Connect with us

देश - दुनिया

जल्‍द ही 100 और ट्रेनें चलाने जा रहा रेलवे, जानिए पूरी डीटेल

Published

on

Indian Railways new trains: फिलहाल यात्रियों के लिए रेलवे केवल 230 एक्‍सप्रेस ट्रेनें चला रहा है। गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद, जल्‍द ही 100 और ट्रेनों की घोषणा हो सकती है।
हाइलाइट्स:
  • रेलवे जल्‍द ही शुरू कर सकता है 100 और पैसेंजर ट्रेनें, अभी 230 ही चल रही हैं
  • इंटरस्टेट और इंफ्रास्‍टेट होंगे नई ‘स्‍पेशल’ ट्रेनें, होम मिनिस्‍ट्री से क्लियरेंस का इंतजार
  • जीरो-बेस्‍ड टाइम टेबल लॉन्‍च होने पर भी नहीं बदलेगा इन ट्रेनों का समय
  • अनलॉक 4 में मेट्रो सेवाओं को हरी झंडी, धीरे-धीरे बहाल होगा रेलवे

भारतीय रेलवे की तरफ से जल्‍द करीब 100 और ट्रेनें चलाने की घोषणा हो सकती है। फेस्टिव सीजन को देखते हुए रेलवे तैयारी कर रहा है। अभी रेलवे केवल 230 एक्‍सप्रेस ट्रेनें चला रहा हैं जिनमें 30 राजधानी भी शामिल हैं। इन सभी को ‘स्‍पेशल ट्रेन’ की तरह चलाया जा रहा है। जिन 100 ट्रेनों को चलाने की तैयारी है, उन्‍हें भी ‘स्‍पेशल’ ही रखा जाएगा। यह ट्रेनें इंटरस्‍टेट चलेंगी और इंफ्रास्‍टेट भी होंगी। सूत्रों के अनुसार, रेल मंत्रालय को गृह मंत्रालय से अनुमति का इंतजार है। सूत्रों ने यह भी कहा कि अगले दो महीनों या अप्रैल में जब रेलवे जीरो-बेस्‍ड टाइम टेबल जारी करेगा तो इन ट्रेनों के समय में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

धीरे-धीरे हालात सामान्‍य कर रहा है रेलवे
रेल मंत्रालय पहले से ही चरणबद्ध ढंग से रेल सेवाएं शुरू करने की बात कर चुका है। यात्रियों की डिमांड और कोविड के हालात को देखते हुए ट्रेनें चलाई जानी थीं, मगर बार-बार प्‍लान स्‍थगित कर दिया गया। अब जब केंद्र सरकार ने अनलॉक 4 के तहत सितंबर के दूसरे हफ्ते से मेट्रो रेल सेवाएं शुरू करने की अनुमति दे दी है तो बड़े पैमाने पर वर्कफोर्स एक जगह से दूसरी जगह जाएगी। त्‍योहारों का मौसम भी करीब है, ऐसे में ट्रेनों की डिमांड बढ़ जाती है।

COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए रतलाम मंडल द्वारा 06 बेड का एक आइसोलेशन वार्ड और 120 बेड के क्वॉरेंटाइन वार्ड की व्यस्वस्था की गई है साथ ही उन स्थानों जिसका उपयोग यात्रियों द्वारा ज्यादा किया जाता है उसकी सफाई लगातार सैनिटाइजर युक्त पानी से की जा रही है।वेस्टर्न रेलवे ने अहमदाबाद से गुजरने वाली ट्रेनों मे यात्रियों की सुविधा और अतिरिक्त भीड़ को कम करने के लिए कई ट्रेनों मे स्थाई रूप से अतिरिक्त कोच जोड़े जाने का फैसला किया है।
ट्रेनों में बाथरूम, सीट और हैंडल की लगातार सफाई की जा रही है। सैनिटाइजर की मदद से उन जगहों की ज्यादा सफाई की जा रही है जहां ज्यादा लोगों का आना होता है।
इसके अलावा स्टेशन परिसर में भी साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
ट्रेन के बाथरूम में छिड़काव किया जा रहा है ताकि मच्छर पैदा ना हो।
रेलवे लोगों से अपील कर रहा है कि वे साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। ऐल्कॉहॉल सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

JEE-NEET स्‍टूडेंट्स को लोकल ट्रेन में एंट्री
रेलवे अधिकारियों ने जेईई और नीट देने जा रहे परीक्षार्थियों को थोड़ी राहत दी है। मुंबई की उपनगरीय ट्रेनों में ये छात्र चढ़ पाएंगे। सेंट्रल रेलवे ओर वेस्‍टर्न रेलवे के स्‍टेशनों पर उन्‍हें अपना ऐडमिट कार्ड दिखाना होगा। अभी लोकल ट्रेनें केवल जरूरी सेवाओं में लगे लोगों के लिए चल रही हैं और उन्‍हीं को चढ़ने दिया जाता है। स्‍टूडेंट्स की सुविधा के लिए चुनिंदा स्‍टेशंस पर ऐडिशनल बुकिंग काउंटर्स खोले जाएंगे।

कोरोना के चलते 1.78 करोड़ टिकट कैंसिल
रेलवे ने कोरोना वायरस महामारी के चलते इस साल मार्च से 1.78 करोड़ से ज्यादा टिकट रद्द किए हैं। यह जानकारी आरटीआई से मिली। पीटीआई के अनुसार, इसी दौरान 2,727 करोड़ रुपये की रकम वापस की गई। रेलवे ने 25 मार्च से ही अपनी यात्री ट्रेन सेवाएं स्थगित कर दी थी। इस तरह, पहली बार रेलवे को टिकट बुकिंग से जितनी आमदनी हुई उससे ज्यादा रकम वापस की गई। पिछले साल एक अप्रैल से 11 अगस्त के बीच रेलवे ने 3,660.08 करोड़ रुपये वापस किए थे और समान अवधि में 17,309.1 करोड़ रुपये का राजस्व आया। ऐसा पहली बार हुआ है जब रेलवे को टिकट बेचने से जितनी आय हुई, उससे ज्यादा उसने रकम वापस की है।

कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश में 22 मार्च से पैसेंजर ट्रेनों और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया था। यह पहला मौका है जब देश में रेल सेवाएं रोकी गई हैं। हालांकि देश में जहां तहां फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए 1 मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं। 12 मई से राजधानी के मार्ग पर कुछ स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं और फिर 1 जून से 100 जोड़ी ट्रेनें शुरू की गई थीं।

Advertisement
Click to comment

You must be logged in to post a comment Login

Leave a Reply

देश - दुनिया

Kisan Aandolan: केंद्र सरकार ने योगेंद्र यादव को संयुक्त किसान मोर्चा से किया निलंबित, किसान संगठनों में नाराजगी

Published

on

By

भारतीय किसान संघ (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने केंद्र सरकार के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन में शामिल योगेंद्र यादव (Yogendra Yadav) को संयुक्त किसान मोर्चा से एक महीने के लिए निलंबित करने पर बड़ा बयान दिया है

संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) ने अप्रत्याशित रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए योगेंद्र यादव को किसान मोर्चा से एक महीने के लिए निलंबित कर दिया है। कहा जा रहा है कि लखीमपुरी खीरी मामले में एक पीड़ित शुभम मिश्रा के घर जाने और हालचाल लेने के कारण योगेंद्र यादव पर संयुक्त किसान मोर्चा ने यह कार्रवाई की है। वहीं, हरियाणा की राजनीति के साथ किसान आंदोलन में दमदार दखल रखने वाले योगेंद्र यादव पर यह कार्रवाई कई सवाल खड़े कर रही है। ऐसे में हम यहां पर बता रहे हैं कि आखिर किस वजह से योगेंद्र यादव के खिलाफ इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है और आखिर क्या है इसकी असली वजह।


लखीमपुर खीरी का बहाना, असल मककद योगेंद्र को चुप कराना

15 अक्टूबर को सिंघु बार्डर पर पंजाब के दलित युवक लखबीर सिंह की हत्या में निहंगों का नाम सामने आने पर संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से योगेंद्र यादव ने जमकर हमला बोला था। निहंगों का आरोप है कि योगेंद्र यादव ने ही सबसे ज्यादा निहंगों की आलोचना की थी। कहा तो यह भी जा रहा है कि योगेंद्र यादव के कहने पर ही संयुक्त किसान मोर्चा ने निहंगों से दूरी बनाने का एलान किया था। इसके बाद निहंगों ने संयुक्त किसान मोर्चा को निशाने पर लेते हुए 27 अक्टूबर को महापंचायत बुलाई है, जिसमें यह तय होगा कि वह सिंधु बार्डर पर प्रदर्शन में शामिल रहेंगे या फिर वापस पंजाब लौट जाएंगे। इस महापंचायत को संज्ञान में लेते हुए योगेंद्र यादव को एक महीने तक निलंबत कर निहंगों को फिर से अपने पाले में लाने के साथ उनकी नाराजगी भी दूर करने की कोशिश की है। हालांकि, इस कार्रवाई के पीछे वजह यह बताई जा रही है कि योगेंद्र यादव ने लखीमपुर हिंसा में मारे गए शुभम मिश्रा के घर गए थे। इससे किसान संगठनों में नाराजगी थी।
निहंग चल रहे थे नाराज

संयुक्त किसान मोर्चा के साथ अग्रिम पंक्ति में खड़े निहंग योगेंद्र यादव के बयान से नाराज थे और एसकेएम पर  दबाव बना रहे थे कि उन पर कोई कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, 27 अक्टूबर को होने वाली बैठक से पूर्व एसकेएम ने कार्रवाई कर निहंगों को साधने का प्रयास किया है। सच बात तो यह है कि संयुक्त किसान मोर्चा अपने सहयोगी निहंगों काे प्रदर्शन स्थल से जाने नहीं देना चाहता है

संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से फिलहाल तो यही कहा गया है कि किसान मोर्चा ने योगेंद्र यादव पर ये कार्रवाई इसलिए की है क्योंकि वो लखीमपुर हिंसा में मारे गए भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता शुभम मिश्रा के घर गए थे और परिवारवालों से मिलकर संवेदना प्रकट की थी।

गौरतलब है कि 3 अक्टूबर को यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में प्रदर्शनकारी किसानों पर थार गाड़ी चढ़ा दी गई थी।  इस हादसे में कुल 4 किसान और एक पत्रकार की जान चली गई थी। इसके बाद  हुई हिंसा में 4 भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत हुई थी।

Continue Reading

देश - दुनिया

जज ही निकला रेपिस्ट, कोर्ट ने बलात्कार और धोखाधड़ी का ठहराया दोषी

Published

on

By

दूसरों को उनके अपराधों की सजा देने वाले एक न्यायाधीश को खुद बलात्कार और धोखाधड़ी के मामले में दोषी ठहराया गया है. जम्मू-कश्मीर की एक फास्ट ट्रैक अदालत  ने अपने फैसले में जज को दोषी पाया है. जम्मू में एक उप-न्यायाधीश पर 2018 में उनसे कानूनी मदद मांगने वाली एक महिला से बलात्कार और धोखाधड़ी का आरोप लगा था. आरोप के बाद उप-न्यायाधीश को निलंबित कर दिया गया था.

Court ने सबूतों को माना सही

‘ग्रेटर कश्मीर’ की रिपोर्ट के अनुसार, दोषी करार दिए गए सब-जज की पहचान राकेश कुमार अबरोल  के रूप में हुई है. फास्ट ट्रैक कोर्ट जम्मू के पीठासीन अधिकारी खलील चौधरी ने अपने फैसले में कहा कि चर्चा से जो निष्कर्ष निकलता है, वह यह है कि रिकॉर्ड पर मौजूद सभी सबूत आरोपी के अपराध की ओर इशारा करते हैं.

कल सुनाई जाएगी न्यायाधीश को सजा

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि प्रस्तुत किए गए साक्ष्य आरोपों को सही दर्शाते हैं. इसलिए आरोपी को धारा 420 और 376 (2) (के) आरपीसी के तहत अपराधों के लिए दोषी ठहराया जाता है. हालांकि, अदालत ने अभी सजा का ऐलान नहीं किया है. कोर्ट में सजा पर शनिवार को सुनवाई होगी. अदालत ने आगे कहा कि प्रभावी व्यक्ति को अपनी पहुंच, प्रभाव और अधिकार को ध्यान में रखते हुए आम जनता के प्रति अधिक जिम्मेदार और संवेदनशील होना चाहिए. उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे अनुभव और ज्ञान के साथ अधिकार और कानून का अर्थ जानते हैं और समझते हैं.

न्यायाधीश  के घर काम करती थी महिला

अभियोजन पक्ष के अनुसार रामबन निवासी पीड़ित महिला की और जज की मुलाकात उस समय हुई जब वह एक केस लड़ रही थी. न्यायिक अधिकारी होने के नाते अबरोल ने कानूनी मदद का वादा किया और उससे घरेलू कार्यों में हाथ बंटाने की बात कही. इसके बाद महिला ने जज के घर काम करना शुरू कर दिया. जज ने महिला को उसकी बेटी को बेहतर शिक्षा देने का वादा भी किया. आरोपी ने उसे 5000 रुपए प्रति माह वेतन देने का वादा भी किया था. इसी दौरान, उसने महिला को अपनी बातों में उलझाकर उसके साथ बलात्कार किया.

Continue Reading

देश - दुनिया

ताबड़तोड़ गोलियां दाग कर दिया ट्रिपल मर्डर पत्नी के चरित्र पर शक ने नीरज को बना दिया हैवान

Published

on

By

हरियाणा के फरीदाबाद के धौज थाना क्षेत्र में गुरुवार अल सुबह एक युवक ने अपने साथी के साथ मिलकर अपनी पत्नी, सास, साले व उसके दोस्त को गोली मार दी। घटना में पत्नी,सास व साले का दोस्त ने तोड़ दिया, जबकि साले को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल दो तमंचे, चाकू और मोटरसाइकिल बरामद कर लिए हैं। आरोपी नीरज को अपनी पत्नी आयशा के के चरित्र पर शक था। इसके आलावा उसका अपने साले गगन से 10 लाख रुपये का लेनदेन भी था। पुलिस ने गगन की शिकायत पर धौज थाने में हत्या, हत्या का प्रयास व आर्म्स एक्ट तहत मामला दर्ज कर लिया है। मूलरूप से पानीपत के समालखा निवासी गगन ने पुलिस को बताया कि बहन आयशा शादी करीब चौदह साल पहले एनआइटी-एक निवासी निवासी नीरज चावला के साथ की थी।

नीरज का एनआइटी में काज-बटन व लेडीज टेलरिंग मैटेरियल का काम है। उनका एक 12 साल का बेटा भी है। नीरज अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था। इस बात को लेकर उनका अक्सर आपस में झगड़ा भी रहता था। इसके चलते करीब एक साल से आयशा अपने बेटे के साथ मायके में रह रही थी। गगन सेक्टर-22 में रहने वाले अपने दोस्त राजन के साथ मिलकर पुरानी कारों व कोठियों की खरीद फरोख्त का काम करता है।  गगन कई सालों से सेक्टर 55 में परिवार के साथ रह रहा था।

करीब  एक माह पहले उसने मोहताबाद में एक मकान किराए पर ले लिया और अपनी पत्नी, बच्चों, मां व बहन के साथ वहीं रहने लगा। दो दिन पहले गगन अपने परिवार के साथ खाटूश्याम घूमने गया था। राजन भी उनके साथ था। वापस आने पर राजन उनके घर रुक गया। बृहस्पतिवार रात खाना खाकर आयशा और सुमन नीचे कमरे में सो गईं। गगन, राजन और 12 वर्षीय भांजा ऊपर कमरे में सोए थे। रात करीब पौने तीन बजे गगन को गोली चलने की आवाज सुनाई दी। उसका जीजा नीरज व उसका दोस्त लेखराज राजन को गोली मार रहे थे। इसके बाद दोनों ने गगन पर भी गोली चलाई, जो उसकी कमर में लगी। इसके बाद दोनों आरोपी नीचे गए और गगन की बहन आयशा और मां सुमन को गोली मार दी। इसके बाद आरोपियों ने आयशा और सुमन पर चाकू से भी वार किये। वारदात के बाद दोनों फरार हो गए। इस घटना में गगन घायल हो गया था। उसने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और गगन को अस्पताल में भर्ती कराया।पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह का कहना है कि दोनो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

 

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

#Chhattisgarh खबरे !!!!

छत्तीसगढ़5 hours ago

रायपुर में: टमाटर 40 तो प्याज बिक रहा 32 रुपए किलो आसमान छूने लगे सब्जियों के दाम

आसमान छूने लगे सब्जियों के दाम पिछले 2 महीने में हुई बेमौसम बारिश से पूरे देश में प्याज और टमाटर ...

छत्तीसगढ़5 hours ago

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे राज्यों से आ रहे नशीले पदार्थ छत्तीसगढ़ में नहीं घुसने चाहिए

रायपुर।  बघेल की अध्यक्षता में आईजी-एसपी कॉन्फ्रेंस आज यानी शुक्रवार को न्यू सर्किट हाऊस ऑडिटोरियम में शुरू हुई। इस बैठक में...

छत्तीसगढ़6 hours ago

Crime : फोन पे सिखाने के बहाने खाते से 5 लाख 20 हजार रुपये पार कर दिया

पेटीएम और फोन पे सिखाने के बहाने एक आरोपित ने पीड़िता के खाते से 5 लाख 20 हजार रुपये पार कर...

छत्तीसगढ़7 hours ago

नशीली दवा की तस्करी स्कूल के पास तस्करी सादे लिबास में पुलिस ने घेरकर पकड़ा

राजेंद्रनगर एरिया में एक स्कूल के पास तस्कर नशीली दवाएं बेचते पकड़ा गया। उसके पास से 300 से ज्यादा नशीली...

छत्तीसगढ़8 hours ago

सरकारी चावल में मिले प्लास्टिक की दाने, मच गया हड़कंप

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सरकारी चावल में मिले प्लास्टिक की दाने जिले में PDS के चावल में प्लास्टिक की...

#Exclusive खबरे

Calendar

October 2021
S M T W T F S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  

निधन !!!

Advertisement

Trending