देश - दुनिया
यहाँ पैसा लगाने से केवल 5 साल में 3 लाख के मिलेंगे 11 लाख रुपये, 50 लाख की ये सुविधा भी Free

अगर आप निवेश की योजना बना रहे हैं तो आज हम आपको तीन ऐसे धांसू इन्वेस्टमेंट प्लान के बारे में बता रहे हैं जहां आप कम निवेश करके मोटा पैसा कमा सकते हैं. आपने सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी का नाम जरूर सुना होगा. यह SIP म्यूचुअल फंड में निवेश करने का सबसे पॉपुलर तरीका है. यहां अपनी सुविधा के हिसाब से निवेश कर सकते हैं. Systematic Investment Plan में निवेश करने के लिए कई तरह के बेहतर प्लान है. इसमें लॉन्ग टर्म में निवेश करने पर अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना अधिक होती है. मार्केट में ऐसे कई प्लान हैं, जिनमें आप 100-500 रुपये लगाकर निवेश की शुरुआत कर सकते हैं.
25 फीसदी तक मिलता है रिटर्न
मार्केट में कई ऐसे प्लान हैं, जिन्होंने 5 साल में ही 15 फीसदी से लेकर 25 फीसदी तक शानदार रिटर्न दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स में वैल्यू रिसर्च रिपोर्ट के आधार पर बताया गया है कि PGIM इंडिया मिडकैप अपॉर्चुनिटी फंड, कोटक स्मालकैप फंड पर निवेशकों ने शानदार रिटर्न हासिल किया है.
ये हैं तीन धांसू प्लान-
1. PGIM इंडिया मिडकैप अपॉर्चुनिटी फंड ने पिछले 5 साल में 25 फीसदी का रिटर्न दिया है. यानी 5 साल में अगर आपने 3 लाख रुपये निवेश किया है तो इसकी वैल्यू बढ़कर 11 लाख रुपये पहुंच गई है.
2. कोटक स्मालकैप फंड ने पिछले 5 सालों में 23 फीसदी से ज्यादा का अपने निवेशकों को रिटर्न दिया है. 5 साल में अगर आपने 3 लाख रुपये निवेश किए हैं. इसकी वैल्यू बढ़कर 10.54 लाख रुपये हो गई है.
3. मिरे एसेट्स इमर्जिंग ब्लूचिप ने पिछले 5 साल में 23 फीसदी रिटर्न दिया है. यानी अगर आपने 3 लाख रुपये निवेश किया है तो इसकी वैल्यू 10.47 लाख रुपये हो जाएगी.
50 लाख तक का फ्री बीमा
स्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान्स के कई फायदे भी हैं. अगर आप SIP के जरिए निवेश करते हैं तो ज्यादा लाभ हो सकता है. इसमें आपको 50 लाख तक का फ्री बीमा समेत अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं. कई म्यूचुअल फंड कंपनियां एसआईपी बीमा कवर बतौर अतिरिक्त बेनेफिट देती हैं. आमतौर पर ये लाभ तब मिलेगा जब निवेशक ने 36 महीने के एसआईपी का विकल्प चुना हो. इसमें जीवन बीमा की राशि पहले साल के बाद बढ़ती रहती है.
18 से 50 वर्ष के बीच का कोई भी व्यक्ति SIP बीमा का लाभ उठा सकता है. हालांकि, कवरेज समाप्त होने की अवधि 55 या 60 वर्ष की आयु तक हो सकती है. इसमें अधिकतम कवरेज की सीमा अलग-अलग फंड हाउसों की ओर से तय की जाती है. कुछ कंपनियां जहां 21 लाख रुपए तक का कवरेज देते हैं, वहीं दूसरे फंड हाउस 50 लाख रुपए तक का बीमा दे रहे हैं.


देश
इतने रुपये तक महंगा बढ़ सकता है पेट्रोल-डीजल,चुनाव बाद; जानें ये बड़े कारण…
रूस की तरफ से यूक्रेन पर हमला किये जाने के बाद वैश्विक स्तर पर इसका अलग-अलग तरह से असर पड़ रहा है. इंटरनेशनल मार्केट में कच्चा तेल सात साल के हाई लेवल 103.78 डॉलर पर पहुंच गया है. इससे पहले अगस्त 2014 में क्रूड ऑयल का दाम 105 डॉलर प्रति बैरल तक गया था. तेल के दामों में तेजी का असर आने वाले समय में घरेलू बाजार में देखने को मिलेगा.मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जानकारों का कहना है कि 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद पेट्रोल और डीजल के रेट में 15 रुपये तक की बढ़ोतरी संभव है.
हालांकि इसमें राहत वाली बात यह रहेगी कि कीमतों में बढ़ोतरी तेल कंपनियों की तरफ से दो से तीन चरण में लागू की जाएगी. आइए जानते हैं वो तीन बड़े कारण जिनकी वजह से पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं.पिछले करीब ढाई महीने से कच्चे तेल की कीमत में 27 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है. क्रूड का दाम बढ़कर 103 डॉलर के पार पहुंच गया है. भारत अपनी तेल तेल जरूरत का 85 प्रतिशत आयात करता है. क्रूड ऑयल के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंचने के बाद पेट्रोल-डीजल के भाव में इजाफा तय माना जा रहा है.देश की बड़ी तेल कंपनियों ने दिवाली के बाद पेट्रोल और डीजल के रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है.
उस समय से अब तक कच्चा तेल 20 डॉलर प्रति बैरल से भी ज्यादा महंगा हो गया. कीमतें स्थिर रखने से कंपनियों के प्रॉफिट पर असर पड़ रहा है. फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल 95.41 रुपये और डीजल 86.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इस कारण भी तेल कंपनियां कीमतें बढ़ा सकती हैं.रूस-यूक्रेन युद्ध से कच्चे तेल के उत्पादन और आपूर्ति पर असर पड़ेगा. रूस दुनिया का बड़ा तेल उत्पादक देश है और प्राकृतिक गैस का निर्यातक है. भारत इन दोनों ही चीजों का आयात करता है. ऐसे में आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी का अनुमान है. जानकारों का कहना है
युद्ध लंबा चला तो कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर तक पहुंच सकती हैं.प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बाधित होने से आने वाले समय में घरेलू बाजार में रसोई गैस और सीएनजी के दाम में भी तेजी आने की संभावना है. जानकारों का मानना है कि नेचुरल गैस और सीएनजी के रेट भी 10 से 15 रुपये तक बढ़ सकते हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक सरकारी अधिकारी ने दावा किया कि रूस और यूक्रेन के युद्ध के बीच भारत की तेल आपूर्ति व्यवस्था पर कोई असर नहीं हुआ है. उन्होंने दावा किया यदि लड़ाई तेज होती है तब भी आपूर्ति पर असर नहीं पड़ेगा. हमारे आपूर्तिकर्ता पश्चिम एशिया, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका में हैं. उन पर इस हमले का असर नहीं है.
देश
यूक्रेन पर रूस के हमले तेज,137 यूक्रेन नागरिकों की मौत…

यूक्रेन पर रूस के हमले का 25 फरवरी, गुरुवार को दूसरा दिन है। हमले तेज हो गए हैं। अब तक 137 यूक्रेन नागरिकों की मौत हो चुकी है। रूस को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इस बीच, युद्ध के दूसरे दिन यूक्रेन के लिए बुरी खबर आई। अमेरिका और नाटो देशों ने यूक्रेन में सेना भेजने से इन्कार कर दिया है। इसके बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस द्वारा बड़े पैमाने पर आक्रमण शुरू करने के बाद पहले दिन 130 से अधिक यूक्रेनियन मारे गए हैं।
ऐसे हालात में पूरी दुनिया ने उन्हें जंग के मैदान में अकेला छोड़ दिया है।रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को 48 घंटों से अधिक का वक्त हो गया है और दोनों पक्षों को भारी नुकसान हुआ है। इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति के ताजा बयान से जंग जल्द खत्म होने की उम्मीद बढ़ी है। राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने अपने ताजा बयान में झुकने के संकेत दिए हैं। राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि हम रूस से वार्ता को तैयार हैं। गुजारिश करते हैं कि सब कुछ खत्म हो, इससे पहले रूस राष्ट्रपति वार्ता के लिए तैयार हो जाएं।
अब रूस के जवाब की पूरी दुनिया को प्रतिक्षा है।रूसी सेनाओं ने बुधवार को ही बेलारूस के रास्ते यूक्रेन में प्रवेश कर लिया था। ताजा खबर है कि रूसी सैनिक यूक्रेन की राजधानी कीव तक पहुंच चुकी है।। कीव में लगातार हवाई हमले हो रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, आशंका है कि किसी भी वक्त यूक्रेन में सरकार को गिराया जा सकता है। रूस और उसके राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुरू से यही चाहते हैं कि वहां उनके समर्थन वाली सरकार हो और रूस अपने इस लक्ष्य पर कभी भी पहुंच सकता है।हमले के खिलाफ रूस में ही भड़का गुस्सा: यूक्रेन पर हमले के बाद रूस में ही राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का विरोध शुरू हो गया है।
यहां मास्को समेत 53 शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। लोग सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने 1700 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। वहीं जंग के मैदान में यूक्रेन की कोई मदद नहीं करने के खिलाफ अमेरिका में भी राष्ट्रपति जो बाइडन का विरोध शुरू हो गया है।इससे पहले यूक्रेन पर रूसी हमले के मुद्दे पर जी-7 देशों के साथ चर्चा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका यूक्रेन में अपनी सेनाएं नहीं भेजेगा। बाइडन ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन को हमलावर बताते हुए कहा कि उन्होंने युद्ध को चुना है। इस दौरान उन्होंने रूस के खिलाफ नए और कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की घोषणा भी की।
इनमें रूसी बैंकों और सरकारी कंपनियों के खिलाफ प्रतिबंधों से लेकर दुनिया की प्रमुख मुद्राओं में कारोबार करने की रूसी क्षमताओं को बाधित करना शामिल है।व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया रूस के खिलाफ एकजुट है। इस हमले का हम जबाव दिए बिना नहीं रहेंगे। अमेरिका स्वतंत्रता के साथ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रूस से कोई साइबर हमला हुआ तो अमेरिका उसका जवाब देने के लिए तैयार है। बाइडन ने नाटो सहयोगियों के खिलाफ रूसी हमले से बचाव के लिए और अमेरिकी सैनिक भेजने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह पूरे यूरोप के लिए खतरनाक क्षण है और यह हमला रूस के लिए कभी भी सुरक्षा की वास्तविक चिंता के लिए नहीं था।
यूक्रेन के कई शहरों को रूसी टैंकों ने रौंदा, अब तक नहीं मिली विदेशी मदद
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा यह पूर्वनियोजित हमला है और पुतिन ने वार्ता के पश्चिम के प्रयासों को ठुकरा दिया और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया। उन्होंने बताया कि प्रतिबंध इस तरह के हैं कि उनका रूस पर दीर्घकालिक असर होगा। अमेरिका इस दिशा में और कार्रवाई करने के लिए भी तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों से रूस की डालर, यूरो, पौंड और येन में कारोबार करने की क्षमता बाधित होगी। इसके अलावा आगे के कदमों पर विचार के लिए शुक्रवार को नाटो देशों की बैठक होगी। उन्होंने कहा कि पुतिन का यूक्रेन के खिलाफ आक्रमण रूस के लिए काफी महंगा साबित होगा। विश्व मंच पर पुतिन को बहिष्कृत कर दिया जाएगा।
देश - दुनिया
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने हेड कांस्टेबल के इतने पदो पर निकली बंपर भर्ती, उम्मीदवार 31 मार्च तक कर सकते हैं आवेदन…

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने स्पोर्ट्स कोटे के तहत हेड कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी) के पदों के लिए वैकेंसी निकाली है। जो उम्मीदवार इन पदों पर आवेदन करने के योग्य हैं, वे CISF की ऑफिशियल वेबसाइट cisf.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। इन पदों पर आवेदन करने की आखिरी डेट 31 मार्च है।
पदों की संख्या : 249
योग्यता
किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान/बोर्ड से 12वीं पास होना चाहिए। साथ ही स्पोर्ट्स और एथलेटिक्स में राज्य / राष्ट्रीय / अंतर्राष्ट्रीय का प्रतिनिधित्व किया हुआ हो।
आयु सीमा
उम्मीदवारों की आयु 18 से 23 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
आवेदन शुल्क
उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क के तौर पर रु. 100 (महिलाओं और एससी / एसटी उम्मीदवारों के लिए कोई शुल्क नहीं) दिया जाएगा।
सैलरी
पे मैट्रिक्स लेवल-4 (रु.25,500-81,100/-) और सामान्य भत्ते।
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