देश - दुनिया
singapur के स्वच्छता प्रबंधन को अपनाकर india भी बन सकता है स्वच्छ देश

भारत जैसे देश में अपशिष्ट या कचरा प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती है. हमारे देश में गिनती के ऐसे शहर या गांव हैं, जहां सुनियोजित तरीके से अपशिष्ट पदार्थों का प्रबंधन किया जाता है. दिल्ली या मुंबई जैसे महानगर भी तमाम कोशिशों के बावजूद भी स्वच्छ शहर का खिताब पाने में नाकाम रहे हैं. आखिर इसके पीछे की वजह क्या है? इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए सिंगापुर जैसे स्वच्छ देश की तरफ देखने के लिए मजबूर करता है. इस देश को दुनिया के सबसे अच्छे देशों में से एक माना जाता है.
सिंगापुर जैसे देश में भी कचरा प्रबंधन की चुनौती है. देश की बढ़ती आबादी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ने इस दिशा में मुश्किल खड़ी की. द लॉजिकल इंडियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1970 से प्रतिदिन यहां औसत 1,260 टन कचरा एकत्र होता है. साल 2016 में एक दिन में रिकॉर्ड 8,559 टन कचरा इकट्टा किया गया था. वहीं 2019 में 7.2 मिलियन टन से अधिक ठोस कचरा पैदा हुआ. इसमें से 2.95 मिलियन टन का रिसाइकल नहीं किया गया. यह कचरे की एक बड़ी मात्रा थी जिसे सावधानीपूर्वक और कुशलता से प्रबंधित और निपटाने की आवश्यकता थी. हालाँकि, वर्षों से, सिंगापुर ने इस समस्या को हल करने का एक आसान तरीका खोज लिया है.
सिंगापुर में कचरे का प्रबंधन ऐसे होता है..
राष्ट्रीय पर्यावरण एजेंसी(एनईए) सिंगापुर में अपशिष्ट प्रबंधन को संभालती है और सभी सामान्य और खतरनाक कचरे की देखरेख करती है. वैसे कचरा एकत्र करने का काम सामान्य कचरा संग्रहकर्ता द्वारा नियंत्रित किया जाता है. टेक टॉकर्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, सिंगापुर की अपशिष्ट प्रबंधन प्रक्रिया में कचरा जलाना और धुएं को छानना शामिल है, सबसे पहले, सभी कचरे को सभी कचरा डिब्बे और कचरा बैग से जमा किया जाता है. इसके बाद, कचरे को जलाने के लिए कचरे को एक भस्मीकरण संयंत्र में 1 हजार डिग्री सेल्सियस पर जलाया जाता है. जलने के बाद जो राख बचता है, उसे ऐसे पानी में बहाया जाता है जो समुद्र में न मिलता हो.
इसके अलावा, रीसाइक्लिंग का एक विकल्प है, लेकिन सभी सामग्रियों को पुनर्नवीनीकरण नहीं किया जा सकता है (जैसे पॉलीस्टाइनिन). यही बात खाद बनाने पर भी लागू होती है क्योंकि केवल जैविक सामग्री जैसे भोजन और पेड़ के स्क्रैप को ही खाद बनाया जा सकता है. इन विधियों में से, भस्मीकरण को सबसे अच्छा माना जाता है. जलाने के क्रम में निकलनी वाली जहरीले गैस को वैज्ञानिक तरीके से छान लिया जाता है. इस तरह वायु प्रदूषण भी नहीं होता. साथ ही कचरे से निकलने वाली गर्मी का उपयोग बिजली उत्पादन में किया जाता है.

देश - दुनिया
वाहन चलाने से पहले जान ले ट्रेफिक के ये महत्वपूर्ण नियम, नही तो हो सकती है आपको भारी नुकसान…

आपका 12500 रुपए का चालान कट सकता है। आपको सलाह दी जाती है कि ट्रैफिक नियमों का पालन जरूर करें। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 194c के अनुसार अगर आप टू-व्हीलर पर तीन सवारी के साथ यात्रा करते है तो आपका 1000 रुपए का चालान, एमरजेंसी व्हीकल का रास्ता ना देने पर धारा 194E के अनुसार 10000 रुपए का चालान और सूरज डलने के बाद टू-व्हीलर की लाइट ना जलाकर उसे चलाते हुए पकड़ जाते है तो आपका धारा CMVR 105/177 MVA के अनुसार 1500 रुपए का चालान कट सकता है।
इसके अलावा हाल ही में ट्रैफिक पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 20000 रुपए का ट्रैफिक चालान काटा है। दरअसल हाल ही में कुछ युवको द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन कर गाडी की छत पर खडे होकर नाचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, गाजियाबाद पुलिस द्वारा उक्त वीडियो का संज्ञान लेते हुये कुल 20,000 रुपए का चालान कर 5 युवकों को गिरफ्तार किया भी किया था। इसकी जानकारी खुद गाजियाबाद पुलिस ने ही दी थी।
चालान कटा या नहीं, उसे पता करने का तरीका
https://echallan.parivahan.gov.in वेबसाइट पर जाएं। चेक चालान स्टेटस का विकल्प चुनें। आपको चालान नंबर, वाहन नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस नंबर (DL) का ऑप्शन मिलेगा। वाहन नंबर का ऑप्शन चुनें। मांगी गई जरूरी जानकारी भरें और ‘Get Detail’ पर क्लिक कर दें। अब चालान का स्टेटस सामने आ जाएगा।
ट्रैफिक चालान ऑनलाइन भरने का तरीका
https://echallan.parivahan.gov.in/ पर जाएं। चालान से जुड़ी जरूरी जानकारी और कैप्चा भरें और गैट डिटेल पर क्लिक करें। नया पेज खुलेगा, जिसपर चालान की जानकारी होगी। जिस चालान का भुगतान करना है, उसे तलाशें। चालान के साथ ही ऑनलाइन भुगतान का विकल्प दिखेगा, उस पर क्लिक करें। भुगतान से जुड़ी जानकारी भरें। भुगतान को कंफर्म करें। अब आपका ऑनलाइन चालान भरा गया।
देश
भारतीय रेलवे : टिकट बुकिंग बदला नियम,रेल मंत्रालय ने जारी की आदेश

अगर आप भी अक्सर ट्रेन से यात्रा करते हैं तो यह खबर आपके काम की है. भारतीय रेलवे ने अब टिकट बुक करने के नियमों में बदलाव कर दिया है. इसके बाद अब आप पहले से कम समय में टिकट बुक कर पाएंगे. रेलवे के फैसले के अनुसार अब टिकट बुकिंग के समय डेस्टिनेशन एड्रेस नहीं देना होगा. रेल मंत्रालय ने लागू किया आदेश आपको बता दें भारतीय रेलवे की तरफ से कोरोना वायरस महामारी के कारण आईआरसीटीसी (IRCTC) वेबसाइट और ऐप पर टिकट बुकिंग कराने वालों को डेस्टिनेशन एड्रेस डालना जरूरी किया गया था.
लेकिन कोविड-19 के मामलों में कमी आने पर IRCTC यात्रियों से गंतव्य का एड्रेस नहीं पूछेगा. रेल मंत्रालय ने इस आदेश को लागू कर दिया है. कई तरह के नियम लागू किए थे कोविड के मामले बढ़ने पर डेस्टिनेशन एड्रेस कोविड पॉजिटिव व्यक्ति की ट्रेसिंग में मदद करता था. कोरोना काल में संक्रमण पर काबू पाने के लिए रेलवे ने कई तरह के नियम लागू किए थे.
कोरोना के मामलों में कमी आने और हालात सामान्य होने पर एक-एक करके नियम वापस लिए जा रहे हैं. टिकट बुकिंग में समय कम लगेगा रेल मंत्रालय के इस नियम को वापस लेने पर टिकट बुकिंग के दौरान समय भी कम लगेगा.
रेल मंत्रालय के डेस्टिनेशन नहीं लेने के आदेश सभी रेलवे जोन को दे दिए गए हैं. CRIS और IRCTC को भी आदेश के अनुसार सॉफ्टवेयर में बदलाव करना होगा. इससे पहले रेलवे ने एसी कोच में एक बार फिर से तकिया-कंबल देने की सुविधा शुरू कर दी है.
अब विभिन्न ट्रेनों में यात्रियों को रात में सोने के लिए तकिया और कंबल उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, जबकि महामारी के दौरान इसे भी बंद कर दिया गया था.
देश - दुनिया
बड़ी खबर: रूस और यूक्रेन युद्ध का आज 50 वा दिन, यूक्रेन को 6,000 करोड़ रुपए की मिलिट्री सहायता देगा अमेरिका, पढ़े खबर…

यूक्रेन जंग को 50 दिन पूरे हो चुके हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूक्रेन के लिए 800 मिलियन डॉलर (करीब 6,089 करोड़ रुपए) के मिलिट्री सहायता को मंजूरी दी है। रूसी हमले से निपटने के लिए दी जा रही इस सहायता में तोप, बख्तरबंद गाड़ियां और हेलिकॉप्टर शामिल हैं।
वहीं, रूस ने अमेरिकी संसद के 398 सदस्यों को ट्रैवल बैन लिस्ट में डाल दिया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि अमेरिका की ओर से पिछले महीने रूसी सांसदों पर बैन लगाया गया था। इसके जवाब में रूस ने यह फैसला लिया है। इसके अलावा रूस ने कनाडाई सीनेट के 87 सदस्यों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं।
रूस ने कहा है कि आने वाले समय में इस लिस्ट में और भी अमेरिकी नागरिक शामिल किए जाएंगे। बता दें कि अमेरिका ने 24 मार्च को 450 सीटों वाले रूसी संसद ड्यूमा के 328 सदस्यों के खिलाफ प्रतिबंधों की घोषणा की थी।
जंग के बड़े अपडेट्स…
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि भारत ने यूक्रेन को मार्च महीने में 90 टन राहत सामग्री मुहैया कराई है। फिलहाल दवाओं की आपूर्ति पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।
चेक दूतावास ने कीव में फिर से काम करना शुरू कर दिया है। चेक विदेश मंत्रालय ने 13 अप्रैल को ट्विटर कर कहा कि हम यूक्रेन के साथ हमेशा खड़े रहेंगे। कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने यूक्रेन में रूसी हमलों को नरसंहार करार दिया है। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट में पुतिन को वॉर क्राइम के लिए जवाबदेह ठहराने के लिए कनाडा ने शुरूआती पहल की। रूस ने यूक्रेन पर गोलीबारी का आरोप लगाया है। रूस के पश्चिमी शहर कुर्स्क के गवर्नर रोमन स्टारोवोइट ने बुधवार को कहा कि यूक्रेन ने यहां पर गोलीबारी की है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीमीर जेलेंस्की ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बयान पर नाराजगी जाहिर की है। जेलेंस्की ने कहा कि जंग के दौरान मैक्रों की इस बात ने हमें और दुख पहुंचाया है। दरअसल, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को रूस की ओर से यूक्रेन में की गई हत्याओं को नरसंहार कहने से इनकार कर दिया था। हालांकि, मैक्रों ने रूसी हमले को क्रूर जंग करार दिया। उन्होंने कहा कि जो हो रहा है, वह पागलपन है। मैक्रों ने कहा कि नरसंहार शब्द के इस्तेमाल से बचना चाहिए, क्योंकि रूस और यूक्रेनी लोगों के बीच भाईचारा है।रूस ने कीव में यूक्रेन के कमांड सेंटर्स पर हमले की धमकी दी रूसी सेना ने बुधवार को यूक्रेन की राजधानी कीव में यूक्रेन के कमांड सेंटरों पर हमला करने की धमकी दी है। रूसी डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा कि उसने ऐसा करने से अब तक परहेज किया है। यूक्रेनी सैनिक रूसी इलाके पर हमला कर रहे हैं। अगर ऐसे मामले जारी रहते हैं, तो रूसी आर्मी कीव के कमांड सेंटर्स पर हमला करेगा। रूस ने यूक्रेन पर रूस के दक्षिणी इलाकों पर हमला करने का आरोप लगाया है। फ्रांसीसी डिफेंस मिनिस्टर र्फ्लोरेंस पार्ली ने बुधवार को कहा कि फ्रांस ने यूक्रेन को अतिरिक्त सैन्य सहायता देगा। यह सहायता यूक्रेन की मांग पर दी जा रही है। फ्रांस पहले ही यूक्रेन को 100 मिलियन यूरो कीमत के मिलिट्री इक्विपमेंट्स मुहैया करा चुका है। हालांकि इस अतिरिक्त सैन्य सहायता में क्या शामिल होगा, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। पोलैंड, लिथुआनिया, एस्टोनिया और लातविया के राष्ट्रपतियों ने कीव से 40 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में बोरोडिएंका का दौरा किया। इस शहर की आबादी 12,000 है। इन्होंने यूक्रेन के लिए सैन्य समर्थन बढ़ाने और रूस को हमले के लिए जवाबदेह ठहराने की मांग की। चारों देशों के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मिलने कीव पहुंचेंगे।
पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेजेज डूडा ने कहा कि यह जंग नहीं है आतंकवाद है। हम केवल अपराधों को अंजाम देने वाले सैनिकों के बारे में बात नहीं कर रहे हैं। जिन्होंने आदेश दिए उन सभी को न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए।
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