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तरबूज के साथ इसके बीज,करेगा ब्लड शुगर कंट्रोल,फेंकने से पहले जान लें ये 3 फायदे…

तरबूज के फायदों के बारे में तो आपने बहुत सुना होगा. आज जानें तरबूज के बीज के फायदों के बारे में जिन्हें आप हमेशा डस्टबिन में फेंक देते हैं.लेकिन तरबूज के बीज, उसका क्या करते हैं आप? अगर कोई आपसे यह सवाल पूछे तो आपका जवाब भी यही होगा कि तरबूज के बीज फेंक देते हैं.
आज हम आपको तरबूज के छोटे-छोटे काले रंग के बीज के फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानने के बाद आप कभी भी तरबूज के बीज को डस्टबिन में नहीं फेंकेगे तरबूज के बीज में कैलोरीज बिल्कुल नहीं होती है और इसमें जिंक, आयरन, फोलेट, पोटैशियम जैसे न्यूट्रिएंट्स होते हैं.
इसके लिए तरबूज के बीजों को सुखा लें और फिर इन्हें हल्का सा भूनकर स्नैक के तौर पर खा सकते हैं.तरबूज के बीज में कॉपर, मैंग्नीज और पोटैशियम होता है जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार है. साथ ही बोन डेंसिटी में भी सुधार करने में मदद करता है तरबूज का बीज. तरबूज के बीज को सुखाकर खाने से ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम हो जाता है.डायबिटीज कंट्रोल करने में भी फायदेमंद माने जाते हैं तरबूज के बीज.
इसका कारण यह है कि काले रंग के ये छोटे-छोटे बीज ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद करता हैं इसलिए डायबिटीज के मरीजों के लिए यह एक अच्छा स्नैक ऑप्शन हो सकता है.
तरबूज के बीज में मैग्नीशियम पाया जाता है जो हाइपरटेंशन को कंट्रोल करने में मदद करता है. हाई ब्लड प्रेशर का सीधा संबंध हृदय रोग से होता है. नियमित रूप से इन बीजों का सेवन करने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है और हार्ट हेल्दी.मुंहासे और चेहरे पर बढ़ती उम्र के निशान दिखने जैसी समस्याओं को दूर कर सकता है तरबूज का बीज. इन्हें सुखाकर और भूनकर खाने से आपकी स्किन अंदर से हेल्दी और ग्लोइंग बन सकती है. साथ ही बीजों में पाए जाने वाले न्यूट्रिएंट्स बालों की क्वॉलिटी बेहतर बनाने में भी मदद करते हैं और हेयर फॉल की समस्या दूर होती है.

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क्या आप भी ब्लड प्रेशर का मरीज है तो, रखे इन बातो का ध्यान..
जीवनशैली और आहार में गड़बड़ी के कारण जिन स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम पिछले कुछ वर्षों में काफी तेजी से बढ़ता हुआ देखा गया है, हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) उनमें से एक है। एक दशक पहले तक हाइपरटेंशन को मुख्यरूप से बुजुर्गों में होने वाली समस्या के तौर पर जाना जाता था, हालांकि अब कम उम्र के लोग भी इसके शिकार होते देखे जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरह से वैश्विक स्तर पर हाई ब्लड प्रेशर वाले रोगियों की संख्या में उछाल देखा जा रहा है, ऐसे में इस खतरे को समझते हुए सभी लोगों को कम उम्र से ही बचाव के उपाय शुरू कर देने चाहिए।
अध्ययनों से पता चलता है कि हाई ब्लड प्रेशर जीवनभर बनी रहनी वाली समस्या है, दवाइयों के माध्यम से सिर्फ इसे कंट्रोल किया जा सकता है। हम सभी जाने-अनजाने कई ऐसी चीजें करते रहते हैं जो रक्तचाप बढ़ने का कारण बन सकती हैं। हाइपरटेंशन के बढ़ते वैश्विक खतरे के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे मनाया जाता है। आइए जानते हैं कि हमारी कौन सी आदतें रक्तचाप बढ़ने का कारण बन सकती हैं? जिनपर सभी लोगों को विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता है।
सेंडेंटरी लाइफस्टाइल
सेंडेंटरी लाइफस्टाइल यानी कि गतिहीन जीवनशैली को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण माना जाता है, हाई ब्लड प्रेशर की भी समस्या उसमें से एक है। अध्ययनों से पता चलता है कि जो लोग एक ही जगह पर लंबे समय तक बैठे रहने वाले काम करते हैं या फिर नियमित रूप से व्यायाम या शारीरिक गतिविधि नहीं करते हैं, उनमें रक्तचाप बढ़ने का जोखिम कई गुना अधिक हो सकता है। इससे बचे रहने के लिए दिनचर्या में योगासनों को जरूर शामिल करें।
सोडियम युक्त चीजों का अधिक सेवन
सोडियम की अधिकता को रक्तचाप बढ़ाने वाले प्रमुख जोखिम कारकों के रूप में जाना जाता है। सोडियम, नमक का प्रमुख घटक है, ऐसे में ज्यादा नमक युक्त चीजों का सेवन करना आपको हाई ब्लड प्रेशर का रोगी बना सकता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार सभी लोगों को दिनभर में किसी भी प्रकार से 2,300 मिलीग्राम से अधिक मात्रा (करीब एक चम्मच) से अधिक नमक का सेवन नहीं करना चाहिए।
तनाव के कारण बढ़ सकती है समस्या
कई शोध, तनाव लेने को ब्लड प्रेशर बढ़ाने के लिए जिम्मेदार प्रमुख कारकों में से एक मानते हैं। अधिक तनाव लेने वाले लोगों में क्रोनिक हाइपरटेंशन का जोखिम बढ़ जाता है जिसे हृदय रोगों का कारण माना जाता है। यही कारण है कि सभी लोगों को दैनिक जीवन में तनाव प्रबंधन के उपाय जैसे योग-मेडिटेशन और स्वस्थ आहार को अपनाने की सलाह दी जाती है। तनाव के स्तर को कंट्रोल करके ब्लड प्रेशर को भी बढ़ने से रोका जा सकता है।
शराब-धूम्रपान और कैफीन का सेवन
शराब-धूम्रपान की आदत को अध्ययनों में सेहत के लिए कई प्रकार से नुकसानदायक बताया गया है। इसके अलावा अधिक मात्रा में कैफीन का सेवन करने वाले लोगों में भी रक्तचाप बढ़ने का खतरा हो सकता है। विशेषज्ञ सभी लोगों को कैफीन युक्त चीजों का सेवन नियंत्रित करने और शराब-धूम्रपान से बिल्कुल परहेज करने की सलाह देते हैं। इन बातों को ध्यान में रखकर हाई ब्लड प्रेशर के खतरे को 40 फीसदी तक कम किया जा सकता है।
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AC की हवा लेते है आप भी तो हो जाइये सावधान, नही तो हो सकते है आपको ये गंभीर बीमारी…

गर्मी के दिनों में गर्मी से बचने के लिए लोग तरह-तरह के तरीकें अपना रहे है। इस लिस्ट में कूलर, पंखा और AC शामिल है जिन्हे लोग अपने घर, कार्यालय और गाड़ी में लगवाते हैं। हालाँकि एसी का अधिक प्रयोग करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। जी हाँ, लगातार कई घंटों तक एसी का प्रयोग करने से आप विभिन्न तरह की बीमारियों की भी चपेट में आ सकते है। आप सभी को बता दें कि विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि एसी का निरंतर प्रयोग स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। जी हाँ और इससे त्वचा में रूखापन आ जाता है, और शरीर के विभिन्न जोड़ों के अंगों में भी रूखापन आ जाता है। जी दरअसल दिनभर एसी का प्रयोग करना स्वास्थ्य को खराब करने के लिए काफी है।
एसी का ज्यादा प्रयोग करने से ये आ रही समस्याएं- एसी का अधिक प्रयोग करने से आंखों और त्वचा पर रूखापन आ जाता है। जी हाँ और इसके अलावा ब्लड प्रेशर भी कम होने लगता है, जोकि स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। जी दरअसल एसी से सीधे बाहर के वातावरण में जाने से उल्टी आना, चक्कर आना और लू लगने का भी खतरा रहता है। केवल यही नहीं बल्कि इसके अलावा जो लोग हार्ट या किडनी रोग से परेशान है। उनको भी एसी के ज्यादा प्रयोग से दिक्कत हो सकती है। एसी का प्रयोग करने से पसीना नहीं आता इसलिए शरीर के टॉकसिंस बाहर नहीं निकल पाते जोकि बीमारियों का खतरा पैदा करते हैंं।
बरतें सावधानियां- ध्यान रहे एसी के बिल्कूल सामने ना बैठें और तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से कम ना रखें। जी हाँ और इसी के साथ एसी वाले कमरे से एकदम सीधे धूप में ना जाएं और दो घंटे के नियमित अंतराल के बाद एसी को बंद कर दें। आपको बता दें कि छोटे बच्चों के लिए भी एसी की ज्यादा कूलिंग ठीक नहीं है।
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कितनी मात्रा में सोडियम का सेवन करना चाहिए, आइये जानते है..

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई प्रकार के पोषक तत्वों और खनिजों की रोजाना संयमित मात्रा में आवश्यकता होती है। इन पोषक तत्वों की कमी या अधिकता, दोनों ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती हैं। सोडियम भी एक ऐसा ही अति आवश्यक तत्व होता है। सोडियम, नमक का प्रमुख घटक माना जाता है। शरीर में इसकी कमी या अधिकता, दोनों ही कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती हैं।
नमक के अधिक सेवन को जहां ब्लड प्रेशर बढ़ने और गंभीर स्थितियों में हृदय रोगों का खतरा बढ़ाने वाला माना जाता है, वहीं इसकी कमी शरीर को गंभीर कमजोरी और थकान का एहसास करा सकती है।
शोध से पता चलता है कि बहुत अधिक नमक खाने वाले लोगों में हृदय रोगों के साथ-साथ मस्तिष्क से संबंधित कई तरह की जटिलताएं भी हो सकती हैं। यही कारण है कि विशेषज्ञ सभी लोगों को नियंत्रित मात्रा में इसके सेवन को सुनिश्चित करने की सलाह देते हैं। हालांकि इसके लिए नमक का सेवन बिल्कुल भी नहीं बंद कर देना चाहिए। ऐसा करना भी आपके लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला हो सकता है। आइए इस बारे में आगे विस्तार से समझते हैं।
कितनी मात्रा में सोडियम का सेवन करना चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को दैनिक रूप से सोडियम की मात्रा पर विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के विशेषज्ञों के मुताबिक एक दिन में अधिकतम 2,300 मिलीग्राम या लगभग 1 चम्मच की मात्रा में नमक का सेवन किया जा सकता है। ध्यान रहे, इसकी कमी और अधिकता दोनों नुकसानदायक है। कई पैक्ड या जंक खाद्य पदार्थों में नमक की मात्रा अधिक हो सकती है, ऐसे में इनके सेवन को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए
सोडियम की अधिकता
अतिरिक्त सोडियम का सेवन ऑस्टियोपोरोसिस, किडनी की बीमारी और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। ये स्थितियां हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ा देती हैं। शोधकर्ताओं ने पाया है कि जो बच्चे नमकीन खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करते हैं, उनमें मीठे पेय या मीठी चीजों के सेवन की संभावना भी बढ़ जाती है जिसके कारण मोटापे का खतरा हो सकता है। पैक्ड चिप्स और अन्य चीजों से सोडियम का उपभोग बढ़ने का जोखिम रहता है।
सोडियम की कमी
शरीर में सोडियम की कमी होना भी आपके लिए समस्याओं को बढ़ा सकती है। इसके कारण कमजोरी, थकान और चक्कर आने जैसी समस्या सबसे आम है। कुछ स्थितियों में लगातार सोडियम की कमी बने रहने को विशेषज्ञ कई अन्य बीमारियों का भी कारण मानते हैं।
एडिसन रोग
छोटी आंत में रुकावट
दस्त और उल्टी
थायराइड की समस्या।
दिल की धड़कनों की अनियमितता।
जलन होना।
इन बातों का रखें ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सभी लोगों को हाई सोडियम वाली चीजों के सेवन से परहेज करना चाहिए। यदि संभव हो तो भोजन में ऊपर से नमक मिलाने से बचना चाहिए। ऐडेड सॉल्ट के कई तरह के साइड-इफेक्ट्स हो सकते हैं। सोडियम की अधिकता या कमी के कारण होने वाली समस्याओं की स्थिति में तुरंत किसी चिकित्सक से संपर्क जरूर करें।
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