देश - दुनिया
सऊदी अरब पहुंचा ओमिक्रॉन, पहला मरीज मिलने से बढ़ी दहशत

कोरोना वायरस के नये वेरिएंट ओमिक्रॉन के लेकर दुनिया यूं ही चिंतित नहीं है। WHO के अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि ये अब तक कम से कम 23 देशों में पहुंच चुका है और इसकी संख्या के और बढ़ने की पूरी आशंका है। उधर, सऊदी अरब ने बुधवार को जानकारी दी कि सके यहां कोरोनोवायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन का पहला केस मिला है।
सऊदी की सरकारी सऊदी प्रेस एजेंसी ने कहा कि जिस नागरिक में ये वेरिएंट पाया, उसने उत्तरी अफ्रीकी देश की यात्रा की थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि संक्रमित व्यक्ति और उसके करीबी लोगों को क्वारंटीन कर दिया गया है। खाड़ी अरब देश में ये ओमीक्रोन का पहला केस है।
इसके अलावा दक्षिण कोरिया में भी कोरोनावायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन का पहला मामला सामने आया है। नाइजीरिया से लौटे पांच लोगों में ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है। कोरिया रोग नियंत्रण एवं रोकथाम एजेंसी ने बुधवार को कहा कि 24 नवंबर को नाइजीरिया से लौटे दंपति के अलावा इन्हें हवाई अड्डे से घर ले जाने वाले उनके एक मित्र में वायरस के ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है।
इसके अलावा दो और महिलाएं भी इस वेरिएंट से संक्रमित पायी गई हैं जो कि नाइजीरिया की यात्रा कर 23 नवंबर को दक्षिण कोरिया पहुंची थीं।परेशानी की बात ये है कि नए वेरिएंट के बारे में अब भी बहुत कुछ पता नहीं चला है। अमेरिका के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञों के मुताबिक वायरस के लैब सैंपल का टेस्ट किया जा रहा है और दो से चार हफ्ते में ओमिक्रॉन स्ट्रेन के बारे में और ज्यादा जानकारी मिल जाएगी।


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स्कूल में 9 बच्चियां कोरोना संक्रमित,विश्व स्वास्थ्य संगठन अलर्ट जारी किया , 5 से 14 साल के बच्चों में बढ़ रहा संक्रमण
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आखिर क्यों खत्म होते-होते रह गया किसान आंदोलन, जानिए कहां अटका पेंच

दिल्ली की सीमा पर एक साल से प्रदर्शन कर रहे किसानों और सरकार के बीच जल्द समझौते की उम्मीद नजर आई है। मंगलवार को गृह मंत्रालय से 6 सूत्रीय प्रस्ताव लेकर आए प्रतिनिधिमंडल और को संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों की बैठक हुई। इन प्रस्तावों में से तीन पर किसान नेता सहमत नहीं है। उन्होंने सरकार से जवाब मांगा है। वहीं आज (बुधवार) दोपहर 2 बजे मोर्चा की बैठक में आगे का फैसला लिया जाएगा। अब आंदोलन का समाधान केंद्र के जवाब पर निर्भर है।
किसान नेता कुलवंत सिंह संधू ने कहा कि अधिकांश किसान संगठनों में सहमति है और सरकार ने हमारी अधिकांश मांगें मान ली हैं। फैसले की आधिकारिक घोषणा बुधवार की बैठक के बाद होगी। एसकेएम से जुड़े एक अन्य किसान नेता भी कहा कि बुधवार को आंदोलन खत्म होने की संभावना है।
केंद्र सरकार मांगें मानी : किसान संगठनों की बाकी बची मांगों को भी केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्वीकार कर लिया। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद एसकेएम ने कुंडली बार्डर पर बैठक की और मांगें मान लिए जाने पर खुशी जाहिर की। हालांकि सरकार के प्रस्ताव में कुछ खामियां भी बताईं है। खासतौर पर एमएसपी पर प्रस्तावित समिति में शामिल होने वाले सदस्यों को लेकर उन्हें आपत्ति है।
देश - दुनिया
स्विट्ज़रलैंड में मौत के मशीन को मिली मंजूरी, अब चलते-फिरते 1 मिनट में आत्महत्या कर सकेंगे लोग
जहां पूरी दुनिया आत्महत्या के कारणों का पता कर इसपर रोक लगाने की कोशिश में जुटी है, वहीं स्विट्ज़रलैंड एक ऐसा देश है, जहां अब आत्महत्या की मशीन को भी मंजूरी मिल गई है. ये मशीन एक मिनट में मौत देने के लिए डिजाइन की गई है.
की रिपोर्ट के मुताबिक़, हर साल करीब 7 लाख से ज्यादा लोग आत्महत्या कर लेते हैं. इनके अलावा करोड़ों लोग आत्महत्या की कोशिश करते हैं. खासकर 15 से 19 साल के युवा की संख्या इसमें काफी ज्यादा है. जहां पूरी दुनिया इसपर रोक लगाना चाहती है, वहीं स्विट्ज़रलैंड ऐसा देश है, जो आत्महत्या को बढ़ावा दे रहा है. खासकर लोगों को बिना दर्द हुए मौत के जरिये आत्महत्या करने के ऑप्शन दे रहा है. अब यहां आत्महत्या की मशीन बन चुकी है जो एक मिनट में मौत दे सकती है.
इस देश ने ताबूत के आकार की मशीन को मंजूरी दी है. इस मशीन के जरिए किसी भी शख्स की मौत एक मिनट के अंदर हो जाएगी. मशीन को बनाने वाली कंपनी के मुताबिक़, इसके जरिये आत्महत्या करने पर दर्द नहीं होगा. साथ ही समय लगेगा सिर्फ एक मिनट. यानी एक मिनट के अंदर ही आप मौत को गले लगा लेंगे. ये मशीन खास तकनीक से काम करती है. इसी वजह से इसके द्वारा आत्महत्या करने पर दर्द नहीं महसूस होगा.
देखते ही देखते हो जाएगी मौत
आपको बता दें कि खुद से आत्महत्या करने के लिए बनाई गई इस मशीन के अलावा पहले से ही स्विट्ज़रलैंड में आत्महत्या को लीगल माना गया है. इससे पहले यहां असिस्टेड सुसाइड की इजाजत थी. यानी अगर कोई आत्महत्या करना चाहता है तो वो दूसरे शख्स की मदद से ऐसा कर सकता है. लेकिन अब अकेले ही इंसान अपनी मौत पर मुहर लगा सकता है. इस मशीन का नाम सार्को रखा गया है. ये काफी महंगा प्रॉजेक्ट है और उम्मीद की जा रही है कि अगले साल से ये एक्टिव हो जाएगा.
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