Lifestyle
सलमान खान करना चाहते थे सुसाइड,मुश्किल से बची जान,जानें वजह…

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान किसी ना किसी वजह से खबरों में रहते हैं. एक्टर कितने फिट हैं ये तो सब जानते हैं, हर फिल्म में उनकी फिजीक देखने लायक होती है लेकिन असल जिंदगी में वो एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, जिसके इलाज के लिए उन्हें समय-समय पर विदेश जाना पड़ता है. भाईजान की ये बीमारी इतनी ज्यादा खतरनाक है कि वो दर्द के मारे तड़प उठते थे.
सलमान की बीमारी
बॉलीवुड के भाईजान यानी सलमान खान ट्राइजेमिनल न्यूरॉल्जिया नामक बीमारी थी, जिसका उन्होंने काफी लंबे समय तक ट्रीटमेंट लिया. वो करीब 9-10 सालों से इस बीमारी से पीड़ित रहे हैं. वे इस बीमारी के ट्रीटमेंट के लिए अमेरिका जाया करते थे. दरअसल, ये एक तरह का न्यूरोपैथिक डिसऑर्डर है, जिसमें इंसान के चेहरे के कई हिस्सों जैसे सिर, जबड़ा आदि में बहुत दर्द होता है.
खुद किया था बीमारी का खुलासा
साल 2017 में आई फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ के दौरान अभिनेता सलमान खान ने बताया था कि उन्हें ‘ट्राइजेमिनल न्यूरेल्जिया’ नामक एक खतरनाक न्यूरोलॉजीकल बीमारी है. इसे सुसाइडल डजीज भी कहा जाता है. सलमान खान जब इस बीमारी का सामना कर रहे थे तभी उनके मन में कई बार सुसाइड करने का विचार आया था. इसे खुद सलमान खाने से एक इंटरव्यू में कहा था.
क्या है ट्राइजेमिनल न्यूरॉल्जिया
यह ट्राइजेमिनल न्यूरॉल्जिया नामक बीमारी चेहरे की ट्राइजेमिनल नर्व में होती है. चेहरे पर कई प्रकार की नसें होती हैं, ट्राइजेमिनल चेहरे की मुख्य नसों में से एक है. ट्राइजेमिनल न्यूरैल्जिया सीधे तौर पर उससे जुड़ी हुई तीन नर्व को प्रभावित करती है. इस बीमारी में चेहरे पर भयानक चुभन का अहसास होता है. इस बीमारी का पता लगाना आसान नहीं होता है, क्योंकि कभी-कभी इसके लक्षण कुछ हफ्तों या महीनों तक रहते हैं और फिर गायब हो जाते हैं.
सलमान की आने वाली फिल्में
सलमान खान के वर्कफ्रंट की बात करें तो वह पूजा हेगड़े के साथ ‘कभी ईद कभी दीवाली’ और जैकलीन फर्नांडीज के साथ ‘किक 2’ में नजर आएंगे. यही नहीं सलमान खान अपने खास दोस्त आमिर खान की ‘लाल सिंह चड्ढा’ में कैमियो करते नजर आएंगे और शाहरुख खान अभिनीत ‘पठान’ में भी उनका छोटा सा रोल है. सलमान खान फिलहाल ‘टाइगर 3’ की शूटिंग कर रहे हैं, जो लगभग खत्म होने वाली है.

Lifestyle
Lifestyle: क्या आप भी जोड़ों के दर्द से परेशान है तो अपनाये ये घरेलु आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां का सेवन…

आयुर्वेद चिकित्सा का एक प्राचीन रूप है जिसकी शुरुआत भारत में हुई थी। यह अच्छे स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने के लिए पोषक तत्वों, व्यायाम और ध्यान का एक साथ उपयोग करता है। अगर आपको जोड़ों का दर्द है तो कुछ पोषक तत्वों और अन्य सप्लीमेंट्स को आधुनिक दवाओं के साथ मिलाना फायदेमंद हो सकता है। नीलगिरी का उपयोग जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द के लिए आयुर्वेदिक तेल के रूप में किया जाता है। नीलगिरी के पौधे का तेल सूजन को कम करने में मदद करता है। (पिक्साबे)दशमूला दस पौधों की जड़ों से बना एक पारंपरिक आयुर्वेदिक फॉर्मूला है, जो जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करता है।
निर्गुंडी गठिया और जोड़ों के दर्द के प्रबंधन में उपयोग की जाने वाली सबसे लोकप्रिय और सहायक जड़ी-बूटियों में से एक है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण सूजन, हार्डनेस और दर्द को कम करने में मदद करते हैं।शल्लाकी एक जड़ी-बूटी है जो प्राकृतिक रूप से दर्द को कम करने में मदद करती है। यह जोड़ों को मजबूत करने और चलने-फिरने में सुधार करने में मदद करता है।
Lifestyle
नींद न आने की समस्या से बढ़ी सेहत से जुड़ी हजारों परेशानियां, जाने, एवं बरते सावधानियां….

अमेरिका में लोगों को रात के समय बढ़ रही है, इसीलिए डॉक्टर्स मेलाटोनिन को डाइट सप्लीमेंट में शामिल करने की सलाह दे रहे हैं। छोटे बच्चों के लिए यह काफी नुकसानदायक साबित हो रहा है। मेलाटोनिन लेने से बच्चे बीमार हो रहे हैं। दरअसल, सोने के बाद मेटाबोलिज्म की गति धीमी हो जाती है। इससे मेलाटोनिन घातक बन रहा है।
मिशिगन के चिल्ड्रन हॉस्पिटल की डॉ. करीमा लेलक ने बताया कि वैसे तो मेलाटोनिन को विटामिन के रूप में देखा जाता है। वहीं इसे खुले में रखा जाता है। अमेरिका में करीब 52 हजार से अधिक पैरेंट्स ने शिकायत दर्ज कराई है कि गलती से मेलाटोनिन लेने से बच्चे में उल्टी और सांस लेने के तरीके में बदलाव नजर आने लगे हैं। इस तरह की शिकायतों में 1 दशक में 530% यानी 5 गुना से ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई है।
10 साल में 2.6 लाख शिकायतें, 2 की मौत हुई
2012 से 2021 तक बच्चों द्वारा बहुत अधिक मेलाटोनिन लेने की 2 लाख 60 हजार से अधिक काल आई। अध्ययन में 10 सालों में 4,000 से अधिक बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पांच को सांस लेने में तकलीफ थी और 2 की मौत हो गई थी।
बच्चों में हो सकते हैं कई साइड इफेक्ट
छोटे बच्चों को सप्लीमेंट में मेलाटोनिन देने से कई साइड इफेक्ट हो सकते हैं, इसीलिए बिना डॉक्टर की सलाह के इसे नहीं देना चाहिए। सभी को दवाओं का साइड इफेक्ट हो, ये जरूरी नहीं होता है। अगर आपके बच्चे को मेलाटोनिन का सेवन करने के बाद सिरदर्द, बेड वेटिंग, चक्कर या कोई अन्य समस्या होती है, तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए।
Lifestyle
दालचीनी के लाभ: ये बड़ी से बड़ी बीमारी को करता है दूर,नही आने देती किसी भी बीमारी को पास, जाने इसके सेवन से क्या -क्या है लाभ…

दालचीनी एक आयुर्वेदिक औषधि है। दालचीनी की छाल को औषधि और मसालों के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसकी छाल थोड़ी मोटी, चिकनी तथा हल्के भूरे रंग की होती है। दालचीनी मोटापा कम करने के साथ-साथ कई बीमारियों को भी दूर करने की क्षमता रखती है। यह रक्तशोधक भी है। एक कप या आधा गिलास गर्म पानी के साथ अगर इसे रोज़ाना रात को सोते समय और सुबह खाली पेट लिया जाए तो इससे बहुत सारे फायदे होते हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ अबरार मुल्तानी ने दालचीनी के अद्भुत फायदे बताए हैं। आइए जानते हैं-
गले की खराश
हल्के गर्म पानी में एक चुटकी दालचीनी पाउडर तथा एक चुटकी पिसी काली मिर्च शहद में मिलाकर पीने से जुकाम तथा गले की खराश दूर होती है।
सिर दर्द
दालचीनी के पाउडर को पानी के साथ मिलाकर पेस्ट बनाकर माथे पर लगाने से ठंडी हवा से होने वाले सिर दर्द में आराम मिलता है।
जोड़ों का दर्द
गर्म पानी के साथ दालचीनी का पाउडर लेने से जोड़ो का दर्द ठीक होता है।
पिंपल्स
रक्तशोधक अर्थात ब्लड प्यूरिफिकेशन करने के कारण यह त्वचा के रोगों में बहुत फायदेमंद है। विशेषकर पिम्पल्स में।
पेट की तकलीफ
अपच, खट्टी डकारें, एसिडिटी और गैस जैसी पेट की समस्या होने पर दालचीनी का प्रयोग करने से आराम मिलता है।
मोटापा
दालचीनी मेटाबोलिज्म को बढ़ाती है इसलिए जो मोटापे से परेशान हैं वो दालचीनी का इस्तेमाल खाने में करें।
कोलेस्ट्रॉल
दालचीनी कोलेस्ट्रॉल को कम करती है और ब्लॉकेज को हटाती है इसलिए दिल के मरीजों के लिए लाभदायक है और आम लोगों को दिल की बीमारियों से बचाती है।
कैंसर जैसे घातक रोगों में भी फायदेमंद
शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन करती है इसलिए कैंसर जैसे घातक रोग से बचाने के लिए भी दालचीनी फायदेमंद है।
कान के इंफेक्शन
रात को सोते समय यह पानी पीने से कानों की समस्या जैसे कम सुनाई देना, कानों में आवाज़ आना, कानों में बार बार इंफेक्शन होना में फायदा होता है।
-
ज्योतिष7 days agoVastu Tips: घर की दीवारों पर इस दिशा में लगाये घड़ी, वरना हो सकती है ये बड़ी परेशानी…
-
ज्योतिष6 days agoVastu Tips: घरो में आइनों को गलत दिशा में रखने से हो सकता है क्लेश, वास्तु के अनुसार जाने इसे सही दिशा में रखने के उपाये…
-
जॉब6 days agoपंचायत सचिव की बंपर भर्ती,जानें आवेदन की तिथि और शैक्षणिक योग्यता…
-
ज्योतिष6 days agoVastu Tips: घरो में आइनों को गलत दिशा में रखने से हो सकता है क्लेश, वास्तु के अनुसार जाने इसे सही दिशा में रखने के उपाये…
-
जॉब6 days agoकांस्टेबल की 1660 पदों पर निकली भर्ती,जानें शैक्षणिक योग्यता और आवेदन की तिथि..
-
ज्योतिष4 days agoVastu Tips: घर की दीवारों पर इस दिशा में लगाये घड़ी, वरना हो सकती है ये बड़ी परेशानी…
-
ज्योतिष4 days agoVastu Tips: घरो में आइनों को गलत दिशा में रखने से हो सकता है क्लेश, वास्तु के अनुसार जाने इसे सही दिशा में रखने के उपाये…
-
ज्योतिष5 days agoVastu tips : पर्स में न रखें इन चीजों को वरना हो सकती है,जिंदगी भर परेशानी…
-
जॉब5 days agoलाइब्रेरियन की बंपर भर्ती,जानें आवेदन की तिथि और शैक्षणिक योग्यता…
-
जॉब6 days agoरेलवे में निकली 10 वीं पास के लिए भर्ती,जानें आवेदन की तिथि और शैक्षणिक योग्यता…मिलेगा बंफर सैलरी…






























You must be logged in to post a comment Login