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एक्सपर्ट ने बताई 4 वजह….भारत में इस बार आखिर क्यों इतनी तेज़ी से फैल रहा है कोरोना?

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कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर ने भारत में तबाही मचा दी है. पिछले साल के मुकाबले इस बार ये वायरस काफी तेज़ी से फैल रहा है. पिछले 24 घंटे में 1 लाख 61 हज़ार से ज्यादा नए केस सामने आए हैं, जबकि इस दौरान 879 मरीजों की मौत हुई है. इस साल जनवरी के महीने में कोरोना की रफ्तार बेहद कम हो गई थी. लेकिन फरवरी के दूसरे हफ्ते के बाद हर दिन मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई और अब अप्रैल के महीने में वायरस का संक्रमण सारा रिकॉर्ड तोड़ रहा है.

कहा जा रहा है कि अप्रैल खत्म होते-होते कोरोना देशभर में पीक पर पहुंच जाएगा. आखिर क्या वजह है कि कोरोना की रफ्तार लगातार बढ़ती जा रही है? क्या कहते हैं एक्सपर्ट? आईए एक नज़र डालते हैं उन चार वजहों पर जिससे कोरोना पर लगाम लगाना मुश्किल हो गया है…

1. कोरोना के अलग-अलग वेरिेंएंट
इस बार दो तरह के वायरस लोगों को परेशान कर रहे हैं- एक देसी और ढेर सारे विदेशी. अब तक ब्रिटेन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और न्यूयॉर्क में मिले वेरिएंट भारत में मिले हैं. मार्च के अंत में भारत के नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) ने एक नए वेरिएंट ‘डबल म्यूटेंट’ की जानकारी दी थी. महाराष्ट्र, दिल्ली और पंजाब से लिए गए सैंपल में इस वेरिएंट की पहचान हुई थी. वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमिल ने समाचार एजेंसी पीटीाई को बताा कि नए डबल म्यूटेंट के चलते केस लगातार बढ़ रहे हैं. उनके मुताबिक 15-20 फीसदी केस नए वैरिएंट के हैं. ब्रिटेन का नया कोरोना वेरिएंट दूसरे के मुकाबले 50 फीसदी तेज़ी से फैलता है.
2. कोरोना प्रोटोकॉल को नहीं मानना
इस साल जनवरी में कोरोना की रफ्तार थमने के बाद से लोग बेहद लापरवाह हो गए हैं. सरकार भी लोगों से लगातार अपील कर रही है कि वो कोरोना प्रोटोकल को माने. जमील के मुताबिक भारत में सबकुछ खुला है, इसके चलते भी केस काफी ज्यादा बढ़ रहे हैं. हालांकि राज्य सरकारें अब धीरे-धीरे कई चीज़ों पर पाबंदियां लगा रही हैं.

3. वैक्सीनेशन की रफ्तार
देशभर में जनवरी के दूसरे हफ्ते में वैक्सीनेशन की शुरूआत की गई थी. लेकिन कई लोग वैक्सीन लगाने से झिझक रहे थे. जमिल ने कहा, ‘हेल्थ वर्कर्स भी वैक्सीन लगाने से झिझक रहे थे. इसके अलावा मार्च में जब 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू हुआ तब भी लोग वैक्सीनेशन सेंटर पर नहीं आ रहे थे. अब तक सिर्फ .7% लोगों को वैक्सीन की दो डोज लगी है. जबकि सिर्फ 5 फीसदी लोगों ने अब तक वैक्सीन की पहली डोज़ ली है. इसलिए वायरस के संक्रमण पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा है.’

  1. खत्म हो रही लोगों में एंटीबॉडीज़
    इसके अलावा, इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (IGIB) के एक हालिया अध्ययन ने कहा कि कोरोना से संक्रमित 20% से 30% लोगों में छह महीने के बाद एंटीबॉडीज खत्म हो गई. यही वजह कि लोग कोरोना से दोबारा संक्रमित हो रहे हैं. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के वैज्ञानिकों के अनुसार कोरोना की दूसरी लहर अप्रैल के मध्य तक पीक पर आ सकती है.

 

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देश - दुनिया

कोरोना से जंग हारने के पहले दिल्ली की प्रेग्नेंट डॉक्टर दे गई संदेश

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दांतों की डॉक्टर डॉ डिंपल अरोरा चावला सात महीने की गर्भवती थीं, जब अप्रैल में वे कोरोना वायरस पॉजिटिव मिलीं. दो हफ्ते बाद 34 वर्षीय डॉ डिंपल ने अपने अजन्मे बच्चे को खो दिया. इसके अगले दिन वे भी वायरस से लड़ाई हार गईं और अपने तीन साल के बेटे और अपने पति को पीछे छोड़कर चल बसीं. अपनी मौत के कुछ दिन पहले दिल्ली की इस महिला ने अपने परिवार और दोस्तों को एक वीडियो संदेश  दिया था. उन्होंने इसमें घातक वायरस को हल्के में नहीं लेने का आग्रह किया था.

डॉ डिंपल अरोरा चावला ने 17 अप्रैल को रिकॉर्ड किए गए दो मिनट 20 सेकंड के वीडियो में कहा- “मैं इस वीडियो को बड़ी मुश्किल से बना रही हूं. मैं वास्तव में उन सभी को बताना चाहती हूं जो मुझे जानते हैं, कृपया कोरोना को इतने हल्के ढंग से न लें. बहुत बुरे, बहुत बुरे लक्षण. मैं बोलने में सक्षम नहीं हूं, लेकिन मैं वास्तव में चाहती हूं कि मेरे संदेश को सभी तक पहुंचाएं.”

डॉ डिंपल अरोरा चावला कहती हैं कि “कृपया मास्क पहनें. जब भी आप बाहर जाते हैं, जब भी आप लोगों से घर में या बाहर बातचीत करते हैं, अपने निकट के लोगों और प्रियजनों की सुरक्षा के लिए. ”

अपने पति और तीन साल के बेटे के साथ डॉ कल्पना अरोरा चावला.

इस वीडियो को उनके पति ने सोशल मीडिया पर साझा किया, जिस पर हजारों लोगों ने संवेदना के संदेश पोस्ट किए हैं. रवीश चावला ने NDTV से बातचीत में कहा कि वे अपनी पत्नी की आखिरी इच्छाओं का सम्मान कर रहे हैं, जो कि जागरूकता फैलाना की थी, ताकि कोई भी महामारी को हल्के में न ले.

दुखी पति ने भावुक होते हुए कहा “यह उनके स्वभाव में सहज ही था कि वे लोगों को इस बारे में सूचित करें कि वे क्या सावधानी बरत सकते हैं. इसलिए उन्होंने वास्तव में हमारे परिवार और दोस्तों के लिए इसे बनाया था. लेकिन उनके असामयिक निधन के बाद मुझे यह संदेश दुनिया के सामने लाना पड़ा ताकि दुनिया को पता चल सके कि आप कोविड को इतने हल्के में न लें.”

उन्होंने कहा कि “यह उसका संदेश था कि आपको न केवल अपने लिए बल्कि बुजुर्गों या गर्भवती महिलाओं के लिए भी मास्क पहनना चाहिए … यह मेरी पत्नी का संदेश था. मैं बस चाहता हूं कि लोग इसके बारे में जानें.”

कोविड के साथ अपनी पत्नी की लड़ाई के बारे में चावला ने कहा कि कोविड पॉजिटिव पाए जाने के 10 दिन बाद 21 अप्रैल को उनका ऑक्सीजन का स्तर कम होना शुरू हो गया था. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें रेमडिसिविर दिया गया और दो बार प्लाज्मा थेरेपी दी गई.

डॉ डिंपल अरोरा चावला को उनके परिवार और दोस्त दीपिका भी बुलाते थे. उन्हें 25 अप्रैल को प्रसव पीड़ा में हुई. अल्ट्रासाउंड में पता चला कि बच्चे का दिल नहीं धड़क रहा है. उनके पति ने बताया कि “उसके गर्भ में बच्चे की मृत्यु हो गई थी. शुरू में मैंने उसे नहीं बताया, लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि हमें उसका सीजेरियन करवाने और गर्भपात कराने की आवश्यकता होगी ताकि उसे नुकसान न पहुंचे.” उन्होंने कहा कि “वह बहुत बहादुर और मजबूत थी.” हालांकि, अगली सुबह उसकी मौत हो गई.

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं अब तक भारत में किसी भी COVID-19 वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल का हिस्सा नहीं रही हैं. और सरकार ने सलाह दी है कि इन दोनों समूहों की महिलाओं को वैक्सीन नहीं दी जानी चाहिए.

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देश - दुनिया

दिल्ली के एम्स में डॉक्टर्स की 400 से अधिक वैकेंसी, अंतिम तारीख 28 मई

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एम्स अस्पताल दिल्ली में सीनियर रेजिडेंट्स/सीनियर डेमोन्स्ट्रेटर की 416 वैकेंसी है. नोटिफिकेशन के अनुसार यह भर्तियां जुलाई 2021 सेशन के लिए हो रही हैं. अभ्यर्थी सीनियर रेजिडेंट्स/सीनियर डेमोंस्ट्रेटर पदों के लिए 28 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन एम्स की वेबसाइट www.aiimsexams.ac.in पर जाकर करना है. नोटिफिकेशन में कहा गया है कि रेजिडेंट्स/सीनियर डेमोंस्ट्रेटर की नियुक्तियां तीन साल के लिए होंगी. योग्य अभ्यर्थियों का चयन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट और इंटरव्यू के आधार पर होगा.

जरूरी तारीखें

आवेदन की शुरुआत- 11 मई 2021

आवेदन की लास्ट डेट -28 मई 2021
परीक्षा तिथि- बाद में जारी की जारी

परीक्षा का स्थान- परीक्षा देश के चार मेट्रो शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में आयोजित की जाएगी.

आवेदन शुल्क-

सामान्य और ओबीसी वर्ग- 1500 रुपये

एससी/एसटी/इडब्लूएस- 1200 रुपये

दिव्याग अभ्यर्थी- आवेदन नि:शुल्क है

आयु सीमा- अधिकतम 45 वर्ष है. अधिकतम आयु सीमा में एससी, एसटी को 05 साल, ओबीसी को 03 साल, सामान्य वर्ग के दिव्यांग को 10 साल, ओबीसी वर्ग के दिव्यांग को 13 और एससी व एसटी वर्ग के दिव्यांग को 15 साल की छूट मिलेगी.

चयन प्रक्रिया

अभ्यर्थियों का चयन कंप्यूटर बेस्ट टेस्ट और इंटरव्यू के बाद मेरिट के आधार पर होगा. रेजिडेंट्स/सीनियर डेमोंस्ट्रेटर पद के लिए होने वाला कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट 90 मिनट का होगा. इसमें 80 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे. टेस्ट में कोई निगेटिव मार्किंग नहीं होगी.

इतना मिलेगा वेतन- 18750+6600 (ग्रेड पे)+एनपीए और अन्य भत्ते या सातवें वेतन आयोग के अनुसार रिवाइज पे स्केल. पे लेवल 11, एंट्री पे- 67700/-

शैक्षिक योग्यता- अभ्यर्थी के पास संबंधित डिसिप्लिन में एमडी/एमएस/एमडीएस की डिग्री होनी चाहिए.

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शिक्षा मंत्रालय के इस विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर सहित कई नौकरियां, 49000 तक है सैलरी

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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NEIPA) में 12वीं पास, एमए, एमएससी, एमटेक के लिए सरकारी नौकरियां हैं. एनईआईपीए की ओर से जारी विज्ञापन के अनुसार ये भर्तियां प्रोजेक्ट के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर/क्लर्क, प्रोजेक्ट कंसल्टटेंट और जूनियर कंसल्टेंट पदों पर हो रही हैं. इन पदों के लिए आवेदन एनईआईपीए की आधिकारिक वेबसाइट niepa.ac.in पर जाकर करना है. इसकी लास्ट डेट 16 मई 2021 है.

प्रोजेक्ट कंसल्टेंट-

सैलरी – 40000 से 49000 प्रति महीने

आयु सीमा- अधिकतम आयु- 65 वर्ष
शैक्षिक योग्यता – अभ्यर्थी के पास एजुकेशन, सोशल साइंस या अलाइड सब्जेक्ट्स में एमफिल/पीएचडी की डिग्री और मास्टर्स में कम कम 55 फीसदी अंक होने चाहिए. या फिर एमटेक/एमसीए/एमएससी होना चाहिए.

प्रोजेक्ट जूनियर कंसल्टेंट

सैलरी- 30000 से 39000 प्रति माह

अधिकतम आयु- 30 वर्ष

शैक्षिक योग्यता और अनुभव- अभ्यर्थी के पास सोशल साइंस, एजुकेशन या अलाइड सब्जेक्ट्स में मास्टर्स की डिग्री होनी चाहिए. साथ ही कम से कम दो साल का कंप्यूटेशन या सेक्रेटेरियल कार्य का अनुभव भी होना चाहिए. या फिर एमएससी/एमसीए/बीटेक की डिग्री होनी चाहिए. या फिर एमकॉम/एमबीए की डिग्री होने के साथ अकाउंट एंड एडमिनिस्ट्रेशन का बैकग्राउंड होना चाहिए.

प्रोजेक्ट कंप्यूटर ऑपरेटर/क्लर्क

सैलरी- 17000 रुपये प्रति माह

अधिकतम आयु – 27 वर्ष

शैक्षिक योग्यता और अनुभव- अभ्यर्थी के 12वीं पास होने के साथ कंप्यूटर की नॉलेज होनी चाहिए. ग्रेजुएट डिग्री वाले अभ्यर्थियों को वरीयता दी जाएगी.

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