छत्तीसगढ़
पुलिस और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़

ताड़ोकी थाना के कोसरोंडा कैंप से 1 किमी दूर रेखाभाट पहाड़ी के पास पुलिस और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। रात करीब 1 बजे हुई मुठभेड़ में दोनों ओर से महज 40 मिनट में ही 5 सौ से अधिक राउंड फायरिंग की गई। इस भारी गोलीबारी में कई नक्सलियों के घायल होने का दावा किया जा रहा है। जिन्हें साथी नक्सली अंधेरे का फायदा उठा कर अपने साथ ले गए।सुबह उजाला होने पर पुलिस ने घटना स्थल की तलाशी ली तो उसे जगह-जगह खून के धब्बे व घसीटने के निशान ही मिले हैं। नक्सली जिस ओर गए हैं उस ओर दूसरी टीम को उनकी तलाश करने भेजा गया है। कोसरोंडा स्थित एसएसबी कैंप से कुछ दूरी पर पहाड़ी जंगल में बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की पुलिस को सूचना मिली थी। इसे लेकर रात में ही ऑपरेशन लॉन्च कर अंतागढ़ से डीआरजी की फाल्कन टीम को कोसरोंडा की ओर रवाना किया गया। टीम नक्सलियों को घेरने जंगल में अंधेरे में सर्च करते धीरे धीरे आगे बढ़ रही थी।रात 1 बजे जैसे ही वह कोसरोंडा एसएसबी कैंप से 1 किमी दूर रेखाभाट पहाड़ी जंगल के पास पहुंची यहां नक्सलियों की संतरी ड्यूटी में लगे नक्सली की नजर टीम पर पड़ गई। फोर्स को देख नक्सलियों ने मोर्चा खोल दिया और फायरिंग शुरू कर दी। जिसे देख जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की।मुठभेड़ में इलाके में काम कर रही नक्सलियों की कंपनी नंबर 5 की टुकड़ी के शामिल होने की आशंका है। जिसमें नक्सली कमांडर राजू सलाम समेत 45 से अधिक नक्सली शामिल होने की बात कही जा रही है। जिस ओर नक्सलियों के जाने की संभावना है एक टीम उनके पीछे उस अोर उनकी तलाश में भेजी गई है।जिस जगह पर मुठभेड़ हुई है उससे कुछ दूरी पर ही कोसरोंडा में एसएसबी का कैंप स्थित है। नक्सली इससे पहले भी इसके आस पास कई घटनाआंे को अंजाम दे चुके हैं। शुरू से कोसरोंडा कैंप व उसके जवान नक्सलियों के निशाने पर हैं। यहां हमेशा मुठभेड़ व हमले की घटना होती रहती है। एक माह पहले ही 14 जनवरी को कोसरोंडा कैंप के जवानों पर एक ही दिन में दो बार हमला किया गया था। कोसरोंडा कैंप के पास नक्सलियों के जमा होने से कैंप पर हमला करने की तैयारी की आशंका जताई जा रही है।एसपी शलभ कुमार सिन्हा ने कहा कि मुठभेड़ में कुछ नक्सलियों के घायल होने की आशंका है। घटना स्थल पर कई जगह खून के धब्बे व किसी को घसीटने के निशान मिले हैं। पुलिस इलाके में गश्त कर रही है।

छत्तीसगढ़
CG News: छत्तीसगढ़ में हाथी दांतों की तस्करी रोकने के लिए वन विभाग ने उठाया ये कदम…

रायपुर। हाथी के दांतों की तस्करी रोकने के लिए वन विभाग पालतू हाथियों का डीएनए टेस्ट करा रहा है। वर्तमान में वन विभाग ने 10 हाथियों के खून व मल के सैंपल लिए हैं। इनके आधार पर ही डीएनए की जांच की जाएगी, ताकि हाथियों का एक डेटा बेस तैयार हो सके। विभाग को हाथियों के डीएनए के लिए प्रोजेक्ट एलीफेंट की ओर से वन विभाग को पत्र आया था। जांच के बाद पालतू हाथियों को एक यूनिक नंबर प्रदान किया जाएगा, ताकि अवैध खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई जा सके। वन विभाग का कहना है कि प्रदेश में पालतू हाथियों का ब्लड सैंपल लेने का काम किया जा रहा है।
राज्य में करीब 300 हाथी
ज्ञात हो कि प्रदेश में जंगली हाथियों की संख्या 300 के करीब है, लेकिन पालतू हाथियों की संख्या कम है। वर्तमान में तीन हाथी अचानकमार टाइगर रिजर्व और सात हाथी तमोर पिंगला रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है। विभाग ने इस हाथियों का ब्लड सैंपल ले लिया है। सैंपल वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आफ देहरादून में जमा करना है। वन विभाग के अधिकारी सैंपल जमा करने के लिए एक दो दिन के भीतर देहरादून के लिए रवाना होंगे। पालतू हाथियों का डाटा बेस तैयार होने पर इनकी आयु, आनुवांशिकता समेत अन्य कई बिंदुओं की जानकारी मिल सकेगी।
तस्करी पर लगेगी लगाम
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रोजेक्ट एलीफेंट के निदेशक ने निजी स्वामित्व वाले पालतू हाथियों के डीएनए की सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए थे। इसका मकसद है कि देश भर में निजी लोगों के पास हाथियों की संख्या अधिक है। इन हाथियों के बारे में विभाग को जानकारी मिल नहीं पाती है। इस कारण हाथी के बच्चों और दांत आदि बेचने पर पता नहीं चल पाता था, लेकिन अवैध तरीके से खरीदने-बेचने की प्रक्रिया पर रोक लगेगी। साथ ही हाथियों के अंगों के व्यापार पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी। सूत्रों की माने तो हाथी के अंग बरामद होते हैं तो उसके डीएनए से पता लग जाएगा कि यह हाथी पालतू था या फिर जंगली। पालतू होने पर उसकी पूरी डिटेल निकालने के बाद जरूरी कार्रवाई आसान हो जाएगी। वहीं दूसरी तरफ रिसर्च के दौरान भी सहायक होगा।
इन राज्य के हाथियों का किया जा रहा डीएनए
पालतू हाथियों का डीएनए असम, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, ओडिशा, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छतीसगढ़ व झारखण्ड में किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़
तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाईक को मारी टक्कर, हादसे में सरपंच और उसकी साथी की मौत…

बिलासपुर। रानीगांव के पास बुधवार की रात तेज रफ्तार ट्रेलर की टक्कर से बाइक सवार सरपंच और उसके साथी की मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रेलर का चालक वाहन छोड़कर भाग निकला। सूचना पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। आरोपित ट्रेलर चालक की तलाश की जा रही है।रतनपुर क्षेत्र के चपोरा में रहने वाले केजाराम धु्रव गांव के सरपंच थे। बुधवार की सुबह वे अपने साथी रमेश सिंह परमार के साथ बाइक से बिलासपुर आए थे। देर रात गांव लौट रहे थे।रात 10:45 बजे वे रानीगांव के पास पहुंचे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेलर के चालक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में सरपंच और उनके साथी को गंभीर चोटे आई। दुर्घटना के बाद ट्रेलर का चालक थोड़ी दूर जाकर अपने वाहन को छोड़कर भाग निकला। हादसे की जानकारी होने पर ग्रामीण बड़ी संख्या में रानीगांव पहुंच गए। इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंची। शव को रात में ही चीरघर भेज दिया गया। गुस्र्वार की सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस ने दुर्घटनाकारित वाहन को जब्त कर लिया है। आरोपित ट्रेलर चालक की तलाश की जा रही है।
ट्रेलर की टक्कर से पिकअप के चालक की मौत, एक गंभीर
हिर्री में रहने वाले अमित कुमार कोयल साई गोविंद ट्रांसपोर्ट में ड्राइवर थे। बुधवार की रात वे पिकअप लेकर बिलासपुर सामान के लिए आए थे। उनके साथ दीपक भी मौजूद थे। दोनों सामान लेकर लौट रहे थे। रात 10 बजे से धौंराभाठा पेट्रोल पंप के पास पहुंचे थे। इसी दौरान सामने चल रहे तेज रफ्तार ट्रेलर के चालक ने अचानक ब्रेक मार दिया। इससे उनके पीछे चल रही पिकअप अनियंत्रित होकर ट्रेलर से जा टकराई। हादसे में पिकअप चालक अमित कुमार कोयल को गंभीर चोटे आई। साथ ही दीपक भी घायल हो गया। इस बीच ट्रेलर का चालक वाहन छोड़कर भाग निकला। दोनों को उपचार के लिए सिम्स में भर्ती कराया गया। सिम्स में अमित की मौत हो गई। ट्रांसपोर्ट कंपनी के सुपरवाइजर की शिकायत पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस ने ट्रेलर जब्त कर ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है।
क्राइम न्यूज़
CG News: भिख मांगने पहुंचे तीन महिलाओ ने बर्तन दुकान में की शातिर दिमाक से चोरी, साढ़े सात लाख रुपए लेकर भागे…

बिलासपुर। एक बर्तन दुकान से साढ़े सात लाख रुपए लेकर महिलाएं भाग गई। महिलाएं दुकान में भीख मांगने पहुंची थी। घटना शनिवार की है जब सरकंडा लोधीपारा बर्तन व्यवसायी जयराम अग्रवाल पिता दीनदयाल अग्रवाल (46) शनिवार को कुछ लोगों को पेमेंट करने के लिए अपने घर से लगभग 7 लाख 50 हजार रुपए लेकर आए थे। दुकान खोलने के बाद बैग को काउंटर के ऊपर रख कर पूजा का सामान जमाने लगे। इस दौरान तीन महिलाएं दो बच्चों के साथ दुकान में दाखिल हुई और रुपए की मांग करने लगी। जयराम ने सभी को काम करने की सलाह देते हुए भगा दिया। पूजा करने के बाद जब वह काउंटर पर रखे बैग को देखा तो रकम गायब हो गए थे।
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