देश - दुनिया
बुखार आने पर दोस्त की सलाह पर पी लिया ‘केरोसीन, चार दिन बाद मौत, रिपोर्ट निगेटिव

कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाह हैं। लोग अलग-अलग दावे करते हैं। इन्हीं दावों का शिकार भोपाल का एक युवक हो गया है। उसे विश्वास था कि केरोसिन पीने से कोरोना वायरस मर जाता है। बुखार आने के बाद उसके मन में यह डर बैठ गया कि मुझे कोरोना हो गया है। उसके बाद उसने केरोसिन पी लिया। केरोसिन पीने के चार दिन बाद उसकी मौत हो गई है। वहीं, मृतक युवक की कोविड रिपोर्ट निगेटिव आई है।
पुलिस ने बताया कि 30 वर्षीय युवक ने बीते बुधवार को अपने एक परिचित की सलाह पर केरोसिन पी लिया था। वह अशोका गार्डन में रहता है। उसके बाद इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार की रात युवक की मौत हो गई है। जून में वह अपनी शादी की सालगिरह सेलिब्रेट करने वाला था।
एएसआई राजकुमार दुबे ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा कि मृतक महेंद्र अपने परिवार के साथ अशोका गार्डन के शिव नगर इलाके में रहता था। वह टेलर का काम करता था। उसे पांच-छह दिनों से बुखार था। दवा लेने के बाद भी उसे कोई लाभ नहीं मिला। उसके बाद वह डर गया कि उसे कोरोना हो गया है। बुधवार की रात नौ बजे उसने केरोसिन पी लिया।
केरोसिन पीने के बाद युवक की तबीयत बिगड़ने लगी। उसके बाद परिवार के लोग एक नजदीकी प्राइवेट अस्पताल में लेकर गए लेकिन वहां बेड की व्यवस्था नहीं कर पाए। उसके बाद युवक को हमीदिया अस्पताल ले जाने के लिए कहा गया। फिर परिजनों को जानकारी मिली कि प्राइवेट अस्पताल में बेड है। परिजनों ने हमीदिया से निकालकर दो दिन पहले उसे प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट कर दिया। शनिवार की रात 11 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि परिजनों ने अस्पताल से कहकर उसका कोविड टेस्ट भी करवाया लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आई थी। गौरतलब है कि शुरुआत में अगर वह डॉक्टर की सलाह पर मेडिसिन लेता तो ठीक हो सकता था। मगर परिचित की सलाह युवक की जान ले ली है।


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स्कूल में 9 बच्चियां कोरोना संक्रमित,विश्व स्वास्थ्य संगठन अलर्ट जारी किया , 5 से 14 साल के बच्चों में बढ़ रहा संक्रमण
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आखिर क्यों खत्म होते-होते रह गया किसान आंदोलन, जानिए कहां अटका पेंच

दिल्ली की सीमा पर एक साल से प्रदर्शन कर रहे किसानों और सरकार के बीच जल्द समझौते की उम्मीद नजर आई है। मंगलवार को गृह मंत्रालय से 6 सूत्रीय प्रस्ताव लेकर आए प्रतिनिधिमंडल और को संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों की बैठक हुई। इन प्रस्तावों में से तीन पर किसान नेता सहमत नहीं है। उन्होंने सरकार से जवाब मांगा है। वहीं आज (बुधवार) दोपहर 2 बजे मोर्चा की बैठक में आगे का फैसला लिया जाएगा। अब आंदोलन का समाधान केंद्र के जवाब पर निर्भर है।
किसान नेता कुलवंत सिंह संधू ने कहा कि अधिकांश किसान संगठनों में सहमति है और सरकार ने हमारी अधिकांश मांगें मान ली हैं। फैसले की आधिकारिक घोषणा बुधवार की बैठक के बाद होगी। एसकेएम से जुड़े एक अन्य किसान नेता भी कहा कि बुधवार को आंदोलन खत्म होने की संभावना है।
केंद्र सरकार मांगें मानी : किसान संगठनों की बाकी बची मांगों को भी केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्वीकार कर लिया। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद एसकेएम ने कुंडली बार्डर पर बैठक की और मांगें मान लिए जाने पर खुशी जाहिर की। हालांकि सरकार के प्रस्ताव में कुछ खामियां भी बताईं है। खासतौर पर एमएसपी पर प्रस्तावित समिति में शामिल होने वाले सदस्यों को लेकर उन्हें आपत्ति है।
देश - दुनिया
स्विट्ज़रलैंड में मौत के मशीन को मिली मंजूरी, अब चलते-फिरते 1 मिनट में आत्महत्या कर सकेंगे लोग
जहां पूरी दुनिया आत्महत्या के कारणों का पता कर इसपर रोक लगाने की कोशिश में जुटी है, वहीं स्विट्ज़रलैंड एक ऐसा देश है, जहां अब आत्महत्या की मशीन को भी मंजूरी मिल गई है. ये मशीन एक मिनट में मौत देने के लिए डिजाइन की गई है.
की रिपोर्ट के मुताबिक़, हर साल करीब 7 लाख से ज्यादा लोग आत्महत्या कर लेते हैं. इनके अलावा करोड़ों लोग आत्महत्या की कोशिश करते हैं. खासकर 15 से 19 साल के युवा की संख्या इसमें काफी ज्यादा है. जहां पूरी दुनिया इसपर रोक लगाना चाहती है, वहीं स्विट्ज़रलैंड ऐसा देश है, जो आत्महत्या को बढ़ावा दे रहा है. खासकर लोगों को बिना दर्द हुए मौत के जरिये आत्महत्या करने के ऑप्शन दे रहा है. अब यहां आत्महत्या की मशीन बन चुकी है जो एक मिनट में मौत दे सकती है.
इस देश ने ताबूत के आकार की मशीन को मंजूरी दी है. इस मशीन के जरिए किसी भी शख्स की मौत एक मिनट के अंदर हो जाएगी. मशीन को बनाने वाली कंपनी के मुताबिक़, इसके जरिये आत्महत्या करने पर दर्द नहीं होगा. साथ ही समय लगेगा सिर्फ एक मिनट. यानी एक मिनट के अंदर ही आप मौत को गले लगा लेंगे. ये मशीन खास तकनीक से काम करती है. इसी वजह से इसके द्वारा आत्महत्या करने पर दर्द नहीं महसूस होगा.
देखते ही देखते हो जाएगी मौत
आपको बता दें कि खुद से आत्महत्या करने के लिए बनाई गई इस मशीन के अलावा पहले से ही स्विट्ज़रलैंड में आत्महत्या को लीगल माना गया है. इससे पहले यहां असिस्टेड सुसाइड की इजाजत थी. यानी अगर कोई आत्महत्या करना चाहता है तो वो दूसरे शख्स की मदद से ऐसा कर सकता है. लेकिन अब अकेले ही इंसान अपनी मौत पर मुहर लगा सकता है. इस मशीन का नाम सार्को रखा गया है. ये काफी महंगा प्रॉजेक्ट है और उम्मीद की जा रही है कि अगले साल से ये एक्टिव हो जाएगा.
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