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शुगर कंट्रोल करने के लिए करे इस जूस का सेवन…
शरीर के बेहतर स्वास्थ्य के लिए इम्युनिटी का मजबूत होना कितना आवश्यक है, कोरोना काल ने यह हम सभी को अच्छी तरह से समझा दिया है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए हम सभी ने कई तरह के उपाय भी किए, आहार में बदलाव से लेकर नियमित व्यायाम जैसी आदतें लोगों ने अपनाई। पर क्या इम्युनिटी को मजबूती देना वास्तव में बहुत कठिन है? विशेषज्ञ कहते हैं, बिल्कुल नहीं। प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करना एक सतत प्रक्रिया है, यानी कि इसके लिए आपको रोजाना प्रयास करते रहने चाहिए।
आहार में कुछ चीजों को शामिल करना इसमें आपके लिए विशेष मददगार हो सकता है, आंवला ऐसा ही एक करिश्माई फल है।
वैसे तो इस मौसम में आंवले उपलब्ध नहीं होते हैं पर आप आंवले के जूस को प्रयोग में ला सकते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि आंवले के जूस का नियमित सेवन इम्युनिटी बढ़ाने से लेकर डायबिटीज-कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने तक में आपके लिए काफी मददगार हो सकता है। आंवला में विटामिन-सी की प्रचुर मात्रा पाई जाती है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ कई तरह के अन्य लाभ भी प्रदान करती है। आइए इससे होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।
इम्युनिटी बढ़ाने का सबसे प्रभावी उपाय
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए आंवला के रस का सेवन करना आपके लिए विशेष लाभप्रद हो सकता है। आंवला का रस विटामिन-सी का अच्छा स्रोत माना जाता है जो पानी में घुलनशील विटामिन है एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है। आंवले के रस का सेवन शरीर की प्रतिरक्षा कोशिकाओं के कामकाज को ठीक रखने में मदद करता है। अध्ययनों की एक समीक्षा के अनुसार, विटामिन-सी कुछ प्रकार के संक्रमणों को रोकने में भी मदद कर सकता है।
पाचन को ठीक रखने में सहायक
आंवले को पाचन के लिए काफी कारगर माना जाता है। गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स की समस्या को ठीक करने में आंवले के रस के सेवन के लाभ के बारे में पता चलता है। गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स (जीईआरडी) वाले 68 लोगों पर किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि आंवला के अर्क का 4 सप्ताह तक रोजाना दो बार सेवन हार्टबर्न और पाचन की अन्य कई तरह की समस्याओं को कम करने में आपके लिए सहायक हो सकता है।
डायबिटीज में देख गए इसके लाभ
कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि डायबिटीज की समस्या में आंवले के रस का नियमित सेवन करना न सिर्फ ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में आपके लिए सहायक है, साथ ही यह मधुमेह के विकास को भी रोक सकता है। आंवले में डायट्री फाइबर की भी मात्रा पाई जाती है जो इसे बेहतर पाचन के लिए उपयुक्त बनाती है। फाइबर वाली चीजों के सेवन को डायबिटीज में भी काफी असरदार पाया गया है।
कोलेस्ट्रॉल को भी करता है कंट्रोल
अध्ययनों से पता चलता है कि आंवला का रस, हृदय के स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है। एक अध्ययन में पाया गया कि आंवला के जूस का सेवन करने वाले लोगों में 12 सप्ताह के भीतर बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी देखी गई। यह धमनियों में कोलेस्ट्रॉल को जमा होने से बचाने में भी सहायक है। कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रहने से हृदय रोगों का जोखिम कम हो जाता है।

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हेल्थ टिप्स: आखो की रोशनी बढ़ाने के लिए अपने फुड में शामिल करे ये चीजे
हमारी आंखें शरीर के सबसे नाजुक अंगों में से एक मानी जाती हैं, ऐसे में इनके विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। आंखों की बाहरी सुरक्षा के साथ इन्हें पर्याप्त मात्रा में अंदुरूनी पोषण भी चाहिए होता है। इसके लिए नियमित रूप से पौष्टिक आहार के सेवन की आवश्यकता होती है। आहार में कुछ विशेष प्रकार के विटामिन्स और खनिज, आंखों को स्वस्थ बनाए रखने के साथ लंबे समय तक रोशनी को बनाए रखने में सहायक होते हैं। इन्हीं विटामिन्स और पोषक तत्वों में कमी को उम्र के साथ आंखों की रोशनी कम होने के प्रमुख कारण के तौर पर जाना जाता है। इस बारे में सभी लोगों को सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता होती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, डायबिटिक रेटिनोपैथी, ग्लूकोमा और मोतियाबिंद जैसी सामान्य स्थितियां आपकी आंखों को प्रभावित कर सकती हैं। इनसे बचाव के उपाय करते रहना आवश्यक होता है। अगर हम अपने दैनिक आहार को ही ठीक कर लें तो आंखों से संबंधित कई तरह की गंभीर समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
सबसे खास बात आंखों से संबंधित समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है, ऐसे में सभी आयु वाले लोगों के लिए उचित पोषण और आंखों की देखभाल करते रहना आवश्यक है। आइए जानते हैं कि आंखों को स्वस्थ रखने के लिए कौन-कौन से विटामिन्स सबसे आवश्यक माने जाते हैं?
विटामिन-ए का सेवन
विटामिन-ए, आंखों के लिए सबसे आवश्यक पोषक तत्वों में से एक है जो कॉर्निया को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस विटामिन को रोडोप्सिन का एक घटक माना जाता है, रोडोप्सिन आंखों में एक मौजूद प्रोटीन जो आपको कम रोशनी में देखने की सुविधा देता है। पत्तेदार हरी सब्जियां, गाजर, शकरकंद, कद्दू, टमाटर, लाल शिमला मिर्च, खरबूजा और आम से इसे आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
विटामिन ई वाली चीजों का सेवन
विटामिन-ए की ही तरह आंखों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए विटामिन-ई वाली चीजों का सेवन करते रहना भी बहुत आवश्यक माना जाता है। माना जाता है कि आंखों से संबंधित कई समस्याएं ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से जुड़ी होती है। विटामिन-ई शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है जो आपकी कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण होने वाली समस्याओं से सुरक्षित रखने में सहायक है। सूरजमुखी और सरसों का तेल, बादाम, मूंगफली, चुकंदर और पालक में इसकी पर्याप्त मात्रा पाई जाती है।
विटामिन-सी भी जरूरी
विटामिन ई की तरह, विटामिन सी भी शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है जो आपकी आंखों को हानिकारक मुक्त कणों से बचा सकता है। आंखों को स्वस्थ रखने और कई तरह की समस्याओं के जोखिम को कम करने में इस विटामिन वाली चीजों का नियमित सेवन करना फायदेमंद माना जाता है। खट्टे फल जैसे संतरे और नींबू, काली मिर्च, स्ट्रॉबेरीज, ब्रोकली आदि के सेवन से इसकी पूर्ति की जा सकती है।
विटामिन बी6 और बी9
आंखों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए शोधकर्ता विटामिन बी6, बी9 वाली चीजों के सेवन पर भी जोर देते हैं। विटामिन का यह संयोजन होमोसिस्टीन के स्तर को कम कर सकता है। होमोसिस्टीन, शरीर में मौजूद एक प्रोटीन है जिसकी अधिकता सूजन और एज रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन विकसित होने का खतरा बढ़ सकती है। मछली, मूंगफली, सोयाबीन, गेहूं और जई आदि से इन विटामिन्स की पूर्ति की जा सकती है।
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रिसर्च में हुआ ये चौकाने वाला खुलासा: डार्क चॉकलेट खाने से दूर होगी ये बीमारी…

World Chocolate Day 2022: क्या आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो हर सेलिब्रेशन को चॉकलेट की मिठास के साथ पूरा करना चाहते हैं? या क्या आप इस टेस्टी सुपरफूड को उन दिनों के लिए बचाकर रखते हैं जब आपको अपने मूड को हल्का करने के लिए कुछ चाहिए हो? किसी भी तरह से, यदि आप एक चॉकोहोलिक हैं, तो विश्व चॉकलेट दिवसके मौके पर अपने मन की पूरी शंकाओं को दूर करने का समय आ गया है।
ब्लड शुगर को मैंटेन रखती है चॉकलेट
आपको जानकर हैरानी होगी कि चॉकलेट आपको नुकसान नहीं पहुंचाती बल्कि स्वस्थ रखने में मदद करती है। चौंक गए ना! जी हां, यह सच है कि इंसुलिन सेंसेविटी से लेकर ब्लड शुगर को मैंटेन रखने तक चॉकलेट कई तरह से आपको डायबिटीज नाम की मुसीबत से दूर रखती है। हाल ही में हुई एक रिसर्च अनुसार, कम मात्रा में डार्क चॉकलेट खाने से ब्लड शुगर लेवल और इंसुलिन सेंसेविटी में सुधार करने में मदद मिल सकती है, जो डायबिटीज की दो बड़ी शुरुआती वजह हैं।
अपने भोजन में शामिल करें चॉकलेट
एबॉट्स न्यूट्रिशन बिजनेस में मेडिकल एंड साइंटिफिक अफेयर्स के प्रमुख डॉ. इरफान शेख कहते हैं, “न्यूट्रिशन और डायबिटीज के विशेषज्ञों की ताजा डाइट रिकमंडेशन देखकर आप सच में है रान रह जाएंगे। क्योंकि चॉकलेट के संभावित हेल्थ बेनिफिट्स के कारण इसे टेस्टी ब्रेकफास्ट में शामिल करने का सुझाव दिया जा रहा है।”
लेकिन इन बातों को भी जानना जरूरी
डॉ. इरफान शेख की मानें तो इससे पहले कि आप अपने भोजन में चॉकलेट शामिल करना शुरू करें, यहां आपको यह जानने की जरूरत है कि डार्क चॉकलेट और मधुमेह के बीच की कड़ी है। जानिए कुछ जरूरी तथ्य…
– प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले बीज जिनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो शरीर को हानिकारक चीजों से होने वाले नुकसान से बचाते हैं।
– डार्क चॉकलेट में पॉलीफेनोल्स होते हैं जो इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ा सकते हैं, यानी शरीर में इंसुलिन को बेहतरीन ढंग से कार्य करने में मदद करती है।
अपने लिए सही डार्क चॉकलेट कैसे चुनें
– पॉलीफेनोल से भरपूर डार्क चॉकलेट चुनें क्योंकि सभी चॉकलेट समान रूप से नहीं बनाई जाती हैं। यह पॉलीफेनोल से भरपूर डार्क चॉकलेट है जिसमें एंटीऑक्सिडेंट होते हैं और कोको की ज्यादा मात्रा स्वास्थ्य लाभ देता है।
– डार्क चॉकलेट चुनें जिसमें कम से कम चीनी हो और तकरीबन चीनी कि बराबर ही फाइबर हो।
– यह चैक करें कि क्या डार्क चॉकलेट को अल्कली के साथ प्रोसेस किया गया है।
हो सकता है ये नुकसान
– यदि आप डार्क चॉकलेट का ज्यादा मात्रा में सेवन करते हैं, तो आपके ब्लड शुगर लेवल में गिरावट आने के बजाय यह डिस्टर्ब हो सकता है।
– यदि आपको डायबिटीज है, तो चीनी वाले फूड बचना सबसे अच्छा है, लेकिन, स्मार्ट ग्लूकोज मॉनिटरिंग के साथ, बैलेंस डाइट के हिस्से के रूप में कभी-कभी खुद को एक या दो डार्क चॉकलेट खाने से कुछ मीठे हेल्थ बेनिफिट्स मिल सकते हैं।
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Health Tips: आँखों को बनाना चाहते है स्वस्थ और अच्छा तो आज से इन विटामिन्स का करे सेवन…

हमारी आंखें शरीर के सबसे नाजुक अंगों में से एक मानी जाती हैं, ऐसे में इनके विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। आंखों की बाहरी सुरक्षा के साथ इन्हें पर्याप्त मात्रा में अंदुरूनी पोषण भी चाहिए होता है। इसके लिए नियमित रूप से पौष्टिक आहार के सेवन की आवश्यकता होती है। आहार में कुछ विशेष प्रकार के विटामिन्स और खनिज,आंखों को स्वस्थ बनाए रखने के साथ लंबे समय तक रोशनी को बनाए रखने में सहायक होते हैं। इन्हीं विटामिन्स और पोषक तत्वों में कमी को उम्र के साथ आंखों की रोशनी कम होने के प्रमुख कारण के तौर पर जाना जाता है। इस बारे में सभी लोगों को सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता होती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, डायबिटिक रेटिनोपैथी, ग्लूकोमा और मोतियाबिंद जैसी सामान्य स्थितियां आपकी आंखों को प्रभावित कर सकती हैं। इनसे बचाव के उपाय करते रहना आवश्यक होता है। अगर हम अपने दैनिक आहार को ही ठीक कर लें तो आंखों से संबंधित कई तरह की गंभीर समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
सबसे खास बात आंखों से संबंधित समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है, ऐसे में सभी आयु वाले लोगों के लिए उचित पोषण और आंखों की देखभाल करते रहना आवश्यक है। आइए जानते हैं कि आंखों को स्वस्थ रखने के लिए कौन-कौन से विटामिन्स सबसे आवश्यक माने जाते हैं?विटामिन ई वाली चीजों का सेवन
विटामिन-ए की ही तरह आंखों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए विटामिन-ई वाली चीजों का सेवन करते रहना भी बहुत आवश्यक माना जाता है। माना जाता है कि आंखों से संबंधित कई समस्याएं ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से जुड़ी होती है। विटामिन-ई शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है जो आपकी कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण होने वाली समस्याओं से सुरक्षित रखने में सहायक है।सूरजमुखी और सरसों का तेल, बादाम, मूंगफली, चुकंदर और पालक में इसकी पर्याप्त मात्रा पाई जाती है।
विटामिन-सी भी जरूरी
विटामिन ई की तरह, विटामिन सी भी शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है जो आपकी आंखों को हानिकारक मुक्त कणों से बचा सकता है। आंखों को स्वस्थ रखने और कई तरह की समस्याओं के जोखिम को कम करने में इस विटामिन वाली चीजों का नियमित सेवन करना फायदेमंद माना जाता है। खट्टे फल जैसे संतरे और नींबू, काली मिर्च, स्ट्रॉबेरीज, ब्रोकली आदि के सेवन से इसकी पूर्ति की जा सकती है।
विटामिन बी6 और बी9
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