देश - दुनिया
अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइडन और कमला हैरिस के बीच आई दरार, उप राष्ट्रपति की हो सकती है छुट्टी

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और उप राष्ट्रपति कमला हैरिस के बीच रिश्तों में दरार की अटकलें तेज हो गई हैं. चर्चा यह भी है कि अमेरिकी राष्ट्रपति एक नए उपराष्ट्रपति का चयन करने और कमला को पिछले दरवाजे से सर्वोच्च न्यायालय भेजने पर विचार कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में व्हाइट हाउस में चल रहे इस तनाव की ओर इशारा किया गया है. CNN ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट में दावा किया है कि वेस्ट विंग के प्रमुख कर्मचारियों ने मोटे तौर पर उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और उनके सहयोगियों के निर्देशों पर ध्यान देना बंद कर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, उनके ऐसा करने के पीछे जो वजह बताई जा रही है कि वक्त की कमी, विशेष रूप से ऐसे समय जब राष्ट्रपति जो बाइडन को विधायी और राजनीतिक चिंताओं का तेजी से सामना करना पड़ रहा है.
कमला हैरिस के लगभग तीन दर्जन पूर्व और वर्तमान सहयोगियों, प्रशासन के अधिकारियों, डेमोक्रेटिक नेताओं, डोनर्स और बाहरी सलाहकारों के इंटरव्यू में व्हाइट हाउस के अंदर एक जटिल वास्तविकता को उजागर किया है. उपराष्ट्रपति से संबंधित कई लोग इस बात से नाराज हैं कि उन्हें पर्याप्त रूप से तैयार या तैनात नहीं किया जा रहा है और इसके बजाय उन्हें दरकिनार किया जा रहा है. उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने खुद कई बार कहा है कि वह राजनीतिक रूप से जो करने में सक्षम हैं, उसमें वह विवश महसूस करती हैं. तो फिर सवाल उठता है कि व्हाइट हाउस में चल क्या रहा है?
बाइडन की गिरती लोकप्रियता
जो बाइडन के पहले सात महीनों में उन्हें लोकप्रियता से संबंधित कोई समस्या नहीं थी. वह बराक ओबामा की शुरुआत के 60 फीसदी के स्तर तक भी इसका लाभ नहीं ले पाए. लेकिन वह डोनाल्ड ट्रंप से इस मामले में ऊपर रहे. पहले कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर बाइडन की ओर से उठाए गए कदमों को लोगों ने सराहा और फिर अचानक कोरोना संक्रमण में बढ़ोतरी, अफगानिस्तान से सेना को बुलाने, घटती अर्थव्यवस्था ने उन्हें घाटा दिया है.
अप्रैल से नवंबर के बीच CNN की ओर से हुए पोल के अनुसार उन्हें सर्वाधिक अप्रूवल में कमी डेमोक्रेट्स और डेमोक्रेट्स के नेतृत्व वाले निर्दलीयों की ओर से थी. पुराने समर्थकों की वफादारी वापस पाना उन्हें जीतने से भी कठिन होता है. प्रेसिडेंट अप्रूवल रेटिंग बढ़ने की तुलना में काफी आसानी से घट जाती है.
संघर्ष करतीं कमला हैरिस
हैरिस व्हाइट हाउस के कुछ हिस्सों के साथ एक कठिन रिश्ते के साथ संघर्ष कर रही हैं, जबकि लंबे समय से समर्थक किनारे कर दिए गए महसूस करते हैं और उप राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने जो किया है या करने की कोशिश कर रही हैं, उसके बारे में कोई सुसंगत सार्वजनिक समझ नहीं है. नेशनल इलेक्टेट ऑफिस में पहली महिला होना ऐतिहासिक है, लेकिन छोटी गलतियों के लिए भी कोई माफी नहीं है, जैसा कि वह अक्सर इंगित करती हैं.
उन्हें इतनी कमजोर स्थिति में माना जाता है कि वॉशिंगटन के अंदर और बाहर शीर्ष डेमोक्रेट ने निजी तौर पर अटकलें लगानी शुरू कर दी हैं. वे एक-दूसरे से पूछ रहे हैं कि व्हाइट हाउस ने उन्हें सार्वजनिक समझ में इतना जुनूनी क्यों बनने दिया. कम से कम जैसा कि वे इसे देखते हैं.
बाइडन के एक टॉप डोनर ने कहा, ‘कमला हैरिस एक नेता हैं, लेकिन उन्हें नेतृत्व करने के लिए पदों पर नहीं रखा जा रहा है. इसका कोई मतलब नहीं है. हमें दीर्घकालिक सोचने की जरूरत है, और हमें वह करने की जरूरत है जो पार्टी के लिए सबसे अच्छा है. आपको उन पर दबाव डालने के बजाय उन्हें सफल होने की स्थिति में रखना चाहिए. अगर आप उन्हें आगे बढ़ने और नेतृत्व में मदद करने की क्षमता देते हैं, तो यह आपको मजबूत करेगा और पार्टी को मजबूत करेगा.’
एक मुद्दे पर हैरिस को वास्तव में मतदान अधिकार के लिए कहा गया. इसकी प्रगति धीमी रही है क्योंकि बाइडन अपने डोमेस्टिक एजेंडे को पारित करने पर केंद्रित हैं, भले ही हैरिस ने निजी तौर पर कहा है कि अगर वास्तविक प्रगति हासिल की जा सकती है तो फाइलबस्टर को वापस बढ़ाया जाना चाहिए. बाइडन अब सार्वजनिक रूप से भी उतना ही कह चुके हैं. हालांकि हैरिस ने विश्वासपात्रों से कहा है कि वह सीधे बाइडन के साथ एक अच्छी कामकाजी गतिशीलता का आनंद ले रही हैं. जो उनके लिए काम करते हैं, वे अपने रिश्ते को एक सुस्त गतिरोध के रूप में बताते हैं.


देश - दुनिया
क्रेडिट कार्ड को लेकर RBI ने 1 जुलाई से लागू किए नए नियम… पढ़े पूरी खबर…

नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने क्रेडिट कार्ड से जुड़े कई नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव करने की बात कही है. यह बदलाव 1 जुलाई, 2022 से लागू होंगे. इसके बाद ग्राहकों को और ज्यादा अधिकार मिल जाएंगे. रिजर्व बैंक के अनुसार, नया नियम लागू होने के बाद क्रेडिट कार्ड कंपनियां अथवा बैंक को किसी भी ग्राहक को डेबिट या क्रेडिट कार्ड जारी करने से पहले उससे अनुमति लेना जरूरी होगा. कार्ड को अपग्रेड करने से पहले भी ग्राहक की अनुमति जरूरी मानी जाएगी. अगर कंपनियां बिना ग्राहक की इजाजत के ही कार्ड जारी करती हैं या उसे अपग्रेड करती हैं तो उन्हें ग्राहक से शुल्क वसूलने का अधिकार नहीं होगा. आरबीआई ने कहा है कि नया नियम ग्राहकों को ज्यादा सक्षम बनाएगा और उनके पास कई अधिकार भी होंगे. कंपनियां या बैंक कार्ड जारी कर या अपग्रेड करने के बाद अगर ग्राहक से शुल्क वसूलते हैं तो ग्राहक न सिर्फ इस शुल्क को चुकाने से इनकार कर सकते हैं, बल्कि संबंधित कंपनी या बैंक से जुर्माने की भी मांग कर सकते हैं. जुर्माने की राशि ग्राहक से वसूली जाने वाली फीस का दोगुना होगी.
कार्ड बंद करवाने वालों को भी सहूलियत
आरबीआई ने क्रेडिट कार्ड बंद करवाने वाले ग्राहकों को भी बड़ी सहूलियत दी है. नए नियम के मुताबिक, कंपनी या बैंक को ग्राहक की ओर से कार्ड बंद करवाने की रिक्वेस्ट मिलने के 7 कार्यदिवस के भीतर इस पर अमल करना होगा. अगर वे ऐसा करने से चूकते हैं तो प्रतिदिन 500 रुपये की पेनॉल्टी लगाई जाएगी, जो खाता बंद होने तक जारी रहेगी. हालांकि, इसके लिए शर्त यह है कि ग्राहक पर कोई बकाया नहीं होना चाहिए.
ओटीपी के जरिये कार्ड होगा एक्टिवेट
आरबीआई ने कहा है कि बैंक या कंपनी को कार्ड इश्यू करने और उसे एक्टिवेट करने के लिए ओटीपी की मदद लेनी पड़ेगी. अगर ग्राहक ने 30 दिनों के भीतर कार्ड को ओटीपी के जरिये एक्टिवेट नहीं किया तो क्रेडिट कार्ड का खाता बिना किसी शुल्क या जुर्माने के बंद कर दिया जाएगा. यह काम कार्ड भेजने के 37वें दिन के बाद कभी भी किया जा सकता है.
एक साल तक कार्ड इस्तेमाल नहीं किया तो…
नए नियम के तहत अगर किसी ग्राहक ने एक साल तक कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया है तो उसे एक नोटिस देकर बंद कर दिया जाएगा. कार्ड जारी करने वाली कंपनी या बैंक को इसे इश्यू करने के साथ ही ग्राहक को एक पेज पर सभी शुल्क और ब्याज की जानकारी देनी होगी. अगर किसी कंपनी या बैंक ने किसी ग्राहक के आवेदन को रिजेक्ट किया तो उसे लिखित में रिजेक्ट करने का कारण भी बताना होगा.
ग्राहक को परेशान नहीं कर सकेंगी कंपनियां
रिजर्व बैंक ने साफ कहा है कि अगर किसी ग्राहक को कार्ड जारी किया गया और उस तक पहुंचने से पहले ही कार्ड का गलत इस्तेमाल होता है, तो ऐसे में नुकसान की पूरी जिम्मेदारी कंपनी या बैंक की होगी. इतना ही नहीं कंपनी अथवा बैंक के प्रतिनिधि किसी ग्राहक को कॉल करने के
देश
खुशखबरी: अब महंगाई भत्ता में हुआ बड़ा इजाफा, जानिए अब कितनी मिलेगी सैलरी…

7th Pay Commission today : महंगाई भत्ता कैलकुलेशन को लेकर बदलाव हो गया है. महंगाई भत्ता एक ऐसा पैसा है, जो सरकारी कर्मचारियों को उनके रहने-खाने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए दिया जाता है. आइए जानते हैं विस्तार से.केंद्रीय कर्मचारियों के लिए काम की खबर है. महंगाई भत्ते के कैलकुलेशन में हो गया है.
केंद्र सरकार के श्रम मंत्रालय ने महंगाई भत्ते की कैलकुलेशन का फॉर्मूला बदल दिया है. महंगाई भत्ते के आधार वर्ष 2016 में बदलाव किया गया है. मंत्रालय मजदूरी दर सूचकांक की एक नई सीरीज जारी चुकी है. श्रम मंत्रालय ने कहा कि आधार वर्ष 2016=100 के साथ WRI की नई सीरीज 1963-65 के आधार वर्ष की पुरानी सीरीज की जगह लेगी. यानी अब महंगाई भत्ते का कैलकुलेशन का तरीका बदल गया है.
आधार वर्ष बदलती है सरकार
गौरतलब है कि महंगाई के आंकड़ों के आधार पर सरकार समय-समय पर प्रमुख आर्थिक संकेतकों के लिए आधार वर्ष में संशोधन करती है. इससे अर्थव्यवस्था में आने वाले बदलाव के आधार पर किया जाता है और मजदूरों के वेज पैटर्न को शामिल किया जाता है.अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन , राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग की सिफारिशों के मुताबिक, दायरा बढ़ाने और सूचकांक को ज्यादा बेहतर बनाने के लिए मजदूरी दर सूचकांक का आधार वर्ष 1963-65 से बदलकर 2016 किया गया है.
कैसे होता है महंगाई भत्ते का कैलकुलेशन?
आमतौर पर हर 6 महीने, जनवरी और जुलाई में Dearness Allowance में बदलाव किया जाता है. आपको बता दें कि महंगाई भत्ते की मौजूदा दर को मूल वेतन से गुणा कर महंगाई भत्ते की रकम निकाली जाती है.
क्या होता है महंगाई भत्ता (DA)?
महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) ऐसा पैसा है, जो सरकारी कर्मचारियों को उनके रहने-खाने के स्तर (Cost of Living) को बेहतर बनाने के लिए दिया जाता है. कर्मचारियों को ये पैसा इसलिए दिया जाता है, ताकि महंगाई बढ़ने के बाद भी कर्मचारी के रहन-सहन पर असर न पड़े. ये पैसा सरकारी कर्मचारियों, पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों और पेंशनधारकों को दिया जाता है
देश - दुनिया
सड़क हादसा: दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग हाइवे पर अनियंत्रित होकर ट्रेक्टर ट्रॉली पलटा, टला बड़ा हादसा….

बहरोड़ में दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 48 पर गांव कांकर दोपा पुलिया से आगे पशु चारे से ओवरलोड भरे हुए ट्रैक्टर ट्रॉली अनियंत्रित होकर हाइवे सड़क के बीचो-बीच पलट गया। जिससे हाइवे पर दिल्ली से जयपुर की तरफ यातायात बाधित हो गया।
वही दुर्घटना में ट्रैक्टर चालक को मामूली चोटें आई। गनीमत रही कि आसपास दुर्घटना के समय कोई वाहन नहीं होने से बड़ा हादसा होने से टल गया। हादसे की सूचना के बाद ट्रैक्टर चालक के परिजन मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने दूसरे ट्रैक्टर की मदद से हाइवे के बीचों-बीच पलटे हुए ट्रैक्टर को सीधा किया। और साथ ही दूसरी ट्राली में भूसे को भरा गया।
वहीं हादसे के बाद रास्ते पर जाम लग गया। जिसके बाद डायवर्जन करके वाहनों को निकाला गया। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई।
-
जॉब5 days agoबंधन बैंक में निकली इतने पदों पर बंपर भर्ती, 12वी पास युवा जल्द से जल्द करे आवेदन.. जाने क्या है आवदेन की प्रक्रिया…
-
Tech & Auto4 days agoरियलमी लांच किया Realme GT 2 Pro,मिलेगी 12जीबी रैम के साथ 65 वॉट फास्ट चार्जिंग
-
जॉब5 days agoपंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने 145 स्पेशलिस्ट ऑफिसर्स के पदों पर भर्तियां निकाली हैं।78,230 रुपए तक मिलेगी सैलरी
-
ज्योतिष5 days agoकपूर से दूर होते है सभी प्रकार के दोष, जाने कपूर के किस तरह से लाया जाता है प्रयोग में…
-
जॉब4 days agoभारतीय रेलवे में ग्रुप D पे निकली बंपर भर्ती, मिलेगी वेटेज और फिजिकल टेस्ट से छूट.. उमीदवार जल्द करे आवेदन…
-
जॉब4 days agoबंधन बैंक में निकली इतने पदों पर बंपर भर्ती, आवेदन की अंतिम तिथि 29 अप्रैल 12वी पास युवा जल्द से जल्द करे आवेदन…
-
देश3 days agoकर्मचारियों को लगा ज़ोरदार झटका : डीए पर हो सकती है ब्रेक, ये रही वजह..
-
जॉब5 days agoआईटीआई पास के लिए निकली अपरेंटिसशिप की भर्ती,21 मई तक करें आवेदन…
-
जॉब4 days agoस्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने ग्राहकों को दी चेतावनी, और कहा ये…
-
जॉब4 days agoसरकारी नौकरी का सुनहरा मौका: हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड कंपनी में 186 पदों पर निकली भर्ती जल्द ही करे आवेदन





























You must be logged in to post a comment Login