छत्तीसगढ़
ग्राम स्तर पर पेयजल की उपलब्धता का सर्वे कराने और ग्रामवार मॉनिटरिंग करने के लिए निर्देशित किया

जल जीवन मिशन के तहत जिला जल एवं स्वच्छता समिति की साप्ताहिक बैठक का आयोजन आज सुबह कलेक्टर श्री पी.एस. एल्मा की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें अब तक की कार्य-प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान कलेक्टर ने ग्राम स्तर पर स्थित आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों, स्वास्थ्य केन्द्रों सहित अन्य संस्थाओं में शत-प्रतिशत पेयजल के स्रोत की अनिवार्य रूप से उपलब्धता के लिए विकासखण्ड स्तर पर बैठक आयोजित करने के निर्देश कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को दिए।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज सुबह आयोजित बैठक में कलेक्टर ने चारों विकासखण्ड में ब्लॉक स्तर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक शीघ्र आहूत करने के निर्देश दिए, जिसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अनुविभागीय अधिकारी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, खण्ड चिकित्साधिकारी, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग सहित पंचायत सचिवों को बुलाकर ग्राम स्तर पर पेयजल की उपलब्धता का सर्वे कराने और ग्रामवार मॉनिटरिंग करने के लिए निर्देशित किया। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने पेयजल योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए स्वच्छत भारत मिशन के तहत ग्रीन आर्मी के माध्यम से कराने कहा। इस पर कलेक्टर ने प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश कार्यपालन अभियंता को दिए। बैठक में बताया गया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में 941 में से 425 सोर्स उपलब्ध हैं। इस पर कलेक्टर ने शेष कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि जलजीवन मिशन अंतर्गत रेट्रोफिटिंग जल प्रदाय योजना के तहत लक्षित 262 योजनाओं में से 138 की निविदा आमंत्रित की गई है तथा 101 का कार्यादेश जारी किया जा चुका है, जबकि 80 कार्य प्रगति पर हैं। इसी तरह सिंगल विलेज जलप्रदाय योजना के तहत 361 के लक्ष्य के विरूद्ध 46 की निविदा जारी की गई है और 4 का कार्यादेश तथा 3 योजनाएं प्रगतिरत है। सोलर आधारित पेयजल योजना के तहत 80 की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है किन्तु कार्य अप्रारम्भ की स्थिति में हैं। इसके अलावा बैठक में 10 सिंगल विलेज योजनाओं की तकनीकी स्वीकृति प्राप्त योजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति के अनुमोदन का प्रस्ताव रखा गया, जिसका अनुमोदन कलेक्टर द्वारा किया गया। इन 10 योजनाओं की अनुमानित लागत 734.63 लाख रूपए है। बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।


छत्तीसगढ़
राजधानी वासियों को न्यू राजेन्द्र नगर और कमल विहार को जोड़ने वाले ओवरब्रिज के लिए चार माह का इंतजार करना पड़ेगा।
अधिकारियों का कहना है कि भिलाई से गार्डर बनकर आ गया है। ठेकेदार की लापरवाही की वजह से थोड़ी दिक्कत आ रही है।

वासियों को न्यू राजेन्द्र नगर और कमल विहार को जोड़ने वाले ओवरब्रिज के लिए चार माह का इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि ओवरब्रिज पर गार्डर चढ़ाने और उसे फाइनल टच देने के लिए ठेका एजेंसी को कर्मचारी नहीं मिल पा रहे हैं। कर्मचारी ना मिलने का खामियाजा राजधानी की जनता को भुगतना पड़ेगा। वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी ठेका एजेंसी के ऊपर कार्रवाई करने के बजाय किसी तरह काम पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि भिलाई से गार्डर बनकर आ गया है। ठेकेदार की लापरवाही की वजह से थोड़ी दिक्कत आ रही है। गौरतलब है कि न्यू राजेन्द्र नगर से कमल विहार को जोड़ने के लिए एनएच 38 के ऊपर 25 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी ने जनता की जरूरत को समझते हुए ओवरब्रिज का टेंडर 18 मई 2017 को लखनऊ की जीएस एक्सप्रेस-वे नामक कंपनी को काम का जिम्मा सौंपा था।
ओवरब्रिज की लंबाई 786.00 मीटर तथा चौड़ाई 08.40 है। कंपनी ने काम तेजी से शुरू किया था लेकिन उसके बाद कंपनी की गति कम हो गई। जिसका नतीजा यह है कि तीन साल पूरा होने को हो गये हैं, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। जबकि अनुबंध की शर्तों के मुताबिक ओवरब्रिज को मात्र आठ महीने में ही पूरा करना था।
जानिए ओवरब्रिज से कितना मिलेगा फायदा
वर्तमान में रायपुर-अभनपुर-धमतरी मार्ग पर ट्रैफिक जाम की समस्या अक्सर लगी रहती है। ओवर ब्रिज के निर्माण के बाद न्यू राजेन्द्र नगर से कमल विहार जाने वाले यात्री ऊपर से निकल जाएंगे। इससे ट्रैफिक बेहतर होगा। इसके साथ ही काशीराम नगर की ओर से ओवरब्रिज शुरू होते ही पचपेड़ी नाका, राजेंद्र नगर, लालपुर की तरफ वाहनों की आवाजाही बढ़ेगी। काशीराम नगर की ओर से गाड़ियां राजेंद्र नगर में उतरकर सीधे कमल विहार की ओर फ्लाईओवर पर चढेंगी। ओवरब्रिज का निर्माण होने से करीब एक से डेढ़ लाख लोगों को राहत मिलेगी।
नए साल में ओवरब्रिज शुरु होने की उम्मीद
ओवरब्रिज के निर्माण के लिए टेंडर जारी करते समय ठेका एजेंसी को आठ माह के अंदर निर्माण कार्य पूरा करना था। ओवरब्रिज का निर्माण चार साल देरी से चल रहा है। ओवरब्रिज निर्माण कार्य पूरा करने के लिए अधिकारी जल्द पूरा करने का दावा करते हैं। अधिकारी का कहना है कि हाइवे को ऊपर गर्डर चढ़ाने के लिए स्टील गर्डर आ गया है। चढ़ाने की तैयारी की जा रही है। एक या तीन से चार महीने के अंदर ओवरब्रिज का काम पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन जमीनी स्तर पर जिस तरह ओवरब्रिज का काम चल रहा है।
वर्जन
ओवरब्रिज का काम पूरा कर लिया गया है। नेशनल हाइवे पर गार्डर चढ़ाने और अंतिम रूप देने का काम शेष है, जल्द ही इसका भी काम पूरा कर लिया जाएगा।

छत्तीसगढ़
निजी स्कूल के 50 हजार छात्रों को झटका! भूपेश सरकार ने दिए ये निर्दश

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में निजी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे छात्रों को लेकर राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने बड़ा निर्देश दिया है. शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को भी जल्द ऑफलाइन क्लास शुरू करने कहा है. राज्य सरकार ने अगस्त में स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई की अनुमति दे दी थी. सरकारी स्कूल खुले और पढ़ाई भी हो रही है, लेकिन रायपुर अधिकांश निजी स्कूलों में अब भी ऑनलाइन क्लास चल रही है. इसे लेकर जिला शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों से कहा है कि वे जल्द से जल्द ऑफलाइन पढ़ाई शुरू करें. शासन के निर्देशों का पालन करते हुए बच्चों को बुलाएं. रायपुर में निजी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले छात्रों की संख्या 50 हजार से ज्यादा बताई जा रही है.
अब निजी स्कूलों के लिए जिला शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई हो रही है, लेकिन अधिकांश निजी स्कूलों में अभी भी ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है. इस संबंध में पालकों से जानकारी मिली है. इसलिए निजी स्कूल भी कक्षा पहली से लेकर बारहवीं तक की ऑफलाइन पढ़ाई शुरू करें. जिला शिक्षा विभाग से निर्देश जारी होने के बाद संभावना है कि जल्द से जल्द निजी स्कूलों में भी ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होगी. हालांकि, कुछ दिनों के बाद दिवाली की छुट्टियां शुरू हो रही हैं. शिक्षा विभाग के इस निर्देश को ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे उन छात्रों के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है, जो पढाई के बहाने मौज कर रहे थे.
ऑफलाइन हो सकती है परीक्षा
बता दें कि निजी स्कूलों में खासकर सीबीएसई बोर्ड से जुड़े स्कूलों में कुछ दिनों पहले एग्जाम हुए. यह परीक्षा ऑनलाइन मोड में हुई, लेकिन अब ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होने के बाद जब छह माही परीक्षाएं होंगी तो यह परीक्षाएं भी क्लासेस में भी देनी होगी. कुछ निजी स्कूलों ने बताया कि हाफ ईयरली एग्जाम ऑफलाइन होंगे. इसके लिए छात्रों को पहले ही सूचना दे दी गई है. ताकि वे तैयारी करें. इस परीक्षा के बाद पता चलेगा कि बच्चों का स्तर कैसा है. वहीं इस सम्बन्ध में निजी स्कूल एसोसिएशन ने भी जिला शिक्षा अधिकारी को चिट्ठी लिखी थी, जिसके बाद आदेश निकाला गया
इन नियमों का पालन करना होगा
स्कूलों में ऑफलाइन क्लास के लिए वार्ड पार्षद एवं स्कूल की पालक समिति की अनुशंसा जरूरी होगी. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत एवं स्कूल की पालक समिति की अनुशंसा स्कूलों को लेनी होगी. क्लास में क्षमता से आधे छात्र हों, सर्दी-बुखार वाले बच्चों को अनुमति नहीं होगी. छात्रों को कक्षाओं में एक दिन के अंतर में बुलाया जाए.

छत्तीसगढ़
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