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10 हजार लगाकर शुरू करें ये खेती, हर महीने होगी ₹2 लाख की कमाई

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आप सहजन की खेती शुरू कर हर महीने 2 लाख रुपये तक कमा सकते हैं. आजकल सहजन की खेती  पर लोगों का फोकस तेजी से बढ़ा रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह एक तो यह कि इसमें कई सारे लाभकारी गुण मौजूद हैं और दूसरा इसकी खेती आसानी से की जा सकती है.

ऐसे शुरू करें खेती: इसके लिए आपको ज्यादा बड़ा जमीन का टुकड़ा नहीं चाहिए. इसकी खेती करने के 10 महीने बाद एक एकड़ में किसान एक लाख रुपये कमा सकते हैं. सहजन एक मेडिसिनल प्लांट है. कम लागत में तैयार होने वाली इस फसल की खासियत यह है कि इसकी एक बार बुवाई के बाद चार साल तक बुवाई नहीं करनी पड़ती है.

सहजन की खेती: सहजन एक औषधी पौधा भी है. ऐसे पौधों की खेती के साथ इसकी मार्केटिंग और निर्यात भी करना आसान हो गया है. भारत ही नहीं पूरी दुनिया में सही तरीके से उगाई गई मेडिशनल क्रॉप की काफी डिमांड रहती है.

सहजन को अंग्रेजी में ड्रमस्टिक भी कहा जाता है. इसका वैज्ञानि‍क नाम मोरिंगा ओलीफेरा है. इसकी खेती में पानी की बहुत जरूरत नहीं होती और रख रखाव भी कम करना पड़ता है.

सहजन की खेती काफी आसान पड़ती है और आप बड़े पैमाने नहीं करना चाहते तो अपनी सामान्‍य फसल के साथ भी इसकी खेती कर सकते हैं.

 यह गर्म इलाकों में आसानी से फल फूल जाता है. इसको ज्‍यादा पानी की भी जरूरत नहीं होती. सर्द इलाकों में इसकी खेती बहुत प्रॉफि‍टेबल नहीं हो पाती, क्‍योंकि इसका फूल खि‍लने के लि‍ए 25 से 30 डिग्री तापमान की जरूरत होती है.

यह सूखी बलुई या चिकनी बलुई मिट्टी में अच्छी तरह बढ़ता है. पहले साल के बाद साल में दो बार उत्‍पादन होता है और आम तौर पर एक पेड़ 10 साल तक अच्‍छा उत्‍पादन करता है. इसकी प्रमुख कि‍स्‍में हैं कोयम्बटूर 2, रोहित 1, पी.के.एम 1 और पी.के.एम 2

 सहजन का करीब करीब हर हि‍स्‍सा खाने लायक होता है. इसकी पत्‍तियों को भी आप सलाद के तौर पर खा सकते हैं. सहजन के पत्‍ते, फूल और फल सभी काफी पोषक होते हैं. इसमें औषधीय गुण भी होते हैं. इसके बीज से तेल भी नि‍कलता है.

 करीब करीब हर हि‍स्‍सा खाने लायक होता है सहजन का. इसकी पत्‍तियों को भी आप सलाद के तौर पर खा सकते हैं. सहजन के पत्‍ते, फूल और फल सभी काफी पोषक होते हैं. इसमें औषधीय गुण भी होते हैं.

 इसके बीज से तेल भी नि‍कलता है. दावा किया जाता है कि सहजन के इस्तेमाल से 300 से अधिक रोगों से बचा जा सकता है. सहजन में 92 विटामिन, 46 एंटी ऑक्सीडेंट, 36 पेन किलर और 18 तरह के एमिनो एसिड पाए जाते हैं.

कितनी होगी कमाई

एक एकड़ में करीब 1,200 पौधे लग सकते हैं. एक एकड़ में सहजन का पौधा लगाने का खर्च करीब 50 से 60 हजार रुपये आएगा. अगर आप इसे शुरू करने में एक बार में 10-15 लाख रुपये निवेश करेंगे तो आपको हर महीने 2 से 3 लाख रुपये तक की कमाई हो सकती है.

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देश - दुनिया

कोरोना: ओमिक्रॉन वैरिएंट का होने लगा कम्युनिटी स्प्रेड, ब्रिटेन के कई इलाकों में कहर

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पुरे विश्व के 38 से ज्यादा देशों में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मामले देखने को मिल चूका हैं. द अफ्रीका में सबसे पहले मिले इस वेरिएंट के अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप, भारत में भी काफी तेजी से नए मामले देखने को मिल रहे हैं. ब्रिटेन में ओमिक्रॉन का कम्युनिटी स्प्रेड शुरू हो गया है. यहां पर बिना किसी ट्रैवल हिस्ट्री के भी काफी लोग कोरोना के नए वेरिएंट का संक्रमण देखेंने को मिल रहा हैं.

यूके के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद ने संसद में बताया कि देश में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के 336 मामले सामने आ चुके हैं. जबकि इंग्लैंड में इसका कम्युनिटी स्प्रेड भी देखने को मिला है. इंग्लैंड में अब भी तक ओमिक्रॉन के 261 केस सामने आ चुके हैं. जबकि स्कॉटलैंड में 71, वेल्स में 4 मामले सामने आए हैं.

बिना किसी यात्रा के लोग भी हो रहे संक्रमित :  जाविद ने कहा, कई मामले ऐसे भी आ रहे हैं, जिनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है. ऐसे में हम इस नतीजे पर पहुंचे है कि इग्लैंड के कई क्षेत्रों में कम्युनिटी स्प्रेड देखने को मिल रहा है. हम कुछ भी भाग्य पर नहीं छोड़ रहे. उन्होंने कहा, जब दुनिया के वैज्ञानिक नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के बारे में जानकारी इकट्ठा करने में जुटे हुए है, तब हमारी रणनीति समय के रहते कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के सामने अपना डिफेंस मजबूत करने पर है.

हालांकि, जाविद ने यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी द्वारा जारी डेटा का भी जिक्र किया, इसमें वैज्ञानिकों ने ओमिक्रॉन की समय सीमा डेल्टा वेरिएंट से कम होने की संभावना जताई है. उन्होंने कहा, अभी यह भी साफ नहीं है कि यह वायरस कितना खतरनाक है और वैक्सीन का इसपर क्या असर होगा. इसलिए हम कुछ भी निश्चित नहीं कह सकते कि यह ओमिक्रॉन वेरिएंट हमें रिकवरी की पटरी से उतार देगा या नहीं.

मंगलवार से ब्रिटेन में नॉन रेड लिस्ट देश से चाहें वह वैक्सीनेटेड हो या नहीं, उसे यूके में प्रवेश के लिए 48 घंटे पहले का PCR निगेटिव रिपोर्ट दिखाना होगा. जाविद ने कहा, दो दिन पहले पीसीआर टेस्ट और निगेटिव रिपोर्ट न आने तक आइसोलेशन जैसे उपाय अस्थाई हैं और इन्हें अगले हफ्ते रिव्यू किया जाएगा. वहीं, एक्सपर्ट का कहना है कि ओमिक्रॉन डेल्टा वेरिएंट की तुलना में काफी तेजी से फैल रहा है.

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देश - दुनिया

बीजिंग ओलंपिक का बहिष्कार करेगा अमेरिका, भड़के चीन ने कहा- हमने बुलाया ही कब था, करारा जवाब मिलेगा

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अमेरिका ने ऐलान कर दिया है कि चीन में 2022 के शीतकालीन ओलंपिक खेलों का कूटनीतिक रूप से बहिष्कार करेगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बाइडेन प्रशासन अपने किसी भी आधिकारिक या राजनयिक प्रतिनिधिमंडल को बीजिंग में शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों में नहीं भेजने का फैसला किया है। अमेरिका ने शिनजियांग प्रांत और देश में चीन द्वारा अन्य मानवाधिकारों के उल्लंघन को जिम्मेदार ठहराया गया है और इसके विरोध में अमेरिका ने यह फैसला लिया है।

चीन को कड़ा संदेश देने का प्रयास : अमेरिकी ने यह फैसला प्रतिस्पर्धा से रोके बिना विश्व मंच पर चीन को एक कड़ा संदेश देने के लिए किया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि हमें अमेरिकी एथलीटों का पूरा समर्थन है, हम पूरी तरह से उनके साथ हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने सोमवार को अमेरिका पर बिना निमंत्रण के ओलंपिक का राजनयिक बहिष्कार करने का आरोप लगाया।
अमेरिका ने भी किया था ,बहिष्कार :अमेरिका ओलंपिक खेलों का बहिष्कार पहली बार नहीं कर रहा है। इससे पहले अमेरिरा ने साल 1980 में मास्को ओलंपिक का पूरी तरह बहिष्कार किया था। शीत युद्ध के दौरान तब अमेरिका के राष्ट्रपति जिमी कार्टर थे। इसके अलावा कई अन्य देश भी ओलंपिक खेलों का बहिष्कार कर चुके हैं।

ओलंपिक खेलों के बहिष्कार का ऐसा है इतिहास : वर्ष 1956 (मेलबोर्न), 1964 (टोक्यो), 1976 (मॉन्ट्रियल), 1980 (मास्को), 1984 (लॉस एंजिल्स) और 1988 (सियोल) में विभिन्न देशों ने युद्ध, आक्रामकता और रंगभेद जैसे कारणों से ओलंपिक खेलों का बहिष्कार किया।

अमेरिका के फैसले पर चीन ने जताई आपत्ति : अमेरिका द्वारा शीतकालीन ओलंपिक खेलों के बहिष्कार के फैसले पर चीन ने आपत्ति जताई और उसने धमकी दी कि यदि वाशिंगटन फरवरी में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक खेलों का राजनयिक बहिष्कार करता है तो बीजिंग इस पर जवाबी कार्रवाई करेगा। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि यदि अमेरिका ऐसा करता है तो यह राजनीतिक तौर पर भड़काने वाली कार्रवाई होगी।

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देश - दुनिया

बंगाल की खाड़ी में हुई हलचल, उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए बजी खतरे की घंटी, आ रहा चक्रवाती तूफान जवाद, इन राज्यों में अलर्ट

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बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवातीय तूफान ‘जवाद’ कमजोर पड़ गया है और रविवार को ओडिशा तट के पास बंगाल की उत्तर पश्चिम खाड़ी के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया है। इसके उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में इसकी वजह से पूर्वी और उत्तर पूर्वी राज्यों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आज दक्षिण असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी हो सकती है।

वहीं आसपास के स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। इसके साथ ही, उत्तर 24 परगना, नदिया और मुर्शिदाबाद जिलों में मंगलवार सुबह तक भारी बारिश होने के आसार हैं। सोमवार को दोपहर पश्चिम बंगाल के तट के आसपास 40-50 किमीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं।

कितना पड़ा असर?

मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात जवाद के चलते पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्से और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी बारिश के चलते जनजीवन पर असर पड़ा है। ओडिशा में पारदीप पोर्ट पर कामकाज का असर पड़ा है। जबकि राज्य के कई हिस्सों में फसल को नुकसान पहुंचने की भी खबरें हैं। इस बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने हुगली नदी पर ferry सर्विसेज पर रोक लगा दी है और पर्यटकों से समुद्र के किनारे नहीं जाने की सलाह दी गई है। वहीं मछुआरों को भी पश्चिम-मध्य और उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी में और आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों पर नहीं जाने की सलाह दी गई है।

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