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3 योग मुद्राएं जो वजन कम करने में कर सकती हैं मदद



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HEALTH CARE TIPS: बालो के झड़ने के समस्या से है परेशान, तो इन योगासनों से को अपने डेली रूटीन में करे शामिल…

Yoga Tips: दूर होगी बालों के झड़ने की समस्या, इन तीन बेहद कारगर योगासनों का आप भी कीजिए अभ्यासबालों का झड़ना, गड़बड़ लाइफस्टाइल और आहार में पौष्टिकता की कमी के कारण तेजी से बढ़ती समस्याओं में से एक है। कुछ लोगों में पारिवारिक इतिहास (आनुवंशिकता), हार्मोनल परिवर्तन और चिकित्सकीय स्थिति, दवाओं के साइड इफेक्ट्स, बहुत अधिक तनाव जैसी समस्याओं के कारण भी यह दिक्कत देखी जा रही है। कुछ वर्षों पहले तक बालों का झड़ना उम्र के साथ होने वाली समस्या मानी जाती थी, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में कम उम्र के लोगों को भी इसका शिकार देखा जा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बालों की पोषकता में आई कमी के कारण इस तरह की दिक्कत बढ़ी है।
योग को कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं के समाधान के तौर पर देखा जाता रहा है। योगगुरु बाबा रामदेव बताते हैं कि दिनचर्या में योगासनों को शामिल करके आप बालों के झड़ने की समस्या को भी कम कर सकते हैं। योगासनों के अभ्यास की आदत बनाकर बालों को उचित पोषण देने के साथ उनके टूटने को प्रतिबंधित किया जा सकता है। योगासन रक्त संचार को भी बढ़ा देते हैं जिससे बालों के जड़ों की कमजोरी को दूर किया जा सकता है। आइए ऐसे ही योगाभ्यास के बारे में जानते हैं जो बालों के झड़ने की समस्या में कारगर हो सकते हैं?कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास
कपालभाति प्राणायाम, सांस लेने के सबसे प्रभावित योगासनों में से एक है। यह कपाल यानी कि सिर से विषाक्त पदार्थों को कम करने में मदद करता है। इस योग का अभ्यास पूरे सिर और चेहरे में बेहतर ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के साथ बालों के विकास को बढ़ावा देता है। बालों की समस्या से परेशान लोगों के लिए कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास काफी कारगर माना जाता है। इसके अलावा, यह तनाव और चिंता को कम करने में भी मदद करने वाला अभ्यास है, जो बालों के झड़ने से रोकने के लिए आवश्यक है।
शीर्षासन योग का अभ्यास
शीर्षासन योग को खोपड़ी में रक्त परिसंचरण में सुधार करने वाला सबसे प्रभावी अभ्यास माना जाता है। यह बालों के झड़ने, बालों के पतले होने और गंजापन को कम करने में भी मदद करता है। यह आसन नए बालों के विकास में मदद करने के साथ बालों की अन्य समस्याओं को कम करने में भी फायदेमंद है। इस योग के अभ्यास की आदत मस्तिष्क के कार्यों को बेहतर बनाए रखने में भी मदद करती है। इस योग को विशेषज्ञ के निगरानी में किया जाना चाहिए।
अधोमुख शवासन
अधोमुख शवासन योग सूर्य नमस्कार के दौरान किए जाने वाले 12 आसनों में से एक है। यह रक्त प्रवाह को बढ़ाने के साथ स्कैल्प तक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। बालों के विकास को बढ़ावा देने के साथ शारीरिक स्वास्थ्य में भी इस योगासन के कई तरह के लाभ हैं। उदाहरण के लिए यह मन को शांत करने, शरीर को ऊर्जावान और सक्रिय रखने में मदद करता है।
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क्या आप भी लस्सी पीने के शौकीन है तो, जान ले इनसे होने वाले नुकसान के बारे में…
रात में लस्सी पीने के नुकसान
अगर आपको लस्सी पीना पसंद है और आप रात में लस्सी का सेवन करते हैं तो आज ही इसे बंद कर दें। लस्सी दही से बनती है, जो कि शरीर को ठंडक देता है। रात के समय लस्सी यानी ठंडी चीज खाने या पीने से सर्दी, खांसी, जोड़ों में दर्द और फेफड़ों संबंधी रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए अगर आप रात में लस्सी पीने के बाद सोते हैं तो आपकी पाचन क्रिया पर असर पड़ता है। खाना पचाने में दिक्कत होने से कई शारीरिक परेशानियां हो सकती है। इसलिए रात में लस्सी का सेवन न करें।
लस्सी पीने के नुकसान
-लस्सी में प्रोटीन, विटामिन, खनिज और वसा भरपूर मात्रा में पाई जाती है। ऐसे में लस्सी का सेवन अधिक मात्रा में करने से शरीर को नुकसान भी हो सकता है।
-दही में 140 कैलोरी, 8 ग्राम प्रोटीन, 7.5 ग्राम फैट और 11 ग्राम कार्बोहाइड्रेट का मात्रा होती है, जो स्वास्थ्य को नुकसान भी पहुंचा सकती है।
लस्सी बनाने में चीनी का इस्तेमाल भी किया जाता है। अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो ज्यादा लस्सी का सेवन आपके रोग को बढ़ा सकता है।
-लस्सी का अधिक सेवन पथरी या प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को भी बढ़ाता है। ज्यादा लस्सी पीने से वजन भी बढ़ सकता है।
यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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वास्तुशास्त्र के अनुसार, यदि आपके बच्चे का पढ़ाई में ध्यान नही जाता है तो करे ये उपाये…

Vastu Tips For Kids Room: बच्चे अपने मन मर्जी के मालिक होते हैं। हर बच्चे की अपनी विशेषता होती है और साथ ही उनकी पसंद-नापसंद होती है। कुछ बच्चे तो इतने पढ़ाकू होते हैं जो हमेशा आपको कॉपी किताबों में नजर गड़ाए नजर आएंगे। वहीं कुछ ऐसे बच्चे भी हैं जो पढ़ाई का नाम सुनकर दूर भागते हैं। उनका ध्यान पढ़ाई की ओर केंद्रित नहीं रहता है। ऐसे बच्चे पढ़ाई से जी चुराते हैं। कोरोना महामारी के बाद बच्चों में एकाग्रता की और कमी हो गई है। लेकिन कुछ वास्तु और ज्योतिष उपाय के माध्यम से उनका ध्यान पढ़ाई की ओर केंद्रित करा सकते हैं। उन्हीं उपायों में से एक है बच्चों के कमरे में कैंडल्स यानी मोमबत्ती लगाना। आइए जानते हैं बच्चों के कमरों में किस दिशा में मोमबत्ती लगानी चाहिए जिससे उनका मन पढ़ाई में लगा रहे। इसके साथ ही जानते हैं बच्चों का पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने के अन्य ज्योतिष उपाय।
किस दिशा में जलानी चाहिए मोमबत्ती
बच्चों के कमरे की पूर्वी, उत्तर-पूर्वी या दक्षिणी भाग में मोमबत्ती जलाने से बच्चे पढ़ाई की ओर आकर्षित होते हैं, उनका पढ़ाई में मन लगता है। साथ ही उनकी बौद्धिक क्षमता बढ़ती है।
किस दिशा में मोमबत्ती नहीं जलानी चाहिए
अब तक हमने आपको उन दिशाओं के बारे में बताया जहां कैंडल्स या मोमबत्ती लगाई जा सकती है। लेकिन कुछ ऐसे स्थान भी है जहां कैन्डल्स नहीं जलानी चाहिए। जैसे घर की उत्तरी दिशा में मोमबत्ती लगाने से धन का आगमन बाधित होता है और घर की आर्थिक स्थिति पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए घर के उत्तरी कोने में मोमबत्ती नहीं जलानी चाहिए।
इस दिशा में भी न लगाएं मोमबत्ती
घर के वायव्य कोण, यानी कि उत्तर-पश्चिम दिशा में भी कैंडल्स नहीं रखनी चाहिए। यहां पर कैंडलस, यानी कि मोमबत्ती रखने से परिवार के सदस्यों में अशांति आती है और मन में परिवार के सदस्यों के प्रति जलन की भावना आती है।
स्टडी टेबल और कुर्सी का आकार
स्टडी टेबल का आकार रेक्टेंगल होना चाहिए। अनियमित आकार कुछ लोगों को आकर्षक लग सकता है लेकिन यह पढ़ाई में एकाग्रता को खराब करता है। हो सके तो टेबल को इस तरह रखें कि बच्चे का मुंह दीवार की ओर न हो। ध्यान रहे कि कुर्सी की बैक भी मजबूत हो।
एकाग्रता बढ़ाने के ज्योतिष उपाय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान विष्णु की तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाने के साथ ही केले के पेड़ में जल अर्पित करके वहां की मिट्टी से बच्चे का तिलक लगाना भी लाभकारी माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर आपके बच्चे का पढ़ाई में बिल्कुल भी मन नहीं लगता है, तो आप उसकी जेब में एक फिटकरी का छोटा टुकड़ा रख दें और रोजाना अपने बच्चे के माथे तथा नाभि पर केसर का तिलक लगाएं।
बच्चे की पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए हर गुरुवार को भगवान विष्णु के मंदिर में अपनी सामर्थ्य अनुसार धार्मिक पुस्तकें और पेन दान करना भी शुभ माना जाता है।
आपका बच्चा जिस स्थान पर पढ़ाई करता हो वहां उसकी स्टडी टेबल का मुख हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ ही होना चाहिए।
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