देश - दुनिया
तांत्रिक ने कहा- इंसान की बलि दो बच्चा हो जाएगा, ननद ने कॉलगर्ल को बुलाया, घोंट दिया गला

ग्वालियर में शरद पूर्णिमा की रात हुई आरती मिश्रा हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. कॉलगर्ल आरती की हत्या निसन्तान दंपती ने की थी. आरोपी ममता भदौरिया और पति बेटू भदौरिया शादी के 18 साल बाद भी बच्चे नहीं होने से दुखी थे. दोनों तांत्रिक गिरवर यादव के पास पहुंचे. कई टोने टोटके किए लेकिन बच्चा नहीं हुआ. अंत में तांत्रिक ने कहा कि पूनम की रात किसी इंसान की बलि दो बच्चा हो जाएगा. ये आइडिया मर्डर-2 फिल्म से आया.
जानकारी के मुताबिक, आरोपी ममता ने अपनी ननद मीरा राजावत और उसके लिव इन पार्टनर नीरज परमार को ये बात बताई. इन दोनों ने कॉलगर्ल आरती को एक रात के लिए 10 हजार रुपये का लालच देकर बुला लिया. इसके बाद चारों ने मिलकर मोती झील स्थित बेटू के घर की छत पर आरती की गला घोंटकर हत्या कर दी. मीरा अपने लिव इन पार्टनर नीरज के साथ आरती की लाश को बाइक पर जिंदा इंसान की तरह बैठाकर तांत्रिक गिरवर के घर ले जा रहे थे, लेकिन ट्रिपल आईटीएम कॉलेज के पास लाश गिर गई. उसी दौरान सड़क से गुजर रहे लोगों को देख दोनों लाश को वहीं छोड़ भाग निकले.
36 घंटे में सुलझी आरती मिश्रा हत्याकांड की गुत्थी
गौरतलब है कि 20 अक्टूबर को हजीरा थाना के मुरैना रोड पर आरती मिश्रा की लाश मिली थी. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि आरती की गला घोंटकर हत्या की गई है. पुलिस ने उसके मोबाइल की बातचीत के आधार पर 36 घंटे में मामले को सुलझा लिया. हजीरा पुलिस ने हत्या करने वाले आरोपी ममता भदौरिया, पति बेटू भदौरिया को गिरफ्तार किया. उसके बाद इनकी निशानदेही पर बेटू की बहन मीरा राजावत और उसके लिव इन पार्टनर नीरज परमार को मुरैना जाते वक्त दबोच लिया. तांत्रिक गिरवर यादव को भी पुलिस ने हजीरा में उसके घर से गिरफ्तार किया.
आरोपियों ने किया ये खुलासा
हजीरा पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने मर्डर 2 फिल्म देखी. उसी आधार पर अकेली रहने वाली कॉलगर्ल आरती को बलि के लिए चुना. इसकी बलि देने के बाद उनको पकड़े जाने का जोखिम नहीं होने का भरोसा था. गवालियर SP अमित सांघी ने बताया कि मोती झील इलाके में रहने वाले बेटू भदौरिया और ममता भदौरिया की शादी के 18 पहले हुई थी. बरसों बाद बच्चे नहीं होने से पति-पत्नी दुखी थे. दोनों ने कई देव स्थानों और बाबाओं के दरबार मे जाकर मन्नत मांगी, लेकिन बच्चा नहीं हुआ.
कुछ दिनों से दोनों तंत्र मंत्र वाले बाबाओं के चक्कर लगा रहे थे. बेटू ने अपनी बहन मीरा राजावत को कुछ उपाय करने को कहा. मीरा ने अपने लिव इन पार्टनर मुरैना निवासी नीरज परमार को ये बात बताई. नीरज ने इनको तांत्रिक गिरवर यादव के पास जाने को कहा. बेटू और ममता दोनों तांत्रिक गिरवर यादव के पास पहुंचे. कई टोने टोटके किए लेकिन बच्चा नही. हुआ, आखिर में तांत्रिक ने पूनम की रात नरबलि देने की बात कही. इस पर सभी तैयार हो गए.


देश - दुनिया
शाहरूख खान के बेटे आर्यन खान को क्रूज ड्रग्स केस फंसना दुख की बात -एक्टर अनंत महादेवन बोले

क्रूज ड्रग्स केस में मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद शाहरूख खान के बेटे आर्यन खान की जमानत याचिका दो बार खारिज हो चुकी है। जिसके बाद उनके वकीलों ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। इस पर अब 26 अक्टूबर को सुनवाई होनी है। इस बीच आर्यन खान के मामले पर एक्टर अनंत महादेवन ने हाल ही में। इस दौरान उन्होंने शाहरुख खान के शुरुआती दिनों, उनके साथ काम करने और आर्यन के केस को लेकर कई बातें शेयर की हैं।
शुरुआती दिनों में शाहरुख खान के मददगार कौन-कौन लोग रहे?
शुरू में सईद मिर्जा, अजीज मिर्जा, कुंदन शाह, विवेक बासवानी आदि सभी थे। इन सबके साथ ‘सर्कस’, ‘इंतजार’, ‘फिर भी दिल है हिंदुस्तानी’, ‘चलते चलते’ आदि सीरियल और फिल्म किए थे।
कहते हैं कि मददगारों में चंकी पांडे भी थे, जो उन्हें अपने घर पर ठहराए थे? क्या इसका उल्लेख आपकी बुक में है? विस्तार से बताइएगा?
नहीं, नहीं। वे विवेक बासवानी थे, जो अपने घर में ठहराए थे। शाहरुख, विवेक के घर पर रहते थे। उन्होंने ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ में शाहरुख को पहली बार एक हीरो का रोल दिया था। दोनों की अच्छी दोस्ती थी। इससे हेमा मालिनी जी ने शाहरुख खान को फिल्म ‘दिल आशना है’ के लिए बुलाया था, तब विवेक साहब उनको वहां भी ले गए थे। यह पहली फिल्म थी, जिसे शाहरुख खान ने साइन किया, लेकिन ‘राजू बन गया’ जेंटल मैन उससे पहले रिलीज हुई थी। चंकी जी का कोई योगदान नहीं था। अगर होगा भी, तब मुझे पता नहीं है। शायद दोनों साथ में किसी फिल्म में काम नहीं किया है। चंकी जी उस वक्त एक्टर थे, तब उस हिसाब से नहीं लगता कि कोई करीबी या दोस्ती रही होगी।
आपका साथ और सहयोग किस तरह से रहा?
हमने साथ में ‘सर्कस’ में काम किया था। उसके बाद ‘यस बॉस’ में हमने काम किया था। लेकिन, मेजर ‘बाजीगर’ और ‘बादशाह’ में किया। ‘बाजीगर’ में उनके फादर का रोल निभाया था। इसके बाद उन्होंने जब पहली बार अपनी साफ्टवेयर कंपनी एंटरटेनमेंट का टेलीविजन सेक्शन लांच किया था। मुझे उस वक्त उन्होंने बुलाया था, तब उनके लिए ‘घर की बात है’ सीरियल के 26 एपिसोड बनाए थे।
शाहरुख के साथ आपका पुराना साथ रहा है, आज उनके करियर और बेटे के ड्रग्स केस में फंसने आदि बातों पर क्या कहेंगे?
दुख की बात है, क्योंकि अगर यह सच है, तब भी दुख है। अगर यह सच नहीं है, तब भी दुख की बात है। दुख तो है, क्योंकि कहीं न कहीं किसी ने गलती की है। उनके बेटे की तरफ से यह हुआ है या फिर जो लोग इन्वेस्टिगेट कर रहे हैं… कुछ न कुछ तो होगा, वरना उनको इस तरह की केस में दिलचस्पी नहीं होगी। यह एक तरह से अच्छी बात नहीं है, डिस्टर्बिंग बात है। उनसे काफी टाइम से बात नहीं हुई है।
एक तरफ रूस स्पेस में जाकर शूटिंग करके आता है, दूसरी तरफ भारतीय सिनेमा में कभी मीटू तो कभी ड्रग्स जैसी चीजों में उलझा-फंसा नजर आता है, भारतीय सिनेमा विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाएगा?
देखिए, हॉलीवुड की पुरानी फिल्में और पुराने लोगों को देखो, तब ऐसा नहीं है कि वे इसमें उलझे नहीं थे। अभी देखो, आर्ट और सिगरेट, ड्रग्स का एक तरीके से संबंध रहा है, क्योंकि इस चीज में विश्वास नहीं रखता कि कोई आर्ट को प्योर आर्ट फॉर्म की तरह ट्रीट करे। इसे सोशल आईना की तरह ट्रीट करे। कहीं न कहीं क्रिएटर और आर्टिस्ट को दारू पीकर प्रॉब्लम हुआ है। कई लोग गुजर भी गए हैं। यह तो ऑल ओवर वर्ल्ड में है। यह न सिर्फ सिनेमा में हुआ है, एडवरटाइजिंग में हुआ है और भी फील्ड में हुआ है। लेकिन, आर्ट और सिनेमा को लेकर एक तरह से प्योरिटी चाहते हैं कि जिस तरह से पिक्चर दिखाते हैं, जिसमें मैसेज देते हैं या मोरल देते हैं या फिर सोसाइटी का आईना दिखाते हैं। आईने के दूसरी तरफ बहुत सारे लोग वही सब कुछ करते हैं, जिसकी फिल्मों में निंदा करते हैं। इसको मैं कंट्राडिक्शन मानता हूं। यह अजीब तरीके की जो हेपोक्रेसी है, यह वर्ल्ड के आर्ट, सिनेमा, ड्रामा, थिएटर में होता है। क्योंकि उसी चीज का सेवन करते हुए आदी हो जाते हैं, जिसको आप चिल्ला-चिल्लाकर अपनी फिल्मों में बताते हैं कि यह खराब और बुरा है।
कुछ लोगों का मानना है कि इन चीजों को लीगल ही कर देना चाहिए?
ड्रग्स तो पूरी दुनिया में फैली हुई है। इस ड्रग्स काटल को आप बंद ही नहीं कर सकते। मैसिस्को से लेकर अफगानिस्तान, क्यूबा, पाकिस्तान आदि देशों में जिस तरह से ये लोग ड्रग्स को पूरी दुनिया में फैला रहे हैं। अभी मैस्सिको और क्यूबा में जिस तरह वहां ड्रग्स लॉडर्स हैं, उन्हें अरेस्ट करने के लिए पुलिस वाले भी डरते हैं, क्योंकि वे सबको मार डालते हैं और बॉडी भी नहीं देते हैं। मुझे नहीं लगता कि इसे कंट्रोल किया जा सकता है। हां, छोटी-छोटी जगहों पर लोग अरेस्ट हो जाते हैं, वहां इसको बंद कर देते हैं। इसको एक जगह से बंद कर देंगे, तब दूसरी जगह से लीक हो जाएगा। यंग जनरेशन को यह बेचा जा रहा है। इसके बारे में गलत बातें फैलाई जा रही है।
क्या ग्लैमरस इंडस्ट्री होने के नाते ?
नहीं-नहीं, यह तो मैं नहीं कह सकता। लेकिन बहुत सारे ड्रग्स एडिट्स हैं और उनके चेन को पकड़ा जाता है, इन्वेस्टिगेट किया जाता है। लेकिन, यह फिल्म इंडस्ट्री है, इसलिए मीडिया उसको ज्यादा कवरेज दे रही है। अगर कवरेज नहीं होता और चुपचाप एक कोने में न्यूज रहता है, तब वह भी ठीक रहता। लेकिन, तब वही होता है, जो दूसरों के साथ रोजाना हो रहा है। रोजाना कितने लोग अरेस्ट हो रहे हैं। लेकिन मीडिया यहां की बातों को उछालता है, क्योंकि उसको दूसरी तरह का हेडलाइन मिलता है।

देश - दुनिया
सुधा चंद्रन ने पीएम मोदी से की थी अपील, एयरपोर्ट पर हुई परेशानी के लिए CISF ने मांगी माफी

जानी-मानी अभिनेत्री सुधा चंद्रन का हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई थी. सुधा चंद्रन ने कहा था कि वह जब भी एयरपोर्ट पर जाती हैं सिक्योरिटी जांच के दौरान उनके आर्टिफिशियल लिंब को निकालने के लिए कहा जाता है. सीआईएसएफ की वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है. अब इस पर सीआईएसएफ ने एक ट्वीट कर माफी मांगी है.
सीआईएसएफ ने ट्विटर पर लिखा, ‘सुधा चंद्रन को हमारी वजह से जो असुविधा हुई उसके लिए हम माफी मांगते हैं. प्रोटोकॉल के मुताबिक, सिक्योरिटी चेक के दौरान प्रोस्थेटिक्स को निकालना होता है, वह भी केवल विशेष परिस्थितियों में.‘
अपने एक अन्य ट्वीट में सीआईएसएफ ने लिखा कि ‘हम परीक्षण करेंगे कि सीआईएसएफ की महिला कर्मी ने सुधा चंद्रन से प्रोस्थेटिक्स को निकालने के लिए आखिर क्यों कहा. हम सुधा चंद्रन को यह भरोसा देना चाहते हैं कि हमारे सभी कर्मियों को प्रोटोकॉल पर दोबारा संवेदनशील बनाया जाएगा जिससे यात्रा करने वालों को कोई दिक्कत ना हो.‘
वहीं केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि ‘सुधा जी, मुझे जानकर दुख हुआ और मैं आपसे माफी मांगता हूं. यह दुखद है. किसी को भी इससे नहीं गुजरना है. मैं निजी तौर पर इस मुद्दे को देखूंगा और सुधार की पूरी कोशिश करूंगा.‘
वीडियो जारी करते हुए सुधा चंद्रन ने कहा था, ‘गुड इवनिंग, मैं जो कहने जा रही हूं, यह बेहद ही व्यक्तिगत नोट है. मैं अपनी यह बात अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से कहना चाहती हूं. मेरी यह अपील राज्य और केंद्र सरकार दोनों से है. मैं सुधा चंद्रन हूं, प्रोफेशनल डांसर और एक्ट्रेस हूं. मैंने आर्टिफिशियल लिंब के सहारे डांस किया और इतिहास रचा और मेरे देश को मुझ पर बहुत गर्व है लेकिन हर बार जब मैं हवाई यात्राओं पर जाती हूं तो हर बार एयरपोर्ट पर मुझे रोक दिया जाता है.‘

देश - दुनिया
इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति सुकर्णो की बेटी सुकमावती इस्लाम छोड़ हिंदू धर्म अपनाएंगी

इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति सुकर्णो की बेटी सुकमावती सुकर्णोपुत्री ने इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपनाने का फैसला लिया है. 26 अक्टूबर को वह पूजा में शामिल होंगी और इसके साथ ही हिंदू धर्म अपना लेंगी. सीएनएन इंडोनेशिया की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. मंगलवार को सुकर्णो हेरिटेज एरिया में यह कार्यक्रम होगा. सुकमावती पूर्व राष्ट्रपति सुकर्णो की तीसरी बेटी हैं और पूर्व राष्ट्रपति मेगावती सुकर्णोपुत्री की छोटी बहन हैं. 70 वर्षीय सुकमावती सुकर्णोपुत्री इंडोनेशिया में ही रह रही हैं. 2018 में कट्टरपंथी इस्लामिक समूहों ने उनके खिलाफ ईशनिंदा की शिकायत दर्ज कराई थी.
दरअसल सुकमावती ने एक कविता साझा की थी, जिसे लेकर कट्टरपंथियों का आरोप था कि उन्होंने इस्लाम का अपमान किया है. इस घटना के बाद सुकमावती ने अपनी कविता के लिए माफी की मांग भी की थी. हालांकि इसके बाद भी विवाद समाप्त होता नहीं दिखा था और अकसर उनकी आलोचना की जाती रही है. इंडोनेशिया में इस्लाम के अनुयायियों की संख्या सबसे अधिक है. यही नहीं इंडोनेशिया दुनिया की सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश भी है. बता दें कि सुकमावती के पिता सुकर्णो के दौर में भारत और इंडोनेशिया के संबंध काफी अच्छे थे.
सुकमावती ने हिंदू धर्मशास्त्र को अच्छी तरह से पढ़ा है
सुकमावती के वकील विटारियोनो रेजसोप्रोजो ने बताया कि इसका कारण उनकी दादी का धर्म है, उन्होंने यह भी कहा कि सुकमावती ने इसे लेकर काफी स्टडी की है और हिंदू धर्मशास्त्र को अच्छी तरह से पढ़ा है. बाली की यात्राओं के दौरान सुकमावती अक्सर हिंदू धार्मिक समारोहों में शामिल होती थीं और हिंदू धार्मिक हस्तियों के साथ बातचीत करती थीं. 26 अक्टूबर को बाली अगुंग सिंगराजा में ‘शुद्धि वदानी’ नाम का कार्यक्रम होगा जहां वे हिंदू धर्म अपनाएंगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके परिजन भी मान गए हैं, बताते हैं कि वह बीते कई वर्षों से हिंदू धर्म में शामिल होना चाहती थी.

-
देश - दुनिया5 days agoबचपन का प्यार’ भूल दोस्त के साथ पत्नी ने बनाये शारीरिक संबंध
-
देश - दुनिया5 days agoजानी मानी एक्ट्रेस का निधन, फर्श पर गिरी और चली गई जान
-
4 days agoबैंक ऑफ इंडिया में बंपर भर्तियां, स्नातक, 10वीं और 8वीं पास के लिए सुनहरा अवसर..
-
छत्तीसगढ़7 days agoहेल्थ डिपार्टमेंट में बंपर भर्तियां, 22 अक्टूबर आवेदन की अंतिम तारीख
-
देश - दुनिया5 days ago100 रुपये के करीब पहुंचा टमाटर का भाव, जानिए क्या है प्याज की कीमत?
-
देश - दुनिया4 days ago1 रुपए का ये सिक्का आपको बना सकता है 10 करोड़पति, ऐसे होती है नीलामी
-
देश - दुनिया5 days agoबैंक ऑफ इंडिया में ग्रेजुएट, 10वीं और आठवीं पास के लिए नौकरियां, देखें सैलरी और योग्यता
-
जॉब7 days agoयूजीसी सीएसआर में जेई, स्टेनो और सहायक के पदों पर भर्तियां, आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर
-
देश - दुनिया5 days agoपटना के युवक ने बिग बी को कराया गलती का एहसास तो बोले-मैं सुधार करूंगा
-
देश - दुनिया5 days agoइस सप्ताह 5 दिन बंद रहेंगे बैंक, ब्रांच जाने से पहले चेक करें छुट्टियों की पूरी लिस्ट

















You must be logged in to post a comment Login