार को कम करने में मदद करती है. सूजी हुई आंखों को शांत करने के लिए ठंडा होने के बाद इसमें एक कॉटन पैड डुबोएं और उसे आंखों पर लगा लें. इसका उपयोग पाचन विकारों को ठीक करने के लिए भी किया जाता है.

जैस्मिन

सुगंधित सफेद फूलों से बनी चमेली की चाय लंबे समय से चिंता, अनिद्रा और नर्वस सिस्‍टम से जुड़ी समस्‍याओं को दूर करने के लिए इस्तेमाल की जाती है. यह डाइजेशन संबंधी समस्याओं, पीरियड्स के दर्द और सूजन को कम करने के लिए भी फायदेमंद साबित होती है.

 

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फ्रिज में भूलकर न रखें ये मौसमी फल, सेहत को हो सकता है नुकसान

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गर्मी के मौसम में फलों और सब्जियों को खराब होने से बचाने के लिए फ्रिज में रखा जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कुछ सब्जियों और फलों को फ्रिज में रखना नुकसानदायक होता है. इसके अलावा हमारी सेहत पर भी असर पड़ता है. विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के मौसम में आम, तरबूज, लीची सेमत अन्य मौसमी फलों को  फ्रिज में नहीं रखना चाहिए. आप में से ज्यादातर लोग इस बात को सुनकर हैरान हो सकते हैं. लेकिन यही सही है. आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह.

आम और तरबूज गर्मी में सबसे ज्यादा खाएं जाने वाले फल है. इन दोनों चीजों को फ्रिज में रखने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है. साथ ही सन स्ट्रोक से भी बचाता है. एक्सपर्ट्स की माने तो इन दोनों फलों को कम तापमान में रखने से खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. इन फ्रूट्स को काट कर भी नहीं रखना चाहिए. इससे इन फलों का रंग फीका पड़ने लगता है और काट कर रखने की वजह से इसकी स्तह पर बैक्टीरिया पनपने लगते हैं. इसकी वजह से सेहत को नुकसान होता है.

केला –  केले एक सुपर फूड है जो साल भर मिलता है. केले को फ्रिज में नहीं रखना चाहिए. इससे ईथाइलीन नाम की गैस निकलती है जो अन्य फलों को थराब कर सकती हैं.

लीची – गर्मी के मौसम मे ज्यादातर लोग एक साथ अधिक लीची खरीद कर फ्रिज में रख देते हैं. फ्रिज में रखने की वजह से लीची की ऊपरी स्तह ठीक रहती है. लेकिन अंदर का गुदा खराब हो जाता है.

नींबू,संतरे और मौसमी – खट्टे फलों को फ्रिज में ज्यादा देर तक नहीं रखना चाहिए. इन चीजों को फ्रिज में रखने से इसके छिलके पर काले निशान पड़ जाते हैं और इनका रस भी सूखने लगता है.

रूम टेमपरेचर पर रखें

एक्सपर्ट्स के मुताबिक तरबूज, खरबूजा, आम समेत इन सभी फलों के लिए रूम टेमपरेचर बिल्कुल सही है.  इन फलों को ताजा रखने के लिए कुछ देर के लिए ठंडे पानी में रख दें. इसके बाद रूम टेमपरेचर पर रहने दें. हालांकि आप चाहे तो खाने से पहले फल को काट कर 10 से 15 मिनट के लिए फ्रिज में रख सकते हैं. ज्यादा देर तक खुल में रहेंगे तो बैक्टीरिया पनप सकते हैं.

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शरीर ही नहीं दिमाग को भी सेहतमंद रखता है चिया सीड्स, जानें इसके फायदे !

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शरीर को सेहतमंद बनाए रखने के लिए कई तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है. इसके लिए डाइट में कई तरह की चीजों को शामिल करने की सलाह दी जाती है. इन्हीं में से एक है चिया सीड्स. चिया सीड्स काले और सफेद रंग के बहुत छोटे बीज होते हैं, जो साल्विया हिस्पानिका पौधे के बीज होते हैं. इन बीजों में ऐसे कई तरह के फाइबर, खनिज, प्रोटीन और मिनरल्स पाए जाते हैं जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद होते हैं. जानिए किस तरह शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं चिया सीड्स.

  1. चिया सीड्स को प्रोटीन का बहुत अच्छा सोर्स माना जाता है. शरीर में प्रोटीन की कमी दूर करने के लिए इसका प्रयोग अनाज के रूप में किया जा सकता है.
  2. ​​हड्डियों के लिए ​कैल्शियम युक्त आहार लेने की सलाह दी जाती है. चिया सीड्स में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है. दूध के साथ इसका सेवन करने से हड्डियां मजबूत होती हैं.
  3. उम्र के साथ याद्दाश्त में कमी आती है, वहीं आजकल कम उम्र में ही बहुत ज्यादा तनाव होने की वजह से इस तरह की समस्याएं होने लगी हैं. ऐसे में चिया सीड्स का सेवन लाभकारी हो सकता है. चिया सीड्स खाने से मेमोरी पावर बेहतर होती है.
  4. ये बीज फाइबर का अच्छा स्रोत होते हैं, ऐसे में ये बीज पाचन संबन्धी समस्याओं को दूर करने में सहायक होते हैं. ये पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाते है.
  5. जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए भी चिया सीड्स काफी कारगर साबित हो सकते हैं. इन्हें खाने से काफी देर तक पेट भरा रहता है, ऐसे में व्यक्ति ओवर ईटिंग से बच सकते हैं.
  6. चिया के बीजों का सेवन करने से शरीर की कमजोरी दूर होती है और एनर्जी बनी रहती है. इसके अलावा ये स्किन और बालों के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है.

ध्यान रहे

चिया सीड्स में इतने सारे पोषक तत्व होने के बावजूद इसे किसी विशेषज्ञ की सलाह से ही अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए. इसमें फाइबर बहुत ज्यादा होता है, ऐसे में कुछ लोगों को इसके सेवन पेट में दर्द, कब्ज़ और गैस की दिक्कत हो सकती है. कई बार फूड एलर्जी की वजह से दस्त, उल्टी वगैरह भी हो सकती है. इसके अलावा चिया सीड्स शरीर में ग्लूकोज लेवल को बढ़ाते हैं, ऐसे में डायबिटीज के मरीजों को इसे खाने से परहेज करना चाहिए.

 

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नींबू पानी का ज्यादा सेवन कर सकता है नुकसान

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गर्मी का मौसम आते ही आलस, पसीना आना, थकावट होने जैसी कई दिक्कतें सामने आने लगती हैं। ऐसे में लोग खुद को तरोताजा रखने के लिए कई उपाय करते हैं। वहीं, कई लोग तेज धूप और गर्मी से बचने के लिए ठंडा नींबू का पानी पीते हैं। जहां एक तरफ गर्मियों में नींबू का पानी व्यक्ति को राहत देने का काम करता है, तो वहीं दूसरी तरफ नींबू का पानी शरीर को कई लाभ देने का काम भी करता है। जबकि, कोरोना काल में तो नींबू का इस्तेमाल काफी ज्यादा बढ़ गया, क्योंकि नींबू इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार माना जाता है। पानी में नींबू मिलाकर सेवन करने से पोटेशियम, फाइबर और विटामिन-सी व्यक्ति के शरीर को मिलते हैं, शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नींबू का अत्यधिक सेवन व्यक्ति को फायदे की जगह पर नुकसान पहुंचा सकता है? शायद नहीं, तो चलिए जानते हैं इससे क्या-क्या नुकसान पहुंच सकते हैं।

पेट खराब हो सकता है

जब हम ज्यादा या भारी खाना खा लेते हैं, तो ऐसे में कई लोग नींबू के रस का सेवन कर लेते हैं। ऐसा करने से एसिड पाचन में मदद मिलती है। लेकिन कई बार पेट में ज्यादा एसिड होने के कारण व्यक्ति का पेट भी खराब हो सकता है। इसलिए हम ऐसा कर सकते हैं कि नींबू को अपने खाने में मिलाकर खा सकते हैं, ताकि हमें दिक्कत न हो।

दांतों में परेशानी

हमारे सफेद और स्वस्थ दांतों के लिए नींबू पानी का ज्यादा सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है। कई अध्ययन बताते हैं कि नींबू पानी का ज्यादा सेवन करने से दांतों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि नींबू में सिट्रस एसिड होता है, जिसका दांतों में ज्यादा संपर्क होने से दांत संवदेनशील हो जाते हैं। इसलिए नींबू पानी को स्ट्रॉ यानी पाइप की मदद से पीना चाहिए।

खून में आयरन की अधिकता नुकसानदेह

नींबू में विटामिन-सी काफी अधिक मात्रा में पाया जाता है। वहीं, जब हम नींबू का सेवन करते हैं, तो विटामिन-सी हमारे शरीर में आयरन के अवशोषण की क्रिया को प्रोत्साहित करता है। शरीर में विटामिन-सी की अधिकता खतरनाक साबित हो सकती है। साथ ही ये शरीर के आंतरकि अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए नींबू का अधिक सेवन करने से हमें बचना चाहिए।

डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है

नींबू पानी पीने से कई बार पेशाब आने की दिक्कत हो जाती है, जिसकी वजह से शरीर में डिहाइड्रेशन हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है जब नींबू पानी का सेवन करने से बार-बार पेशाब करते हैं, तो ऐसे में शरीर से इलेक्ट्रोलाइट्स और सोडियम जैसे तत्व भी बाहर निकल जाते हैं। वहीं, इनके ज्यादा निष्कासन से व्यक्ति को डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है।

 

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