छत्तीसगढ़
महंगाई का बोझ: अब घर खरीदना हुआ और भी महंगा, जाने क्यों? पढ़े पूरी खबर…

रायपुर: देश में महंगाई आसमान छू रही है। पेट्रोल-डीजल से लेकर सब्जी-फल के दाम बढ़ गए हैं। वहीं नए घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों को करारा झटका लगा है। दरअसल जहां मकान बनाने में इस्तेमाल होने वाली चीजों की कीमतों में वृद्धि हो रही है। वहीं होम लोन भी महंगा होने वाला है। इसके अलावा कुछ ऐसी वजह हैं। जिनके कारण घर खरीदना महंगा हो जाएगा।
रियल एस्टेट डेवलपर्स संगठन क्रेडाई के अनुसार मकान के दाम में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव है। क्यों महंगा होगा मकान खरीदना घर बनवाने में जिन सामान का इस्तेमाल होता है। उन सभी की कीमतों में वृद्धि हो रही है। इनमें स्टील, सीमेंट, ईट और लेबर हैं। वहीं कई बैंक भी होम लोन की ब्याज दर को बढ़ाने वाली हैं। इस कारण ईएमआई को बोझ भी बढ़ जाएगा। वहीं बीते कुछ समय में तेज से घर-मकानों की बिक्री हुई थीं। जिसकी वजह से जो मकान नहीं बिके थे। उनकी संख्या में गिरावट हुई है। मकानों की सप्लाई के मुकाबले डिमांड बढ़ गई है। स्टील का भाव दोगुना हुआ मकान बनाने में बड़े पैमाने पर सीमेंट और स्टील का उपयोग होता है। सीमेंट के भाव बीते कुछ महीनों में 100 रुपए तक बढ़ गए हैं। वहीं स्टील के दामों में जबरदस्त उछाल हुई है। स्टील 90 हजार रुपए प्रति मिट्रिक टन हो गया है, जो पहले 45 हजार रुपए था। 260 की सिमेंट की बोरी का दाम अब 400 रूपये हो गया है. ईटों की किमत भी 8,000 रूपये हो गई है. बिजली के तार, फिटिंग, टाइल्स, पाईप, सॅनिटरी वेअर, फॅब्रिकेशन और सबसे महत्वपूर्ण मजदूरी में भी भारी वृद्धी हुई है. आम तौर पर अभी सभी घरों में काली ईंट यानी फ्लाई ऐश वाली ईंट लग रही है। इसकी कीमत भी 20 से 30 पैसा तक बढ़ गई है। अभी एक ईंट की कीमत बाजार में 3.20 रुपए तय है।
सीमेंट, सरिया और फ्लाई ऐश की कीमत एक साथ बढ़ जाने की वजह से मकान बनाने की लागत भी बढ़ गई है। 3 साल पहले तक सामान्य ठेकेदार 700 रु. वर्गफीट (मटेरियल सहित) में मकान बनाने का ठेका लेते थे, लेकिन अभी यही ठेका न्यूनतम 1000 रु. वर्गफीट में तय हो रहा है। ज्यादातर ठेकेदार अभी भी 1100. रु. प्रति वर्गफीट की डिमांड कर रहे हैं। यह रकम मकान का इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में खर्च हो रही फैक्ट्रियों में उत्पादन, सप्लाई और बाजार में डिमांड सबकुछ सामान्य होने के बावजूद सीमेंट की कीमत अचानक बढ़ा दी गई। इससे मकान बनाने वाले लोग खासे परेशान हो रहे हैं। सीमेंट, सरिया और ईंट की कीमत बढऩे से मकानों की कंस्ट्रक्शन कॉस्ट भी दोगुना बढ़ गई है। मटेरियल वही फिर भी बढ़ गया खर्चा आज से लगभग तीन साल पहले सम्भवत: एक हजार वर्गफीट के मकान का इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में पहले जो सामान लगाए जाते थे, उस पर लगभग 6-7 लाख का खर्चा आता था। लेकिन अब इस पर करीब 10 लाख का खर्च आ रहा है। इसमें लोहा, सीमेंट, ईंट, रेत, सेनेटरी आइटम, लोहे के ग्रिल, नल फिटिंग, टाइल्स का काम शामिल है। इसके अलावा अगर घर में पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) का काम करवाना है तो करीब 100 रुपए वर्गफीट का खर्च और बढ़ जाता है। 1000 रुपए वर्गफीट में काम करने वाला ठेकेदार 1100 रुपए चार्ज करता है। मकान बनाने वाले ठेकेदारों का कहना है कि लेबर कास्ट 2 से 3 गुना बढ़ गया है। हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर पड़ रहा असर क्रेडाई के मुताबिक घर की कीमतों में फिलहाल 8 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। इसमें अभी 5 से 7 प्रतिशत की वृद्धि और होगी। देश में कई हाउसिंग प्रोजेक्ट्स हैं, जो महंगाई से तंगहाल है।
महंगे बिल्डिंग मैटेरियल के कारण कई प्रोजेक्ट्स रुक गए हैं। बिल्डर्स सरकार से महंगाई कम करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर महंगाई कम नहीं हुई तो प्रोजेक्ट्स पूरे नहीं हो पाएंगे। इन वजहों से मकानों की सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है। बिल्डर दे रहे एक से बढ़कर एक ऑप्शन फिर भी कारोबार में नहीं आ रहा बूम कोरोनाकाल की दो साल चली मंदी के दौर में मौत से भी भयावह दिन बिल्डरों को देखने पड़े है। करोड़ों-अरबों की प्रापर्टी बनाने के बाद कोई लेवाल दो साल में नहीं मिल पाया। अब मीडिया हाउस के कंधे में बैठकर मंदी के भवसागर को पार करने के लिए नित नए एक्स-पो और प्रापर्टी मेला लगाकर निवेशकों को लुभावने और आकर्षक प्रलोभन दे रहे है उसके बाद भी पूछपरख नहीं होने से बिल्डरों में निराशा और हताशा साफ झलक रही है। प्रापर्टी मेला में प्लाट,जमीन, प्लैट, बंगलों खरीदारों को रजिस्ट्री फ्री, विदेश यात्रा, बिना डाउन पेमेंटे के पजेशन लेने की पेशकश, मेला स्थल पर पहुंचने पर पार्किंग फ्री, ब्रेकफास्ट, लंच, डीनर फ्री, बैंक लोन की गारंटी, 90 से 100 प्रतिशत फाइनेंस का आफर, शुरूआती पांच किश्त की छूट, एसी, फर्नीचर के साथ कीचन सेट, तुरंत गृहप्रवेश करने एक तोला सोना उपहार में देने के आफरों को जमीन, मकान, फ्लैट, दुकान खरीदने वाले रुचि नहीं दिखा रहे है। जिसके कारण बिल्डरों का प्रापर्टी मेला लगातार फ्लाप शो साबित हो रहा है।
पिछले दो साल तक करोड़ों की बनी बनाई प्रापर्टी लेवाल नहीं मिलने से खंडहर में तब्दील होने की स्थिति में आ गई है, जिसे औने-पौने दाम में बेचकर बाजार और बैंक के कर्ज से मुक्त होने के सारे प्रयास धड़ाधड़ गिरते नजर आ रहे है। अब तो ऐसी हालात हो गई है कि बिल्डरों के लांचिंग स्थल पर आने-जाने के लिए कार की सुविधा देने के बाद भी लोग बिल्डरों के मेले तक पहुंचने से भी कतरा रहे है।
राजधानी के बड़े-बड़े बिल्डरों ने मीडिया हाउस को पार्टनर बनाकर बिजनेस में उठाव लाने के लिए हर संभव प्रयास कर लिए लेकिन उनके मेहनत का असर खरीदारों पर बेअसर ही साबित हो रहा है। मीडिया हाउस के पार्टनर होने का लाभ बिल्डरों को मिलता नजर नहीं आ रहा है। हताशा से उबरने के लिए बिल्डरों ने प्रापर्टी के दाम आधे कर दिए उसके बाद भी प्रापर्टी की कोई पूछ परख नहीं हो रही है। लोग बिल्डरों के लोकलुभावन झांसे में आने से लगातर बच रहे है। पिछले दो साल तो करोना में निकल गया, उससे पहले बिल्डरों से जो सौदे हुए उसका पजेशन आज तक बिल्डरों ने नहीं दिया है जिसके कारण खरीदारों और बिल्डरों के बीच विवाद का मामला अब रेरा तक पहुंच चुका है, जिस पर एक्शन लेकर रेरा त्वरित कार्रवाई कर बिल्डरों को नोटिस पर नोटिस तामिल कर रहा है। ऐसे हालात को देखते हुए दूसरे राज्य के पूंजीपति भी बिल्डरों के प्रोजेक्टों में पैसा फंसाने से कतरा रहे है। कुल मिलाकर बिल्डरों का मंदीकाल लाख जतन करने के बाद भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। छत्तीसगढ़ क्रेडाई से मिली जानकारी के अनुसार मटेरियल 2019 2020 2021 2022 महंगा (त्न मे ) स्टील (टन में) 33180 40380 57000 90000 141.11 सीमेंट 190 200 250 350 42.11 टाइल्स डबल चार्ज 32 32 39 43 34.38 यूपीवीसी पाइप (20 एमएम) 129 129 208 280 117.05 वायर 1.5 एसक्यू एमएम 7.25 8.15 13.59 15.3 111.03 यूपीवीसी विंडो 460 500 613 675 46.74 एल्यूमीनियम (केजी में) 190 190 315 450 136.84

छत्तीसगढ़
1 जुलाई से सस्ते होंगे कॉमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम, 198 रुपए की कमी आई…
1 जुलाई यानी आज से दिल्ली में कॉमर्शियल LPG सिलेंडर (19 किलो) की कीमतों में 198 रुपए की कमी आई है। 19 किलो के कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत अब 2,021 रुपए होगी। पहले यह 2,219 रुपए थी। इससे पहले, 1 जून को कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में 135 रुपए की कटौती की गई थी।
छत्तीसगढ़
1 जुलाई से होंगे बड़े बदलाव, बढ़ जायेगा आपकी जेब का खर्चा, जाने कौन से है वो बदलाव..
एक जुलाई यानी आज से देशभर में कई बदलाव हुए हैं। इनका सीधा असर आपकी जेब और जिंदगी पर पड़ेगा। इसलिए जरूरी है कि नियमों की जानकारी पहले ही आपको हो। आज से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर सस्ता हो गया है। वहीं आधार-पैन लिंक करने के लिए 1000 रुपए चार्ज देना होगा। हम आपको ऐसे 7 बदलावों के बारे में बता रहे हैं…
1. कॉमर्शियल गैस सिलेंडर सस्ता
कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई है। दिल्ली में 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2219 रुपए से घटकर 2021 रुपए हो गई है। इसी तरह कोलकाता में 2322 रुपए के मुकाबले अब यह सिलेंडर 2140 रुपए में मिलेगा। मुंबई में कीमत 2171.50 रुपए से घटकर 1981 रुपए और चेन्नई में 2373 से घटकर 2186 रुपए हो गई है।
इस हिसाब से दिल्ली में गैस सिलेंडर की दरों में 198 रुपए, कोलकाता में 182 रुपए, मुंबई में 190.50 रुपए और चेन्नई में 187 रुपए की कमी आई है। पिछले महीने जून में कॉमर्शियल सिलेंडर की दरों में 135 रुपए की कमी की गई थी। हालांकि तेल कंपनियों की तरफ से घरेलू गैस सिलेंडर में किसी तरह की राहत नहीं दी गई। दिल्ली में 14.2 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमत 1003 रुपए है।
2. आधार-पैन लिंक करने के लिए अब 1000 रुपए चार्ज
आज यानी 1 जुलाई से पैन को आधार से लिंक कराने के लिए आपको 1,000 रुपए देने होंगे। 30 जून तक ये काम 500 रुपए में हो जाता था। अब आपको 500 रुपए ज्यादा चुकाने होंगे।
3. क्रिप्टोकरेंसी के लिए किए गए लेन-देन पर TDS
अब से अगर क्रिप्टोकरेंसी के लिए किया गया लेन-देन एक साल में 10,000 रुपए से ज्यादा है तो उस पर 1% का चार्ज किया जाएगा। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) के लिए टीडीएस के डिस्क्लोजर मानदंडों की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके दायरे में सभी NFT या डिजिटल करेंसी आएंगी।
4. बिना केवाईसी वाले डीमैट अकाउंट हो जाएंगे डीएक्टिवेट
डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट के लिए केवाईसी (KYC) कराने की आखिरी तारीख 30 जून 2022 थी। ऐसे में अगर आपने अकाउंट की KYC नहीं कराई है तो ये डीएक्टिवेट हो जाएंगे। इससे आप स्टॉक मार्केट में ट्रेड नहीं कर पाएंगे। अगर कोई व्यक्ति किसी कंपनी का शेयर खरीद भी लेता है तो ये शेयर्स अकाउंट तक ट्रांसफर नहीं हो सकेंगे।
5. मोटर साइकिल खरीदना महंगा
दोपहिया वाहन 1 जुलाई से महंगे हो जाएंगे। हीरो मोटोकॉर्प ने अपने ब्रांड्स की कीमतों को 3 हजार रुपए तक बढ़ाने का फैसला किया है। हीरो मोटकॉर्प ने बढ़ती महंगाई और रॉ मटेरियल की कीमतों में तेजी के चलते दाम बढ़ाए हैं।
6. तोहफे पर देना होगा 10% TDS
व्यवसायों से मिलने वाले तोहफे पर 10% के हिसाब से टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) देना पड़ेगा। ये टैक्स डॉक्टरों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पर लगेगा। हालांकि, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर टैक्स तभी लगेगा, जब वे किसी कंपनी से मार्केटिंग के लिए मिले सामान अपने पास रखते हैं। अगर वे इसे लौटा देते हैं तो TDS नहीं लगेगा।
7. देना होगा ज्यादा टोल
दिल्ली- देहरादून हाईवे (NH 58) पर 1 जुलाई (गुरुवार रात 12 बजे से) टोल दरें बढ़ा दी गईं हैं। लॉकडाउन में टोल दर नहीं बढ़ाई गई थी। एक जुलाई से यहां से गुजरने वालों को 5 रुपए से लेकर 80 रुपए तक का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। नई दरें जानने के लिए यहां क्लिक करें
छत्तीसगढ़
PM Kisan Yojana के तहत किसानो के फसे पैसे आ सकते है वापस इन तरीको से…
PM Kisan Yojana: देश में जितनी भी लाभकारी और कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं, उनमें से कुछ को राज्य तो कुछ को केंद्र सरकार चलाती है। राज्य सरकार के अलावा केंद्र सरकार भी देश के जरूरतमंद लोगों के लिए कई तरह की योजनाएं चलाती है। इसी में से एक योजना है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, जिसे केंद्र सरकार द्वारा चलाया जाता है। इस योजना के तहत किसानों की आर्थिक मदद की जाती है। योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6 हजार रुपये दिए जाते हैं, जिन्हें 2-2 हजार रुपये की तीन किस्तों में पात्र किसानों के बैंक खाते में भेजा जाता है। बीते दिनों किसानों के खाते में 11वीं किस्त भेजी गई, लेकिन अब भी कई किसान ऐसे हैं जिनके खाते में ये किस्त नहीं पहुंची। अगर आप भी इस लिस्ट में हैं, तो चलिए हम आपको बताते हैं कि कैसे आपको ये लाभ अभी भी मिल सकता है। आप अगली स्लाइड्स में इसके बारे में जान सकते हैं…
भेजे गए थे इतने पैसे
दरअसल, 31 मई को पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा देश के लगभग 10 करोड़ किसानों के बैंक खातों में लगभग 21 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा भेजे गए थे।
कैसे ले सकते हैं मदद?
अगर आप पात्र किसान हैं और अब तक आपको किस्त के पैसे नहीं मिले हैं, तो ऐसे में अभी किस्त पाने का मौका है। आपको सरकार की तरफ से जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर्स पर अपनी समस्या बतानी है, और वहां से आपकी उचित मदद की जाती है।
रजिस्टर्ड किसान यहां कर सकते हैं संपर्क
कुछ लाभार्थी किसान ऐसे भी हैं, जिनका नाम पिछली सूची में था। लेकिन नई सूची में नहीं है यानी इनको पिछली बार पैसा मिला, लेकिन इस बार नहीं मिला। ऐसी स्थिति में आप पीएम किसान योजना के हेल्पलाइन नंबर 011-24300606 पर कॉल करके मदद ले सकते हैं। यहां से आपको पता चल सकता है कि आपकी किश्त किस वजह से अटकी है।
ये हैं हेल्पलाइन नंबर्स:-
हेल्पलाइन नंबर 155261 पर कॉल कर सकते हैं
टोल फ्री नंबर 011-24300606 पर संपर्क कर सकते हैं
टोल फ्री नंबर 18001155266
ईमेल आईडी pmkisan-ict@gov.in पर ईमेल कर सकते हैं।
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