ज्योतिष
जानिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से होने वाले फायदों के बारे में…
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Mahamrityunjaya Mantra: महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव की स्तुति, साधना, जप ,तप और उन्हें प्रसन्न करने के अलावा गंभीर बीमारियों से निजात पाने, अकाल मृत्यु के डर से मुक्ति पाने में बहुत ही कारगर मंत्र माना जाता है। बीमारी, दुर्घटना, मांगलिक दोष, कालसर्प दोष, भूत-प्रेत दोष, अनिष्ट ग्रहों के प्रभावों से दूर करने और आयु बढ़ाने के लिए महामृत्युंजय मंत्र जप करने का विधान है। हिंदू धर्म में वर्णित सभी मंत्रों में इस मंत्र का विशेष स्थान होता है। ऐसी मान्यता है इस मंत्र के जाप करने से व्यक्ति मृत्यु के करीब पहुंचकर भी मृत्यु पर विजय प्राप्त कर सकता है। महामृत्युंजय मंत्र में खासतौर पर भगवान शिव की स्तुति की जाती है। महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव को प्रसन्न करने वाला विशेष मंत्र है। ये मंत्र ऋग्वेद और यजुर्वेद में भगवान शिव की स्तुति में लिखा है। शास्त्रों के अनुसार इस दिव्य मंत्र को सबसे पहले ऋषि मार्कंडेय ने जाप किया था।
महामृत्युंजय मंत्र
“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥”
महामृत्युंजय मंत्र का जप करने के 5 फायदे
1. लम्बी उम्र की प्राप्ति के लिए- हर एक व्यक्ति की इच्छा होती है वह लंबी आयु तक इस पृथ्वी पर जीवित रहें। ऐसे में लंबी आयु की इच्छा के लिए नियमित रूप से महामृत्युंजय मंत्र का जप करना चाहिए। महामृत्युंजय मंत्र के जाप से व्यक्ति को अकाल मृत्यु से भय और छुटकारा मिलता है।
2.अच्छी सेहत की प्राप्ति के लिए-
निरोगी जीवन किसी भी व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी पूंजी मानी जाती है। शास्त्रों के अनुसार महामृत्युंजय मंत्र के जाप से मनुष्य के पास गंभीर बीमीरियां नहीं आती। इस मंत्र के जप से समस्त रोगों का नाश होता है और व्यक्ति निरोगी बना रहता है।
3. धन और वैभव की प्राप्ति के लिए
महामृत्युंजय मंत्र के नियमित जाप से न सिर्फ व्यक्ति को लंबी आयु और निरोगी काया मिलती है बल्कि धन, वैभव, सुख-सुविधा और ऐशोआराम जैसे सभी तरह की भौतिक इच्छाओं की पूर्ति भी होती है। भगवान भोलेनाथ के प्रसन्न होने पर व्यक्ति के पास कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं रहती है।
4. मान-सम्मान और यश की प्राप्ति के लिए
जो शिवभक्त नियमित रूप से भगवान शिव की उपासना और महामृत्युंजय मंत्र का जप करता है उसे समाज में पद-प्रतिष्ठा, मान-सम्मान और यश की प्राप्ति होती है।
5. संतान की प्राप्ति के लिए
महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से संतान की प्राप्ति होती है। व्यक्ति कभी भी संतान सुख से वंचित नहीं रहता है।
महामृत्युंजय जाप से व्यक्ति के शारीरिक ऊर्जा में अच्छी खासी वृद्धि होती है जिससे बीमारियों से मुक्ति मिलती है।
– इस मंत्र के जाप से आर्थिक स्थिति में और पारिवारिक सुखों में वृद्धि हो सकती है
– महामृत्युंजय मंत्र के नियमित जाप से आप किसी प्रकार के दुर्घटना का शिकार होने से बच सकते हैं।
– महामृत्युंजय जाप से व्यक्ति को पुत्र प्राप्ति की अभिलाषा जल्द पूरी होती है।
– महामृत्युंजय मंत्र के जाप से रोग और भय से मुक्ति मिलती है।
– महामृत्युंजय मंत्र का जप कर कार्य क्षेत्र और शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर सकते हैं।
– नियमित महामृत्युंजय मंत्र के जाप से मकान,जमीन-जायदाद संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलती है।

ज्योतिष
हनुमान चालीसा का करते है पाठ तो जान लीजिये, ये महत्त्वपूर्ण नियम…
मान्यता है कि हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से सभी तरह के कष्ट फौरन ही दूर हो जाते हैं और सभी मनोकामनाएं भी जल्द पूरी हो जाती हैं।
Hanuman Chalisa: ऐसी मान्यता है कि भगवान हनुमान आज भी इस पृथ्वी पर मौजूद हैं क्योंकि उनको अमरता का वरदान प्राप्त है। भगवान हनुमान को कलयुग का देवता माना गया है। सभी देवी-देवताओं में हनुमानजी को सबसे अधिक पूजनीय देव माना गया है। भगवान हनुमान को संकटमोचक,साहस,पराक्रम और असीम शक्ति के रूप में मानकर पूजा-उपासना की जाती है। मंगलवार के दिन सबसे ज्यादा हनुमानजी के दर्शन और उपासना होती है क्योंकि मंगलवार का दिन बजरंगबली को समर्पित होता है। हनुमान को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करना सबसे आसान उपाय है। हनुमान चालीसा में हनुमान जी की स्तुति और उनके साहस व पराक्रम के बारे में गोस्वामी तुलसीदास जी ने सम्पूर्ण रूप से वर्णन किया है। मान्यता है कि हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से सभी तरह के कष्ट फौरन ही दूर हो जाते हैं और सभी मनोकामनाएं भी जल्द पूरी हो जाती हैं। हनुमान चालीसा के पाठ करने के कई फायदे हैं और इसके कुछ नियम भी हैं जिसे अपनाकर भगवान हनुमान को प्रसन्न किया जा सकता है।
हनुमान चालीसा पाठ कब करें
शास्त्रों में बताया गया है कि भगवान हनुमान को जल्द प्रसन्न करने के लिए सुबह और शाम के वक्त हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
सुबह स्नान करने के बाद भगवान राम और हनुमानजी का स्मरण करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
शाम के समय हनुमान चालीसा का पाठ करते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान देना चाहिए।
हनुमान चालीसा का पाठ करते समय मन में कभी भी बुरे ख्याल नहीं लाना चाहिए।
हनुमान चालीसा पाठ के फायदे
नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन से भय दूर होता है। बुरे सपने नहीं आते हैं और नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं।
हनुमान चालीसा का पाठ करने पर जीवन में आने वाली रूकावटें दूर हो जाती हैं।
प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से तनाव दूर होता है।
दुर्घटना होने पर अगर हनुमान चालीसा का पाठ किया जाय तो भक्तों के कष्ट जल्द ही दूर हो जाते हैं।
जातक की कुंडली में अगर शनि संबंधी दोष है तो शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से कम हो जाता है।
नौकरी में परेशानी या व्यापार में नुकसान होने पर भी हनुमान चालीसा का पाठ करने से संकट टल जाते हैं।
हनुमान जी को प्रसन्न के लिए हनुमान चालीसा के अलावा बजरंग बाण और संकटमोचन अष्टक पाठ करना भी लाभदायक होता है।
हनुमान चालीसा Hanuman Chalisa
दोहा
श्रीगुरु चरन सरोज रज निजमनु मुकुरु सुधारि।
बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि।।
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।
चौपाई
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर।। रामदूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।
महावीर विक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी।। कंचन वरन विराज सुवेसा। कानन कुण्डल कुंचित केसा।।
हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै। काँधे मूँज जनेऊ साजै। शंकर सुवन केसरीनंदन। तेज प्रताप महा जग वन्दन।।
विद्यावान गुणी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर।। प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया।।
सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा। विकट रूप धरि लंक जरावा।। भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचंद्र के काज संवारे।।
लाय सजीवन लखन जियाये। श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।। रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं। अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।। सनकादिक ब्रह्मादि मुनीशा। नारद सारद सहित अहीसा।।
जम कुबेर दिगपाल जहां ते। कवि कोविद कहि सके कहाँ ते।। तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा। राम मिलाय राज पद दीन्हा।।
तुम्हरो मंत्र विभीषन माना। लंकेश्वर भये सब जग जाना।। जुग सहस्र योजन पर भानू। लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं। जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।। दुर्गम काज जगत के जेते। सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।
राम दुआरे तुम रखवारे। होत न आज्ञा बिनु पैसारे।। सब सुख लहै तुम्हारी सरना। तुम रक्षक काहू को डरना।।
आपन तेज सम्हारो आपै। तीनों लोक हांक तें कांपै।। भूत पिसाच निकट नहिं आवै। महाबीर जब नाम सुनावै।।
नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा।। संकट तें हनुमान छुड़ावै। मन क्रम वचन ध्यान जो लावै।।
सब पर राम तपस्वी राजा। तिनके काज सकल तुम साजा। और मनोरथ जो कोई लावै। सोई अमित जीवन फल पावै।।
चारों युग परताप तुम्हारा। है परसिद्ध जगत उजियारा।। साधु-संत के तुम रखवारे। असुर निकंदन राम दुलारे।।
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता। अस वर दीन जानकी माता।। राम रसायन तुम्हरे पासा। सदा रहो रघुपति के दासा।।
तुम्हरे भजन राम को भावै। जनम-जनम के दुख बिसरावै।। अन्त काल रघुबर पुर जाई। जहाँ जन्म हरि-भक्त कहाई।।
और देवता चित्त न धरई। हनुमत सेई सर्व सुख करई।। संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।
जै जै जै हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।। जो सत बार पाठ कर कोई। छूटहिं बंदि महा सुख होई।।
जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा।। तुलसीदास सदा हरि चेरा। कीजै नाथ हृदय महँ डेरा।।
दोहा
पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप। राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।
ज्योतिष
आर्थिक तंगी से परेशान है तो करे ये शिव जी के उपाये, घर में आयेगी सुख-समृद्धि…
Shravan Maas Upay: भारतीय सनातन धर्म में सावन मास का विशेष महत्व है। 14 जुलाई से श्रावण मास आरंभ हो रहा है। ऐसे में भगवान भोलेनाथ के भक्तों के लिए यह महीना त्योहार की तरह ही है। मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव की आराधना से मनुष्य के सभी कष्ट दूर होते हैं। कांवड़ यात्रा एक तरह से पर्व के रूप में मनाया जाता है। सावन सोमवार में विशेष रूप से की जाने वाली भगवान शिव की आराधना भक्तों की सभी मनोकामना को पूरी करती है। ज्योतिष शास्त्र में श्रावण के महीने में सुख-शांति और समृद्धि और आर्थिक परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए कुछ खास उपाय बताए गए हैं। मान्यता है कि जो भी सावन मास में इन उपायों को करता है वह न सिर्फ रोग और दोष से मुक्ति पाता है बल्कि आर्थिक परेशानियों से भी उसे छुटकारा मिलता है। आइए जानते हैं कब से शुरू हो रहा है सावन का महीना और ऐसे कौन से उपाय हैं जिन्हें सावन के महीने में करके परेशानियों से मुक्ति पाई जा सकती है।
सावन मास आरंभ तिथि
सावन मास आरंभ तिथि: 14 जुलाई, गुरुवार
सावन मास समापन तिथि: 12 अगस्त, शुक्रवार
सावन सोमवार तिथि
पहला सोमवार: 18 जुलाई
दूसरा सोमवार: 25 जुलाई
तीसरा सोमवार: 1 अगस्त
चौथा सोमवार: 08 अगस्त
सावन मास के ज्योतिषीय उपाय
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक नौकरी और व्यवसाय में तरक्की के लिए श्रावण मास की शिवरात्रि पर माता पार्वती को चांदी की बिछिया या पायल अर्पित करने से धन आगमन के नए अवसर प्राप्त होंगे।
श्रावण मास में भगवान शिव और माता पार्वती को केसर मिश्रित खीर का भोग लगाने से धन प्राप्ति के मार्ग भी खुलेंगे।
सावन के महीने में पति-पत्नी साथ मिलकर भगवान शंकर का पंचामृत से अभिषेक करने से दांपत्य जीवन में आ रही परेशानी समाप्त होती हैं।
आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने के लिए सावन के सोमवार को अनार के रस से शिव शंभू का अभिषेक करें।,
अगर शादीशुदा जोड़े सावन के सभी सोमवार का व्रत रखते हैं, तो उनके जीवन की सभी विपत्तियां दूर हो जाएंगी।
सावन के किसी सोमवार को केवल एक बार सरसों के तेल से भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से परिवार के सभी सदस्यों को रोग और दोष से मुक्ति मिलती है।
ज्योतिष
VASTU TIPS: घर पर ये 5 तरह के पौधे लगाने से कभी नही होती घन की कमी, बनी रहती है सुख-समृद्धि और देवी-देवताओ का आशीर्वाद…

Lucky Plants in Vastu Shastra: वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर पर पौधे लगाना बेहद शुभ होता है। हालांकि कई बार लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होती है कि किन पौधों को घर पर लगाने से सुख-समृद्धि आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसे पौधों के बारे में बताया है जिन्हें घर पर लगाने से धन का अभाव नहीं होता है।
इन पौधों के बारे में-
1.अनार का पौधा- अनार का पौधा सेहत व स्वाद दोनों के लिहाज से बेहतर होता है। यह पौधा व्यक्ति को सुख-समृद्धि भी प्रदान करता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के सामने अनार का पौधा लगाने से कर्जों से मुक्ति मिलती है। हालांकि अनार का पौधा लगाते समय ध्यान रखें कि इसे घर के आग्नेय कोण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में न लगाएं।
2. बांस का पौधा- घर के सामने बांस का पौधा होना बेहद शुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार, अगर इसे ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व या फिर उत्तर दिशा में लगा दिया जाए तो घर में पैसों की दिक्कत नहीं रहती है। घर के सामने बांस का पेड़ होने से पैसों का कभी अभाव नहीं रहता है।
3. बेल का पौधा- वास्तु शास्त्र में बेल का पौधा बेहद शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बेल के पौधे में भगवान शंकर का वास होता है और जिस घर पर भगवान शंकर की दृष्टि हो वहां कभी धन का अभाव नहीं रह सकता है। बेल का पौधा लगाने से आर्थिक तंगी भी दूर होने की मान्यता है।
4. दूब का पौधा- अगर आप घर के सामने या बगीचे में दूब उगा लें तो जीवन में कभी धन का अभाव नहीं होगा। घर के सामने दूब लगाने के कई फायदे होते हैं। संतान प्राप्ति की कामना करने वालों को घर के सामने इस पौधे को लगाने से लाभ होता है।
5. मनी प्लांट- घर में सुख-समृद्धि के प्रतीक के रूप में मनी प्लांट का पौधा लगाया जाता है। यह पौधा जितना तेजी से बढ़ता है, उतनी ही तेजी से धन भी देता है। घर में मनी प्लांट हमेशा आग्नेय कोण यानी दक्षिण पूर्व दिशा में ही लगाना चाहिए। मनी प्लांट के पौधे को सीधे कभी जमीन पर नहीं रखना चाहिए।
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