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vastu tips : वास्तु के अनुसार घर में लगाये ये पौधें, नही होगी धन की कमी…

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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में यदि कुछ पल हम हरियाली के बीच गुजारते हैं तो इससे हमें मानसिक सुकून तो मिलता ही है, शरीर भी ऊर्जावान महसूस करने लगता है। कुल मिलाकर हरियाली हमारे तन-मन को दुरुस्त करने में हमारी मदद करती है,यही वजह है कि लोग अपने घर में पेड़-पौधे लगा लेते हैं। वास्तु के अनुसार कुछ पौधे ऐसे होते हैं जो जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं और वहीं कुछ पौधे लगाने से वास्तुदोष और दुर्भाग्य दूर होता है।

तुलसी
हिंदू धर्म में देवी लक्ष्मी का स्वरूप तुलसी के पौधे को घर की उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना गया है। तुलसी पूजन से ग्रहदोष,पापकर्म और वास्तुदोष का नाश होता है। घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और घर धन-धान्य से परिपूर्ण रहता है।

आंवला
लक्ष्मी-नारायण का प्रिय वृक्ष आंवला घर के उत्तर,उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में लगाना चाहिए। इस वृक्ष की नियमित रूप से पूजा करने पर सौभाग्य की वृद्धि होती है और घर में धन की कोई कमी नहीं रहती जिससे आपके दुखों का निवारण होता है।

परिजात या हरसिंगार
वास्तु शास्त्र में हरसिंगार को बहुत शुभ माना गया है,इसे घर के पूर्व या उत्तर दिशा में लगाना चाहिए। मान्यता है कि जिस घर में पारिजात का पौधा लगा होता है वहां साक्षात मां लक्ष्मी निवास करती हैं। अगर घर बनवाते समय वास्तु दोष पर ध्यान नहीं दिया और रोज घर में कुछ न कुछ अशुभ होता रहता है तो घर के आंगन में पारिजात का पौधा लगाना चाहिए। ये पौधा वास्तुदोष दूर करता है और घर में सुख समृद्धि लाता है।

शमी
शनिदेव के प्रिय वृक्ष शमी को घर के बाहर ऐसे लगाना चाहिए कि जब भी आप घर से निकलें तो यह आपको दायीं ओर से दर्शन दे। इस पेड़ के नीचे रोज सरसों के तेल का दीपक जलाने से घर में शनिदेव की कृपा से सुख-शांति बनी रहती है। शमी की पूजा करने से सेहत अच्छी रहती है एवं घर में बरकत होती है।

बिल्वपत्र का वृक्ष
घर की बगिया में यह पेड़ लगाने से घर पापनाशक और यशस्वी हो जाता है। यदि पेड़ घर के उत्तर पश्चिम में लगा हो तो परिवार के सदस्यों को मान-सम्मान मिलता है। वही घर के उत्तर या दक्षिण में हो तो सुख-शांति बढ़ती है। बीच में हो तो रिश्ते मधुर रहते हैं। बेल के वृक्ष में लक्ष्मी का वास माना गया है अतः इसकी पूजा करने से दरिद्रता दूर होती है।

गुड़हल का पौधा
गुड़हल का पौधा ज्योतिष में सूर्य और मंगल ग्रह से संबंध रखता है। गुड़हल का फूल जल में डालकर सूर्य को अर्घ्य देने से सेहत अच्छी रहती है एवं समाज में प्रतिष्ठा बढ़ती है। मां दुर्गा को नित्य गुड़हल का पुष्प अर्पित करने से जीवन के सारे संकट दूर होते हैं। इसे घर के दक्षिण-पूर्व या दक्षिण में लगाना शुभ होता है।

केले का पौधा
केले के पौधे का धार्मिक महत्व है एवं गुरुवार को इसकी पूजा होती है। इसे घर के ईशान कोण में लगाना चाहिए क्योंकि यह वृहस्पति ग्रह का प्रतिनिधि वृक्ष है। घर में इसे लगाने से भगवान विष्णु की कृपा रहती है,घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

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ज्योतिष

Vastu Tips : घर में रखें काले घोड़े के नाल,मिलेगी जीवन में कामयाबी

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Black Ghode ki Naal : घर की अच्छी आर्थिक स्थिति और घर में रहने वाले लोगों के अच्छे स्वास्थ्य के पीछे वास्तु शास्त्र का बहुत बड़ा हाथ होता है.मनुष्य बड़े शौक से अपने लिए सपनों का घर बनाता है. जिसमें वह अपने पूरे परिवार के साथ सुख पूर्वक जीवन व्यतीत करना चाहता है. इसके लिए वह तमाम तरह के उपाय अपनाता है. जिससे लोगों की बुरी नजर से बचा रह सके और लोगों के द्वारा दी जाने वाली बद्दुआएं परिवार को न लगे. घर परिवार में रहने वाले लोगों का स्वास्थ्य अच्छा रहे और घर की आर्थिक स्थिति मजबूत हो. वास्तु शास्त्र (Vastu Tips) में बताए गए टोटकों को अपनाकर वह अपने परिवार को लोगों की बुरी नियत से बचा कर रखता है. वास्तु के अनुसार काले घोड़े की नाल से घर की सुख शांति और समृद्धि बढ़ती है.

काले घोड़े की नाल का उपाय

जिस घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं रहती है. पैसों की कंगाली बनी रहती है. उस घर के मेन गेट पर काले घोड़े के दाहिने पैर की नाल को यू के आकार में बांध देने से आर्थिक संकट दूर हो जाता है.
अगर आपके व्यापार में आपको घाटा हो रहा हो तो आप अपनी दुकान के मुख्य द्वार चौखट पर घोड़े की नाल को लगा दे. इससे आपकी दिन दूनी रात चौगुनी उन्नति प्रारंभ हो जाएगी.
अगर किसी व्यक्ति के ऊपर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रकोप चल रहा हो तो उसे काले घोड़े की नाल से बनी अंगूठी को दाहिने हाथ की उंगली में पहनने से शनि का प्रकोप कम हो जाएगा.
अपने घर में सुख संपत्ति और समृद्धि को बढ़ाने के लिए आप तिजोरी में काले घोड़े की नाल रख दें. इससे आपके घर में कभी पैसों की कमी नहीं होगी. अगर आप घोड़े की नाल को अनाज के भंडारण कक्ष में रखते हैं तो आपके घर में अनाज की भी कमी नहीं होगी.
शनि की महादशा के प्रकोप से बचने के लिए आप एक कटोरी में सरसों का तेल लेकर उसमें काले घोड़े की नाल डालकर शमी के वृक्ष के नीचे गाड दें. ऐसा करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।

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ज्योतिष

बिगड़े काम को बनाता है ये जामुनिया रत्न, जाने इसे धारण करने का सही तरीका

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लहसुनिया रत्न धारण करने के फायदे
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में केतु ग्रह अशुभ प्रभाव में हो तो उसे लहसुनिया रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि लहसुनिया रत्न केतु के दुष्प्रभाव को दूर करके कठिन परिस्थितियों में व्यक्ति के जीवन में सुखों में वृद्धि करता है।

लहसुनिया रत्न धारण करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक और मानसिक शांति प्राप्त होती है। साथ ही यह स्मरण शक्ति को बढ़ाने में भी प्रभावकारी माना गया है। वहीं इस रत्न को पहनने से व्यापार में आने वाली बाधाओं और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिल सकता है।

लहसुनिया रत्न किस राशि वालों को पहनना चाहिए
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक वृष, मिथुन, तुला, मकर और कुंभ राशि के लोगों के लिए लहसुनिया रत्न धारण करना शुभ माना गया है।

कैसे धारण करें लहसुनिया रत्न
रत्न शास्त्र के मुताबिक लहसुनिया रत्न को कुंडली में केतु के अशुभ स्थिति में होने पर धारण किया जाता है। माना जाता है कि इस रत्न के शुभ परिणाम प्राप्त करने के लिए इसके सही वजन के अनुसार ही धारण करना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सवा चार रत्ती से कम वजन वाला लहसुनिया रत्न पहनना शुभ नहीं होता। इस रत्न को धारण करने से पहले ‘ॐ कें केतवे नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए।

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ज्योतिष

Astro Tips: रसोई के इन चीजों में छिपे है कुंडली के नवग्रह को शांत करने के उपाए

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Astro Tips: ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक कुंडली में नवग्रहों के कमजोर होने से व्यक्ति कई शारीरिक, मानसिक और पैसों से जुड़ी समस्याओं से घिर जाता है। ऐसे में आपकी रसोई में मौजूद इन चीजों द्वारा नवग्रहों को मजबूत किया जा सकता है…

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली के नवग्रहों का व्यक्ति के जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ता है। हर ग्रह का अपना फल होता है। ऐसे में जीवन सुख-शांति बनाए रखने के लिए कुंडली के सभी नौ ग्रहों का मजबूत होना बहुत जरूरी है अन्यथा व्यक्ति जीवन में सब तरफ से परेशानियों से घिर सकता है। तो आइए जानते हैं ज्योतिष अनुसार रसोई में मौजूद किन चीजों द्वारा कुंडली के नवग्रहों को शांत किया जा सकता है…

सूर्य ग्रह
ज्योतिष अनुसार कुंडली में सूर्य को ग्रहों का राजा माना गया है। कुंडली में सूर्य के प्रबल होने से जातक के आत्मविश्वास, मान-सम्मान, यश, सत्ता सुख और सेहत में वृद्धि होती है। ऐसे में सूर्य को मजबूत करने के लिए रविवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और फिर सूर्यदेव को अर्घ्य देने के बाद केसर, गेंहू और शुद्ध घी का अपने सामर्थ्य अनुसार दान करें।

चंद्र ग्रह
कुंडली में चंद्र ग्रह को मजबूत करने के लिए रसोई घर में कभी चावल की कमी ना होने दें। इसके अलावा दूध और उससे बनी चीजें, गन्ना तथा शक्कर जैसे पदार्थों को आहार में शामिल करने से भी चंद्र ग्रह को मजबूती मिलती है।

मंगल ग्रह
ज्योतिष शास्त्र में मंगल को व्यक्ति के जीवन में साहस पराक्रम का कारक माना गया है। ऐसे में कुंडली के मंगल को प्रबल बनाए रखने के लिए आहार में गुड़, मसूर की दाल और जौ को शामिल करें। साथ ही मसूर की दाल और चीनी का दान करने से भी मंगल के शुभ प्रभाव में वृद्धि की मान्यता है।

बुध ग्रह
व्यक्ति की बुद्धि और वाणी का कारक ग्रह बुध को माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार के दिन पक्षियों को हरी मूंग खिलाने से बुध ग्रह को मजबूती मिलती है।

मंगल ग्रह
ज्योतिष शास्त्र में मंगल को व्यक्ति के जीवन में साहस पराक्रम का कारक माना गया है। ऐसे में कुंडली के मंगल को प्रबल बनाए रखने के लिए आहार में गुड़, मसूर की दाल और जौ को शामिल करें। साथ ही मसूर की दाल और चीनी का दान करने से भी मंगल के शुभ प्रभाव में वृद्धि की मान्यता है।

बुध ग्रह
व्यक्ति की बुद्धि और वाणी का कारक ग्रह बुध को माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार के दिन पक्षियों को हरी मूंग खिलाने से बुध ग्रह को मजबूती मिलती है।

बृहस्पति ग्रह
कुंडली में बृहस्पति ग्रह के कमजोर होने पर पीली चीजें जैसे हल्दी, चना, बेसन, फल और मक्का आदि को अपने भोजन में शामिल करें।

शुक्र ग्रह
शुक्र ग्रह को मजबूत बनाने के लिए मिश्री, सफेद शलजम और त्रिफला का सेवन शुभ होता है।

शनि देव
ज्योतिष शास्त्र में शनि को कर्म और न्याय देवता की संज्ञा दी गई है। यदि कुंडली में शनि ग्रह अशुभ प्रभाव में हो तो अपने घर की पश्चिम दिशा में सरसों के तेल को स्टोर करके रखें। इसके अलावा हर शनिवार को शनि देव मंदिर में सरसों के तेल का दान शुभदायी माना गया है।

राहु-केतु ग्रह
जातक की कुंडली में राहु तथा केतु ग्रह को छाया ग्रह कहा जाता है। इन ग्रहों की पीड़ा से बचने के लिए सरसों, उड़द की दाल और तिल का सेवन शुभ माना जाता।

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