भारतीय डाक विभाग में 4166 पदों पर निकली भर्ती, आवेदन करने का आखिरी मौका

भारतीय डाक विभाग में 4166 पदों पर निकली भर्ती के लिए आवेदन करने का आखिरी मौका बचा है. आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक इस भर्ती के लिए 7 जुलाई 2020 तक ही अप्लाई किया जा सकता है. योग्य व इच्छुक उम्मीदवारों को आज ही इसके लिए आवेदन करना होगा.
इस भर्ती के तहत हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड पोस्टल सर्किल में उम्मीदवारों की नियुक्तियां की जाएंगी. नोटिफिकेशन के मुताबिक इन पदों पर नौकरी के लिए 10वीं पास उम्मीदवार भी अप्लाई कर सकते हैं. आइए जानते हैं डाक विभाग (India Post) में नौकरी से जुड़ी अहम जानकारियां.
कहां कितनी वैकेंसी?
हरियाणा – 608 पदों पर वैकेंसी
मध्य प्रदेश- 2,834 पदों पर वैकेंसी
उत्तराखंड – 724 पदों पर वैकेंसी
तीनों राज्यों में कुल वैकेंसी- 4,166
भारतीय डाक विभाग के तहत हरियाणा पोस्टल सर्किल में ग्रामीण डाक सेवकों की 608 भर्तियां निकाली गई हैं. ग्रामीण डाक सेवक की इस भर्ती के तहत ब्रांच पोस्टमास्टर, असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर, डाक सेवक पद भरे जाएंगे. इन पदों पर आवेदन करने के लिए आखिरी तारीख 7 जुलाई 2020 है.
इन पदों के लिए 10वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. बता दें कि इन पदों पर उम्मीदवारों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा, जो 10वीं में प्राप्ताकों के आधार पर बनेगी. वहीं, आयु सीमा की बात करें तो आवेदन के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष होनी चाहिए. इन पदों पर नौकरी से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.
भारतीय डाक विभाग के मध्य प्रदेश पोस्टल सर्किल में ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) की भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं. डाक विभाग में इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 2834 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी. इन पदों पर 10वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. ग्रामीण डाक सेवक की इस भर्ती के तहत ब्रांच पोस्टमास्टर, असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर, डाक सेवक के पद भरे जाएंगे.
इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार को मान्यता प्राप्त स्कूल शिक्षा बोर्ड से दसवीं पास होना जरूरी है. इसके साथ ही 60 दिनों का बेसिक कंप्यूटर ट्रेनिंग सर्टिफिकेट होना चाहिए. इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार 7 जुलाई 2020 तक आवेदन कर सकते हैं. इन पदों पर नौकरी से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.
उत्तराखंड पोस्टल सर्कल ने 700 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं. इस भर्ती के तहत बीपीएम/एबीपीएम/ग्रामीण डाक सेवक के पदों पर 724 उम्मीदवारों की भर्ती की जाएगी. इसके लिए उम्मीदवार का मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है. साथ ही 10वीं कक्षा में उसका एक स्थानीय और अंग्रेजी भाषा में भी पास होना अनिवार्य है.
इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों की आयु सीमा 18 वर्ष से लेकर 40 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है. आयु की गणना 8 जून 2020 के आधार पर की जाएगी. जीडीएस बीपीएम के पदों पर चयनित उम्मीदवारों को 12,000 रुपये से 14,500 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा. जबकि जीडीएस एबीपीएम के लिए 10,000 रुपये से 12,000 रुपये प्रति माह वेतन दिया जाएगा. इन पदों पर नौकरी से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.


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INVERTER AC TIPS: इन्वर्टर या नॉन इन्वर्टर एसी में जाने कौन सी AC होती है खास, इसकी खूबियां जान आप भी हो जायेगे हैरान…

Inverter AC vs Non Inverter AC: गर्मी के दिनों में लोग खासे परेशान नजर आते हैं, क्योंकि जलती-चुभती गर्मी के कारण लोगों को पसीने निकलते हैं और वहीं, दूसरी तरफ उमस भरी गर्मी लोगों को जीने नहीं देती है। मतलब घर के बाहर निकलना बिल्कुल मुश्किल हो जाता है। पारा लगातार ऊपर चढ़ता जाता है, जिसके कारण लोग गर्मी से बचने के लिए पंखे और कूलर चलाते हैं। लेकिन इस तेज गर्मी में ये भी दम तोड़ते हुए नजर आते हैं। इसलिए लोग एसी चलाते हैं, लेकिन इसे चलाने में बिजली का बिल ज्यादा आता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आपके लिए ये जानना जरूरी हो जाता है कि नॉन इन्वर्टर एसी और इन्वर्टर एसी में से किसे चलाने पर बिजली का बिल कम हो सकता है? तो चलिए इन दोनों में फर्क समझते हुए ये जानने की कोशिश करते हैं। आप अगली स्लाइड्स में इसके बारे में जान सकते हैं…
इन्वर्टर और नॉन इन्वर्टर एसी में क्या फर्क है
कैसे काम करते हैं?
बात पहले इन्वर्टर और नॉन इन्वर्टर एसी के काम करने की क्षमता की कर लेते हैं। दरअसल, दोनों एसी के काम करने की क्षमता अलग है। नॉन इन्वर्टर एसी एक रेगुलर स्पीड क्षमता पर चलता है, जबकि इन्वर्टर एसी टेम्परेचर के साथ ही स्पीड और क्षमता में बदलाव देखने को मिलता है।
इन्वर्टर और नॉन इन्वर्टर एसी में क्या फर्क है
किसकी कैसी कूलिंग? जहां इन्वर्टर एसी कमरे को जल्दी ठंडा करने का काम करता है, तो वहीं दूसरी तरफ नॉन इन्वर्टर एसी कमरे को ठंडा करने में थोड़ा ज्यादा समय लगाता है।
इन्वर्टर और नॉन इन्वर्टर एसी में क्या फर्क है
इन्वर्टर एसी कंप्रेसर की मोटर की स्पीड को रेग्युलेट करता है। ऐसे में जब आपका कमरा ठंडा हो जाता है या कमरे का टेम्परेचर सामान्य हो जाता है, तो इन्वर्टर एसी में कंप्रेसर बंद नहीं होता बल्कि कम स्पीड से काम करता है। ऐसे में ये लगातार कमरे के तापमान को बराबर रखता है। वहीं, नॉन इन्वर्टर एसी की तरह इसका कंप्रेसर बार-बार ऑन-ऑफ नहीं होता, जिससे बिजली कम खर्च होती है। जबिक, ये फंक्शन नॉन इन्वर्टर एसी में नहीं होता है।
इन्वर्टर और नॉन इन्वर्टर एसी में क्या फर्क है
क्या बिजली के बिल में अंतर आता है?
अब बात सबसे जरूरी बात समझने की, और वो ये कि कौन सा एसी कम बिजली खर्च करता है। इन्वर्टर एसी नॉन इन्वर्टर एसी की तुलना में बिजली काफी कम खर्च करता है। इससे बिजली की बचत होती है।
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शानदार कॉलिंग स्मार्टवॉच लॉन्च,कीमत काफी सस्ता,जानिए

Ambrane ने कम कीमत वाली शानदार कॉलिंग स्मार्टवॉच लॉन्च कर दी है. जो 10 दिन तक नॉन स्टॉप चल सकती है. Ambrane Wise Roam तीन रंगों ब्लैक, ग्रे और ग्रीन में आती है.Ambrane ने भारत में अपनी लेटेस्ट स्मार्टवॉच को लॉन्च कर दिया है. यह समझदार रोम स्मार्टवॉच है जो ब्लूटूथ कॉलिंग और 10 दिनों तक की बैटरी लाइफ को सपोर्ट करती है. एम्ब्रेन वाइज रोम अब भारत में 1,799 रुपये में उपलब्ध है. Ambrane Wise Roam तीन रंगों ब्लैक, ग्रे और ग्रीन में आती है. स्मार्टवॉच को फ्लिपकार्ट से प्राप्त किया जा सकता है और 1 साल की वारंटी ऑफर का हिस्सा है।
Wise Roam में ब्लूटूथ कॉलिंग के लिए इन-बिल्ट माइक्रोफोन और स्पीकर है. इसकी 1.28-इंच सर्कुलर स्क्रीन 2.5डी कर्व्ड ग्लास से ढकी है. वाइज रोम का डिस्प्ले 450 निट्स ब्राइटनेस प्रदान करता है और 100 से अधिक वॉच फेस उपलब्ध हैं.Ambrane Wise Roam में हार्ट रेट, ब्लड ऑक्सीजन (SpO2), मासिक धर्म चक्र और नींद की निगरानी शामिल है. वेदर फोरकास्ट, सांस लेने का आकलन और 60 से अधिक खेल मोड हैं। Da Fit App for the Wise Roam Android और iOS दोनों डिवाइस पर समर्थित है. The Wise Roam Apple Health और Google Fit अनुप्रयोगों के साथ भी संगत है।
बैटरी है जबरदस्त
Ambrane Wise Roam में एक रिमोट कैमरा शटर है, साथ ही कुछ इन-बिल्ट गेम्स भी हैं. इसकी 260mAh की बैटरी 10 दिनों तक की एक्टिविटी प्रदान कर सकती है. एम्ब्रेन का कहना है कि वाइज रोम एक अत्याधुनिक और स्टाइलिश स्मार्टवॉच पेश करके मिलेनियल्स की जरूरतों के अनुरूप है जो टिकाऊ और सस्ती दोनों है.
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HEALTH CARE TIPS: बालो के झड़ने के समस्या से है परेशान, तो इन योगासनों से को अपने डेली रूटीन में करे शामिल…

Yoga Tips: दूर होगी बालों के झड़ने की समस्या, इन तीन बेहद कारगर योगासनों का आप भी कीजिए अभ्यासबालों का झड़ना, गड़बड़ लाइफस्टाइल और आहार में पौष्टिकता की कमी के कारण तेजी से बढ़ती समस्याओं में से एक है। कुछ लोगों में पारिवारिक इतिहास (आनुवंशिकता), हार्मोनल परिवर्तन और चिकित्सकीय स्थिति, दवाओं के साइड इफेक्ट्स, बहुत अधिक तनाव जैसी समस्याओं के कारण भी यह दिक्कत देखी जा रही है। कुछ वर्षों पहले तक बालों का झड़ना उम्र के साथ होने वाली समस्या मानी जाती थी, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में कम उम्र के लोगों को भी इसका शिकार देखा जा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बालों की पोषकता में आई कमी के कारण इस तरह की दिक्कत बढ़ी है।
योग को कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं के समाधान के तौर पर देखा जाता रहा है। योगगुरु बाबा रामदेव बताते हैं कि दिनचर्या में योगासनों को शामिल करके आप बालों के झड़ने की समस्या को भी कम कर सकते हैं। योगासनों के अभ्यास की आदत बनाकर बालों को उचित पोषण देने के साथ उनके टूटने को प्रतिबंधित किया जा सकता है। योगासन रक्त संचार को भी बढ़ा देते हैं जिससे बालों के जड़ों की कमजोरी को दूर किया जा सकता है। आइए ऐसे ही योगाभ्यास के बारे में जानते हैं जो बालों के झड़ने की समस्या में कारगर हो सकते हैं?कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास
कपालभाति प्राणायाम, सांस लेने के सबसे प्रभावित योगासनों में से एक है। यह कपाल यानी कि सिर से विषाक्त पदार्थों को कम करने में मदद करता है। इस योग का अभ्यास पूरे सिर और चेहरे में बेहतर ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के साथ बालों के विकास को बढ़ावा देता है। बालों की समस्या से परेशान लोगों के लिए कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास काफी कारगर माना जाता है। इसके अलावा, यह तनाव और चिंता को कम करने में भी मदद करने वाला अभ्यास है, जो बालों के झड़ने से रोकने के लिए आवश्यक है।
शीर्षासन योग का अभ्यास
शीर्षासन योग को खोपड़ी में रक्त परिसंचरण में सुधार करने वाला सबसे प्रभावी अभ्यास माना जाता है। यह बालों के झड़ने, बालों के पतले होने और गंजापन को कम करने में भी मदद करता है। यह आसन नए बालों के विकास में मदद करने के साथ बालों की अन्य समस्याओं को कम करने में भी फायदेमंद है। इस योग के अभ्यास की आदत मस्तिष्क के कार्यों को बेहतर बनाए रखने में भी मदद करती है। इस योग को विशेषज्ञ के निगरानी में किया जाना चाहिए।
अधोमुख शवासन
अधोमुख शवासन योग सूर्य नमस्कार के दौरान किए जाने वाले 12 आसनों में से एक है। यह रक्त प्रवाह को बढ़ाने के साथ स्कैल्प तक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। बालों के विकास को बढ़ावा देने के साथ शारीरिक स्वास्थ्य में भी इस योगासन के कई तरह के लाभ हैं। उदाहरण के लिए यह मन को शांत करने, शरीर को ऊर्जावान और सक्रिय रखने में मदद करता है।
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