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ज्योतिष

दीपावली पूजन 2021 मुहूर्त सामग्री विधि

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पंचांग 04/11/2021
विक्रम संवत्: 2078, कार्तिक मास ,कृष्णपक्ष,गुरूवार तिथि: अमावस्या – 26:47:01 तक नक्षत्र: चित्रा – 07:43:36 तक, स्वाति – 29:08:30 तक
करण: चतुष्पाद – 16:28:29 तक, नाग – 26:47:01 तक
योग: हर्षण – 25:12:00 तक
सूर्योदय: 06:34:53 AM
सूर्यास्त: 17:34:09 PM
चन्द्रमा: तुला राशि
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या 4 नंवबर 2021 दिन गुरुवार को दिवाली मनाई जाएगी है. इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और भगवान गणेश जी की पूजा की जाती ,इस दिन एक साथ चार ग्रहों की युति बन रही है. दिवाली पर तुला राशि में सूर्य, बुध, मंगल और चंद्रमा मौजूद रहेंगे.
इस दिन एक साथ चार ग्रहों की युति बन रही है. तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं. लक्ष्मी जी की पूजा से शुक्र ग्रह की शुभता में वृद्धि होती है. ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को लग्जरी लाइफ, सुख-सुविधाओं आदि का कारक माना गया है. दिवाली पर तुला राशि में सूर्य, बुध, मंगल और चंद्रमा मौजूद रहेंगे. ज्योतिष शास्त्र सूर्य को ग्रहों का राजा, मंगल को ग्रहों का सेनापति और बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा गया है. इसके साथ ही चंद्रमा को मन का कारक माना गया है. वहीं सूर्य पिता तो चंद्रमा को माता कारक माना गया है

इन राशियों पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा-

दिवाली पर वृषभ, कर्क, तुला और धनु राशि पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरस सकती है। इस दिन लक्ष्मी जी का विधि-विधान के साथ पूजन करना चाहिए। दान-पुण्य भी करना चाहिए। मिथुन, कन्या, मकर और कुंभ राशि वालों को दिवाली के दिन लक्ष्मी जी की प्रतिमा के सामने मंत्र का जाप करना चाहिए। मेष, सिंह, वृश्चिक और मीन राशि वालों को भगवान गणेश व शिव परिवार की पूजा करना उत्तम रहेगा।

दिवाली का पर्व सुख-समृद्धि और वैभव का प्रतीक है. मान्यता है कि दिवाली पर लक्ष्मी जी का पूजन करने और उनकी पूजा-अर्चना करने से जीवन में यश-वैभव बना रहता है और जीवन में धन की कमी दूर हो जाती है. मान्यता है कि अगर दिवाली का पूजन शुभ मुहूर्त में किया जाए, तो वे अधिक लाभदायी होता है
शुभ मुहूर्त का समय :
अभिजीत मुहूर्त 11:19 AM से 12:04 PM
अमृत काल मुहूर्त 09:16 PM से 10:42 PM
विजय मुहूर्त 01:33 PM से 02:17 PM
गोधूलि मुहूर्त 05:04 PM से 05:28 PM
संध्या मुहूर्त 05:15 PM से 06:32 PM
निशिता मुहूर्त 11:16 PM से 12:07 AM, Nov 05
ब्रह्म मुहूर्त 04:25 AM, Nov 05 से 05:17 AM, Nov 05
प्रातः 04:51 AM, Nov 05 से 06:08 AM, Nov 05
प्रदोष काल: 17:34:09 से 20:10:27 तक
वृषभ काल: 18:10:29 से 20:06:20 तक
दिवाली पर निशिता काल मुहूर्त
निशिता काल: 23:39 से 00:31, नवम्बर 05
सिंह लग्न: 00:39 से 02:56, नवम्बर 05
अशुभ मुहूर्त का समय : (इस काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है)
राहुकाल: 13:26:56 से 14:49:20 तक
दुष्टमुहूर्त: 10:14:38 से 10:58:35 तक, 14:38:21 से 15:22:18 तक
कुलिक: 10:14:38 से 10:58:35 तक
कालवेला / अर्द्धयाम: 16:06:15 से 16:50:12 तक
यमघण्ट: 07:18:50 से 08:02:47 तक
कंटक: 14:38:21 से 15:22:18 तक
यमगण्ड: 06:34:53 से 07:57:17 तक
गुलिक काल: 09:19:42 से 10:42:06 तक
दिशा शूल : इस दिन दक्षिण इस दिशा में यात्रा शुभ नहीं
दिवाली पर सिर्फ शुभ मुहूर्त के हिसाब से पूजन करना ही काफी नहीं होता, बल्कि पूजन की विधि भी ठीक होनी चाहिए. मान्यता है कि विधि पूर्वक की गई पूजा का ही लाभ मिलता है,इस दिन सवेरे उठकर स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहन लें और पूरे मन के साथ पूजा अर्चना करनी चाहिये
दिवाली पर सिर्फ शुभ मुहूर्त के हिसाब से पूजन करना ही काफी नहीं होता, बल्कि पूजन की विधि भी ठीक होनी चाहिए
लक्ष्मी पूजन की सामग्री :
लक्ष्मी की पूजा दिवाली के दिन काफी अहम मानी जाती है। अगर आप विधिपूर्वक और जरूरी पूजन सामग्रियों का उपयोग नहीं करते हैं तो पूजा का फल नहीं मिलेगा। इसलिए पूजा के लिए इन सामग्रियों को पहले जुटा लें- कलावा, रोली, सिंदूर, एक नारियल, घी, कलश, कलश हेतु आम का पल्लव, चौकी, समिधा, हवन कुण्ड, अक्षत, लाल वस्त्र , फूल, पांच सुपारी, लौंग, पान के पत्ते, हवन सामग्री, कमल गट्टे, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल), फल, बताशे, मिठाईयां, पूजा में बैठने हेतु आसन, हल्दी, अगरबत्ती, कुमकुम, इत्र, दीपक, रूई, आरती की थाली। कुशा, रक्त चंदनद, श्रीखंड चंदन,गुड़, धनिया, फल, फूल, जौ, गेहूं, दूर्वा, चंदन, सिंदूर, पंचामृत, दूध, मेवे, खील, बताशे, जनेऊ, श्वेस वस्त्र, इत्र, चौकी, कलश, कमल गट्टे की माला, शंख, आसन,धान्य (चावल, गेहूँ),लेखनी (कलम),बही-खाता, स्याही की दवात,तुला (तराजू), पुष्प (गुलाब एवं लाल कमल),एक नई थैली में हल्दी की गाँठ मान्यता है कि विधि पूर्वक की गई पूजा का ही लाभ मिलता है. इस दिन सवेरे उठकर स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहन लें और पूरे मन के साथ पूजा अर्चना करनी चाहिये
कुछ मान्यताओं के अनुसार इस दिन देवी लक्ष्मी का आगमन हुआ था। साथ ही भगवान राम की अयोध्या वापसी हुई थी। इसलिए राम दरबार की पूजा भी दिवाली पूजन के दौरान की जाती है। जानिए दीपों के त्योहार दीपावली पर कैसे करें पूजन…दीपावली पूजन विधि :
– एक चौकी लें उस पर साफ कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी, सरस्वती व गणेश जी की प्रतिमा रखें। मूर्तियों का मुख पूर्व या पश्चिम की तरफ होना चाहिए।
– अब हाथ में थोड़ा गंगाजल लेकर उनकी प्रतिमा पर इस मंत्र का जाप करते हुए छिड़कें।
ऊँ अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोपि वा। य: स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स: वाह्याभंतर: शुचि:।।
जल अपने आसन और अपने आप पर भी छिड़कें।
– इसके बाद मां पृथ्वी को प्रणाम करें और आसन पर बैठकर हाथ में गंगाजल लेकर पूजा करने का संकल्प लें।
– इसके बाद एक जल से भरा कलश लें जिसे लक्ष्मी जी के पास चावलों के ऊपर रखें। कलश पर मौली बांधकर ऊपर आम का पल्लव रखें। साथ ही उसमें सुपारी, दूर्वा, अक्षत, सिक्का रखें।
– अब इस कलश पर एक नारियल रखें। नारियल लाल वस्त्र में इस प्रकार लपेटें कि उसका अग्रभाग दिखाई देता रहे। यह कलश वरुण का प्रतीक है।
– अब नियमानुसार सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें। फिर लक्ष्मी जी की अराधना करें। इसी के साथ देवी सरस्वती, भगवान विष्णु, मां काली और कुबेर की भी विधि विधान पूजा करें।
– पूजा करते समय 11 या 21 छोटे सरसों के तेल के दीपक और एक बड़ा दीपक जलाना चाहिए। एक दीपक चौकी के दाईं ओर एक बाईं ओर रखना चाहिए।
– भगवान के बाईं तरफ घी का दीपक जलाएं। और उन्हें फूल, अक्षत, जल और मिठाई अर्पित करें।
– अंत में गणेश जी और माता लक्ष्मी की आरती उतार कर भोग लगाकर पूजा संपन्न करें।
– जलाए गए 11 या 21 दीपकों को घर के सभी दरवाजों के कोनों में रख दें।
– इस दिन पूजा घर में पूरी रात एक घी का दीपक भी जलाया जाता है।

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28/03/2021 का पंचांग एवं राशिफल (होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय की परंपरा)

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  • रायपुर (etoi news)  27.03.2021
  • दिनांक 28.03.2021 का पंचाग
  • शुभ संवत 2077 शक 1942 सूर्य उत्तरायन का …फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि … रात्रि को 12 बजकर 18 मिनट तक … दिन … रविवार … उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र … शाम को 05 बजकर 36 मिनट तक … आज चंद्रमा … कन्या राशि में … आज का राहुकाल दोपहर 04 बजकर 44 मिनट से 06 बजकर 16 मिनट तक होगा…

होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय की परंपरा –

होलिका दहन, होली त्यौहार का पहला दिन, फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसके अगले दिन रंगों से खेलने की परंपरा है जिसे धुलेंडी, धुलंडी और धूलि आदि नामों से भी जाना जाता है। होली बुराई पर अच्छाई की विजय के उपलक्ष्य में मनाई जाती है।

कब करें पूजन – प्रदोषकाल में होलिका दहन शास्त्रसम्मत है तभी पूजन करना चाहिए। प्राय: महिलाएं पूजन कर ही भोजन ग्रहण करती हैं।

पूजन सामग्री – रोली, कच्चा सूत, पुष्प, हल्दी की गांठें, खड़ी मूंग, बताशे, मिष्ठान्न, नारियल, बड़बुले आदि।

होलिका दहन पूजा विधि- 

– होलिका दहन से पहले पूजा की जाती है।

– इस दौरान होलिका के पास जाकर पूर्व या उतर दिशा की ओर मुख करके बैठकर पूजा करनी चाहिए।

– कच्चे सूत को होलिका के चारों और तीन या सात परिक्रमा करते हुए लपेटना होता है।

– शुद्ध जल व अन्य पूजन सामग्रियों को एक-एक कर होलिका को समर्पित किया जाता है।

– पूजन के बाद जल से अर्ध्य दिया जाता है.

– एक लोटा जल, माला, रोली, चावल, गंध, पुष्प, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी, मूंग, बताशे, गुलाल, नारियल आदि।

– नई फसल के अंश जैसे पके चने और गेंहूं की बालियां भी शामिल की जाती हैं।

यथाशक्ति संकल्प लेकर गोत्र-नामादि का उच्चारण कर पूजा करें।

सबसे पहले गणेश व गौरी इत्यादि का पूजन करें। ‘ॐ होलिकायै नम:’ से होली का पूजन कर

‘ॐ प्रहलादाय नम:’ से प्रहलाद का पूजन करें। पश्चात ‘ॐ नृसिंहाय नम:’ से भगवान नृसिंह का पूजन करें, तत्पश्चात अपनी समस्त मनोकामनाएं कहें व गलतियों के लिए क्षमा मांगें। कच्चा सूत होलिका पर चारों तरफ लपेटकर 3 परिक्रमा कर लें।

अंत में लोटे का जल चढ़ाकर कहें- ‘ॐ ब्रह्मार्पणमस्तु।’

होली की भस्म का बड़ा महत्व है। इसे चांदी की डिब्बी में भरकर घर में रखा जाता है। इसे लगाने से प्रेतबाधा, नजर लगने आदि के लिए उपयोग में लिया जाता है।

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ- 28 मार्च 2021 को देर रात 03:28 बजे से

पूर्णिमा तिथि समाप्त- 29 मार्च 2021 को रात 12:18 बजे तक

होलिका दहन रविवार, 28 मार्च 2021

होलिका दहन मुहूर्त- शाम 6:37 से रात 08:56

होली पर्व पर राशि अनुसार विशेष उपाय –

मेष राशि –

इस राशि वाले लोग होलिका दहन के समय कांसे की कटोरी में थोड़ा सा धनिया के बीज, कुछ दाने साबूत मूंग के, पीपल के पांच पत्ते और हल्दी का एक गांठ इन सारी सामग्रियों को अपने हाथ में रख कर ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे का 108 बार जाप करके इस सामग्री को होलिका दहन के समय अग्नि को समर्पित कर दें। सारी समस्याओं का निवारण हो जाएगा।

दूसरे दिन ब्रह्ममुर्हूत्त में जहाँ होली जली थी वहाँ की थोड़ी राख, सात तांबे के छेद वाले सिक्के, लाल कपड़े में बांधकर अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान के मुख्य द्वार पर टांग दें या इस सामग्री को अपनी तिजोरी में रख दें, धन लाभ अवश्य होगा।

वृष राशि –

इस राशि के लोग चाँदी की कटोरी में थोड़ा सा दूध, थोड़ा चावल, नीम के पांच पत्ते डाल दें। थोड़ा पांच चुटकी शक्कर, इन सारे सामानों को होलिका दहन के समय शिव गायत्री का 108 बार जाप करके अग्नि को समर्पित कर दें। कैसी भी व्यापारिक समस्या होगी उसका निवारण हो जाएगा।

होली के प्रात:काल सफेद कपड़े में होलिका दहन की राख और एक सिक्का चाँदी का बांध लें। इस सामग्री को अपनी तिजोरी में रख दें। कारोबारी सारी समस्याओं का निवारण होगा।

मिथुन राशि –

इस राशि के लोग होलिका दहन के समय एक तांबे की कटोरी में चमेली का तेल, पांच लौंग और आंवले के पेड़ के पांच पत्ते, थोड़ा सा गुड़ रख दें। मंगल गायत्री का 108 बार जाप करते हुए समस्त सामग्री को होलिका दहन के समय होलिका में अर्पित कर दें। प्रात:काल सुबह होली की थोड़ी सी राख लेकर आएं और उस राख को चमेली के तेल में मिला कर अपने शरीर पर मालिश करें। किसी भी तरह के नजर दोष अथवा स्वास्थ्य संबंधी कष्ट समाप्त होगा।

हरे कपड़े में होलिका दहन की राख, 3 हरे हकीक के पत्थर बांधकर अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान के मुख्य द्वार पर बांध लें या इस सामग्री को तिजोरी में रख दें। कारोबारी समस्या का निवारण अवश्य होगा।

 

कर्क राशि –

इस राशि वाले लोग एक कटोरी में थोड़ा सा दही रख लें, फिर उसमें पांच चुटकी चावल भी डाल लें, सफेद अर्क के सात पत्ते और नारियल की मिठाई ले लें। इन सबको कटोरी में रख कर अपने हाथ में रख लें। महामृत्युंजय का 108 बार जाप करके अग्नि को समर्पित कर दें। इससे सारी समस्याओं का निवारण हो जाएगा।

प्रात:काल सफेद कपड़े में होलिका दहन की राख 7 चुटकी, 7 गोमती चक्र बांधकर दुकान, व्यापारिक प्रतिष्ठान या घर के मुख्य द्वार पर लटका दें अथवा अपनी तिजोरी में रख दें। महालक्ष्मी की कृपा अवश्य होगी।

सिंह राशि –

होलिका दहन के दिन कांसे की कटोरी में थोड़ा सा घी ले लें, कुछ दाने गेहूं, पारिजात वृक्ष के पांच पत्ते, कटोरी में रखकर अपने हाथ में ले लें और सूर्य गायत्री का 108 बार जाप करके समस्त सामग्री को होलिका को समर्पित कर दें। सारी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।

सुनहरे कपड़े में 5 चुटकी होलिका दहन की राख, तांबे के पत्र पर खुदा हुआ सूर्य यंत्र, पांच तांबे के पुराने सिक्के बांधकर जहाँ धन रखते हैं, यदि वहाँ रख दिया जाए तो व्यावसायिक प्रतिकूलताओं का शमन होगा।

कन्या राशि –

ताम्बे की कटोरी में आंवले का थोड़ा सा तेल ले लें और पांच पत्ते नीम, पांच इलायची, नारियल से बनी मिठाई, इन सारी सामग्री को कटोरी में डाल कर अपने हाथ में रख लें और 108 बार बुध के बीज मंत्र का जाप करते हुए सारी सामग्री को हालिका में दहन कर दें। सारी समस्याओं का निवारण हो जाएगा।

हरे कपड़े में होलिका दहन की राख, छेद वाले तांबे के सात सिक्के बांध कर दुकान, व्यापारिक प्रतिष्ठान आदि के मुख्य द्वार पर टांग दें या अपने तिजोरी में रखने से कारोबार में वृध्दि होगी और सारी समस्याओं का निवारण हो जाएगा।

तुला राशि –

चाँदी की कटोरी में गाय के दूध की खीर ले लें, पांच प्रकार के फल एवं पंच पल्लव इन सारी सामग्रियों को अपने हाथ में रख कर शिव मंत्र यानी ॐ नम: शिवाय का 108 बार जाप करके होलिका दहन के समय यह समस्त सामग्री अग्नि को समर्पित कर दें। सारी समस्याओं का निवारण हो जाएगा।

सफेद रंग के कपड़े में होलिका दहन की राख, 7 कोड़ियां पीली धारी वाली बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें। अवश्य लाभ होगा।

वृश्चिक राशि –

इस राशि के जातक तांबे की कटोरी में चमेली का तेल डाल कर, पांच साबूत लाल मिर्च, बुंदी का लड्डू, पांच गूलर के पत्ते, इन समस्त सामग्री को अपने हाथ में रखकर ॐ हं पवननन्दनाय स्वाहा का 108 बार जाप करके सारी सामग्री अग्नि को समर्पित कर दें। सारी समस्याओं का निवारण हो जाएगा।

लाल कपड़े में 17 चुटकी होलिका दहन की राख, 1 लाल मूंगा बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें। कारोबार सम्बंधित सारी समस्या का निवारण होगा।

धनु राशि –

एक पीतल की कटोरी में देसी गाय का थोड़ा सा घी, थोड़ा सा गुड़, कुछ चने की दाल, पांच आम के पत्ते डाल अपने हाथ में रख लें फिर बृहस्पति गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करके इन समस्त सामग्रियों को होलिका दहन के समय अग्नि को समर्पित कर दें। सारी समस्याओं का निवारण हो जाएगा।

पीले कपड़े में होलिका दहन की राख एवं 11 पीली कोड़ियां बांधकर अपनी तिजोरी में रख लें। कारोबार सम्बंधी कष्टों से छुटकारा मिल जाएगा।

मकर राशि –

एक लोहे की कटोरी में सरसों का तेल थोड़ा सा लें, उसमें काली तिल, पांच बरगद के पत्ते, एक गुलाब जामुन, इन समस्त सामग्रियों को अपने हाथ में लेकर ॐ शं शनैश्चराय नम: इस मंत्र का 108 बार जाप करके इस समस्त सामग्री को हालिका दहन के समय अग्नि में समर्पित कर दें। सारी समस्याओं का निवारण हो जाएगा।

नीले कपड़े में 11 चुटकी राख, 11 छोटी लोहे की कील बांधकर घर या व्यापारिक संस्था के मुख्य द्वार पर लटका दें। सारी समस्याओं का निवारण हो जाएगा।

कुम्भ राशि –

एक स्टील की कटोरी में तिल का तेल, 108 दानें साबूत उड़द के, शमी के कुछ पत्ते, पांच काली मिर्च, कमलगटटा, इन समस्त सामग्री को अपने हाथ में रख कर मंगलकारी शनि मंत्र की 108 बार जाप करके होलिका दहन के समय अग्नि को समर्पित कर दें। सारी समस्याओं का निवारण हो जाएगा।

काले कपड़े में 11 चुटकी होलिका दहन की राख, 7 काजल की डिब्बी बांधकर कारोबारी प्रतिष्ठान के मुख्य द्वार पर लटका दें। सारी समस्याओं का निवारण हो जाएगा।

मीन राशि –

कांसे की कटोरी में बादाम का तेल थोड़ा सा उसमें चने की दाल के, थोड़ी सी पीली सरसो, आम के पांच पत्ते, एक गांठ हल्दी, इन समस्त सामग्री को अपने हाथ में लेकर ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं गुरवे नम: मंत्र का 108 बार जाप करके इन समस्त सामग्रियों को हालिका दहन के दिन अग्नि को समर्पित कर दें। सारी समस्याओं का निवारण हो जाएगा।

पीले कपड़े में होलिका दहन की राख, तांबे के 7 सिक्के और 11 कौड़ी बांधकर घर, दुकान, व्यापारिक प्रतिष्ठान के मुख्य द्वार पर लटका दें। सारी व्यावसायिक पीड़ाओं से छुटकारा मिलेगा।

 

 

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27/03/2021 का पंचांग एवं राशिफल (शनिवार करें ऋणमुक्तेश्वर का पाठ और पायें कर्ज और ऋण से मुक्ति)

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  • रायपुर (etoi news)  26.03.2021
  • दिनांक 27.03.2021 का पंचाग
  • शुभ संवत 2077 शक 1942 सूर्य उत्तरायन का …फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष चर्तुदशी तिथि … रात्रि को 03 बजकर 28 मिनट तक … दिन … शनिवार … पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र … रात्रि को 07 बजकर 52 मिनट तक … आज चंद्रमा … सिंह राशि में … आज का राहुकाल दिन 09 बजकर 06 मिनट से 10 बजकर 37 मिनट तक होगा…

शनिवार करें ऋणमुक्तेश्वर का पाठ और पायें कर्ज और ऋण से मुक्ति –

          वर्तमान मॅहगाई को देखते हुए सभी आवश्यक कार्यो जैसे दैनिक दैनिंदन कार्य, बच्चों की षिक्षा विवाह के लिए हो या मकान वाहन के लिए आर्थिक संकट हो सकता है। इन परिस्थितियों में कई बार कर्ज लेना जरूरी हो गया है। कुछ कर्ज आसानी से चुक जाते हैं तो कई कर्ज बोझ बढ़ाने का ही कार्य करते हैं। अतः यदि कर्ज लेते समय नक्षत्र, लग्न एवं राशि पर विचार करते हुए अपनी ग्रह दशाओं के अनुकूल या प्रतिकूल परिस्थितियों का निर्णय लेते हुए कर्ज लिया जाए तो बोझ ना होकर ऐश्वर्या तथा उन्नति बढ़ाने का साधन भी बन सकता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में भाग्येश, आयेश या सुखेश विपरीत कारक हो तथा इनमें से किसी की दशा चल रही हो तो लिया गया कर्जा आसानी से नहीं चुकता। चर लग्न में कर्जा लेना इसलिए उचित होता है क्योंकि इस लग्न में कर्ज आसानी से चुक जाता है किंतु इस लग्न में कर्ज देना उचित नहीं होता। वहीं पर द्विस्वभाव लग्न में लिया गया कर्ज चुकाने के उपरांत भी चुका हुआ नहीं दिखता। स्थिर लग्न में लिया गया कर्ज चुकाने में बहुत कष्ट, विवाद की संभावना होती है अतः इन लग्नों में कर्ज लेने से बचना चाहिए। उसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति की कुंडली में अपनी राशि तथा ग्रह स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए कर्ज लेना या देना चाहिए। इस प्रकार यदि कोई कर्ज परेशानी का सबब बन गया हो तो उसे शनि की शांति कराना, काली वस्तुओं का दान करना एवं मंत्रजाप करना चाहिए। शनिवार को ऋणमुक्तेश्वर महादेव का पूजन करना चाहिए। श्रीहनुमानजी के चरणों में मंगलवार और शनिवार को तेल और सिंदूर चढ़ाएं तथा बजरंग बाण का पाठ करें।

इसके अलावा अन्य उपाय भी लाभकारी होते हैं जिनमें से

-अपने घर के ईशान कोण को सदैव स्वच्छ व साफ रखें।

-ऋणमोचन मंगल स्तोत्र का पाठ करने से अवश्य लाभ होता है।

-मंगलवार को शिव मंदिर में जाएं और शिवलिंग पर मसूर की दाल “ॐ ऋण-मुक्तेश्वर महादेवाय नमः” मंत्र बोलते हुए चढ़ाएं।

-लाल मसूर की दाल का दान करने से भी लाभ मिलता है।

गजेन्द्र-मोक्ष-स्तोत्र” का नित्य एक पाठ करना चाहिए।

आज के राशियों का हाल तथा ग्रहों की चाल-

मेष राशि –

     कार्य में तेजी दिखाई देगी….

     सत्तापक्ष से लाभ जिसमें विशेषकर…..

     वाहन एवं मकान संबंधी कार्यो में लाभ की संभावना….

शुक्र से उपाय –

     ऊॅ शुं शुक्राय नमः का जाप करें…

     मा महामाया के दर्शन करें…

     चावल, दूध, दही का दान करें…

 

वृषभ –

     संतानपक्ष से संबंधित शुभ समाचार की प्राप्ति….

     नौकरी के प्रयास में सफलता मिलेगी….

     किसी से मधुर संबंध पारिवारिक विवाद का कारण होगा…

     रूका धन वापस मिल सकता है….

     स्कीन एलर्जी संबंधित कष्ट….

शनि के उपाय –

     ‘‘ऊॅ शं शनैश्चराय नमः’’ की एक माला जाप कर दिन की शुरूआत करें…..

     उड़द या तिल दान करें….

 

मिथुन –

     बिजनेस से वित्तीय लाभ मिलेगी….

     किसी को धन उधार देना पड़ सकता है….

     संतान पक्ष से दुखी होंगे….

     रक्त विकास संभव….

आज लाभ की स्थिति को बनाये रखने के लिए…..

     ऊॅ गं गणेशाय नमः का एक माला जाप करें….

     पौधे का दान करें…..

     इलायची खायें एवं खिलायें…..

 

कर्क –

     शेयर या लाटरी में अचानक हानि की संभावना…

     प्रतिद्वंतिदयों से विवाद या हानि की संभावना….

     मामा या ममेरे भाईयों का साथ दिन को बेहतर बना सकता है….

     छुट्टियों का आनन्द लेंगे…

राहु से संबंधित कष्टों से बचाव के लिए –

     ऊॅ रां राहवे नमः का एक माला जाप कर दिन की शुरूआत करें..

     सूक्ष्म जीवों को आहार दें..

 

सिंह –

     नई विद्या पर कार्य की शुरूआत या…..

     नये योजना से कार्य करने से लाभ…

     नये लोगों से व्यवहारिक दूरी बनाये रखना उचित होगा….

असंभावित हानि से बचने के लिए के निम्न उपाय करने चाहिए –

     ऊॅ कें केतवें नमः का जाप कर दिन की शुरूआत करें…

     सूक्ष्म जीवों की सेवा करें…

    

कन्या –

नवीन कार्य में सफलता…..

भागीदारी से लाभ…..

यकृत रोग से कष्ट….

मंगल जनित दोषों को दूर करने के लिए –

     ऊॅ अं अंगारकाय नमः का एक माला जाप करें..

     हनुमानजी की उपासना करें..

     मसूर की दाल, गुड दान करें…

 

तुला –

परिवारिक विवाद…

जिम्मेदारी में वृद्धि किंतु लाभ में कमी से तनाव….

व्यसन से अपयश…

राहु कृत दोषों की निवृत्ति के लिए –

     ऊॅ रां राहवे नमः का जाप कर दिन की शुरूआत करें…

     काली चीजों का दान करें….

 

वृश्चिक –

वाहन या मकान में बदलाव….

अपनो से धोखा…

उदर विकार…

सूर्य के निम्न उपाय आजमायें-

     ऊ धृणि सूर्याय नमः का जाप करें,

     लाल पुष्प, गुड, गेहू का दान करें,

 

धनु –

आत्मविश्वास से कार्य में लाभ…

घरेलू सुख में वृद्धि….

फूड पाइजनिंग….

शनि से उत्पन्न कष्टों की निवृत्ति के लिए –

     ‘‘ऊॅ शं शनिश्चराय नमः’’ का जाप कर दिन की शुरूआत करें,

     काले वस्त्र का दान करें…

 

मकर –

जायदाद संबंधी कार्य से लाभ…

धार्मिक स्थल की यात्रा के योग….

जीवनसाथी को स्वास्थगत कष्ट…

मंगल के दोषों की निवृत्ति के लिए –

     ऊॅ अं अंगारकाय नमः का एक माला जाप करें..

     हनुमानजी की उपासना करें..

     मसूर की दाल, गुड दान करें…

 

कुंभ –

व्यवसायिक अपयश की संभावना….

प्रेमसंबंधों में प्रगाढ़ता….

मातृपक्ष से लाभ…

चंद्रमा के निम्न उपाय करें –

     ऊॅ श्रां श्रीं श्रीं एः चंद्रमसे नमः का जाप करें…

     दूध, चावल, का दान करें…

 

मीन –

     परिवार में मांगलिक कार्य संपन्न….

     आकस्मिक हानि या चोरी…

     दोस्तों तथा परिचितों का साथ….  

गुरू के लिए निम्न उपाय करें-

     ऊॅ गुं गुरूवे नमः का जाप करें…

     कुल पुरोहित, ब्राह्ण्य को यथासंभव दान दें..

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ज्योतिष

26/03/2021 का पंचांग एवं राशिफल (शुक्र प्रदोष व्रत)

Published

on

  • रायपुर (etoi news)  25.03.2021
  • दिनांक 26.03.2021 का पंचाग
  • शुभ संवत 2077 शक 1942 सूर्य उत्तरायन का … फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि … सुबह को 08 बजकर 22 मिनट तक उपरांत त्रयोदशी… दिन … शुक्रवार … मघा नक्षत्र … रात्रि को 09 बजकर 40 मिनट तक … आज चंद्रमा … सिंह राशि में … आज का राहुकाल दिन 10 बजकर 38 मिनट से 12 बजकर 09 मिनट तक होगा..

शुक्र प्रदोष व्रत –

यदि आप सभी वित्तीय समस्याओं से दूर रखना चाहते हैं तो आपको शुक्र प्रदोष व्रत का पालन करना चाहिए। इस व्रत का पालन करने से व्यक्ति सभी प्रकार क  आर्थिक एवं शारीरिक कष्ट से मुक्त हो सकता है।

यह माना जाता है कि मोक्ष का मार्ग केवल भगवान शिव की पूजा से प्राप्त किया जा सकता है। आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलने वाले लोगों को हमेशा शुक्र प्रदोष व्रत का पालन करना चाहिए।

शुक्र प्रदोष व्रत का महत्व

अगर शुक्र आपके विवाह में अनुकूल नहीं है, तो एक गुलाबी धागे का उपयोग करके 11 लाल गुलाब की एक माला बनाऐं और फिर इसे भगवान के सामने रखें व ‘ओम नमः शिवाय’ का 27 बार जाप करें।

अगर आपको आँखों की समस्या है या आपको त्वचा की समस्या है तो गंगाजल को सफेद चंदन में मिलाकर पेस्ट बना लें और उसी पेस्ट को शिवलिंग पर लगाएं।

पूजा विधि

शुक्र प्रदोष व्रत में, पीतल के गिलास में, पानी भरकर उसमें थोड़ी चीनी मिलाकर सूर्य देव को चढ़ाएं।

“ओम नमः शिवाय’’ का जाप करें और शिवलिंग को पंचामृत (पांच चीजों से बने मिश्रण- दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) भी चढ़ाएं। उसके बाद शिवलिंग पर सादा पानी चढ़ाऐं, रोली, मोली व चावल लगाऐं व धूप और दीया अर्पित करें। साबुत चावल और दूध में चीनी का उपयोग करके मिठाई बनाएं और शिव को फल चढ़ाएं। उसी स्थान पर चटाई पर बैठें और “ओम नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें।

शुक्र प्रदोष व्रत के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां

शुक्र प्रदोष व्रत के लिए आवश्यक विभिन्न सावधानियां निम्न हैं –

सभी महिलाएं जो आपके घर आई हैं, उन्हें मिठाई खिलाऐं और पानी पिलाएं।

स्थान को साफ करने के बाद ही पूजा करें।

कोई भी ऐसा कपड़ा न पहनें जो गहरे काले धागे से बना हो।

व्रत के दौरान बुरी बातों को सोचने से दूर रखें।

शुक्र प्रदोष व्रत की कथा सुने अथवा सुनायें। कथा समाप्ति के बाद हवन सामग्री मिलाकर 11 या 21 या 108 बार “ऊँ ह्रीं क्लीं नम: शिवाय स्वाहा ” मंत्र से आहुति दें। उसके बाद शिव जी की आरती करें। उपस्थित जनों को आरती दें। सभी को प्रसाद वितरित करें । उसके बाद भोजन करें। भोजन में केवल मीठी सामग्रियों का उपयोग करें।

आज के राशियों का हाल तथा ग्रहों की चाल-

मेष राशि –

सम्मान की प्राप्ति…

कर्ज की वापसी….

वाहन से चोट….

चंद्रमा के उपाय –

     ऊॅ सों सोमाय नमः का जाप करें,

     चावल, कपूर, का दान करें..

    

वृषभ –

व्यवसायिक संबंधों में खटास….

कोर्ट में धन संबंधित विवाद…..

व्यर्थ की यात्रा…..

राहु के उपाय –

     ऊॅ रां राहवे नमः का जाप कर दिन की शुरूआत करें,

     धतूरे की माला शिवजी में चढ़ायें..

 

मिथुन –

ऊर्जा तथा उत्साह में वृद्धि…..

काम में एकाग्रता….

वातरोग से कष्ट….

केतु के उपाय –

     गणपति की उपासना करें, धूप, दीप तथा नैवेद्य चढ़ायें,

     गुरूजन को मीठी चीजों का दान करें,

     ऊॅ कें केतवें नमः का जाप कर दिन की शुरूआत करें,

कर्क –

नये काम की शुरूआत…

अचानक यात्रा से स्वास्थ्य या गले में कष्ट…..

शनि के उपाय-

     ‘‘ऊॅ शं शनिश्चराय नमः’का जाप कर दिन की शुरूआत करें,

     भगवान आशुतोष का रूद्धाभिषेक करें..

 

सिंह –

आज आपका दिन बेहतर रहेगा..

आर्थिक मामलों में आपको सफलता मिलेगी..

कार्यक्षेत्र में फायदा मिल सकता है..

पहले लिए गये फैसले कारगर साबित होंगे..

सूर्य के उपाय –

     ऊ धृणिः सूर्याय नमः का जाप कर, अध्र्य देकर दिन की शुरूआत करें,

     लाल पुष्प, गुड, गेहू का दान करें..

 

कन्या –

     स्थान परिवर्तन के योग….

कार्यक्षेत्र में लाभ….

पार्टनर की सेहत तथा खराब मानसिक स्थिति…..

बृहस्पति की शांति के लिए –

     ऊॅ गुरूवे नमः का जाप करें,

     मीठे पीले खाद्य पदार्थ का सेवन करें तथा दान करें..

 

तुला –

आर्ट फिल्ड में यश की प्राप्ति….   

नई योजनाओं में अच्छी सफलता….

संबंधों में निकटता…

     शुक्र के लिए-

     ऊॅ शुं शुक्राय नमः का जाप करें तथा मा महामाया के दर्शन कर दिन    की शुरूआत करें,

     चावल, धी, दूध, दही का दान करें साथ ही सौभाग्यवती स्त्री को सुहाग का सामान दान करें…

 

वृश्चिक –

व्यवसाय में हानि….

पारिवारिक रिश्तों में दूरी….

विरोध तथा विवाद से हानि…

राहु दोषों के निवारण के लिए –

     ऊॅ रां राहवे नमः का जाप कर दिन की शुरूआत करें….

     धतूरे की माला शिवजी में चढ़ायें…

 

धनु –

मनोबल काफी अच्छा रहेगा…

काम में अच्छी सफलता मिलेगी…

आतुरता के कारण शारीरिक कष्ट की संभावना…

मंगल की शांति के लिए –

     ऊॅ अं अंगारकाय नमः का जाप करें,

     हनुमानजी की उपासना करें,

     मसूर की दाल, गुड या तांबा दान करें…

 

मकर –

धन, संपत्ति की प्राप्ति….

काम में अच्छी सफलता के योग….

कफ, कमर में दर्द तथा उदर विकार से कष्ट….

शनि से उत्पन्न कष्ट के लिए –

     ‘‘ऊॅ शं शनिश्चराय नमः’का जाप कर दिन की शुरूआत करें,

     भगवान आशुतोष का रूद्धाभिषेक करें..

 

कुंभ –

रूका हुआ भुगतान प्राप्त होगा…..

आय के नए साधनों की योजना बनेगी….

आलस्य तथा निर्णय में विलंब से बचें….

राहु कृत दोषों की शांति के लिए –

     ऊॅ रां राहवे नमः का जाप कर दिन की शुरूआत करें,

     धतूरे की माला शिवजी में चढ़ायें…

 

मीन –

कार्यो में विफलता….

छोटे बच्चों को चोट की संभावना….

राज्यपक्ष से लाभ….

बृहस्पति की शांति के लिए –

     ऊॅ ब्रं ब्रहस्पतये नमः का जाप करें….

     मीठे पीले खाद्य पदार्थ का सेवन करें तथा दान करें….

 

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