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नरेगा जॉब कार्ड लिस्ट 2020 : देखें व अपना नाम चेक करें

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नरेगा जॉब कार्ड लिस्ट 2020 (NREGA Job Card List 2020) ऑनलाइन देखें और नरेगा जॉब कार्ड चेक करें – महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) द्वारा भारत के गरीब परिवारों को रोजगार दिया जाता है।

नरेगा जॉब कार्ड अकाउंट चेक करें

राशि सीधे 100 दिनों के काम को पूरा करने के बाद गरीब लोगों के बैंक खाते में दी जाती है। यदि आपको नरेगा का पेमेंट देखना है तो मनरेगा जॉब कार्ड अकाउंट चेक करने के लिए आप अपने बैंक में जा सकते हैं और अपनी पासबुक को अपडेट कर सकते हैं।

मनरेगा जॉब कार्ड कैसे देखें?

यदि सरकार के द्वारा भुगतान कर दिया जाता है तो आपको अपनी पासबुक में जानकारी मिल जाएगी। यदि राशि स्थानांतरित हो गई है तो आपको पासबुक में भुगतान की जानकारी मिलेगी। आवेदक अपने संबंधित बैंक में जाकर भुगतान के सभी विवरण प्राप्त कर सकते हैं।

आओ जानें कि मनरेगा जॉब कार्ड देखें

नरेगा जॉब कार्ड न्यू स्टेट वाइज के बारे में सभी जानकारी की जाँच करें। हमने हर राज्य के लिए सीधे लिंक प्रदान किए हैं ताकि आप आसानी से सूची की जांच कर सकें।

क्रमांक नरेगा जॉब कार्ड राज्य वार सूची जॉब कार्ड
1 हिमाचल प्रदेश यहां देखें
2 हरियाणा यहां देखें
3 सिक्किम यहां देखें
4 लक्षद्वीप यहां देखें
5 नरेगा जॉब कार्ड लिस्ट राजस्थान 2020 यहां देखें
6 मेघालय यहां देखें
7 मिज़ोरम यहां देखें
8 नरेगा जॉब कार्ड लिस्ट महाराष्ट्र यहां देखें
9 मध्य प्रदेश यहां देखें
10 मणिपुर यहां देखें
11 बिहार यहां देखें
12 पुदुच्चेरी यहां देखें
13 पश्चिम बंगाल यहां देखें
14 पंजाब यहां देखें
15 नागालैंड यहां देखें
16 दादरा और नगर हवेली यहां देखें
17 दमन और दीव यहां देखें
18 त्रिपुरा यहां देखें
19 तमिलनाडु यहां देखें
20 झारखंड यहां देखें
21 जम्मू और कश्मीर यहां देखें
22 छत्तीसगढ़ यहां देखें
23 चंडीगढ़ यहां देखें
24 गोवा यहां देखें
25 गुजरात यहां देखें
26 केरल यहां देखें
27 कर्नाटक यहां देखें
28 ओडिशा यहां देखें
29 उत्तराखंड यहां देखें
30 नरेगा जॉब कार्ड लिस्ट UP 2020 यहां देखें
31 असम यहां देखें
32 अरुणाचल प्रदेश यहां देखें
33 अंडमान और निकोबार यहां देखें
नरेगा में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
  • चरण 1: उम्मीदवार MNERGA की आधिकारिक वेब साइट www.nrega.nic.in पर जाएं
  • चरण 2: मुख पृष्ठ पर, Transparency & Accountability भाग पर क्लिक करें।
  • चरण 3: अब नरेगा जॉब कार्ड चुनें और अपना राज्य चुनें।
  • चरण 4: पूछे गए सभी विवरण दर्ज करें और सबमिट बटन पर क्लिक करें।
  • चरण 5: नरेगा 2020 कार्ड सूची स्क्रीन पर दिखाई देगी।
  • चरण 6: अब आप अपनी नौकरी के बारे में पूरा विवरण देख सकते हैं।
  • चरण 7: नरेगा जॉब कार्ड की हार्ड कॉपी प्राप्त करें और इसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।
MGNREGA जॉब कार्ड पंजीकरण और सत्यापन:

गांव के लोगों को जॉब कार्ड प्रदान करने से पहले, ग्राम पंचायत उम्मीदवार की सभी जानकारी की पुष्टि करता है। यह जानकारी नीचे सूचीबद्ध है-

  • ग्राम पंचायत जाँच करती है कि आवेदक उनके ग्रामीण क्षेत्र के हैं या नहीं।
  • पंचायत परिवार के सदस्य को सुनिश्चित करती है।
  • आवेदन पत्र में परिवार का प्रमाणीकरण करती है।

नरेगा जॉब कार्ड:

  1. नरेगा नौकरी सूची में भारत के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।
  2. MGNREGA जॉब कार्ड उन छोटे लोगों को 100 दिन का रोजगार देता है जिनके पास आय का कोई स्रोत नहीं है।
  3. आप पोर्टल पर सरकार द्वारा घोषित नरेगा की नई राज्यवार सूची डाउनलोड कर सकते हैं।
  4. आप जिस राज्य के हैं, उस लिंक पर क्लिक करके सूची में अपना नाम जांचें।
  5. हर साल ग्रामीण विकास मंत्रालय नरेगा की नई सूची के साथ आता है जिसमें ताजा नाम शामिल होते हैं।
  6. केवल राज्य के गरीब लोग ही इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

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देश - दुनिया

Kisan Aandolan: केंद्र सरकार ने योगेंद्र यादव को संयुक्त किसान मोर्चा से किया निलंबित, किसान संगठनों में नाराजगी

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भारतीय किसान संघ (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने केंद्र सरकार के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन में शामिल योगेंद्र यादव (Yogendra Yadav) को संयुक्त किसान मोर्चा से एक महीने के लिए निलंबित करने पर बड़ा बयान दिया है

संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) ने अप्रत्याशित रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए योगेंद्र यादव को किसान मोर्चा से एक महीने के लिए निलंबित कर दिया है। कहा जा रहा है कि लखीमपुरी खीरी मामले में एक पीड़ित शुभम मिश्रा के घर जाने और हालचाल लेने के कारण योगेंद्र यादव पर संयुक्त किसान मोर्चा ने यह कार्रवाई की है। वहीं, हरियाणा की राजनीति के साथ किसान आंदोलन में दमदार दखल रखने वाले योगेंद्र यादव पर यह कार्रवाई कई सवाल खड़े कर रही है। ऐसे में हम यहां पर बता रहे हैं कि आखिर किस वजह से योगेंद्र यादव के खिलाफ इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है और आखिर क्या है इसकी असली वजह।


लखीमपुर खीरी का बहाना, असल मककद योगेंद्र को चुप कराना

15 अक्टूबर को सिंघु बार्डर पर पंजाब के दलित युवक लखबीर सिंह की हत्या में निहंगों का नाम सामने आने पर संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से योगेंद्र यादव ने जमकर हमला बोला था। निहंगों का आरोप है कि योगेंद्र यादव ने ही सबसे ज्यादा निहंगों की आलोचना की थी। कहा तो यह भी जा रहा है कि योगेंद्र यादव के कहने पर ही संयुक्त किसान मोर्चा ने निहंगों से दूरी बनाने का एलान किया था। इसके बाद निहंगों ने संयुक्त किसान मोर्चा को निशाने पर लेते हुए 27 अक्टूबर को महापंचायत बुलाई है, जिसमें यह तय होगा कि वह सिंधु बार्डर पर प्रदर्शन में शामिल रहेंगे या फिर वापस पंजाब लौट जाएंगे। इस महापंचायत को संज्ञान में लेते हुए योगेंद्र यादव को एक महीने तक निलंबत कर निहंगों को फिर से अपने पाले में लाने के साथ उनकी नाराजगी भी दूर करने की कोशिश की है। हालांकि, इस कार्रवाई के पीछे वजह यह बताई जा रही है कि योगेंद्र यादव ने लखीमपुर हिंसा में मारे गए शुभम मिश्रा के घर गए थे। इससे किसान संगठनों में नाराजगी थी।
निहंग चल रहे थे नाराज

संयुक्त किसान मोर्चा के साथ अग्रिम पंक्ति में खड़े निहंग योगेंद्र यादव के बयान से नाराज थे और एसकेएम पर  दबाव बना रहे थे कि उन पर कोई कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, 27 अक्टूबर को होने वाली बैठक से पूर्व एसकेएम ने कार्रवाई कर निहंगों को साधने का प्रयास किया है। सच बात तो यह है कि संयुक्त किसान मोर्चा अपने सहयोगी निहंगों काे प्रदर्शन स्थल से जाने नहीं देना चाहता है

संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से फिलहाल तो यही कहा गया है कि किसान मोर्चा ने योगेंद्र यादव पर ये कार्रवाई इसलिए की है क्योंकि वो लखीमपुर हिंसा में मारे गए भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता शुभम मिश्रा के घर गए थे और परिवारवालों से मिलकर संवेदना प्रकट की थी।

गौरतलब है कि 3 अक्टूबर को यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में प्रदर्शनकारी किसानों पर थार गाड़ी चढ़ा दी गई थी।  इस हादसे में कुल 4 किसान और एक पत्रकार की जान चली गई थी। इसके बाद  हुई हिंसा में 4 भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत हुई थी।

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देश - दुनिया

जज ही निकला रेपिस्ट, कोर्ट ने बलात्कार और धोखाधड़ी का ठहराया दोषी

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दूसरों को उनके अपराधों की सजा देने वाले एक न्यायाधीश को खुद बलात्कार और धोखाधड़ी के मामले में दोषी ठहराया गया है. जम्मू-कश्मीर की एक फास्ट ट्रैक अदालत  ने अपने फैसले में जज को दोषी पाया है. जम्मू में एक उप-न्यायाधीश पर 2018 में उनसे कानूनी मदद मांगने वाली एक महिला से बलात्कार और धोखाधड़ी का आरोप लगा था. आरोप के बाद उप-न्यायाधीश को निलंबित कर दिया गया था.

Court ने सबूतों को माना सही

‘ग्रेटर कश्मीर’ की रिपोर्ट के अनुसार, दोषी करार दिए गए सब-जज की पहचान राकेश कुमार अबरोल  के रूप में हुई है. फास्ट ट्रैक कोर्ट जम्मू के पीठासीन अधिकारी खलील चौधरी ने अपने फैसले में कहा कि चर्चा से जो निष्कर्ष निकलता है, वह यह है कि रिकॉर्ड पर मौजूद सभी सबूत आरोपी के अपराध की ओर इशारा करते हैं.

कल सुनाई जाएगी न्यायाधीश को सजा

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि प्रस्तुत किए गए साक्ष्य आरोपों को सही दर्शाते हैं. इसलिए आरोपी को धारा 420 और 376 (2) (के) आरपीसी के तहत अपराधों के लिए दोषी ठहराया जाता है. हालांकि, अदालत ने अभी सजा का ऐलान नहीं किया है. कोर्ट में सजा पर शनिवार को सुनवाई होगी. अदालत ने आगे कहा कि प्रभावी व्यक्ति को अपनी पहुंच, प्रभाव और अधिकार को ध्यान में रखते हुए आम जनता के प्रति अधिक जिम्मेदार और संवेदनशील होना चाहिए. उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे अनुभव और ज्ञान के साथ अधिकार और कानून का अर्थ जानते हैं और समझते हैं.

न्यायाधीश  के घर काम करती थी महिला

अभियोजन पक्ष के अनुसार रामबन निवासी पीड़ित महिला की और जज की मुलाकात उस समय हुई जब वह एक केस लड़ रही थी. न्यायिक अधिकारी होने के नाते अबरोल ने कानूनी मदद का वादा किया और उससे घरेलू कार्यों में हाथ बंटाने की बात कही. इसके बाद महिला ने जज के घर काम करना शुरू कर दिया. जज ने महिला को उसकी बेटी को बेहतर शिक्षा देने का वादा भी किया. आरोपी ने उसे 5000 रुपए प्रति माह वेतन देने का वादा भी किया था. इसी दौरान, उसने महिला को अपनी बातों में उलझाकर उसके साथ बलात्कार किया.

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देश - दुनिया

ताबड़तोड़ गोलियां दाग कर दिया ट्रिपल मर्डर पत्नी के चरित्र पर शक ने नीरज को बना दिया हैवान

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हरियाणा के फरीदाबाद के धौज थाना क्षेत्र में गुरुवार अल सुबह एक युवक ने अपने साथी के साथ मिलकर अपनी पत्नी, सास, साले व उसके दोस्त को गोली मार दी। घटना में पत्नी,सास व साले का दोस्त ने तोड़ दिया, जबकि साले को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल दो तमंचे, चाकू और मोटरसाइकिल बरामद कर लिए हैं। आरोपी नीरज को अपनी पत्नी आयशा के के चरित्र पर शक था। इसके आलावा उसका अपने साले गगन से 10 लाख रुपये का लेनदेन भी था। पुलिस ने गगन की शिकायत पर धौज थाने में हत्या, हत्या का प्रयास व आर्म्स एक्ट तहत मामला दर्ज कर लिया है। मूलरूप से पानीपत के समालखा निवासी गगन ने पुलिस को बताया कि बहन आयशा शादी करीब चौदह साल पहले एनआइटी-एक निवासी निवासी नीरज चावला के साथ की थी।

नीरज का एनआइटी में काज-बटन व लेडीज टेलरिंग मैटेरियल का काम है। उनका एक 12 साल का बेटा भी है। नीरज अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था। इस बात को लेकर उनका अक्सर आपस में झगड़ा भी रहता था। इसके चलते करीब एक साल से आयशा अपने बेटे के साथ मायके में रह रही थी। गगन सेक्टर-22 में रहने वाले अपने दोस्त राजन के साथ मिलकर पुरानी कारों व कोठियों की खरीद फरोख्त का काम करता है।  गगन कई सालों से सेक्टर 55 में परिवार के साथ रह रहा था।

करीब  एक माह पहले उसने मोहताबाद में एक मकान किराए पर ले लिया और अपनी पत्नी, बच्चों, मां व बहन के साथ वहीं रहने लगा। दो दिन पहले गगन अपने परिवार के साथ खाटूश्याम घूमने गया था। राजन भी उनके साथ था। वापस आने पर राजन उनके घर रुक गया। बृहस्पतिवार रात खाना खाकर आयशा और सुमन नीचे कमरे में सो गईं। गगन, राजन और 12 वर्षीय भांजा ऊपर कमरे में सोए थे। रात करीब पौने तीन बजे गगन को गोली चलने की आवाज सुनाई दी। उसका जीजा नीरज व उसका दोस्त लेखराज राजन को गोली मार रहे थे। इसके बाद दोनों ने गगन पर भी गोली चलाई, जो उसकी कमर में लगी। इसके बाद दोनों आरोपी नीचे गए और गगन की बहन आयशा और मां सुमन को गोली मार दी। इसके बाद आरोपियों ने आयशा और सुमन पर चाकू से भी वार किये। वारदात के बाद दोनों फरार हो गए। इस घटना में गगन घायल हो गया था। उसने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और गगन को अस्पताल में भर्ती कराया।पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह का कहना है कि दोनो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

 

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