ज्योतिष
राशि परिवर्तन: ये राशी वालो के आने वाले है अच्छे दिन, खुलने वाले है इनके किस्मत की द्वार…

शुक्र ग्रह को वैवाहिक सुख, प्रसिद्धि, कला, सौंदर्य और प्रतिभा का प्रतीक माना जाता है। शुक्र के राशि परिवर्तन से सभी राशियों पर विशेष प्रभाव पड़ता है। जिन लोगों के जन्म कुंडली में शुक्र मजबूत होता है। उनके जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। ज्योतिष शास्त्र में सभी ग्रहों का गोचर महत्वपूर्ण है। शुक्र के गोचर का विशेष महत्व है। मार्च के अंतिम दिन यानी 31 मार्च 2022, गुरुवार को सुबह 08.54 बजे शुक्र कुंभ राशि में गोचर करेंगे। शुक्र इस राशि में 26 अप्रैल तक रहेगा।
इन उपायों से शुक्र को करें मजबूत
1. सफेद रंग के कपड़ों का इस्तेमाल ज्यादा करें। खासतौर पर सोमवार को सफेद वस्त्र जरूर पहनें।
2. शुक्र को मजबूत करने के लिए शुक्रवार का व्रत रखें। मां लक्ष्मी को सफेद मिठाई का भोग लगाएं।
3. शुक्रवार के दिन स्फटिक की माला से ऊं द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः मंत्र का जाप करें।
4. शुक्रवार को जरूरतमंदों को चावल, दूध, शक्कर, दूध की मिठाई या सफेद कपड़े दान करने से शुक्र ग्रह मजबूत होता है।
5. हाथ में चांदी का कंगन या गले में स्फटिक की माला पहनने से जन्म कुंडली में शुक्र मजबूत होता है।
शुक्र का वैदिक मंत्र
ऊं अन्नात्परिस्नुतो रसं ब्रह्मणा व्यपिबत क्षयं पयः सेमं प्रजापतिः।
ऋतेन सत्यमिन्दियं विपान ग्वं, शुक्रमन्धस इन्द्रस्येन्द्रियमिदं पयोय्मृतं मधु।।
शुक्र का नाम मंत्र
ऊं शुं शुक्राय नमः
शुक्र का मंत्र
शुक्र महाग्रह मम दुष्टग्रह, रोग कष्ट निवारणं सर्व शांति च कुरू कुरू हूं फट्।
शुक्र का तान्त्रिक मंत्र
ऊं द्रां द्रीं दौं सः शुकाय नमः।
शुक्र का पौराणिक मंत्र
ऊं हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम।
आइए जानते है शुक्र के गोचर से किन राशिवालों को फायदा होगा-
मेष
शुक्र के राशि परिवर्तन से मेष राशिवालों को अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। नौकरीपेशा जातकों के लिए कोई विशेष कार्य सफलता दिला सकता है। करियर में अच्छा प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा। कार्यस्थल में बहुत प्रशंसा मिलेगी। विदेशी संपर्क वाले लोगों को अचानक लाभ मिलेगा। अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है।
वृषभ
ग्रह का शुभ प्रभाव वृषभ राशि के जातकों के लिए शुभ रहेगा। पुराने निवेश से बेहतर पैसा मिलेगा। सरकारी कर्मचारियों को पुरस्कार भी प्राप्त होने की संभावना है। प्रेम संबंधों के लिए अच्छा समय रहेगा। नौकरीपेशा अपने अधिकारियों को प्रसन्न करने में कामयाब रहेंगे। कार्यक्षेत्र में आपके कार्य की सराहना होगी।
तुला
तुला राशिवालों के लिए आर्थिक और व्यापारिक रूप से लाभदायक यात्राएं संभव है। निजी जीवन में अच्छे परिणाम आने की संभावना बनी रहेगी। व्यापारी अच्छा मुनफा कमाएंगे। नियमित काम से हटकर कुछ करने की कोशिश करेंगे। हर तरफ से सफलता प्राप्त करेंगे। आप जीवन साथी के साथ अच्छा समय बीताएंगे।
धनु
ग्रह के प्रभाव से धनु राशि के जातकों में शुभ स्थितियां पैदा होंगी। इस दौरान धन कमाने में सफल रहेंगे। अगर कोई मुकदमा कोर्ट में चल रहा है। तो फैसला आपके पक्ष में आने की संभावना है। नए अधिकारी और उत्तरदायित्व आ सकते हैं, जो जीवन शैली में सुधार करेंगे। मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आपके व्यापार का विस्तार हो सकता है।
शुक्र स्त्रोत का पाठ
नमस्ते भार्गव श्रेष्ठ देव दानव पूजित। वृष्टिरोधप्रकर्त्रे च वृष्टिकर्त्रे नमो नम:।। देवयानीपितस्तुभ्यं वेदवेदांगपारग:। परेण तपसा शुद्ध शंकरो लोकशंकर:।। प्राप्तो विद्यां जीवनाख्यां तस्मै शुक्रात्मने नम:। नमस्तस्मै भगवते भृगुपुत्राय वेधसे।। तारामण्डलमध्यस्थ स्वभासा भसिताम्बरः। यस्योदये जगत्सर्वं मंगलार्हं भवेदिह।।
अस्तं याते ह्यरिष्टं स्यात्तस्मै मंगलरूपिणे। त्रिपुरावासिनो दैत्यान शिवबाणप्रपीडितान।। विद्यया जीवयच्छुक्रो नमस्ते भृगुनन्दन। ययातिगुरवे तुभ्यं नमस्ते कविनन्दन।। बलिराज्यप्रदो जीवस्तस्मै जीवात्मने नम:। भार्गवाय नमस्तुभ्यं पूर्वं गीर्वाणवन्दितम।। जीवपुत्राय यो विद्यां प्रादात्तस्मै नमोनम:। नम: शुक्राय काव्याय भृगुपुत्राय धीमहि।।
नम: कारणरूपाय नमस्ते कारणात्मने। स्तवराजमिदं पुण्य़ं भार्गवस्य महात्मन:।। य: पठेच्छुणुयाद वापि लभते वांछित फलम। पुत्रकामो लभेत्पुत्रान श्रीकामो लभते श्रियम।। राज्यकामो लभेद्राज्यं स्त्रीकाम: स्त्रियमुत्तमाम। भृगुवारे प्रयत्नेन पठितव्यं सामहितै:।। अन्यवारे तु होरायां पूजयेद भृगुनन्दनम। रोगार्तो मुच्यते रोगाद भयार्तो मुच्यते भयात।।
यद्यत्प्रार्थयते वस्तु तत्तत्प्राप्नोति सर्वदा। प्रात: काले प्रकर्तव्या भृगुपूजा प्रयत्नत:।। सर्वपापविनिर्मुक्त: प्राप्नुयाच्छिवसन्निधि:। इति स्कन्दपुराणे शुक्रस्तोत्रम।।

ज्योतिष
अप्रैल महीने मे इन राशियो का खुलेगा किस्मत का द्वार… होगा सुख समृद्धि और धन लाभ…

अप्रैल में कई ग्रहों का राशि परिवर्तन होना है। मेष से लेकर मीन राशि तक वालों के लिए अप्रैल का महीना महत्वपूर्ण साबित होगा। अप्रैल में ग्रहों के राशि परिवर्तन का कुछ राशियों पर शुभ प्रभाव पड़ेगा और कुछ राशि वालों को कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। जानें अप्रैल में किन राशि वालों का खुल सकता है किस्मत का ताला-
वृषभ- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वृषभ राशि के जातकों के लिए अप्रैल का महीना शुभ साबित होगा। अप्रैल में राहु का राशि परिवर्तन होने जा रहा है। अभी राहु आपकी राशि में ही विराजमान हैं। राहु के आपकी राशि से जाते ही जीवन में आने वाली बाधाओं से मुक्ति मिलेगी। इस समय आपको मेहनत का पूरा फल मिलेगा। नौकरी पेशा करने वाले जातकों को प्रमोशन की संभावना है। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। छात्रों को भी अनुकूल परिणाम मिल सकते हैं।
सिंह- सिंह राशि वालों को अप्रैल माह में कई कार्यों में सफलता हासिल होगी। इस दौरान आपके काम की तारीफ भी हो सकती है। नौकरी में तरक्की की स्थिति बनेगी। नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में धन लाभ हो सकता है। पढ़ाई में अनुकूल परिणाम मिलेंगे। शांति का माहौल बना रहेगा। मां लक्ष्मी की इस दौरान आप पर विशेष कृपा रहेगी।
वृश्चिक- अप्रैल का महीना वृश्चिक राशि वालों के लिए लाभकारी रहेगा। इस दौरान आपको मनचाहे परिणाम प्राप्त होंगे। अप्रैल में केतु आपकी राशि से निकल जाएंगे। जिसके बाद आपको परेशानियों से मुक्ति मिलेगी। परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम बढ़ेगा। प्रेम-प्रसंग में सफलता हासिल होगी। धन लाभ के योग बनेंगे। निवेश के लिए यह समय उत्तम है।
धनु- धनु राशि वालों की इस दौरान आर्थिक स्थिति सुधरेगी। शनिदेव की ओर से मिल रहे कष्ट कम होंगे। मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी। इस समय आपको धन लाभ के योग बनेंगे। नौकरी में परिवर्तन के लिए समय अनुकूल है।
ज्योतिष
Vastu Tips: आप भी करे ये छोटा सा उपाए, कभी नही होगी पैसो की कमी, बनी रहेगी माँ लक्ष्मी की कृपा….

एक कांच के पात्र में या कटोरी में थोड़ा-सा मोटा नमक लें और उस कटोरी में नमक के साथ चार-पांच लौंग भी रखें
इसे आप घर के किसी भी एक कोने में रख सकते हैं
इस उपाय को करने से धन की आवक शुरू होगी
कई बार कई कोशिशों के बावजूद घर में बरकत नहीं रहती। वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे घर में पैसों की प्राप्ति और बरकत के बारे में। एक कांच के पात्र में या कटोरी में थोड़ा-सा मोटा नमक लें और उस कटोरी में नमक के साथ चार-पांच लौंग भी रखें। इसे आप घर के किसी भी एक कोने में रख सकते हैं।
इस उपाय को करने से धन की आवक शुरू होगी और घर की चीज़ों में बरकत भी बनी रहेगी। कांच की कटोरी में नमक रखने से जहां एक तरफ घर में धन की कमी दूर होगी तो दूसरी तरफ पूरा घर एक अलग ही सुगंध से महक उठेगा और घर में सुख-शांति बनी रहेगी। इसके अलावा यदि बाथरूम संबंधी कोई वास्तु दोष है तो कटोरी में क्रिस्टल नमक लेकर बाथरूम में ही किसी ऐसी जगह पर रख दें जहां पर किसी के हाथ उस पर न पड़े और कुछ-कुछ दिनों में कटोरी में से नमक को बदल दें।
ज्योतिष
रोग दोष से मुक्ति पाना चाहते है तो करे हुनमान जी की पुजा…

हनुमान जी महादेव का अवतार हैं. उन्हें कलयुग का साक्षात देवता माना जाता है क्योंकि हनुमान जी आज भी इस धरती पर मौजूद हैं. हनुमान जी को बजरंगबली, संकटमोचन जैसे नामों से जाना जाता है क्योंकि जो भी भक्त हनुमान जी का या उनके आराध्य श्रीराम जी का पूजन पूरी श्रद्धा के साथ करता है, तो वे अपने भक्त की कामना जरूर पूरी करते हैं और उन्हें हर संकट से उबार देते हैं. कहा जाता है कि एक बार कष्ट के समय गोस्वामी तुलसीदास ने भी हनुमान बाबा को याद किया था, भक्तिमय होकर उन्होंने उस समय हनुमान बाहुक (Hanuman Bahuk) नाम से एक रचना की थी. इससे प्रसन्न होकर संकटमोचन ने उनके सारे कष्ट हर लिए थे.
हनुमान बाहुक का पाठ आज भी बेहद शक्तिशाली माना जाता है. मान्यता है कि इसे करने से शारीरिक कष्ट और तमाम बीमारियां दूर हो जाती हैं. इतना ही नहीं, व्यक्ति के धन, संतान, नौकरी आदि जुड़े संकट भी दूर होते हैं. यहां जानिए हनुमान बाहुक की महिमा के बारे में.
इसलिए हुई हनुमान बाहुक की रचना
कहा जाता है कि एक बार गोस्वामी तुलसी दास जी बहुत ज्यादा बीमार हो गए. उनके हाथ में असहनीय पीड़ा हो रही थी. इसे दूर करने के लिए तुलसीदास ने हनुमान बाबा को पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ याद करते हुए उनकी स्तुति करना शुरू कर दिया. 44 चरणों की इस स्तुति के हर शब्द में भक्ति की इतनी शक्ति थी कि हनुमान जी को मजबूर होकर तुलसीदास के कष्ट दूर करने के लिए आना पड़ा. बाद में इस स्तुति को तुलसीदास ने हनुमान बाहुक का नाम दिया. मान्यता है कि अगर व्यक्ति असहनीय पीड़ा के समय इस स्तुति को पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ करे, तो उसके कष्ट जरूर दूर होते हैं.
ऐसे करें हनुमान बाहुक का पाठ
हनुमान बाहुक का पाठ करने के लिए किसी ज्योतिष विशेषज्ञ से शुभ मुहूर्त का पता कर लें, तभी से इस पाठ को आरंभ करें. किसी विशेष मंशा से करने के लिए ये स्तुति कम से कम 21 या 26 दिनों तक लगातार करें. स्तुति करते समय हनुमान जी के समक्ष एक पात्र में जल भरकर रखें और उसमें तुलसी का एक पत्ता डाल दें. पूजा संपन्न होने के बाद तुलसी के पत्ते को उसी पानी के साथ निगल जाएं. कहा जाता है कि ऐसा करने से गठिया, वात रोग, सिर दर्द, गले में दर्द, जोड़ों के दर्द आदि तमाम तरह के शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है.
भूत और प्रेत जैसी चीजें व्यक्ति को छू भी नहीं पातीं
कहा जाता है कि हनुमान जी के नाम से ही नकारात्मक शक्तियां घबराती हैं. जो लोग हनुमान बाहुक का नियमित पाठ करते हैं, उनके आसपास एक सुरक्षा घेरा बन जाता है. ऐसे में भूत और प्रेत जैसी चीजें व्यक्ति को छू भी नहीं पातीं. हनुमान बाहुक का पाठ करने से व्यक्ति के रुके हुए काम भी बन जाते हैं. परिवार में धन, दौलत, नौकरी आदि से जुड़े सारे संकट दूर हो जाते हैं.
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