Connect with us

Etoi Exclusive

देखें मोदी की नई सरकार में कौन कौन से चेहरे शामिल हैं ?

Published

on

मोदी का नया मंत्रिमंडल,नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की दूसरी बार शपथ ले ली है। उनके साथ ही कैबिनेट मंत्रियों ने भी शपथ ली है। नरेंद्र मोदी सहित अभी तक कुल 40 लोगों ने शपथ ली है। इनमें 24 कैबिनेट एवं 16 राज्यमंत्री हैं। देखें मोदी की नई सरकार में कौन कौन से चेहरे शामिल हैं?
नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की दूसरी बार शपथ ले ली है। उनके साथ ही कैबिनेट मंत्रियों ने भी शपथ ली है। नरेंद्र मोदी सहित अभी तक कुल 40 लोगों ने शपथ ली है। इनमें 24 कैबिनेट एवं 16 राज्‍यमंत्री हैं “मोदी कैबिनेट में अनुभव भी युवा शक्ति भी”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर इस पद की आज (30 मई) शपथ ली, शपथ ग्रहण समारोह में देश दुनिया की गणमान्‍य हस्तियां हुई हैं। पीएम मोदी के साथ कई कैबिनेट मंत्री भी शपथ ली। राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह में करीब 8000 मेहमानों के शामिल हुए

पिछली बार की जीत के बाद वर्ष 2014 में मोदी को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दक्षेस देशों के प्रमुखों सहित 3500 से अधिक मेहमानों की मौजूदगी में शपथ दिलाई थी।
लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केबिनेट ने दूसरे कार्यकाल के लिए गुरुवार को शपथ लेने से पहले, अपनी मंत्रिपरिषद को व्यवस्थित रूप देने के लिये भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ अंतिम दौर की वार्ता की,पीएम मोदी के कैबिनेट में इस बार अनुभव के साथ ही युवा शक्ति नजर आई . पीएम मोदी और अमित शाह की बैठक के बाद संभावित मंत्रियों को फोन करके पीएम मोदी से मिलने के लिए बुलाया गया, पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल के लिए कैबिनेट में रविशंकर प्रसाद, सदानंद गौड़ा, पीयूष गोयल, प्रकाश जावेड़कर, जी किशन रेड्डी, साध्वी निरंजन ज्योति, पुरुषोत्तम रुपाला, राम विलास पासवान, रमेश पोखरियाल और मुख्तार अब्बास नकवी मंत्री बनें,,

इस बार शपथ ग्रहण समारोह में बिम्सटेक देशों बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना, नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली, म्यामांर के राष्ट्रपति यू विन मिंट और भूटान के प्रधानमंत्री लोताय शेरिंग ने शामिल हुए। थाईलैंड से उसके विशेष दूत जी बूनराच देश का प्रतिनिधित्व किया। इन नेताओं के साथ-साथ शंघाई सहयोग संगठन के वर्तमान अध्यक्ष और किर्गिस्तान के वर्तमान राष्ट्रपति जीनबेकोव और मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ को भी शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित गया था,,

“जेडीयू ने मोदी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होने का फैसला लिया है। नितीश कुमार ने ऐलान कर दिया है कि वो मोदी मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं होंगे। कहा जा रहा है कि जेडीयू मंत्रिमंडल में सिर्फ एक मंत्री पद मिलने की वजह से नाराज था।”
राम विलास पासवान एक बार फिर मोदी कैबिनेट का अहम हिस्सा,2014 की मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे लोक जनशक्ति पार्टी प्रमुख राम विलास पासवान को इस बार भी मंत्रीमंडल में शामिल किया गया है. पासवान मोदी कैबिनेट का अहम हिस्सा हैं और उन पर इस बार जिम्मेदारियां भी ज्यादा हैं. पासवान के पास 2014 में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय था.
– नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद राजनाथ सिंह ने ली शपथ
छत्तीसगढ़ से सांसद रेणुका सिंह को भी मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल गई है। रेणुका सरगुजा से सांसद हैं। वे रमन सरकार में भी मंत्री रह चुकी हैं। आदिवासी नेता के तौर पर पहचान रखती हैं।
– वी मुरलीधरन महाराष्ट्र से बीजेपी राज्यसभा सांसद है। वे केरल बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्हें भी मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल गई है। मुरलीधरन अंग्रेजी में ग्रेजुएट हैं।
– रतन लाल कटारिया हरियाणा की अंबाला सीट से तीसरी बार बीजेपी सांसद चुने गए हैं। पहली बार 1999 में अंबाला से सांसद बने थे। 2014 में अंबाला से जीतकर रिकॉर्ड बनाया था। कटारिया ने कुमारी शैलजा को छह लाख से ज्यादा वोटों से इस बार हराया है।
 
– बिहार से सांसद नित्यानंद राय को भी नई सरकार में जगह मिली है। उजियारपुर से सांसद राय 2000 से हाजीपुर से लगातार चार बार विधायक भी रह चुके हैं। राय अमित शाह के करीबी भी माने जाते हैं।
– सुरेश अंगाड़ी बेलगाम से चौथी बार सांसद चुनकर आए हैं। मोदी के दूसरे कार्यकाल की सरकार में उन्हें भी मंत्री बनाया गया है। अंगाड़ी पेशे से कारोबारी और शिक्षाविद् हैं। 2004 में इन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव जीता था। बीएस येदियुरप्पा के अंगाड़ी करीबी माने जाते हैं।
 
– हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम रह चुके प्रेम कुमार के बेटे अनुराग ठाकुर को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। हिमाचल के हमीरपुर से ठाकुर चौथी बार सांसद चुने गए हैं। भाजयुमो के भी वे राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं।
 
– संजय धोत्रे ने भी राज्यमंत्री पद की शपथ ली। वे महाराष्ट्र के अकोला से सांसद हैं। लगातार चौथी बार धोत्रे अकोला से जीते हैं।
 
– पश्चिम बंगाल से भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो को एक बार फिर मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल गई है। वे लगातार दूसरी बार आसनसोल से चुनाव जीतें हैं। पिछली बार भारी उद्योग मंंत्रालय के मंत्री रह चुके हैं। वे जाने माने सिंगर रह चुके हैं।
 
– साध्वी निरंजन ज्योति यूपी के फतेहपुर से बीजेपी सांसद हैं। पिछली सरकार में राज्यमंत्री रहे साध्वी ज्योति को इस बार भी जगह मिल गई है। कुंभ 2019 में महामंडलेश्वर थीं। खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की जिम्मेदारी थी पिछली सरकार में।
 
– रामदास अठावले पिछली मोदी सरकार में राज्यमंत्री रहें हैं। इस बार भी उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिल गई है। वे महाराष्ट्र के पंडरपुर से भी सांसद रह चुके हैं। पिछली सरकार में सामाजिक न्याय मंत्री रहे हैं। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हैं। महाराष्ट्र के दलित कद्दावर नेता हैं अठावले
 
– पुरुषोत्तम रुपाला गुजरात से राज्यसभा सदस्य हैं। उन्हें भी मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। गुजरात सरकार में भी रुपाला मंत्री रह चुके हैं। मोदी की पहली सरकार में पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं। अब तक तीन बार राज्यसभा के लिए चुने जा चुके हैं।
 
– जी कृष्ण रेड्डी को भी मोदी सरकार में जगह मिली है। वे तेलंगाना के सिकंदराबाद से सांसद हैं। वे विधायक दल के नेता भी रह चुके है। 25 साल पीएम मोदी के साथ अमेरिका यात्रा कर चुके हैं। पहली बार लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद राज्यमंत्री का पद मिला।
 
– राजसाहब दांडे ने भी राज्यमंत्री की शपथ ली, वे जालना से सांसद हैं।
 
– कृष्णपाल गुर्जर द्वारा भी राज्यमंत्री पद की शपथ ली गई। उन्होंने इस बार हरियाणा से दूसरी बड़ी जीत हासिल की। 2009 से 2013 तक हरियाणा के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहे। पिचली मोदी सरकार में भी गुर्जर राज्यमंत्री रह चुके हैं।
 
– पूर्व जनरल वीके सिंह को एक बार फिर मोदी सरकार में जगह मिल गई है। सिंह भारतीय सेना के चीफ रह चुके हैं। सिंह 2014 में बीजेपी में शामिल हुए थे। फिलहाल गाजियाबाद से सांसद हैं। वे पिछली मोदी सरकार में भी राज्यमंत्री रह चुके हैं।
 
– राजस्थान के बीकानेर से सांसद अर्जुन राम मेघवाल को भी मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। 2013 में मेघवाल सर्वश्रेष्ठ सांसद रह चुके हैं। वे रिटायर्ड IAS हैं। पिछली सरकार में संसदीय कार्य राज्यमंत्री रह चुके हैं।
 
– बक्सर से सांसद अश्विनी कुमार चौबे को राज्यमंत्री बनाया गया है। 5 बार बिहार के विधानसभा सदस्य रह चुके हैं। इन्हें पीएम मोदी के जबर्दस्त समर्थकों में माना जाता है।
 
– फग्गन सिंह कुलस्ते को भी मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल गई है। मध्यप्रदेश में कुलस्ते बीजेपी के बड़े आदिवासी नेता हैं। पिछली सरकार में स्वास्थ्य राज्यमंत्री भी रह चुके हैं।
 
– मनसुख मांडविया राज्यमंत्री की शपथ ली। वे छह बार सांसद बन चुके हैं। सडक परिवर्तन राजमार्ग में राज्यमंत्री रहे हैं। इस बार भी उन्हें स्वतंत्र प्रभार दिया गया है।
 
– हरदीप सिंह पुरी ने भी राज्यमंत्री पद की शपथ ली। वे अमृतसर से इस बार सिंह चुनाव हार चुके है। यूएन में भारत के प्रतिनिधि भी रह चुके हैं। ब्रिटेन और ब्राजील में भारत के राजदूत भी रह चुके हैं पुरी।
 
– आर के सिंह ने भी मोदी मंत्रिमंडल में जगह बनाई है। सिंह यूपीए सरकार में केंद्रीय गृह सचिव रह चुके हैं। 1975 बैच के बिहार कैडर के IPS अधिकारी रह चुके हैं।
 
– किरण रिजिजू को भी मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल गई है। उन्होनें राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की शपथ ली। अरुणाचल पश्चिम से वे फिर सांसद बने हैं। वे नार्थ ईस्ट में बीजेपी का चेहरा है। वे 2004 में पहली बार संसद पहुंचे थे।
 
– डॉ. जितेंद्र सिंह को राष्ट्रपति द्वारा राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार) की शपथ दिलाई गई। उधरपुर से वे दोबारा सांसद चुने गए। कार्मिक और पूर्वोत्तर विकास के राज्यमंत्री रहे।
 
– श्रीपद नाइक नार्थ गोवा से सांसद हैं। उन्हें भी मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल गई है। वे गोवा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पिछली सरकार में आयुष मंत्री रहे हैं।
 
– राव इंद्रजीत सिंह ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। वे पिछली सरकार में भी राज्यमंत्री रह चुके हैं। वे हरियाणा के पूर्व सीएम राव वीरेंद्र सिंह के बेटे हैं।
 
– संतोष कुमार गंगवार ने भी शपथ ग्रहण की। गंगवार फिलहाल बरेली से सांसद हैं। मोदी के पहले कार्यकाल में वित्त राज्यमंत्री रहे चुके हैं।
 
– भाजपा के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह को भी दोबारा मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल गई है। गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी मंत्री पद की शपथ ली। उन्होंने जोधपुर से सीएम अशोक गेहलोत के बेटे को हराया था।
 
– डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय द्वारा भी शपथ ग्रहण की गई। शिवसेना की तरफ से अरविंद सावंत द्वारा मोदी मंत्रिमंडल में जगह बनाई गई है।
 
– भाजपा में मुस्लिम समुदाय के बड़े नेता मुख्ताब अब्बास नकवी ने भी कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली।
 
– पूर्व पेट्रोलियम मंत्री रहे धर्मेंद्र प्रधान को मोदी कैबिनेट में दूसरी बार भी जगह मिल गई है। उनके द्वारा कैबिनेट मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली गई।
 
– राष्ट्रपति द्वारा पीयूष गोयल को भी कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में पीयूष गोयल के पास कई महत्वपूर्ण विभाग रहे। आखिरी वक्त में वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद उनके द्वारा आखिरी बजट भी पेश किया गया।
 
– प्रकाश जावड़ेकर ने भी मोदी कैबिनेट में दूसरी बार मंत्री पद की शपथ ली। पिछली बार उन्हें मानव विकास संसाधन मंत्री बनाया गया था। जावड़ेकर फिलहाल मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं।
 
– डॉ. हर्षवर्धन द्वारा भी कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली गई। हर्षवर्धन दिल्ली से चार बार विधायक रहे हैं। वर्तमान में चांदनी चौक से दूसरी बार सांसद हैं। पिछली बार मोदी कैबिनेट में केंद्रीय विज्ञान एवं पर्यावरण मंत्री रह चुके हैं।
 
– अमेठी से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को हराकर सांसद बनी स्मृति ईरानी को भी मोदी कैबिनेट में जगह मिली है। राष्ट्रपति कोविंद ने उन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई।
 
– अर्जुन मुंडा झारखंड के बड़े आदिवासी नेता हैं। उन्होंने भी कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। झारखंड के मुंडा तीन बार सीएम रह चुके हैं।
 
– मोदी कैबिनेट में रमेश पोखरियाल निशंक भी कैबिनेट मंत्री के तौर पर नजर आएंगे। राष्ट्रपति द्वारा उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। निशंक उत्तराखंड के सीएम भी रह चुके हैं।
 
– पूर्व विदेश सचिव रहे एस जयशंकर ने भी मोदी कैबिनेट में जगह बनाई है। उन्होंने भी पद और गोपनियता की शपथ ली। अमेरिका, चीन सहित कई देशों में भारत के राजदूत रहे हैं।
 
– थावरचंद गेहलोत ने भी मोदी मंत्रिमंडल में दूसरी बार कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। अनुसूचित जाति का बड़ा चेहरा हैं गेहलोत।
 
– सिमरत कौर बादल ने भी कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। नरेद्र सिंह तोमर भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण कर चुके हैं।
 
– रविशंकर प्रसाद ने भी कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। रामविलास पासवान ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
 
– निर्मला सीतारमण ने भी कैबिनेट मंत्री पद की और गोपनीयता की शपथ ली।
 
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां ने भी घर पर टीवी के जरिये नरेंद्र मोदी को पीएम पद की शपथ लेते हुए देखा।
 
– मोदी मंत्रिमंडल में सदानंद गौड़ा ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। गौड़ा जनसंघ के जमाने के अनुभवी और बेदाग छवि वाले नेता हैं।
 
-अमित शाह और नितिन गडकरी ने भी कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ग्रहण की।
 

– राजनाथ सिंह के बाद अमित शाह ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ग्रहण की।

“पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को 17वीं लोकसभा की प्रो-टेम स्पीकर बनाया जा सकता है. मेनका संसद के निचले सदन में आठवीं बार सांसद चुनकर आई हैं और सबसे सीनियर भी हैं. वो नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली पहली राजग सरकार में केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री थीं.”

“मनोहर पर्रिकर की कमी खलेगी,दूसरी सरकार में अपने मंत्रिपद को बरकरार रखते हुए उत्तरी गोवा से पांच बार के सांसद 66 साल के श्रीपद नाइक को अब खुद का राजनीतिक ब्रांड बनाने का मौका “

“बीजेपी के लिए एक कुशल और परिष्कृत प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद की मोदी सरकार में वापसी हुई है. प्रसाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और उनके डिप्टी एल.के. आडवाणी और बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भरोसेमंद साथी रहे हैं

“मोदी मंत्रिमंडल में लगातार दूसरी बार शामिल किए गए प्रकाश जावड़ेकर का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में 30 जनवरी, 1951 को हुआ था. उन्होंने महाराष्ट्र की सांस्कृतिक, शैक्षणिक और आईटी राजधानी पुणे से पढ़ाई की”

“गुजरात से राज्यसभा सदस्य मंडाविया (45) को 2016 में मंत्रिपरिषद में केंद्रीय राज्यमंत्री के तौर पर शामिल किया गया था. वह 2012 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे और फिर 2018 में दोबारा राज्यसभा के लिए चुने गए”

“कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को उनके संसदीय क्षेत्र में हराने वाली स्मृति ईरानी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में वापसी की. एक्ट्रेस से नेता बनी ईरानी मोदी सरकार के ज्यादा दिखने वाले चेहरों में से एक रही हैं और उन्हें अक्सर बीजेपी के दृष्टिकोण को साफगोई से रखने के लिए कहा जाता है.”

“मुंबई में पैदा हुए राज्यसभा सदस्य पीयूष गोयल (55) राजनीतिक परिवार से आते हैं. उनके पिता दिवंगत वेदप्रकाश गोयल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री थे. वह लंबे समय तक बीजेपी के कोषाध्यक्ष रहे.”

जिन्हें फोन का इंतजार रहा

मोदी सरकार में बेहद सक्रिय जेपी नड्डा के पास मंत्री पद को लेकर फोन आने की सूचना नहीं मिली है. वैसे ये नाम हैं जिन्हें अमित शाह के मंत्री बनने पर बीजेपी का अध्यक्ष बनाये जाने की जोरदार चर्चा है
मंत्रियों की संभावित सूची से मेनका गांधी का नाम भी गायब है. नेता चुने जाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने नाम तो नहीं लिया था लेकिन बड़बोले नेताओं को चेतावनी देते हुए मेनका गांधी को भी मैसेज देने की कोशिश की थी
कृषि मंत्री रहे राधामोहन सिंह का नाम भी लापता सूची में पहुंचा लगता है. किसानों को लेकर राधामोहन सिंह के विवादित बयान और विभागीय कामों में भी ढीले-ढाले रहने के कारण हो सकता है
कांग्रेस छोड़ कर बीजेपी में शामिल रीता बहुगुणा जोशी को इलाहाबाद से टिकट दिया गया था और वो चुनाव जीत भी चुकी हैं. योगी सरकार में मंत्री रीता बहुगुणा जोशी को लोक सभा का टिकट दिये जाने के बाद उनके मंत्री बनने के कयास लगाये जा रहे थे,
कांग्रेस छोड़ कर बीजेपी में शामिल रीता बहुगुणा जोशी को इलाहाबाद से टिकट दिया गया था और वो चुनाव जीत भी चुकी हैं. योगी सरकार में मंत्री रीता बहुगुणा जोशी को लोक सभा का टिकट दिये जाने के बाद उनके मंत्री बनने के कयास लगाये जा रहे थे,ऐसे भी नाम हैं जो खुद को मंत्री पद का दावेदार मानते रहे होंगे, लेकिन कॉलिंग लिस्ट से उनके नाम गायब हैं. ये नेता हैं – राज्यवर्धन सिंह राठौर, हर्ष वर्धन, राजीव प्रताप रूडी, अनंत हेगड़े, जयंत सिन्हा, सुरेश प्रभु और महेश शर्मा.
ये नहीं हो रहे हैं शामिल-
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
केरल के मुख्यमंत्री पीनारायी विजयन
मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथांगा
पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह,
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी अपने बस्तर प्रवास के कारण शामिल नहीं हुए
मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथांगा अपने आधिकारिक कार्यक्रमों को लेकर अत्यंत व्यस्तता के कारण गुरुवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो पाए केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए 

आइये देखते हैं कि देश नई सरकार से कौन,, सी बड़ी जनअपेक्षाएँ होंगी जिन्हे पूरा करने का बड़ा दबाव सरकार पर आयद होगा ?कुछ मुद्दे उँगलियों पर गिनाये जा सकते हैं जिनमें कृषि,पानी,बेरोजगारी मद्यनिषेध,उद्योगधन्धे,प्रदूषण,कुपोषण,निरक्षरता,महंगाई,आतंकवाद,भ्रष्टाचार,जनसंख्या,फर्जी मुद्रा,ड्रग्स तस्करी,शिक्षा व्यवस्था,लचर स्वास्थ्य व्यवस्था,साइबर  क्राइम,सेना का अपडेशन,सैन्य क्षमता का विकास,देश में विकास के लिए सामाजिक समरसता को बढ़ावा,भविष्य के वर्ग संघर्ष को रोकने के लिए उचित कानून का निर्माण और संशोधन आदि हैं,,

नरेंद्र मोदी ने सरकार बना ली अब इन पांच सालों में मोदी क्या करेंगे ? अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए मोदी क्या कदम उठाएंगे ? क्या वे भाजपा के हिंदुत्ववादी एजेंडे को आगे बढ़ाएंगे ? या मोदी आर्थिक सुधारों की दिशा में आगे बढ़ेंगे ? खराब आर्थिक रिकॉर्ड के बावजूद मोदी को बहुमत मिला है, इसलिए वे पार्टी के एजेंडे से अलग हो पाएंगे ? मोदी की इच्छा एक बड़ी वैश्विक नेता के रूप में उभरने की भी होगी तो क्या मोदी इन पांच सालों में फिर से विदेश यात्राओं में ही व्यस्त हो जायेंगे ? या वे भारत को  वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाना चाहेंगे ? और भारत एक उन्नत राष्ट्र कैसे बन सकता है,इसके लिए प्रयास करेंगे ? अपने शुरूआती भाषण में उन्होंने अपने पांच साला एजेंडे की हल्की सी झलक जरूर दिखायी है,पर कुछ लोगों का मानना यह भी है वे खुद तो हिन्दुत्व के एजेंडे से अलग रहेंगे,लेकिन इस एजेंडे को आगे बढ़ाने वालों को  रोकेंगे नहीं,कारपोरेट के प्रति उनकी उदारता से लगता है की भूमि अधिग्रहण कानून में बहुत जल्द ही सर्कार पुनः काम करेगी ताकि कंपनियों को अधिक से अधिक भूमि मिल सके, कश्मीर में मोदी अपना नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं,मोदी चाहेंगे कि आर्थिक और विदेश नीतियों संबंधी पहलों को पहले की ही तरह आगे बढ़ाते रहें और खुद को वैश्विक पटल पर संयमित नेता  के रूप में प्रस्तुत करें,और वे अधिक आध्यात्मिक होने का भी  प्रयास  करेंगे बहरहाल अभी सरकार का गठन ही हुआ है ऐसे में कुछ कहना गैर लाजिमी होगा और मोदी एक जटिल व्यक्तित्व के स्वामी है देखना होगा वे देश को किस राह आगे बढ़ाते हैं”
Disclaimer:

हमारे वेबसाइट www.etoinews.com पोर्टल की सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और किसी भी जानकारी की सटीकता, पर्याप्तता या पूर्णता की गारंटी नहीं देता है साथ ही किसी भी त्रुटि या चूक के लिए या किसी भी टिप्पणी, प्रतिक्रिया और विज्ञापनों के लिए जिम्मेदार नहीं है। आपको केवल एक सुविधा के रूप में ये न्यूज या लिंक प्रदान कर रहा है और किसी भी समाचार अथवा लिंक को हमारा वेबसाइट समर्थन नहीं करता है

SHARE THIS

Etoi Exclusive

मोदी का गांधीवाद ?

Published

on

By

मोदी का गांधीवाद ? 

आइये जाने मोदी का गाँधीवाद  ?

भारतीय जनता पार्टी और आर एस एस के इतिहास पर गौर करें तो पाते हैं कि उसकी विचार धरा को स्थापित करने में वीरसावरकर  और दीन दयाल उपाध्याय सर्व प्रमुख रहे हैं  ,,,,,

सावरकर ने भारत के एक सार के रूप में एक सामूहिक “हिंदू” पहचान बनाने के लिए हिंदुत्व का शब्द गढ़ा ,,,,भाजपा लगातार इसी मार्ग पर चल भी रही है,मगर भारत में गैर हिन्दू भी बडी मात्रा में हैं, ऐसे में इस लाइन पर चलकर मोदी जी थोड़े असहज भी हो सकते हैं,हालाँकि मोदी जी की छवि तीसरे पंक्ति के हिंदुत्व वादी बड़े नेता की रही है,यानि वीर सावरकर (पहले वीर सावरकर फिर आडवाणी जी और उनके बिरसा के रूप में मोदी हुए ,इसकी अगली पंक्ति में योगी आदित्य नाथ हुए) के वे सीधे उत्तराधिकारी हैं ,,,,,

इसी तरह मोदी जी को दीनदयाल का एकात्मवादी राजनीतिक दर्शन भी विरासत में मिला जिस पर वे और पूरी भाजपा चलती आयी है,,,दीनदयाल  उपाध्याय जनसंघ के पितृ पुरुष हैं,,,, जिन्होनें भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद नामक विचारधारा दी।वे एक समावेशित विचारधारा के समर्थक थे,जो एक मजबूत व सशक्त भारत चाहते थे,उनका विचार था कि आर्थिक विकास का मुख्य उद्देश्य सामान्य मानव का सुख है।“ भारत में रहने वाला और इसके प्रति ममत्व की भावना रखने वाला मानव समूह एक जन हैं। उनकी जीवन प्रणाली, कला, साहित्य, दर्शन सब भारतीय संस्कृति है। इसलिए भारतीय राष्ट्रवाद का आधार यह संस्कृति है। इस संस्कृति में निष्ठा रहे तभी भारत एकात्म रहेगा .”मोदी ने इस लाइन पर भी चलकर लगातार पहले  गुजरात में फिर देश में नारा दिया “सबका साथ सबका विकास” ये एक समावेशी विकास की कोशिश थी हालाँकि 2014 की  इसी राजनैतिक नारे से शुरुआत हुई फिर राजनीति में गाय,गोबर, गौरक्षक, नोट बंदी और आधे अधूरे तैयारी से शुरू किये जी एस टी के मारे रास्ता राजनीति अपना रास्ता भटक गयी,फिर आखिर में मोदी सावरकर के मूल “राष्ट्रवाद और कट्टर हिंदुत्व” की ओर लौटे,जीत भी हासिल की,पर मोदी को मालूम हैं कि वीर सावरकर और दीन दयाल उपाध्याय का प्रभाव भारत में तो था मग़र उन्हें भारत को विश्व गौरव और खुद को वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करना है तो कुछ बड़ा करना होगा ये बड़ा नाम पटेल और गाँधी हो सकते हैं ,,, उन्होंने देश के उन नामों का बिरसा बनने की कोशिश जारी रखी जिन्हें देश के अंदर और बाहर बहुत सम्मान प्राप्त है, इनमें सरदार पटेल और फिर महात्मा गाँधी थे ,हालाँकि कभी कभी भाजपा नेता गाँधी नेहरू विरासत को कोस भी लेते हैं,मगर मोदी जी ने यह नहीं किया ,,,पिछले चुनाव के दौरान ही उन्होंने गांधी जी के 150 जन्म दिवस को बड़े वैश्विक मंच पर जोर शोर से मनाने की घोषणा की,,, और दूसरी तरफ पटेल की शानदार विशाल मूर्ति गुजरात में स्थापित की ,बहुतायत में राजनेता इसे मोदी जी की राजनीतिक बुद्धिमत्ता मान सकते हैं, मगर ये इसमें वृहद  दूरदर्शिता भी है,,,,,

महात्मा गांधी का राजनीतिक दर्शन,तब से लेकर अब तक बड़ा सामयिक रहा परिणामतः मोदी जी को शांति और अहिंसा के मार्ग पर ही चलना सहज होगा ,,,मतलब साफ है कि आने वाले दिनों में मोदी महात्मा गांधी केउत्तराधिकारी  के रूप में स्थापित होना चाहेंगे, जिसकी दो वजह है, पहली देश के अंदर महात्मा गांधी सर्व स्वीकार्य हैं, दूसरा देश के बाहर पूरी दुनिया में सत्य अहिंसा के पुजारी के रूप में महात्मा गांधी एक वैश्विक राजनीतिक और सामाजिक दार्शनिक के रूप में एक सदी से ज्यादा स्थापित हैं, ऐसे में मोदी के लिए गांधीजी सचमुच एक राजनैतिक आदर्श के रूप में साबित हो सकते हैं, इसके मायने बहुत साफ हैं कि आने वाले दिनों में मोदी के अंदर उसी तरह के  परिवर्तन भी देखने को मिल सकते हैं असल में यही है,,,, मोदी का गांधीवाद है ,,,,,उल्लेखनीय है कि सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा के साथ उन्होंने अपने आप को भी लौह पुरुष के रूप में स्थापित कर दिया है, बालाकोट से लेकर, अनुच्छेद 370 पर दिलेरी से कार्यवाही कर मोदी जी ने उसी चरित्र का अनुगमन किया ,अब मोदी 2 अक्टूबर से साल भर तक चलने वाले गाँधी जी की 150 वीं जयंती मना रहें हैं, ये भी बड़ी दूर दर्शिता होगी,इस रूप में वे दुनिया भर में गाँधी के प्रति कृतग्यता और अपना विनयी व्यक्तित्व बना सकेंगे, ध्यान रहे इसी दूर दृष्टी के कारण मोदी जी आज पुरे भारत के सबसे बड़े नेता के रूप में खुद को स्थापित करने में सफल और भाजपा को सत्ता दिलाने में कामयाब रहे ,,,,,वंदे मातरम

SHARE THIS
Continue Reading

Etoi Exclusive

हरतालिका तीज कब है ? एक या दो सितंबर को ?

Published

on

By

हरतालिका तीज का व्रत कब करें, इसे लेकर उलझन है। दरअसल 1 सितंबर को सुबह में द्वितीय तिथि की भी मौजूदगी के कारण उलझन की स्थिति बन गई है।जन्माष्टमी के बाद अब हरतालिका तीज का व्रत कब करें, इसे लेकर उलझन की स्थिति बन गई है। बिहार सहित झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में किये जाने वाला यह व्रत हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को किया जाता है। यह व्रत मुख्यतौर पर शादीशुदा महिलाएं करती हैं और अपने पति के लिए लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं।
महिलाएं इस दिन नये वस्त्र पहनती हैं, मेहंदी लगाती हैं और श्रृंगार आदि कर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं। हालांकि, इस बार यानी साल 2019 में इसे मनाने की तिथि को लेकर उलझन जैसी स्थिति पैदा हो गई है। हरतालिका तीज-2019 व्रत की तारीख इस बार 1 सितंबर है या फिर 2 सितंबर, इसे लेकर जानकारों और आम लोगों में मतभेद है।

हरतालिका तीज कब है, एक या दो सितंबर?

हरतालिका तीज को लेकर उलझन दरअसल 1 सितंबर को सुबह में द्वितीय तिथि की भी मौजूदगी के कारण शुरू हुई है। चित्रा पक्षीय पंचांग के अनुसार द्वितीय तिथि 1 सितंबर को सुबह 8.27 बजे तक है। इसके बाद तृतीय तिथि शुरू हो रही है और यह अगले दिन यानी 2 सितंबर को सुबह 8.58 में खत्म होगी। ऐसे में इसे 1 सितंबर को मनाया जाना चाहिए। वहीं, ग्रहलाघवी पद्धति से निर्मित पंचांग के अनुसार हरतालिका तीज 2 सितंबर को मनाया जाना चाहिए।
कुछ पंडित 1 सितंबर को तीज के लिए शुभ मान रहे हैं क्योंकि अगर 2 सितंबर को तीज की पूजा की जाएगी, तब चतुर्थी तिथि होगी। कुछ जानकारों का यह भी मत है कि तीज का व्रत 2 सितंबर को ही किया जाए लेकिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा सुबह-सुबह की कर ली जाए। ऐसी उलझन में बेहतर है कि आप भी अपने पुरोहित से इस बारे में स्थिति स्पष्ट कर लें। वैसे अगर आप 1 सितंबर को हरतालीका तीज कर रही हैं तो इसके लिए पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6.05 बजे से रात 8.23 बजे तक का होगा।
गौरतलब है कि हरतालिका तीज व्रत के दौरान महिलाएं करीब 24 घंटे और कई मुहूर्त और तिथि के मुताबिक उससे भी ज्यादा वक्त के लिए निर्जला रहती हैं। यही नहीं, किसी भी प्रकार का अन्न भी ग्रहण नहीं करती हैं। मान्यताओं के मुताबिक माता पार्वती ने सबसे पहले हरतालिका तीज का व्रत किया था। इसके फलस्वरूप उन्हें भगवान शंकर पति के रूप में प्राप्त हुए।

1 सितम्बर रविवार को ही क्यों है?

1 सितंबर रविवार को सुबह 8.27 बजे से तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी और 2 सितंबर सोमवार को ब्रह्ममुहूर्त में 4.57 बजे खत्म होगा।

अर्थात

2 तारीख को सूर्योदय से लगभग 1 घण्टा पहले ही तृतीया तिथि समाप्त होकर चतुर्थी लग जायेगा।

1 तारीख को तृतीया तिथि के साथ हस्त नक्षत्र भी है। हस्त नक्षत्र की तीजा शुभ मानी जाती है।

इसलिये हरतालिका तीजा का व्रत 1 तारीख को ही रखना है

SHARE THIS
Continue Reading

Etoi Exclusive

निर्मला सीतारमण ने कीं आर्थिक सुधारों से जुड़ी घोषणाएँ

Published

on

By

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कीं आर्थिक सुधारों से जुड़ी  घोषणाएँ

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सुधारों का एलान करते हुए कहा कि यह सतत प्रक्रिया है और जारी रहेगी। उन्होंने कई नए कदमों का एलान करते हुए कहा कि व्यापार को और सुगम बनाने के लिए कई स्तर पर कदम उठाए जाएँगे। उन्होंने जीएसटी को और आसाना बनाने और कर प्रणाली को दुरुस्त करने पर भी ज़ोर दिया। 
  • वित्त मंत्री ने आर्थिक मंदी की बात कबूल करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में हर अर्थव्यवस्था मंदी के दौर से गुजर रही है। विकासशील देश ही नहीं, विकिसत देश भी इसकी चपेट में हैं। पूरी दुनिया के सकल घरेलू उत्पाद बढ़ने की दर अब 3.2 प्रतिशत कर दी गई है। हमने ही नहीं, कई संगठनों और संस्थानों ने कहा है कि पूरी दुनिया में माँग कम हो रही है। 
  • निर्मला सीतारमण ने एक और घोषणा करते हुए कहा कि कॉरपोरेट घरानों को सामाजिक दायित्वों का पालन करना चाहिए, पर इसे अपराध नहीं माना जाएगा। जो लोग इसका उल्लंघन करेंगे, उनके ख़िलाफ़ आपराधिक मामला नहीं चलेगा, पर उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जा सकती है। 
  • वित्त मंत्री ने कहा कि श्रम क़ानूनों को और उदार बनाया जाएगा। उन्होंने इसका एलान करते हुए कहा कि तय समय के लिए लोगों को नौकरियों पर रखने की छूट दी जाएगी। इसका मतलब यह है कि कंपनियों को यह छूट मिलेगी कि वे चाहें तो पूरे समय के लिए नौकरी पर न रख कर तय समय के लिए ही लोगों को रखें। इससे कंपनियों को ‘हायर और फ़ायर’ यानी मन मुताबिक नौकरी पर रखने और नौकरी से निकालने की छूट मिल जाएगी।
  • सरकार ने विदेशी संस्थागत निवेशकों से कैपिटल गेन्स टैक्स वापस लेने की घोषणा कर दी है। इसकी घोषणा बजट में की गई थी, जिसके बाद शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी।
  • वित्त मंत्री ने कहा कि हम प्री-फिल्ड आईटी रिटर्न की तरफ बढ़ रहें  है। हमारी अर्थव्यवस्था का मोमेंटम खत्म नहीं हुआ है। हमारे लिए ग्रोथ का एजेंडा सबसे ऊपर है। इसके साथ ही ESIC मे भी राहत का एलान किया है। अधिग्रहण-विलय के लिए आसानी से अनुमति मिल रही है। इसके साथ ही डिफरेंशियल वोटिंग राइट्स में भी संशोधन किया गया है।
  • सभी टैक्स असेसमेंट का काम तीन महीने के भीतर पूरा किया जाएगा। स्टार्टअप रजिस्टर्ड कराने के दौरान इनकम टैक्स का सेक्शन 56 2(b) लागू नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने स्टार्टअप्स के लिए एंजेल टैक्स खत्म कर दिया है।
  • बैंकिंग सेक्टर के लिए राहत का एलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों के लिए 70,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे बैंक पांच लाख करोड़ रुपये के लोन बांट पाएंगे। उन्होंने कहा बैंक अपने एमसीएलआर में कटौती करेंगे ताकि रेपो रेट में कमी का फायदा ग्राहकों को मिल सके। बैंकों ने फैसला किया है कि वे रेपो-रेट से लिंक्ड प्रोडक्ट्स लॉन्च करेंगे। सीतारमण ने कहा कि सरकार बैंक लोन बंद होने के 15 दिनों के भीतर डॉक्यूमेंट ग्राहकों को वापस करेंगे।
2014 से सरकार आर्थिक सुधार पर काम कर रही है। सरकार के एजेंडे में अर्थव्यवस्था में लगातार सुधार करने पर काम हो रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि चीन और अमेरिका में व्यापार युद्ध का असर देखने को मिल रहा है। विश्व भर की सभी जीडीपी की ग्रोथ इस साल 3.2 फीसदी रहने की संभावना है, और इसमें भी गिरावट हो सकती है,,,,

SHARE THIS
Continue Reading

#Chhattisgarh खबरे !!!!

छत्तीसगढ़8 mins ago

छत्तीसगढ़ के स्कूली शिक्षा मंत्री का बैग ट्रेन से चोरी ,प्रशासन में मचा हड़कंप

Click Here To Read Astrological Articles & Contact Astrologer छत्तीसगढ़ के स्कूली शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम का बैग...

देश-दुनिया1 hour ago

मंत्री राम विलास पासवान के मंत्री की शिकायत पर विभाग ने मारा छापा

Click Here To Read Astrological Articles & Contact Astrologer फलों और सब्जियों पर कृत्रिम रंग और केमिकल के जरिए चमकीला...

देश-दुनिया2 hours ago

कश्‍मीर के पूर्व विधायक मोहम्‍मद यूसुफ तारिगामी ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला

Click Here To Read Astrological Articles & Contact Astrologer अनुच्‍छेद 370 पर सीपीआई (एम) नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व विधायक...

छत्तीसगढ़3 hours ago

छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में चुनाव की प्रक्रिया शुरू

Click Here To Read Astrological Articles & Contact Astrologer छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई...

छत्तीसगढ़4 hours ago

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व सीएम रमन सिंह के बीच जुबानी जंग

Click Here To Read Astrological Articles & Contact Astrologer छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित नागरिक आपूर्ति निगम (नान) घोटाले के मुख्य आरोपी...

Advertisement

#Exclusive खबरे

Etoi Exclusive3 weeks ago

मोदी का गांधीवाद ?

मोदी का गांधीवाद ?  Click Here To Read Astrological Articles & Contact Astrologer आइये जाने मोदी का गाँधीवाद  ? भारतीय...

Etoi Exclusive3 weeks ago

हरतालिका तीज कब है ? एक या दो सितंबर को ?

Click Here To Read Astrological Articles & Contact Astrologer हरतालिका तीज का व्रत कब करें, इसे लेकर उलझन है। दरअसल...

Etoi Exclusive4 weeks ago

निर्मला सीतारमण ने कीं आर्थिक सुधारों से जुड़ी घोषणाएँ

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कीं आर्थिक सुधारों से जुड़ी  घोषणाएँ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सुधारों का एलान...

Etoi Exclusive4 weeks ago

5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनामी के मजेदार सपने का सच क्या है ?

5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनामी के सपने का सच ? Click Here To Read Astrological Articles & Contact Astrologer भारत...

Etoi Exclusive4 weeks ago

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैंक्रोन काशी पहुँचे

उत्तर प्रदेश Mar, 12 2018 फ्रांस के राष्ट्रपति पहुंचे काशी, पीएम मोदी ने किया भव्य स्वागत नौका विहार करके रचेंगे...

Advertisement
September 2019
M T W T F S S
« Aug    
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
30  
Advertisement

निधन !!!

Advertisement

Trending