2019 के पीरिऑडिक लेबर फोर्स सर्वे के हिसाब से अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाली 54.8 प्रतिशत औरतें हैं. उन्हें कॉन्ट्रैक्चुअल पेड लीव पॉलिसी का लाभ भी नहीं मिलने वाला, जो कामकाजी दूसरी औरतो को वर्क फ्रॉम होम के चलते मिल सकता है.
कोरोना का भारत में महिलाओं पर ज्यादा असर पड़ने वाला है. जाने ऐसा क्यों?

महामारियां महिलाओं पर अलग तरह की मुसीबतें लेकर आती हैं. कोरोना के हाहाकार के बीच एक बार फिर यह बात साबित हो रही है. एक आंकड़ा यह है कि दुनिया भर में 70 प्रतिशत हेल्थकेयर और सोशल वर्कर्स औरतें हैं. चूंकि वे फ्रंटलाइन पर काम करती हैं इसलिए उनके बीमार होने की आशंका अधिक है. यह सीधा-सीधा औरतों को अधिक प्रभावित करता है.
WHO अध्ययन- दुनियाभर में हेल्थकेयर और सोशल वर्कर्स महिलाएं
डब्ल्यूएचओ ने 104 देशों के अध्ययनों की मदद से बताया है कि दुनियाभर में हेल्थकेयर और सोशल वर्कर्स यानी नर्स, मिडवाइफ या दूसरी सेवाओं में महिलाओं का हिस्सा 70 प्रतिशत है. उसके पिछले साल के हेल्थ वर्कफोर्स के वर्किंग पेपर में यह बात कही गई है. इसके अलावा बहुत से राज्यों में आशा वर्कर्स और आंगनवाड़ी कर्मचारियों से कहा गया है कि वे अपने इलाके में इस बीमारी के लक्षणों पर नजर रखें. पर इन लोगों के पास सुरक्षात्मक उपकरण जैसे मास्क, बॉडी सूट, कवरऑल वगैरह न के बराबर हैं. इसीलिए नेशनल फेडरेशन ऑफ आशा वर्कर्स ने केंद्र सरकार से इन उपकरणों की मांग की है. आशा के तौर पर दस लाख महिला सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मचारी और आंगनवाड़ी कर्मचारियों के तौर पर 14 लाख महिलाएं काम करती हैं.
दोहरे बोझ का शिकार एक बार फिर औरतें ही
वर्क फ्रॉम होम के चलते कामकाजी औरतों पर भी दोहरा दबाव आया है. इसी हफ्ते मशहूर कार्टूनिस्ट मंजुल का एक कार्टून इस बात पर चुटीला व्यंग्य करता है. कार्टून में बीवी खाना पका रही है. पति सोफे पर बैठा टीवी देख रहा है. बीवी फोन पर बता रही है, सारा दिन करते कुछ नहीं. बस हर एक घंटे में मेरे लिए पांच मिनट के लिए तालियां बजा देते हैं. इसी कार्टून के बीच किसी ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया- अब सभी को समझना चाहिए कि #sharetheload कितना जरूरी है, खासकर मर्दों को.
वर्क फ्रॉम होम के दौरान दफ्तर का काम भी करना है, घर का भी- वह काम जो घरेलू कामगार करती हैं (चूंकि अब उनकी भी सामूहिक छुट्टी है). इस दोहरे बोझ को उठाने में औरतें पिस रही हैं. कोविड 19 की यह अपनी तरह की मार है. ऐसी मार, जो इससे पहले लोगों ने देखी नहीं थी.
इसी दौर में, जैसा कि पहले भी कहा है, अनस्किल्ड और बेमानी समझे जाने वाले घर काम और उन्हें करने वालों के महत्व को भी समझा जाना चाहिए. इस पूरे काम में औरतें बड़ी संख्या में हैं. उन्हें भी इसका असर देखने को मिलेगा. बहुतों को महीने की तनख्वाह से हाथ धोना पड़ेगा. काम छूटने की शंका अलग से है.
इस असर के बारे में बात करना भी मुश्किल है
आर्थिक असर के अलावा दूसरे असर भी होंगे. स्वास्थ्य मंत्रालय के नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के चरण चार में कहा गया है कि देश में 31 प्रतिशत विवाहित औरतें अपने पतियों की शारीरिक, यौन और मनोवैज्ञानिक हिंसा की शिकार होती हैं. गैर शादीशुदा लड़कियों में भी 56 प्रतिशत को मां या सौतेली मां, 33 प्रतिशत को पिता या सौतेले पिता, 27 प्रतिशत को भाई या बहनों से मार-पीट का शिकार होना पड़ता है. सोचा जा सकता है कि कोविड 19 और लॉकडाउन का उन पर क्या असर होने वाला है.
घर की चारदीवारी में अपने ही पेनेट्रेटर के साथ कैद होना उनके लिए रोजाना की मुसीबत बन सकता है. इसका उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर होगा. जब सांस लेने के लिए कोई खुली जगह न हो.


NEW Delhi
दिल्ली में कोरोना के चलते लगाई गई पाबंदियों को लेकर जल्द राहत मिल सकती

दिल्ली में कोरोना के चलते लगाई गई पाबंदियों को लेकर जल्द राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे लेकर संकेत दिए हैं। दिल्ली सरकार के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हुए केजरीवाल ने कहा कि कोरोना के मामले तेजी से घटे हैं। जल्द ही हम (कोविड) प्रतिबंधों को हटाने और आपके जीवन को सामान्य स्थिति में लाने का प्रयास करेंगे…उस दिशा में सभी प्रयास करेंगे। इसके अलावा केजरीवाल ने ऐलान किया कि दिल्ली सरकार के हर कार्यालय में बीआर अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें होंगी। अब हम किसी सीएम या राजनेता की तस्वीरें नहीं लगाएंगे।
उदस दिनों में कोरोना पॉजिटिविटी रेट 20 फीसदी तक कम हुए
दिल्ली में अब तेजी के साथ कोरोना के नए मामलों में कमी देखने को मिल रही है। सीएम केजरीवाल ने कहा कि पिछले दस दिनों में कोरोना पॉजिटिविटी रेट 20 फीसदी तक कम हुए। आज यह करीब दस फीसदी है जबकि 15 जनवरी के करीब यह 30 फीसदी तक जा पहुंचा था। सीएम केजरीवाल ने कहा कि ऐसा इसलिए मुमकिन हो पाया क्योंकि लगातार वैक्सीनेशन तेज गति के साथ चल रहा है।
सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश
साथ ही उन्होंने कहा, कोरोना बढ़ता है तो पाबंदियां लगानी पड़ती है, लोगों को तकलीफ़ होती है। लेकिन भरोसा रखें कि जितनी ज़रूरत होती है उतनी पाबंदियां लगाते हैं। जल्द ही हम प्रतिबंधों को हटाने और आपके जीवन को सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश करेंगे। उस दिशा में सारी कोशिश होगी।
जल्द पाबंदियां हटाएंगे
मुख्यमंत्री ने साथ ही कहा कि कि पिछले हफ्ते मुझसे कुछ व्यापारी मिले और ऑड इवन/वीकेंड कर्फ़्यू हटाने की मांग की। उप राज्यपाल को प्रस्ताव भेजे हैं, लेकिन उन्होंने प्रस्ताव नहीं माने। एलजी साहब बहुत अच्छे हैं उन्हें आपकी सेहत की चिंता है। हम और एलजी साहब मिलकर जल्द से जल्द पाबंदियां हटाएंगे।
संक्रमण दर गिरकर 11.79 प्रतिशत
बता दें कि सोमवार को दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 5,760 नए मामले दर्ज किए गए थे और एक दिन में कोरोना से 30 और मरीजों की मौत हो गई जबकि संक्रमण दर गिरकर 11.79 प्रतिशत हो गई। दिल्ली में 13 जनवरी को एक दिन में सर्वाधिक 28,867 मामले दर्ज किए गए थे और इसके बाद मामलों में कमी आ रही है।
क्राइम न्यूज़
पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद,अपने ही भतीजे को मारी गोली ; मौक़े पर ही मौत

थाना क्षेत्र के ग्राम अवल्दामान के जामतलाई जमरा फलिया में मंगलवार दोपहर जमीन विवाद को लेकर काका ने अपने ही भतीजे को गोली मार दी। इससे भतीजे की मौके पर ही मृत्यु हो गई। काका-भतीजे एक बुजुर्ग महिला के निधन पर अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे। इसी दौरान दोनों में हुई कहासुनी के बाद गोली चलने की यह घटना हुई। इससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।पुलिस के अनुसार जामतलाई जमरा फलिया में सोमवार रात एक बुजुर्ग महिला का निधन हो गया था।
पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद : उसकी शवयात्रा के कार्यक्रम में मंगलवार को अवल्दामान निवासी फूलसिंह और उसका भतीजा 27 वर्षीय माधवसिंह पुत्र सोमला वहां पहुंचे थे। दोनों के बीच पूर्व से ही पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। उस दौरान भी काका-भतीजे के बीच मारपीट हुई थी। तब काका फूलसिंह को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। अंतिम संस्कार में शामिल होने आए काका-भतीजे के बीच जमीन को लेकर एक बार फिर कहासुनी हो गई। फूलसिंह शवयात्रा में अपने साथ लाइसेंसी बंदूक लेकर आया था। कहासुनी झगड़े में बदल गई। इसी दौरान काका फूलसिंह ने भतीजे माधव को गोली मार दी। गोली चलते ही अफरा-तफरी मच गई।
देखते ही देखते पूरे गांव में सन्नाटा : देखते ही देखते पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। मृत महिला से कुछ दूर पर ही माधवसिंह का शव पड़ा रहा। घटना की सूचना मिलते ही गंधवानी थाने से पुलिस दल-बल के साथ पहुंची। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए गंधवानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
आरोपित काका फूलसिंह को पुलिस ने गिरफ्ता : आरोपित काका फूलसिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।एएसआइ सागर चौहान ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई थी। निरीक्षण के बाद गोली चलाने वाले फूलसिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
खेल
गौतम गंभीर पॉजिटिव,ट्वीट कर दी जानकारी ;संपर्क में आये लोगों को जांच कराने की अपील
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