देश - दुनिया
कोरोना जांच के दौरान दुल्हन का घूंघट हटाने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने किया हमला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर इस समय पूरे उत्तर प्रदेश में शहर से लेकर गांव तक कोरोना संक्रमण की जांच का दौर चल रहा है. इस बीच ग्रामीणों द्वारा जांच न कराने के कई मामले सामने आए हैं, लेकिन यूपी के अलीगढ़ के टप्पल में स्वास्थ्य विभाग की टीम पर ग्रामीणों द्वारा हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. हालांकि इस बवाल के पीछे दुल्हन का घूंघट हटवाने की बात सामने आ रही है;
दरअसल, यूपी में चल रही कोरोना जांच की प्रक्रिया के तहत अलीगढ़ टप्पल के साहा नगर सोरौला में स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करने पहुंचे थी. इस दौरान गांव के तमाम लोगों ने एंटीजन टेस्ट कराए और सैंपल स्वास्थ्य विभाग की टीम को दिए. इस बीच अचानक गांव वालों ने जांच करने वाली टीम पर हमला बोल दिया और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटने के साथ उनके कागजात फाड़ डाले और जांच किट छीन लीं. इस घटना में दो स्वास्थ्यकर्मियों के घायल होने के बाद न सिर्फ पुलिस को सूचना दी गई बल्कि एफआईआर भी दर्ज कराई गई है.
दुल्हन का घूंघट बना बवाल की वजह
पुलिस के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग की टीम पर हमले के पीछे दुल्हन का घूंघट मुख्य वजह बना. गांव के 37 से ज्यादा महिला और पुरुषों ने अपनी कोरोना जांच करवा ली थी, इस बीच एक नवविवाहिता भी जांच के लिए पहुंच गई. जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीम के एक कर्मी को कोरोना जांच के लिए नवविवाहिता के नाक और मुंह के सैंपल लेने थे और इस वजह से उसने घूंघट हटाने के लिए बोल दिया. जबकि दुल्हन ने जांच केंद्र पर गांव के कई बुजुर्ग और लड़कों के खड़े होने के कारण अपना घूंघट हटाने से इंकार कर दिया. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मी ने कहा कि बिना घूंघट हटाए सैंपलिंग नहीं हो सकती, तो वहां मौजूद गांव के कुछ लड़कों ने लात-घूसों से टीम पर हमला कर दिया, जिसमें दो लोग घायल हुए हैं. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने न सिर्फ सूचना देकर पुलिस को मौके पर बुलाया बल्कि अज्ञात लोगों के खिलाफ टप्पल थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है. यही नहीं, पुलिस भी इस मामले की जांच में जुट गई है.


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स्कूल में 9 बच्चियां कोरोना संक्रमित,विश्व स्वास्थ्य संगठन अलर्ट जारी किया , 5 से 14 साल के बच्चों में बढ़ रहा संक्रमण
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आखिर क्यों खत्म होते-होते रह गया किसान आंदोलन, जानिए कहां अटका पेंच

दिल्ली की सीमा पर एक साल से प्रदर्शन कर रहे किसानों और सरकार के बीच जल्द समझौते की उम्मीद नजर आई है। मंगलवार को गृह मंत्रालय से 6 सूत्रीय प्रस्ताव लेकर आए प्रतिनिधिमंडल और को संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों की बैठक हुई। इन प्रस्तावों में से तीन पर किसान नेता सहमत नहीं है। उन्होंने सरकार से जवाब मांगा है। वहीं आज (बुधवार) दोपहर 2 बजे मोर्चा की बैठक में आगे का फैसला लिया जाएगा। अब आंदोलन का समाधान केंद्र के जवाब पर निर्भर है।
किसान नेता कुलवंत सिंह संधू ने कहा कि अधिकांश किसान संगठनों में सहमति है और सरकार ने हमारी अधिकांश मांगें मान ली हैं। फैसले की आधिकारिक घोषणा बुधवार की बैठक के बाद होगी। एसकेएम से जुड़े एक अन्य किसान नेता भी कहा कि बुधवार को आंदोलन खत्म होने की संभावना है।
केंद्र सरकार मांगें मानी : किसान संगठनों की बाकी बची मांगों को भी केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्वीकार कर लिया। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद एसकेएम ने कुंडली बार्डर पर बैठक की और मांगें मान लिए जाने पर खुशी जाहिर की। हालांकि सरकार के प्रस्ताव में कुछ खामियां भी बताईं है। खासतौर पर एमएसपी पर प्रस्तावित समिति में शामिल होने वाले सदस्यों को लेकर उन्हें आपत्ति है।
देश - दुनिया
स्विट्ज़रलैंड में मौत के मशीन को मिली मंजूरी, अब चलते-फिरते 1 मिनट में आत्महत्या कर सकेंगे लोग
जहां पूरी दुनिया आत्महत्या के कारणों का पता कर इसपर रोक लगाने की कोशिश में जुटी है, वहीं स्विट्ज़रलैंड एक ऐसा देश है, जहां अब आत्महत्या की मशीन को भी मंजूरी मिल गई है. ये मशीन एक मिनट में मौत देने के लिए डिजाइन की गई है.
की रिपोर्ट के मुताबिक़, हर साल करीब 7 लाख से ज्यादा लोग आत्महत्या कर लेते हैं. इनके अलावा करोड़ों लोग आत्महत्या की कोशिश करते हैं. खासकर 15 से 19 साल के युवा की संख्या इसमें काफी ज्यादा है. जहां पूरी दुनिया इसपर रोक लगाना चाहती है, वहीं स्विट्ज़रलैंड ऐसा देश है, जो आत्महत्या को बढ़ावा दे रहा है. खासकर लोगों को बिना दर्द हुए मौत के जरिये आत्महत्या करने के ऑप्शन दे रहा है. अब यहां आत्महत्या की मशीन बन चुकी है जो एक मिनट में मौत दे सकती है.
इस देश ने ताबूत के आकार की मशीन को मंजूरी दी है. इस मशीन के जरिए किसी भी शख्स की मौत एक मिनट के अंदर हो जाएगी. मशीन को बनाने वाली कंपनी के मुताबिक़, इसके जरिये आत्महत्या करने पर दर्द नहीं होगा. साथ ही समय लगेगा सिर्फ एक मिनट. यानी एक मिनट के अंदर ही आप मौत को गले लगा लेंगे. ये मशीन खास तकनीक से काम करती है. इसी वजह से इसके द्वारा आत्महत्या करने पर दर्द नहीं महसूस होगा.
देखते ही देखते हो जाएगी मौत
आपको बता दें कि खुद से आत्महत्या करने के लिए बनाई गई इस मशीन के अलावा पहले से ही स्विट्ज़रलैंड में आत्महत्या को लीगल माना गया है. इससे पहले यहां असिस्टेड सुसाइड की इजाजत थी. यानी अगर कोई आत्महत्या करना चाहता है तो वो दूसरे शख्स की मदद से ऐसा कर सकता है. लेकिन अब अकेले ही इंसान अपनी मौत पर मुहर लगा सकता है. इस मशीन का नाम सार्को रखा गया है. ये काफी महंगा प्रॉजेक्ट है और उम्मीद की जा रही है कि अगले साल से ये एक्टिव हो जाएगा.
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