छतीसगढ़
गर्मी का प्रकोप बढ़ा मार्च में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़े बच्चो का स्कूल जाना हुआ मुश्किल

कोरोना महामारी के कारण देश में 2 साल तक ऑनलाइन क्लासेस अटेंड करने के बाद अब एक बार फिर बच्चों ने स्कूल जाना शुरू कर दिया है। स्कूल में वापस जाना और दोस्तों से मिलना बच्चों के लिए अच्छी बात है, लेकिन बच्चों के लिए रिकॉर्ड तोड़ गर्मी नया खतरा पैदा कर रही है। जैसे-जैसे तापमान हर गुजरते दिन के साथ बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कुछ मिनटों के लिए भी बाहर कदम रखना मुश्किल हो रहा है।
माना जा रहा है कि मिड अप्रैल से मिड जून के बीच स्थिति और खराब होने वाली है, जब नॉर्थ वेस्ट, सेंट्रल और नॉर्थ ईस्ट इंडिया के मैदानी इलाकों में तापमान अपने चरम पर होता है। इस दौरान बच्चों के हीटवेव से पीड़ित होने की संभावना ज्यादा हो जाती है।
बच्चों को तपती गर्मी में हीटवेव से बचाने के तरीके:
1. हाइड्रेशन– गर्मी के कारण आपके बच्चे जल्दी डिहाइड्रेट हो जाते हैं। इसके कारण उन्हें चक्कर आ सकता है। गर्मी के मौसम में बच्चों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने के लिए कहें, ताकि बच्चे दिन भर एक्टिव रहें। पानी का ज्यादा सेवन लू के प्रभाव को भी कम करता है। यदि बच्चा ज्यादा पानी नहीं पीता तो सुनिश्चित करें कि वो रोजाना 2 से 3 लीटर पानी जरूर पीए। इसके अलावा आप उन्हें नारियल पानी, नींबू पानी, बेल या खस का शरबत भी पीने के लिए दे सकते हैं।
2. बाहरी गतिविधियों को सीमित करें -आपके बच्चे बाहर खेलने या घूमने पर जोर दे सकते हैं। इसलिए दोपहर के समय उनकी बाहरी गतिविधियों को सीमित करने का प्रयास करना चाहिए। उन्हें घर पर खेलने के लिए कहें या बाहर मौसम ठंडा होने तक इंतजार करने के लिए कहें। गर्मी के मौसम में सुबह 10 से शाम 5 बजे के बीच धूप सबसे तेज होती है। शाम 5 बजे के बाद मौसम थोड़ा बेहतर हो जाता है और लू से जुड़ा जोखिम भी कम होता है। अगर आपके बच्चे बाहर निकलने की जिद करते हैं, तो उन्हें शाम को ही जाने दें।
3. सनस्क्रीन लगाएं- सनस्क्रीन केवल बड़ों ही नहीं, बल्कि छोटे बच्चों के लिए भी उतना ही जरूरी है। बड़ों की तुलना में बच्चों की त्वचा ज्यादा नाजुक होती है। गर्मी की चपेट में आने से सनबर्न और मुंहासे होने का खतरा भी होता है। इसलिए जब भी आपका बच्चा दोपहर में घर से बाहर जाता है, तो उसकी बॉडी के सभी ओपन हिस्सों पर अच्छी तरह से सनस्क्रीन लगाएं। कड़ी धूप से बचाने के लिए आप उन्हें कैप और छाता भी दे सकते हैं।
4. बच्चों को हल्के और पतले कपड़े पहनाएं– इस मौसम में बच्चों को हल्के रंग के कॉटन के कपड़े पहनाएं। अन्य कपड़ों की तुलना में कॉटन का कपड़ा पसीने को बेहतर तरीके से सोखता है। हल्के रंग के कॉटन के कपड़ों में गर्मी कम लगती है और बॉडी को ठंडा रहने में मदद भी मिलती है। इसके अलावा कॉटन के कपड़े स्किन रैशेज और खुजली को भी रोकते हैं।
5. हेल्दी डाइट– मौसम को ध्यान में रखते हुए बच्चे को रोजाना ताजा और हल्का खाना खिलाएं। फैटी, बासी और तला हुआ खाने से दस्त और उल्टी हो सकती है। बच्चों के भोजन में मौसमी, ताजे फल और हरी सब्जियां शामिल करें। मौसमी उत्पाद उन्हें हाइड्रेटेड रख सकते हैं और उनकी इम्यूनिटी भी बढ़ा सकते हैं।
6. हीटस्ट्रोक के लक्षणों की तलाश करें– तमाम सावधानियों के बाद भी आप लू की संभावना से इनकार नहीं कर सकते। इसलिए लू के लक्षणों को जानना जरूरी है, ताकि आप किसी भी परेशानी से बचने के लिए सही समय पर एक्शन ले सकें। लू के कॉमन लक्षणों में बहुत ज्यादा पसीना आना, पीलापन, मांसपेशियों में ऐंठन, थकान, दुर्बलता, चक्कर आना, सिरदर्द, उलटी शामिल हैं।
(Disclaimer: यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के लिए है। टिप्स/ इलाज/ बचाव के तरीके अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें।)

छतीसगढ़
ओमिक्रॉन हो सकता है जानलेवा बच्चो के लिए, बरतें सावधानी

दुनियाभर में पिछले कुछ दिनों में बढ़े कोरोना संक्रमण के मामले काफी डराने वाले हैं। भारत में भी हालात बिगड़ते हुए नजर आ रहे हैं। दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश सहित नौ राज्यों में कोरोना के दैनिक मामलों में तेजी से उछाल देखने को मिल रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ज्यादार लोगों में ओमिक्रॉन के BA.2 वैरिएंट (स्टील्थ) का संक्रमण देखा जा रहा है, हालांकि चिंताजनक बात यह है कि इस बार बच्चों में भी संक्रमण काफी तेजी से फैल रहा है। चूंकि देश में अभी बच्चों के वैक्सीनेशन की रफ्तार काफी धीमी है जिसके कारण उनमें संक्रमण की स्थिति में गंभीर लक्षण होने का खतरा बना हुआ है। फिलहाल ज्यादातर बच्चों में हल्के लक्षण ही रिपोर्ट किए जा रहे हैं जो आसानी से ठीक भी हो जा रहे हैं।
इस बीच बच्चों में संक्रमण के जोखिम को लेकर शोध कर रही टीम ने डराने वाली जानकारी दी है। अमेरिका स्थित कोलोराडो और नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस शोध में पाया गया है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमण की स्थिति कुछ बच्चों के लिए जानलेवा तक हो सकती है। अध्ययन में पता चलता है कि यह वायरस ऊपरी वायुमार्ग में तेजी से संक्रमण को फैला रहा है जिससे गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का जोखिम बढ़ सकता है। आइए इस शोध के बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।
ओमिक्रॉन वैरिएंट से बच्चों में गंभीर संक्रमण का खतरा
जामा पेडियाट्रिक्स जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि ओमिक्रॉन वैरिएंट कुछ बच्चों के ऊपरी वायुमार्ग को गंभीर क्षति पहुंचा रहा है, जिसके कारण कार्डियक अरेस्ट जैसी जानलेवा समस्याओं का जोखिम काफी बढ़ जाता है। छोटे बच्चों में इसका खतरा अधिक पाया गया है। चूंकि छोटे बच्चों का वायुमार्ग छोटा और नाजुक होता है, जो इनमें गंभीर संक्रमण और जटिलताओं के जोखिम को बढ़ा सकता है। माता-पिता को इस बारे में विशेष अलर्ट रहने की सलाह दी जाती है।
अध्ययन में क्या पता चला?
इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं की टीम ने कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट (B.1.1.529) के कारण अस्पताल में भर्ती 18,849 बच्चों की स्थिति का अध्ययन किया। कई स्तर पर किए गए परीक्षण के परिणामों से पता चला कि ओमिक्रॉन वैरिएंट, बच्चों के ऊपरी वायुमार्ग में संक्रमण की वृद्धि का कारण बन रहा है।
शोध के परिणाम बताते हैं कि अमेरिका में हर पांच में एक कोरोना संक्रमित बच्चे में ऊपरी वायुमार्ग के गंभीर संक्रमण का खतरा देखने को मिल रहा है, जिसके कारण संक्रमित बच्चों में गंभीर बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है।
बच्चों में गंभीर मामलों का खतरा
शोध में शामिल 18,849 बच्चों में से 384 में ऊपरी वायुमार्ग में गंभीर संक्रमण का मामला देखने को मिला। शोधकर्ताओं का कहना है कि गंभीर संक्रमण की स्थिति में बच्चों को वेंटिलेटर पर रखने, वैसोप्रेसर्स, या एक्स्ट्राकोर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन की भी आवश्यकता हो सकती है। इतना ही नहीं अगर संक्रमण बढ़ता है और समय पर इसपर ध्यान नहीं दिया जाता है तो यह मौत का भी कारण बन सकता है। 384 में से 81 बच्चों में ऐसी गंभीर समस्याएं देखी गई हैं।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
अध्ययन के बारे में कोलोराडो स्कूल ऑफ मेडिसिन में बाल रोग विभाग के प्रोफेसर ब्लाके मार्टिन बताते हैं, बच्चों के ऊपरी वायुमार्ग में इस संक्रमण के कारण रुकावट की समस्या का खतरा बढ़ जाता है, जो गंभीर स्थितियों में हृदय गति रुकने का भी जोखिम बढ़ा सकती है। ऐसे बच्चों को आमतौर पर आईसीयू में रखने की आवश्यकता हो रही है, कुछ स्थितियों में बच्चे इलाज के प्रति अच्छा रिस्पांस नहीं दे पा रहे हैं, क्योंकि वयस्कों की तुलना में उनके वायुमार्ग नाजुक होते हैं।
क्या है अध्ययन का निष्कर्ष?
अध्ययन के निष्कर्ष में शोधकर्ता बताते हैं कि वैसे तो बच्चों में संक्रमण के गंभीर मामले बहुत अधिक रिपोर्ट नहीं किए जा रहे हैं, हालांकि इससे इनकार भी नहीं किया जा सकता है कि यह वैरिएंट कम आयु, विशेषकर नवजातों के लिए भी समस्या का कारण बन सकता है। सामान्यतौर पर ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स को हल्के लक्षण वाला माना जाता रहा है, हालांकि बच्चों में इसके संक्रमण की स्थिति में लक्षणों के गंभीर होने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
छतीसगढ़
today Petrol Diesel Price: जारी किये गये तेल कंपनियों ने पट्रोल डीजल के दाम जाने आज कितनी रही इनकी कीमते
दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल 105.41 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल 96.67 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 120.51 रुपये व डीजल की कीमत 104.77 रुपये प्रति लीटर है।
तेल कंपनियों की तरफ से आज भी पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल 105.41 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल 96.67 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 120.51 रुपये व डीजल की कीमत 104.77 रुपये प्रति लीटर है।
कोलकाता में पेट्रोल का दाम 115.12 रुपये जबकि डीजल का दाम 99.83 रुपये प्रति लीटर है। वहीं चेन्नई में भी पेट्रोल 110.85 रुपये प्रति लीटर तो डीजल 100.94 रुपये प्रति लीटर है। बता दें कि पिछले वर्ष 4 नवंबर के बाद से इन दोनों ईंधन के मूल्य में कोई वृद्धि नहीं की गई थी।
सरकार के राजनीतिक विरोधियों का आरोप था कि पांच राज्यों के चुनाव के कारण मोदी सरकार ने तेल कंपनियों को मूल्य बढ़ाने से रोक रखा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव 112 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने के बाद रविवार को तेल कंपनियों ने डीजल के थोक खरीदारों के लिए मूल्य में 25 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। तेल डीलरों का कहना है कि खुदरा मूल्य में धीरे-धीरे वृद्धि की जाएगी।
जानें प्रमुख महानगरों में कितनी है कीमत
आज दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस प्रकार हैं।
शहर डीजल पेट्रोल
दिल्ली 96.67 105.41
मुंबई 104.77 120.51
कोलकाता 99.83 115.12
चेन्नई 100.94 110.85
(पेट्रोल-डीजल की कीमत रुपये प्रति लीटर में है।)
इन राज्यों में 100 रुपये के पार पेट्रोल का भाव
बता दें कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पेट्रोल का भाव 100 रुपये से ऊपर चल रहा है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत सबसे अधिक है।
जानिए आपके शहर में कितना है दाम
पेट्रोल-डीजल की कीमत आप एसएमएस के जरिए भी जान सकते हैं। इंडियन ऑयल की वेबसाइट पर जाकर आपको RSP और अपने शहर का कोड लिखकर 9224992249 नंबर पर भेजना होगा। हर शहर का कोड अलग-अलग है, जो आपको आईओसीएल की वेबसाइट से मिल जाएगा।
बता दें कि प्रतिदिन सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। सुबह छह बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है।
इन्हीं मानकों के आधार पर पर पेट्रोल रेट और डीजल रेट रोज तय करने का काम तेल कंपनियां करती हैं। डीलर पेट्रोल पंप चलाने वाले लोग हैं। वे खुद को खुदरा कीमतों पर उपभोक्ताओं के अंत में करों और अपने स्वयं के मार्जिन जोड़ने के बाद पेट्रोल बेचते हैं। पेट्रोल रेट और डीजल रेट में यह कॉस्ट भी जुड़ती है।
छतीसगढ़
टू-व्हीलर इंश्योरेंस: क्या आप भी अपने गाड़ी के लिए बीमा खरीदना चाहते है तो ध्यान रखे इन बातो को

भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में दोपहिया वाहनों की मांग हमेशा रहती है। टू-व्हीलर्स हर उम्र के लोगों में लोकप्रिय हो रहे हैं। ऐसे में वाहन के लिए इंश्योरेंस (बीमा) की अनदेखी करना किसी के लिए भी जोखिम भरा हो सकता है। दोपहिया वाहनों के लिए इंश्योरेंस न सिर्फ राइडर को वित्तीय सुरक्षा देता है, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में यह कानूनी तौर पर जरूरी होता है।
भारत में वाहनों से भरी सड़कों में ट्रैफिक की समस्याएं आम होती हैं। ऐसे में दोपहिया वाहन लाखों यात्रियों की पसंदीदा बन जाते हैं। जिससे उन्हें ट्रैफिक ग्रिड-लॉक में निकलने में मदद मिलती है और अपनी मंजिल तक पहुंचने में समय की बचत होती है। ऑटोमोबाइल उद्योग हाई-एंड स्पोर्ट्स बाइक से लेकर औसत रेंज वाली दैनिक कम्यूटर बाइक तक दोपहिया वाहनों की एक बड़ी रेंज प्रदान करता है। प्राइस रेंज के बावजूद, अपने वाहन का बीमा करना महत्वपूर्ण हो जाता है। जब आपको पता चलता है कि बाइक बीमा पॉलिसी के क्या फायदे हैं, तब यह और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है।
यहां हम आपको उन डिटेल्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें दोपहिया वाहन के लिए बीमा खरीदते समय ध्यान में रखना चाहिए।
दोपहिया बीमा पॉलिसी को कर सकते हैं कस्टमाइज
आप अपनी दोपहिया बीमा पॉलिसी को कस्टमाइज कर सकते हैं। आपकी दोपहिया बीमा पॉलिसी ऐड-ऑन के जरिए आपकी जरूरतों के मुताबिक अनुकूलन योग्य है, यानी कस्टमाइज की जा सकती है। एक दोपहिया बीमा पॉलिसी कई तरह के कारकों पर निर्भर करती है। इसमें वाहन की इंजन क्षमता, निर्माण वर्ष, मॉडल और भौगोलिक स्थिति जैसी कई चीजें शामिल हैं। आप सभी ऐड-ऑन कवरों की लिस्ट हासिल कर सकते हैं और अलग-अलग बीमा कंपनियों की ऑनलाइन तुलना कर सकते हैं।
बाइक बीमा पॉलिसी के लिए कैशलेस क्लेम करें
यदि आपके दोपहिया वाहन को नुकसान पहुंचा है तो घबराएं नहीं। आपकी बीमा पॉलिसी आपको अपने दोपहिया वाहन के लिए कैशलेस क्लेम करने की सुविधा देती है। आपको बस इतना करना है कि वाहन को उस गैरेज में भेज दें, जिसका कंपनी के साथ टाई-अप हो। इससे वह उन लागतों के अलावा एक भी पैसा नहीं देना होगा, जो बीमाकर्ता द्वारा कवर नहीं की जाती हैं।
क्या अपने चाबी खो दी? इसका भी दावा मिलता है
रोजमर्रा के कामकाज और झंझटों के कारण कई बार लोगों का मन कहीं खोया रहता है। ऐसे में वाहन की चाबी का खोना आम बात है। कोई भी समझदार खरीदार नई चाबी हासिल करने के लिए अतिरिक्त रुपये खर्च नहीं करना चाहेगा। आपकी बीमा पॉलिसी में एक ‘की प्रोटेक्ट’ ऐड-ऑन है जो चोरी या क्षति के मामलों में खोई हुई चाबी की लागत को कवर करता है। इसके अलावा, कंपनी आपके दोपहिया वाहन के ताले और चाबी को भी बदलवा सकती है।
बेसिक बीमा पॉलिसी इंजन को कवर नहीं करती है
दोपहिया वाहन का एक महत्वपूर्ण और महंगा कंपोनेंट इंजन है। एक बुनियादी बीमा योजना में इसे शामिल नहीं किया जाता है। हालांकि, आप निश्चित रूप से ‘बाइक इंजन प्रोटेक्ट’ ऐड-ऑन कवर खरीदकर पॉलिसी को कस्टमाइज कर सकते हैं और इंजन का बीमा करवा सकते हैं।
बीमा कवर के साथ, व्यक्ति को मिलती है कानूनी सुरक्षा
बीमा पॉलिसी की एक खास बात यह है कि यह आपको कानूनी सुरक्षा प्रदान करती है। थर्ड पार्टी (तीसरे पक्ष) के साथ एक दुर्घटना और इसके बाद होने वाले कानूनी मुद्दों की स्थिति में, बीमा पॉलिसी दोपहिया वाहनों के मालिकों के बचाव में मदद करती हैं। ऐसे मामले में, थर्ड पार्टी बीमा पॉलिसी आपको कानूनी सुरक्षा कवच प्रदान करती है।
भारत के बाहर बीमा का क्लेम नहीं
भारत में भौगोलिक सीमा के बाहर बीमा का दावा नहीं किया जा सकता है। आपकी बीमा पॉलिसी भारत की भौगोलिक सीमा के बाहर वाहन को हुए नुकसान को कवर नहीं करती है।
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