देश - दुनिया
कोरोना महामारी से राहत मिलने के साथ ही,सोने के गहने,गाड़ियां, फ्लैट, घरेलू महंगे उपकरण, गैजेट आदि की जमकर खरीदारीकर रहे हैं

उपभोक्ता जमकर खरीदारी कर रहे हैं।कोरोना महामारी से राहत मिलने के साथ ही व्यापारी प्रतिनिधियों का कहना है कि समृद्ध शहरी हीं कउपभाक्ता सोने के गहने, गाड़ियां, फ्लैट, घरेलू महंगे उपकरण, गैजेट आदि की जमकर कर खरीदारी कर रहे हैं। करीब दो साल से वे अपने अरमान या सपने को पूरा नर पा रहे थे। अब वो हर वो चीज खरीदना चाहते हैं, जो उनके बजट और पसंद की है।
हल्के सोने के गहने पहली पसंद
ज्वैलरी रिटेलर तनिष्क के अनुसार, शहरी उपभोक्ता अब जश्न मना रहे हैं। वे अधिक पहनने योग्य, हल्के आभूषणों की खरीदारी कर रहे हैं। टाइटन ज्वैलरी डिवीजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय चावला ने भी कहा कि पिदले साल के मुकाबले इस साल उपभोक्ताओं का मूड एकदम बदल गया है। उपभोक्ता कल को भुला कर आज में जिना चाह रहे हैं। वह अपने लिए हर वो चीज खरीद लेना चाहते हैं जिनसे उनको खुशी मिले। इससे मांग में बड़ा उछाल आया है।
आईटी पेशवर जमकर खरीद रहे हैं घर
अंतरिक्ष इंडिया के सीएमडी राकेश यादव ने हिन्दुस्तान बताया कि जुलाई-सितंबर तिमाही में घरों की बिक्री सालाना आधार पर 59 प्रतिशत बढ़ी है। कोरोना के बाद घरों की बिक्री बढ़ाने में अहम योगदान युवा आईटी पेशवरों का है। हाल के दिनों में हमारे यहां आधे से अधिक क्वेरी आईटी पेशवरों की ओर से आई है। एक बड़ा बदलाव जो आया है कि अब बड़े साइज के घर की मांग अधिक है। बाजार में जो सेंटिमेंट है उसको देखते हुए दिवाली तक घरों की मांग में और वृद्धि होने की उम्मीद है।
घूमने पर भी बजट को बढ़ाया
ऑस्ट्रेलिया की ट्रैवल साइट लग्जरी एस्केप्स के रीजनल हेड, इंडिया एंड मिडिल ईस्ट, अरुण अशोक ने कहा, अब शहरी उपभोक्ता घूमने के बजट को भी बढ़ा रहे हैं। पहले से खरीदे गए पैकेज में से 30% से अधिक ने अपग्रेडेड रूम कैटेगरी में शिफ्ट किया है, जबकि पहले औसत 10-20% के बीच था। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में मालदीव की यात्राओं का बुकिंग में 40% का उछाल आया है जो पिछली तिमाही के 10% के करीब था। यह पिछले साले रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है। अभी तक पिछला 25% का था।
कोरोना काल में बचत में हुआ था इजाफा
रिजर्व बैंक की ओर से जारी आंकड़ों के बैंकों का जमा मार्च, 2021 तक बढ़कर 150.13 खरब रुपये से पार निकल गया है।रिजर्व बैंक के अनुसार, कोरोना काल में बैंकों का जमा बढ़ा है। वहीं, एसबीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, बैंकिंग व्यवस्था में कुल मिलाकर 102 लाख करोड़ रुपये जमा हैं। आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, कोरोना औैर लॉकडाउन के कारण नौकरी पेशा वाले लोगों की बचत बढ़ी थी। वह अपने बचत को बैंक में जमा किए हुए थे। अब वह अपने सपने को पूरा करने में उसे लगा रहे हैं।


देश - दुनिया
अब छुट्टी के दौरान हमले में सैनिकों की मौत को ऑन ड्यूटी माना जाएगा, मोदी सरकार का बड़ा फैसला

एक स्पष्टीकरण जारी किया है। अवकाश के दौरान सैनिकों पर हमले को लेकर रक्षा मंत्रालय ने एक स्पष्टीकरण जारी किया यदि छुट्टी पर गए किसी सैनिक पर चरमपंथी या असामाजिक तत्वों द्वारा हमला होता है और उसमें उसकी मृत्यु हो जाती है, तो ऐसे मामलों को ड्यूटी के दौरान हुई मृत्यु माना जाएगा।
उसके परिजन उसी प्रकार के मुआवजे के हकदार होंगे जो ड्यूटी करने के दौरान मृत्यु होने पर दिए जाते हैं।हाल में जारी आदेश में कहा गया है कि इसमें अभी तक कई मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। यदि कोई सैनिक छुट्टी पर अपने घर आया हुआ है या कहीं और भी गया हुआ है। इस दौरान चरमपंथी या असामाजिक तत्वों द्वारा उसे हमले में मार दिया जाता है तो उसे ड्यूटी पर तैनात माना जाएगा। उसके परिजन उसी प्रकार के मुआवजे के हकदार होंगे जो ड्यूटी करने के दौरान मृत्यु होने पर दिए जाते हैं।आदेश में कहा गया है कि छुट्टी से तात्पर्य उन सभी प्रकार की छुट्टियों से है जो सरकार की तरफ से सैन्यकर्मियों को प्रदान की जाती हैं। दरअसल, पिछले कुछ समय के दौरान सैन्यकर्मियों पर हमले बढ़े हैं। खासकर जब वह अवकाश पर थे। हालांकि, ऐसी घटनाएं कश्मीर में ज्यादा हुई हैं। लेकिन सरकार की तरफ से इस मामले में स्पष्टीकरण जारी कर सैन्यकर्मियों को राहत प्रदान की गई है।
मंत्रालय ने यह तर्क दिया
तर्क दिया गया है कि यदि सैन्यकर्मी पर अवकाश के दौरान चरमपंथियों या असामाजिक तत्वों का हमला होता है तो इसकी वजह यही हो सकती है कि उसके सैन्यकर्मी होने के कारण उस पर हमला किया गया। जिसमें उसकी जान चली गई। इसलिए वह इस लाभ का हकदार है।
निजी दुश्मनी में मृत्यु पर लाभ नहीं
हालांकि, छुट्टी के दौरान सैनिक की निजी दुश्मनी की वजह से उस पर कोई हमला होता है और उसमें उसकी मृत्यु हो जाती है तो इसे ड्यूटी के दौरान हुई मौत नहीं माना जाएगा। ऐसे मामले में ड्यूटी के दौरान हुई मृत्यु के तहत मुआवजा नहीं मिलेगा।

देश - दुनिया
लखीमपुर कांड की जांच टीम के अध्यक्ष समेत 6 आईपीएस अधिकारियों का तबादला

साल 2022 में होने जा रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है. दरअसल, राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 6 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किये हैं. इसमें उपेंद्र अग्रवाल, संजीव गुप्ता, अनिल राय, केपी सिंह, राजेश मोदक और राकेश सिंह के नाम शामिल हैं. बता दें कि इसमें से उपेंद्र अग्रवाल ने लखीमपुर बवाल को लेकर बनाई गई निगरानी समिति की अध्यक्षता की थी.
-लखीमपुर के DIG उपेंद्र अग्रवाल को पुलिस उपमहानिरीक्षक देवीपाटन रेंज के रूप में तैनात किया गया है. -संजीव गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था बनाये गए हैं. -अनिल राय की नई तैनाती बतौर पुलिस महानिरीक्षक पीएसी सेंट्रल जोन लखनऊ है. -केपी सिंह- पुलिस महानिरीक्षक अयोध्या रेंज होंगे. -मोदक राजेश- पुलिस महानिरीक्षक बस्ती रेंज. -राकेश सिंह को पुलिस महानिरीक्षक प्रयागराज रेंज के रूप में तैनात किया गया है. बता दें कि इस माह की शुरुआत में राज्य में 7 आईपीएस अधिकारियों का तबादला हुआ था. इसमें पुलिस अधीक्षक भदोही, पुलिस अधीक्षक बदायूं, पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के साथ-साथ अपर पुलिस उपायुक्त (कानपुर) का तबादला हुआ है. यूपी के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी की तरफ से इससे जुड़े आदेश जारी किया है.

देश - दुनिया
यहां घर बनाने के लिए सरकार दे रही फ्री में जमीन, ये शर्त पूरी करना जरूरी

अपना घर बनाने के लिए जमीन खरीदना तमाम लोगों के लिए जीवन का बड़ा काम होता है. कई बार लोगों को बजट की कमी के चलते इस सपने को पूरा करने के लिए संघर्ष भी करना पड़ता है लेकिन यदि घर बनाने के लिए किसी को मुफ्त में ही जमीन मिल जाए तो? वो भी सरकार की तरफ से. जी हां, यकीन करना भले ही मुश्किल है लेकिन ये बात 100 फीसदी सच है. हालांकि ये स्कीम भारत में नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया में है.
यहां मिल रहा फ्री में प्लॉट
ऑस्ट्रेलिया में एक शहर है किल्पी, इस शहर में मात्र 800 लोगों की आबादी है. यहां बसने के इच्छुक लोगों के लिए सरकार की तरफ से खास स्कीम शुरू की गई है. सरकार की तरफ से ऐसे लोग किल्पी में अपना घर बनाकर रहना चाहते हैं, उन्हें फ्री में जमीन देने की योजना लाई गई है. सरकार की ये स्कीम लोगों को खूब भा रही है. कई लोग स्थानीय प्रशासन से इस बाबत जानकारी मांग रहे हैं.
भारत के लोग भी दिखा रहे इंटरेस्ट
किसे मिलेगी जमीन?
फ्री जमीन पाने के लिए भले ही तमाम देशों के लोग जानकारी मांग रहे हों लेकिन इनका ये सपना इस स्कीम के तहत पूरा नहीं होने वाला. असल में इस स्कीम के तहत बाहर के लोगों को लाभ नहीं मिलेगा. बल्कि इसके लिए किसी व्यक्ति का ऑस्ट्रेलियाई नागरिक होना या इसका स्थाई निवासी होना आवश्यक है.
क्यों दी जा रही फ्री जमीन?
ऑस्ट्रेलिया के क्विल्पी शहर में आबादी काफी कम है. 800 लोगों की आबादी वाले इस दूरादराज के क्षेत्र में सरकार चाहती है कि और लोग भी बसें. यानी कि क्विल्पी शाइर परिषद ने नगर में आबादी की कमी को दूर करने के लिए इस तरह की पेशकश की है क्योंकि जनसंख्या की कमी की वजह से पश्चिमी क्वींसलैंड राज्य के इस क्षेत्र में पशुपालन और भेड़पालन से जुड़ी नौकरियों को भरने में बाधा का सामना करना पड़ रहा है.

-
छत्तीसगढ़5 days agoहेल्थ डिपार्टमेंट में बंपर भर्तियां, 22 अक्टूबर आवेदन की अंतिम तारीख
-
जॉब6 days agoइंडियन नेवी भर्ती, ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 02 नवंबर
-
देश - दुनिया3 days ago100 रुपये के करीब पहुंचा टमाटर का भाव, जानिए क्या है प्याज की कीमत?
-
देश - दुनिया3 days agoजानी मानी एक्ट्रेस का निधन, फर्श पर गिरी और चली गई जान
-
देश - दुनिया7 days agoकेंद्रीय कर्मचारियों के लिए दिवाली बेहद खास, 3 जगह से मिलेंगे पैसे, मोदी सरकार करेगी जारी
-
देश - दुनिया3 days agoबचपन का प्यार’ भूल दोस्त के साथ पत्नी ने बनाये शारीरिक संबंध
-
देश - दुनिया3 days agoबैंक ऑफ इंडिया में ग्रेजुएट, 10वीं और आठवीं पास के लिए नौकरियां, देखें सैलरी और योग्यता
-
देश - दुनिया3 days agoइस सप्ताह 5 दिन बंद रहेंगे बैंक, ब्रांच जाने से पहले चेक करें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
-
जॉब5 days agoयूजीसी सीएसआर में जेई, स्टेनो और सहायक के पदों पर भर्तियां, आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर
-
देश - दुनिया3 days agoपटना के युवक ने बिग बी को कराया गलती का एहसास तो बोले-मैं सुधार करूंगा

















You must be logged in to post a comment Login