छत्तीसगढ़
सुशांत केस : संदेही कलाकारों की पहचान उजागर करना गैरवाजिब – रिजवी
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख, मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व उपमहापौर तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने कहा है कि स्थापित नियम एवं प्रचलन में पुलिस सहित मीडिया को कड़े निर्देश हैं कि अपराधिक प्रकरण में तफतीश के दौरान किसी भी महिला संदेही का नाम उजागर न किया जाय क्योंकि समाज एवं संबंधित पेशे में उन्हें बदनामी का दंश भोगना पड़ता है। प्रायः देखा जाता है कि गंभीर अपराधिक प्रकरण में यदि किसी महिला पर संदेह होता है तो उसका नाम मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक न करने का सख्त निर्देश है ताकि संदेही महिला की पहचान सार्वजनिक न हो सके परन्तु खेद एवं आश्चर्य का विषय है कि बालीवुड के लोकप्रिय कलाकार बिहार निवासी सुशांत सिंह राजपूत की मौत को संदिग्ध मानकर इसकी जांच एन.सी.बी. से करवाई जा रही है।
रिजवी ने कहा है कि इस जांच पर किसी को आपत्ति नहीं है परन्तु एन.सी.बी. द्वारा बालीवुड की नामचीन कलाकारों को पूछताछ के लिए बुलाए जाने की प्रक्रिया में महिला कलाकारों का नाम मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक करना न्यायसंगत नहीं है तथा इस तरह उन महिला कलाकारों को बिना जुर्म सिद्ध हुए उन्हें आरोपित करार दे दिया जाना गैरवाजिब है एवं उन सभ्रांत महिला को समाज की नजरों में अपमानित होना पड़ा है। एन.सी.बी. को इस संदर्भ में कड़े निर्देश मीडिया को जारी करना चाहिए। एन.सी.बी. इस पूछताछ को गोपनीय तरीके से भी अंजाम दे सकती थी तथा सम्मन न भेजकर फोन या निजी संदेश वाहक से उन्हें बुलवाया जा सकता था और इस तरह महिला संदेही अपमानित होने से भी बच जाती।


छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री दाई-दीदी क्लीनिक योजना चलाई जा रही,महिलाओं और बच्चियों को मिल रहा है आसानी से इलाज

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री दाई-दीदी क्लीनिक योजना का लाभ प्रदेश की गरीब महिलाओं और बच्चियों को मिल रहा है. अब तक प्रदेश में इस योजना का लाभ 1 लाख 9 हजार से ज्यादा महिलाओं और बच्चियों ने उठाया है.छत्तीसगढ़ में गरीब महिलाओं और बच्चियों के इलाज के लिए ”मुख्यमंत्री दाई-दीदी क्लीनिक” योजना चलाई जा रही है. अब तक इस योजना का लाभ कई महिलाएं और बच्चियां उठा चुकी है, जबकि इस योजना के माध्यम से महिलाओं और बच्चियों को आसानी से इलाज भी मिल रहा है.मुख्यमंत्री दाई-दीदी क्लीनिक योजना के माध्यम से अब तक राज्य में करीब एक हजार 475 कैम्प लगाएं जा चुके हैं और इनसे रायपुर, बिलासपुर एवं भिलाई नगर निगम क्षेत्र की गरीब स्लम बस्तियों में रहने वाली एक लाख नौ हजार 505 से अधिक महिलाओं एवं बच्चियों का उनके घर के पास ही इलाज किया गया है. सीएम भूपेश बघेल खुद इस योजना को लेकर मॉनिटिरिंग करते हैं.
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री दाई-दीदी क्लिनिक योजना संचालित की जा रही है. योजना के तहत दाई-दीदी क्लिनिक की मोबाइल मेडिकल यूनिट के वाहन में महिला चिकित्सकों और स्टॉफ की टीम पहुंचती है तथा जरूरतमंद महिलाओं एवं बच्चियों की विभिन्न बीमारियों का निःशुल्क इलाज कराती है. इन मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा 19 हजार 432 महिलाओं का लैब टेस्ट किया गया तथा एक लाख तीन हजार 864 महिलाओं को निःशुल्क दवाईयां दी गई.इस योजना के जरिए गरीब स्लम क्षेत्र में रहने वाली मेहनत मजदूरी करने वाली ऐसी महिलाएं जो कई कारणों से अपना इलाज नहीं पा रही थी. उन्हें इलाज की सुविधा घर के पास ही महिला चिकित्सकों और चिकित्सा स्टॉफ के माध्यम से मिल पा रही है. ऐसे में यह योजना प्रदेश की गरीब महिलाओं और बच्चियों के लिए फायदेमंद साबित हुई है. क्योंकि उन्हें इस योजना के जरिए आसानी से इलाज मिल रहा है।
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District Hospital : शाॅर्ट सर्किट के कारण बिजली चली गई जिससे नवजात बच्चे की मौत,लापरवाही से यह घटना सामने आई

कोरबा। जिला अस्पताल में एक बड़ी घटना घटी गई है.जहां शाॅर्ट सर्किट के कारण अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड की बिजली चली गई. समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण एक नवजात बच्चे की जान चली गई. वहीं दो बच्चों को रिफर करना पड़ा. परिजनों का आरोप है कि, अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से यह घटना सामने आई है।
हालांकि मेडिकल काॅलेज के डीन ने लापरवाही की बात से साफ इंकार कर दिया है. बता दें कि, कोरबा के जिला अस्पताल में बीमार नवजात बच्चों को रखने के लिए बनाए गए एसएनसीयू वार्ड की बिजली बीती रात चली गई. ऑक्सीजन का प्रवाह रुकने के कारण जहां एक बच्चे की मौत हो गई. वहीं दो बच्चों की हालत बिगड़ने पर रात में ही उन्हें रिफर करना पड़ा।
बताया जा रहा है, कि विशेष वार्ड में शाॅर्ट सर्किट के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है, जिसके कारण घंटो तक वार्ड में बिजली की सप्लाई रुकी रही. यही वजह है कि, बच्चों की हालत बिगड़ने पर उन्हें देर रात ही रिफर करने की सलाह दी गई. इस आपाधापी में दीपका निवासी अमित कुमार नामक व्यक्ति के बच्चे की जान चली गई जबकि दो अन्य बच्चों को बिलासपुर और कोरबा के निजी अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।
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छत्तीसगढ़
यात्रियों को बड़ा झटका : 20 ट्रेनों को किया रद्द,देखें लिस्ट

बिलासपुर : ट्रेनों के कैंसिल होने से रेल यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच SECR ने एक बार फिर यात्रियों को बड़ा झटका दिया है। SECR ने 20 ट्रेनों को रद्द किया है और 4 अन्य ट्रेने अपने गंतव्य से पहले भी ये सभी ट्रेने 25 से 28 जुलाई तक रद्द रहेंगी। बता दें कि, SECR ने राजनांदगांव-कलमना रेल खंड के बीच नॉन इंटरलोकिंग वर्क होने के कारण सभी ट्रेनों को रद्द किया है। नॉन इंटरलोकिंग के दौरान खात रेलवे स्टेशन को जोड़ने का कार्य किया जाएगा। इस दौरान 25 से 28 जुलाई तक 20 ट्रेनों को रद्द किया गया है और 4 अन्य ट्रेनों को गंतव्य से पहले ही समाप्त किया जाएगा।
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