Connect with us

Lifestyle

दिनभर की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए सुबह के नाश्ते में सेवन करे इन चीजों का

Published

on

Home Remedy: स्वस्थ रहना आज के दौर में एक चुनौती की तरह है. जहां पहले सर्दी, खांसी, बुखार को मामूली फ्लू मान लिया जाता था, अब लोग मामूली सर्दी-जुकाम को भी गंभीरता से ले रहे हैं. ऐसे वक्त में जब तनाव आपके ऊपर इतना हावी है आपके लिए जरूरी हो जाता है कि इम्यूनिटी बूस्ट करने वाले फूड का सेवन किया जाए.

Home Remedy: स्वस्थ रहना आज के दौर में एक चुनौती की तरह है. जहां पहले सर्दी, खांसी, बुखार को मामूली फ्लू मान लिया जाता था, अब लोग मामूली सर्दी-जुकाम को भी गंभीरता से ले रहे हैं. ऐसे वक्त में जब तनाव आपके ऊपर इतना हावी है आपके लिए जरूरी हो जाता है कि इम्यूनिटी बूस्ट करने वाले फूड का सेवन किया जाए.

ऐसे वक्त में जहां तनाव आपके ऊपर इतना हावी है, आपके लिए जरूरी हो जाता है कि इम्यूनिटी बूस्ट करने वाले फूड का सेवन किया जाए. लेकिन ऐसा क्या खाया जाए, जिससे इम्यूनिटी बूस्ट करने में मदद मिले. जानिए यहांः

नाश्ते में पराठे के बजाय खाएं उपमा दलिया
सुबह नाश्ते में लोग पराठे, पोहा या उपमा जैसी चीजें खाते हैं, जिसके साथ लोग दही, दूध, छाछ या जूस भी पीते हैं, लेकिन अगर आप पराठे के बजाय उपमा, दलिया, घी लगी रोटी का सेवन करेंगे तो आपको ज्यादा फायदा होगा.

जूस की जगह कटे हुए फल खाएं
कुछ लोगों को सुबह उठकर जूस पीना पसंद होता है और इसे काफी सेहतमंद भी माना जाता है, लेकिन अगर आप ताजे फलों को काटकर खाएंगे तो आपको जूस से ज्यादा फायदा मिलेगा. जूस के मुकाबले कटे हुए फलों में शुगर और कैलोरी कम होती है. कटे हुए फल आपको प्राकृतिक रूप से लाभ देंगे.

दक्षिण भारत के साथ अब अन्य जगहों पर भी इडली-सांभर को सुबह के नाश्ते में बड़े शौक से खाया जाता है. वहीं गुजराती खमण और ढोकला भी आपके लिए सेहतमंद होगा. लेकिन अगर आप वेट लॉस करने की कोशिश कर रहे हैं तो इन चीजों के सेवन से बचें.

जूस की जगह कटे हुए फल खाएं
कुछ लोगों को सुबह उठकर जूस पीना पसंद होता है और इसे काफी सेहतमंद भी माना जाता है, लेकिन अगर आप ताजे फलों को काटकर खाएंगे तो आपको जूस से ज्यादा फायदा मिलेगा. जूस के मुकाबले कटे हुए फलों में शुगर और कैलोरी कम होती है. कटे हुए फल आपको प्राकृतिक रूप से लाभ देंगे.

दक्षिण भारत के साथ अब अन्य जगहों पर भी इडली-सांभर को सुबह के नाश्ते में बड़े शौक से खाया जाता है. वहीं गुजराती खमण और ढोकला भी आपके लिए सेहतमंद होगा. लेकिन अगर आप वेट लॉस करने की कोशिश कर रहे हैं तो इन चीजों के सेवन से बचें.

Advertisement
Click to comment

You must be logged in to post a comment Login

Leave a Reply

Lifestyle

अगर नही पीते है सिगरेट तो भी हो सकता धुआं से कैंसर का खतरा,जानें कैसे

Published

on

By

सिगरेट पीते हैं तो न केवल उन्‍हें, बल्कि आपको भी कैंसर का खतरा है.द लांसेट जर्नल’ में प्रकाशित एक नई रिसर्च स्‍टडी बताती है, सिगरेट पीने वालों से ज्‍यादा आसपास रहनेवाले लोगों को है.आसपास रहनेवाले लोग पैसिव स्‍मोकर कहलाते हैं, जो जाने-अनजाने सिगरेट का धुआं अपने अंदर ले रहे होते हैं.इस स्‍टडी में कहा गया है कि धूम्रपान कर रहे व्यक्ति के आसपास रहने से फेफड़े में प्रवेश करने वाला धुआं कैंसर का 10वां सबसे बड़ा कारण है।

          “दोस्तों के साथ सिगरेट की कश! हवा में सिगरेट के धुएं से छल्ले बनाते हुए। हर फ्रिक को धुएं में उड़ाने वालों ….जरा रुकिए। संभलिए! सिगरेट के धुएं में जिंदगी हवा न हो जाये, इसलिए ये 10 बातें जाननी जरूरी…दोस्तों के साथ सिगरेट की कश! हवा में सिगरेट के धुएं से छल्ले बनाते हुए। हर फ्रिक को धुएं में उड़ाने वालों ….जरा रुकिए। संभलिए! सिगरेट के धुएं में जिंदगी हवा न हो जाये, इसलिए ये 10 बातें जाननी जरूरी है। यकीनन ये 10 बातें जानने के बाद सिगरेट पीने से पहले आप 10 बार सोचेंगे “

‘ग्लोबल बर्डेन ऑफ डिजिज, इंजरीज एंड रिस्क फैक्टर्स (जीबीडी)2019’ अध्ययन के नतीजों का इस्तेमाल कर शोधकर्ताओं ने यह स्‍टडी की है.वाशिंगटन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने यह जांच की कि कैसे 34 व्यावहारिक, पर्यावरणीय और पेशेवर कारक 23 तरह के कैंसर से मौत और खराब स्वास्थ्य के लिए जिम्मेदार रहे. उन्‍होंने ने अनुमान लगाया है कि प्रतिदिन धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के आसपास रहने वाले सभी लोगों के फेफड़े में तंबाकू का धुआं प्रवेश करता है.शोधकर्ताओं ने इस तरह से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों के अनुपात का पता लगाने के लिए सर्वेक्षण किए. अध्ययन में पाया गया है कि धूम्रपान, शराब का सेवन और शरीर का अधिक वजन होना कैंसर के तीन शीर्ष कारक हैं.दरअसल, सिगरेट पीने वाले जो धुआं अंंदर खींच रहे होते हैं, वह स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक तो है ही, वे जो धुआं बाहर छोड़ रहे होते हैं, वह भी स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत हानिकारक होता है. दोनों ही तरह के धुएं हमारे फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं।

सिगरेट के धुंए में निकोटिन के अलावा 200 से ज्यादा तरह के जहरीले तत्व होते हैं। सिगरेट में मौजूद तत्व हमारी बॉडी में जाकर हर ऑर्गन को नुकसान पहुंचाते हैं। सिगरेट पीने वालों का स्पर्म काउंट और क्वालिटी कमजोर हो जाते हैं। सिगरेट पीने वालों को लंग्स, हार्ट, किडनी और लिवर से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।
Continue Reading

Lifestyle

त्रिफला चूर्ण खाने के तीन बड़े नुक्सान ये रहे जानिए

Published

on

Triphala Churna side Effects: आयुर्वेदिक और हर्बल में उपचार के लिए त्रिफला का इस्तेमाल सदियों से किया जा रहा है. त्रिफला के अगर फायदे हैं, तो कुछ नुकसान भी, जो कई तरह के हो सकते हैं.

Triphala Churna side Effects-त्रिफला का नाम तो हर किसी ने सुना होगा. कई तरह की बीमारी के दौरान भी इसे लेते हुए देखा होगा. सदियों से त्रिफला को आयुर्वेदिक और हर्बल उपचार के तौर में इस्तेमाल में लाया जा रहा है. आंवला, बिभिताकि और हरीताकी ये तीन फलों से मिलकर त्रिफला को तैयार किया जाता है. आयुर्वेद के अनुसार, त्रिफला खाने से कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में किया जा सकता है. त्रिफला खाने से हेल्थ को कई फायदे मिल सकते हैं. त्रिफला बाजार में चूर्ण, कैप्सूल और जूस के अर्क के रूप में आसानी से मिल जाता है. त्रिफला चूर्ण के वैसे तो कई फायदे हैं, लेकिन इसे खाने से पहले अगर सावधानी नहीं बरती गई तो इसके नुकसान भी झेलने पड़ सकते हैं.

त्रिफला चूर्ण के नुकसान

हो सकता है ब्लड शुगर लो
स्टाइलक्रेज़ के मुताबिक, त्रिफला में डायबिटीज से लड़ने के गुण होते हैं. जो मरीज पहले से ही डायबिटीज कि दवाएं ले रहे हैं, उन्हें त्रिफला खाने से हाइपोग्लाइसीमिया हो सकता है, जो ब्लड शुगर को काफी लो कर सकता है. अगर डायबिटीज के मरीज हैं तो त्रिफला चूर्ण खाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

दवाओं का असर हो सकता है कम
त्रिफला कई तरह की दवाओं का असर कम कर सकता है, जिससे लिवर को नुकसान पहुंच सकता है. दवाओं के साथ त्रिफला का सेवन करने से पहरेज करना चाहिए. इसके अलावा मूड खराब, एनर्जी में कमी और नींद की समस्या भी हो सकती है.

प्रेगनेंसी में हो सकती है समस्या
प्रेगनेंसी के दौरान त्रिफला चूर्ण के सेवन से कई तरह की समस्याएं देखने को मिल सकती हैं. इससे मिसकैरेज तक हो सकता है. त्रिफला चूर्ण के सेवन से पहले महिलाओं को डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए. त्रिफला चूर्ण को खाने से पहले इसकी सही मात्रा के बारे में जानकारी होना जरूरी है.

Continue Reading

Lifestyle

आंसू निकलना भी होता है फायदेमंद जानिए, कैसे

Published

on

Eye Health: अभी तक आपने सुना होगा कि हंसना सेहत के लिए फायदेमंद होता है लेकिन आज हम आपको बता रहे हैं कि रोने के भी बहुत से फायदे हैं.

Eye Care Tips: अगर हंसना-मुस्कराना सेहत (Health) के लिए अच्छा माना जाता है तो रोना भी कहीं से खराब नहीं. जितने ज्यादा फायदे हंसने के है, रोने के भी उतने ही फायदे (Benefits of Tears) माने जाते हैं. फिर चाहे आप किसी मूवी या सीरियल को देख इमोशनल हो रहे हैं या फिर प्याज काटते वक्त आपके आंसू निकल रहे हों.

रिसर्च कहती है कि आपकी हेल्दी आंखों के लिए आंसू काफी जरूरी है. यह आपकी आंखों को गीला और चिकना रखते हैं. इंफेक्शन और गंदगी से भी बचाते हैं. ये आपकी आंखों को साफ रखते हैं और हेल्दी भी बनाते हैं. तो यहां जानिए आखिर क्यों निकलते हैं आंसू और इसके क्या-क्या होते हैं फायदे..

आंसू क्यों निकलते हैं?
इंसान के रोने के पीछे पूरी तरह से साइंस (Science) काम करता है. जब हम या आप इमोशनल (Emotional) होते हैं, प्याज का कोई तीखी चीज काटते हैं, आंखों में कुछ चला जाता है तब आंसू निकलते हैं. आंसू आंख की अश्रु नलिकाओं से निकलने वाला तरल पदार्थ है, जो पानी और नमक के मिश्रण से बना होता है. इसमें तेल, बलगम और एंजाइम नामक केमिकल भी पाया जाता है, जो कीटाणु को मार हमारी आंखों को हेल्दी रखता है.

तीन तरह के होते हैं आंसू
आप नहीं जानते होंगे कि इंसान की आंखों से तीन तरह के आंसू निकलते हैं. चलिए बताते हैं
Basal Tears- इस तरह के आंसू आंखें झपकने पर निकलते हैं. ये आंखों में नमी बनाए रखने का काम करते हैं. ये नॉन-इमोशनल आंसू होते हैं.
Reflex Tears– ये भी नॉन-इमोशनल आंसू ही होते हैं. ये आंखों के हवा, धुएं, घूल के पड़ने से आते हैं.
Emotional Tears- दुख, निराशा, गम होने पर जो आंसू निकलते हैं वे इमोशनल आंसू होते हैं.
आंसुओं के फायदे ही फायदे
नीदरलैंड्स की स्टडी के मुताबिक रोने से आप रिलैक्स फील करते हैं और आपका मूड अच्छा होता है.
आंसू में लाइसोजोम (Iysozyme) नाम का फ्लूइड पाया जाता है, जिसमें एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. यह हमारी आंखों को संक्रमण से बचाता है और आंखों को साफ करता है.

रोने से इमोशन कंट्रोल होती हैं और मानसिक तनाव से राहत मिलती है
रोने से बॉडी में ऑक्सीटोसिन और एंडोर्फिन हॉर्मोन बनते हैं जो शारीरिक और भावनात्मक दर्द से आराम दिलाते हैं.
आंसू निकलनेसे आंखें सूखती नहीं और उसकी नमी बरकरार रहती  है, जिससे आखों की रोशनी बढ़ती है.
जब कोई शख्स आंखें झपकाता है, तो बेसल टियर निकलती हैं तो म्यूकस में ब्रेन को सूखने से बचाते हैं.
ये भी पढ़ें

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

#Chhattisgarh खबरे !!!!

Knowledge3 weeks ago

विधि विभाग छात्रों द्वारा ग्राम वासियों 181 सखी वन स्टॉप सेंटर संबधित विधि जागरूकता …..

शासकीय जे योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय रायपुर (विधि विभाग ) LLB 3 semester के छात्र-छात्राओं द्वारा ग्राम बाराडेरा ग्राम पंचायत तुलसी...

छत्तीसगढ़4 months ago

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री दाई-दीदी क्लीनिक योजना चलाई जा रही,महिलाओं और बच्चियों को मिल रहा है आसानी से इलाज

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री दाई-दीदी क्लीनिक योजना का लाभ प्रदेश की गरीब महिलाओं और बच्चियों को मिल रहा है. अब तक...

छत्तीसगढ़4 months ago

District Hospital : शाॅर्ट सर्किट के कारण बिजली चली गई जिससे नवजात बच्चे की मौत,लापरवाही से यह घटना सामने आई

कोरबा। जिला अस्पताल में एक बड़ी घटना घटी गई है.जहां शाॅर्ट सर्किट के कारण अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड की बिजली...

छत्तीसगढ़4 months ago

यात्रियों को बड़ा झटका : 20 ट्रेनों को किया रद्द,देखें लिस्ट

बिलासपुर : ट्रेनों के कैंसिल होने से रेल यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच SECR...

क्राइम न्यूज़4 months ago

CG Crime News : नाबालिग का अपहरण कर किया सामूहिक , दुष्कर्म

Manendragarh : कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ में एक नाबालिग का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म करने की सनसनीखेज घटना सामने आयी...

#Exclusive खबरे

Advertisement

Calendar

December 2022
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
Advertisement
Advertisement

Trending