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क्या आपका बच्चा भी सोते समय जम्हाई लेता है; तो हो सकते है ये बीमारियों का संकेत..
आपने अक्सर देखा होगा कि शिशु को सोकर उठने के बाद सुस्ती में या नींद आने पर जम्हाई आती है लेकिन कई बार बच्चा भरपूर नींद लेने के बाद भी उबासी लेता रहता है जो कि सही नहीं है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि शिशु को ज्यादा उबासी क्यों आती है।
जब भी हमें नींद आती है या सुस्ती महसूस होती है, तो हमे जम्हाई आने लगती है। बड़ों की तरह बच्चों को भी नींद आने पर जम्हाई आती है। मां के गर्भ से ही बच्चे 12 से 14 हफ्ते के होन पर जम्हाई लेना शुरू कर देते हैं। जम्हाई लेना आम बात है लेकिन अगर रात को अच्छी नींद लेने के बाद भी बच्चे को बहुत ज्यादा जम्हाई आ रही है, तो आपको पीडियाट्रिशियन को इस बारे में बताना चाहिए। बच्चे का चेकअप करने के बाद डाॅक्टर बताएंगे कि बच्चे को किस वजह से ज्यादा जम्हाई आ रही है। इस आर्टिकल में हम आपको शिशु को जम्हाई आने के कारण, लक्षण और संभावित इलाज के बारे में बताएंगे।
थकान
सुस्ती या थकान होने पर बच्चे को बहुत ज्यादा उबासी यानि जम्हाई आ सकती है। अगर रात को अच्छी नींद लेने के बाद भी बच्चा बहुत ज्यादा उबासी लेता है और वो थका हुआ लग रहा है, तो आपको एक बार उसे डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
वहीं अगर बच्चे को दिनभर थकान रहती है, तो भी उसे ज्यादा जम्हाई आ सकती है। पोषण की कमी की वजह से थकान महसूस हो सकती है। ध्यान रखें कि शिशु को भरपूर पोषण मिले।
कुछ दुर्लभ मामलों में किसी स्वास्थ्य समस्या की वजह से शिशु को जम्हाई आ सकती है जैसे कि मल्टीपल स्केलेरोसिस, मिर्गी, माइग्रेन, स्ट्रेस या स्ट्रोक आदि।
अगर आपका बच्चा नींद आने, थकान होने पर एक घंटे में एक या दो बार जम्हाई लेता है, तो ये नॉर्मल बात है।
pubmed.ncbi में प्रकाशित एक स्टडी का कहना है कि इस बात का कोई सबूत नहीं मिला कि जम्हाई संक्रामक होती है और इसका संबंध प्रो-सोशल बिहेवियर से होता है।
आपने कई बार नोटिस किया होगा कि किसी को उबासी लेते देख, आपको भी जम्हाई आने लगती है लेकिन बच्चों के मामले में ऐसा नहीं होता है। बच्चों में एक से दूसरे को जम्हाई चार से पांच साल के होने के बाद आनी शुरू होती है। इससे कम उम्र के बच्चों का न्यूरल मैकेनिज्म इमैच्योर होता है जो दूसरों की मानसिक स्थिति को नहीं समझ सकता है।
थकान और नींद आने पर जम्हाई आना नॉर्मल बात है। लेकिन अगर बच्चे में इसके साथ और भी कुछ लक्षण दिख रहे हैं, तो आप एक बार डॉक्टर को जरूर दिखाएं। कारण का पता लगाकर ज्यादा उबासी आने की परेशानी को दूर किया जा सकता है।
अगर डॉक्टर को बच्चे के अधिक जम्हाई लेने के पीछे किसी बीमारी का पता चलता है, तो आप निम्न तरीकों से अधिक जम्हाई आने को कम कर सकते हैं।
बच्चा भरपूर नींद ले।
पहले 6 महीने बच्चे को स्तनपान जरूर करवाएं और ठोस आहार शुरू करने के बाद उसे पौष्टिक चीजें खिलाएं।
बच्चे का बेडटाइम रूटीन बनाना जरूरी है।

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यदि आप भी कब्ज से हैं परेशान तो,अपनाये…ये घरेलू नूस्खे…

Constipation: कुछ चीजों को अपनी डाइट में शामिल करने से पेट संबंधित दिक्कतों को दूर किया जा सकता है. तो आइए जानने का प्रयास करते हैं कि ऐसी कौन-सी चीजें हैं, जिनकी मदद से कब्ज की शिकायत को दूर किया जा सकता है.बदलती लाइफस्टाइल के चलते ज्यादातर लोगों को तमाम तरह की दिक्कतें होने लगती है. इसमें पेट संबंधित परेशानी भी शामिल है. खराब खान-पान के चलते अधिकतर लोग बाहर का खाना खाने पर मजबूर होते हैं, जिसके चलते उन्हें गैस की दिक्कत होने लगती है. ऐसे में आइए जानने का प्रयास करते हैं कि किन चीजों को डाइट में शामिल करने से इस प्रकार की परेशानी में आराम मिल सकता है.
रोज पिएं पानी
सभी जानते हैं कि पानी बॉडी के लिए बेहद जरूरी है. इसलिए दिनभर में 7-8 गिलास पानी आपको जरूर पीना चाहिए. इसके सेवन से कब्ज की शिकायत भी दूर होती है. बॉडी को हाइड्रेट रखने में भी पानी काफी फायदेमंद होता है. गर्मियों के मौसम में तो आपको ज्यादा से ज्यादा पानी पीते रहना चाहिए.
शामिल करें फाइबर वाली चीजें
जिन लोगों के पेट में हमेशा गैस बनी रहती है और कब्ज जैसा महसूस होता है, उन्हें अपनी डाइट में भी कुछ बदलाव करना होगा. ज्यादा से ज्यादा फाइबर वाली चीजों का सेवन आपको करना चाहिए. इसमें दलिया, जौ, मटर, सेम, मसूर, नींबू और सेब शामिल है.
बेरीज भी जरूर खाएं
इसके अलावा गैस बनने की शिकायत को बादाम से दूर किया जा सकता है. इसके अलावा बेरीज भी काफी फायदेमंद है. दरअसल, इसका सेवन करना चाहिए, क्योंकि इसके सेवन से भी पेट संबंधित किसी भी प्रकार की दिक्कत को दूर किया जा सकता है.
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डायबिटीज के मरीज करे भिन्डी का सेवन, होगी सेहत के लिए फायेदेमंद..
भारतीय भोजन में कई प्रकार की पौष्टिक हरी सब्जियों का जिक्र मिलता है, भिंडी भी उन्हीं में से एक है। स्वाद के साथ-साथ भिंडी में मौजूद गुण, इसे सेहत के लिए भी कई प्रकार से लाभकारी बनाते हैं। शोध में पता चलता है कि भिंडी, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जिसकी शरीर को नियमित रूप से आवश्यकता होती है। इतना ही नहीं भिंडी में विटामिन सी, के और ई सहित नियासिन, फोलेट, फास्फोरस, मैग्नीशियम,आयरन, मैंगनीज और कैल्शियम भी पाया जाता है, जो इसे स्वास्थ्य के लिए विशेष लाभप्रद बनाती है।
अध्ययनों से पता चलता है कि भिंडी का सेवन कई प्रकार के रोगों से बचाने में भी काफी लाभदायक हो सकता है। विशेषकर डायबिटीज रोगियों को भिंडी के सेवन की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसमें मौजूद गुण शुगर लेवल को आसानी से नियंत्रित करने में सहायक माने जाते हैं।
जिन लोगों को एनीमिया की शिकायत होती है, भिंडी का सेवन करना उनके लिए भी विशेष फायदेमंद माना जाता है। आइए आगे विस्तार से समझते हैं कि भिंडी की सब्जी किस तरह से हमारे लिए फायदेमंद हो सकती है?
क्या डायबिटीज में फायदेमंद है भिंडी?
आहार विशेषज्ञ बताते हैं, भिंडी में फाइबर, विटामिन, खनिजों और एंटीऑक्सिडेंट्स की अच्छा मात्रा पाई जाती है। रक्त शर्करा को कम करने के लिए यह एक सुपरफूड है। इसमें फाइबर की मात्रा भी पाई जाती है जो पाचन को ठीक रखने के साथ ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में सहायक है।
इसके अलावा भिंडी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) भी कम होता है, जिससे भिंडी खाने से शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिल जाते हैं और शुगर बढ़ने नहीं पाता। कुछ शोध बताते हैं कि भिंडी गर्भकालीन मधुमेह के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद करती है।
तनाव को कंट्रोल करने वाली सब्जी
चूहों पर किए एक शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि भिंडी के बीज के अर्क में एंटीऑक्सिडेंट गुण होते हैं जो तनाव को कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं। तनाव के स्तर को प्रबंधित करना मधुमेह को कंट्रोल करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
लंबे समय तक, तनाव का स्तर बढ़े रहने से रक्त शर्करा का स्तर भी बढ़ सकता है। मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए भिंडी का सेवन करना लाभकारी हो सकता है।
कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मददगार
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने को हृदय रोगों के प्रमुख कारक के तौर पर देखा जाता है। प्रयोगशाला में चूहों पर किए गए अध्ययन में भिंडी को मधुमेह के साथ कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी कारगर पाया गया है। फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स गुणों वाले खाद्य पदार्थ कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखने में विशेष भूमिका निभा सकते हैं। भिंडी का सेवन करना इसमें आपके लिए काफी मददगार हो सकता है।
भिंडी के इन फायदों के बारे में भी जानिए
कोलेस्ट्रॉल और मधुमेह को कंट्रोल करने के साथ, भिंडी का सेवन शरीर के लिए कई अन्य तरीकों से भी फायदेमंद माना जाता है।
भिंडी में मौजूद विटामिन-सी इम्युनिटी बढ़ाने में आपकी मदद कर सकता है।
विटामिन ए, बी और सी से भरपूर होने के कारण गर्भवती महिलाओं के लिए भी भिंडी अच्छी होती है।
इसमें बहुत कम कैलोरी होती है, जिससे वजन बढ़ने का जोखिम कम होता है।
भिंडी में मौजूद विटामिन-के, हड्डियों को स्वस्थ रखने और इससे संबंधित बीमारियों को दूर करने में सहायक है।
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अगर आप भी करना चाहते है वजन कम तो,डाइट में करें इन चार चीज को शामिल…

Weight loss Diet: वजन कम करने की चाहत रखने वाले लोगों को एक्सरसाइज के अलावा अपनी डाइट पर भी विशेष ध्यान रखना पड़ता है, जिससे आसानी से अपना लक्ष्य पूरा किया जा सके.वजन कम करने के लिए अलग-अलग तरह की ट्रिक अपना रहे लोगों को अपनी डाइट पर भी विशेष ध्यान देना होगा तभी जाकर आपका लक्ष्य पूरा हो सकता है. सभी जानते हैं कि सिर्फ एक्सरसाइज करने से वजन कम नहीं हो सकता है, इसके लिए आपको अपनी डाइट में भी बदलाव करना होगा. दरअसल, जो आप खाते हैं, उसका असर आपकी बॉडी पर पड़ता है. अधिकतर लोग बिना सोचे समझे कुछ भी खा लेते हैं, जिससे उनका वजन कम होने के बजाय बढ़ जाता है. तो चलिए जानते हैं कि वजन कम करने के लिए किन चीजों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए.
शुगर वाली चीजों से बनाएं दूरी
सभी जानते हैं कि अधिक मीठा खाने से वजन बढ़ता है. ऐसे में कोशिश करें कि ज्यादा मीठी चीजों का सेवन न करें. इससे आपकी दिक्कत बढ़ सकती है. न सिर्फ इससे वजन बढ़ेगा बल्कि ब्लड शुगर बढ़ने की संभावना होती है.
हेल्दी बेक्रफास्ट करें
सुबह के वक्त हेल्दी ब्रेकफास्ट करना बहुत जरूरी है. इसलिए आपक ओट्स या अंडा भी शामिल कर सकते हैं. इसके साथ ही आप सुबह के नाश्ते में एक फल या जूस भी जरूर शामिल करें. इससे आप फिट रहेंगे.
फाइबर वाले फूड्स खाएं
फाइबर वाले फूड्स का सेवन जरूर करना चाहिए, इससे आपकी बॉडी को जरूरी विटामिन मिल जाएगी. इन फूड्स में बादाम, ब्रोकली भी शामिल है. यानी इन दोनों चीजों को अपनी डाइट में जरूर शामिल कर सकते हैं.
डाइट में शामिल करें हरी सब्जियां
सभी जानते हैं कि आपको अपनी डाइट में हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए, इससे न सिर्फ हेल्थी रहते हैं बल्कि आपका वजन भी नहीं बढ़ता है. ऐसे में आपको पालक, गाजर और लौकी जैसी सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए.
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