देश - दुनिया
अयोध्या में महिला बैंक अधिकारी ने फांसी लगाई, सुसाइड नोट में IPS सहित तीन का लिखा नाम

अयोध्या में एक युवा महिला बैंक अधिकारी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मौका-ए-वारदात से पुलिस को युवती का एक सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में युवती ने लखनऊ में तैनात एक आईपीएस अधिकारी, फैजाबाद के एक पुलिस अधिकारी समेत अपने पूर्व मंगेतर का नाम लिखा है। माता-पिता के नाम लिखे गए महज तीन लाइन के इस सुसाइड नोट में युवती नें इन तीनों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। साथ ही अपने माता-पिता से अपने इस कदम के लिए माफी मांगी है।
महिला बैंक अधिकारी द्वारा आत्महत्या की ये सनसनीखेज वारदात अयोध्या के खवासपुरा मोहल्ले में हुई है। महिला बैंक अधिकारी की पहचान लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी 30 वर्षीय श्रद्धा गुप्ता के रूप में हुई है। वह अयोध्या स्थित पंजाब नेशनल बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में स्केल वन ऑफिसर थी। पुलिस ने मौके से बरामद श्रद्धा के सुसाइड नोट को जांच के लिए कब्जे में ले लिया है। सुसाइड नोट में अयोध्या में तैनात रहे एसएसपी आशीष तिवारी सहित तीन लोगों को आत्महत्या का जिम्मेदार बताया गया है। आइपीएस के अतिरिक्त दूसरा पुलिसकर्मी प्रधान आरक्षी अनिल रावत बताया गया है। तीसरा युवक विवेक किस प्रकार श्रद्धा का उत्पीडऩ कर रहा था, यह बात मृतका के स्वजन भी स्पष्ट नहीं कर सके हैं।
श्रद्धा के परिवार से जुड़े दीप ने बताया कि शुक्रवार की शाम से ही घरवाले श्रद्धा को फोन कर रहे थे, लेकिन श्रद्धा की ओर से फोन रिसीव नहीं हुआ। शनिवार सुबह भी फोन किया गया तो कोई उत्तर न मिलने पर मकान मालिक को सूचना दी गई। मकान मालिक ने श्रद्धा के कमरे में लगी खिड़की से देखा तो अंदर उसका शव फंदे से लटक रहा था। उनकी सूचना पर मृतका के स्वजन यहां पहुंचे। एसएसपी शैलेश पांडेय, एसपी सिटी विजयपाल सिंह, एएसपी पलाश बंसल भी मौके पर पहुंचे और खिड़की तोड़कर श्रद्धा के कमरे में दखिल हुई पुलिस ने शव को संरक्षण में लिया। कमरे से एक सुसाइड नोट प्राप्त हुआ, जिसमें एक आईपीएस अधिकारी, एक पुलिस कर्मी तथा एक युवक को आत्महत्या का जिम्मेदार बताया गया है।
घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों को पुलिस ने जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है। एएसपी पलाश बंसल ने बताया कि स्वजनों के अनुसार, जिन लोगों पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है, उनमें से एक युवक के साथ श्रद्धा की शादी तय हुई थी, जो बाद में टूट गई थी।
पांच वर्षों से बैंक की नौकरी कर रही थी श्रद्धा
श्रद्धा बहुत ही जिंदादिल इंसान थी। अपनी मेधा के बल पर उसने कम उम्र में स्केल वन अफसर की नौकरी प्राप्त की। विभागीय सहकर्मियों की मानें तो श्रद्धा वर्ष 2015 से बैंक में कार्यरत थी। बतौर हेड क्लर्क उसने अपनी नौकरी की शुरुआत की थी और विभागीय परीक्षाओं को उत्तीर्ण कर वह अधिकारी के पद तक पहुंची थीं। गुरुवार को क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में भी वह पूरे हर्षोउल्लास के साथ शामिल हुई थी। शुक्रवार को वह ड्यूटी पर भी नहीं आई थी। स्वजन एवं विभागीय लोगों का कहना है कि श्रद्धा के आत्महत्या प्रकरण पर गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
पर कार्रवाई की जाएगी। मौके से मिले सुसाइड नोट को जांच के लिए सुरक्षित कर लिया गया है। सुसाइड नोट में, जो नाम सामने आए हैं वह भी जांच का विषय है।


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रात को शौच के लिए निकली थी युवती सुबह में मदरसा में मिली लाश, रेप के बाद मर्डर की आशंका

बड़ी खबर बिहार के बेतिया से हैं जहां एक युवती की लाश मदरसा में मिली है. नरकटियागंज इलाके में हुई इस घटना के बाद परिजन युवती के साथ दुष्कर्म की आशंका से भी इनकार नहीं कर रहे हैं. पीड़िता के परिवार के मुताबिक उनकी बेटी रात को घर से शौच के लिए निकली थी जिसके बाद से लापता थी इसके बाद रविवार को उसकी लाश मदरसा से मिली.
नरकटियागंज शिकारपुर थाना क्षेत्र के धोबहा गांव के समीप हसनापुर में 16 वर्षीय युवती की हत्या की खबर मिलते ही आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई. गांव के लोग भी दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जता रहे हैं. युवती की लाश मदरसा इस्लामिया धोबहा के क्लास रूम में मिली. मामले की जानकारी लोगों ने पुलिस को दी जिसके बाद शिकारपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम में भेजा.
बताया जाता है कि युवती रात के दस बजे शौच के लिए निकली थी जिसके बाद वापस नहीं लौटी. काफी खोजबीन के बाद सुबह में ग्रामीणों द्वारा पता चला कि मदरसा में युवती का लाश है. पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है. मृतका के पिता ने बताया कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. उन्होंने न्याय की गुहार लगाई है.

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जी-20 शिखर सम्मेलन का दूसरा दिन, पीएम मोदी समेत तमाम नेताओं ने ट्रेवी फाउंटेन का दौरा किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी रोम में हैं, जहां जी-20 देशों का शिखर सम्मेलन चल रहा है। शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन सभी नेता रोम के विश्व प्रसिद्ध ट्रेवी फाउंटेन पर पहुंचे। यहां भी सभी ने एक साथ फोटो खिंचवाई। नीचे देखिए फोटो वीडियो। जी-20 यानी दुनिया के 20 ताकतवर देश। ये देश हैं – अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को G20 summit के पहले सत्र में हिस्सा लिया और कोरोना महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई के बारे में बताया। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि यदि विश्व स्वस्थ्य संगठन भारत की कोरोना वैक्सीन को मंजूरी देता है तो भारत 5 बिलियन डोज बनाकर दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचा सकता है। G20 summit के दौरान पीएम मोदी कई देशों के राष्ट्र प्रमुखों से भी मिल रहे हैं।
G20 summit से पीएम मोदी की जो तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं, उनसे साफ है कि दुनिया के इस सबसे शक्तिशाली राष्ट्रों के बीच भारत की छवि किस तरह एक मजबूत देश की है और इसमें प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका कितनी अहम है। तस्वीरें साफ बयां करती हैं कि इन ताकतवार राष्ट्राध्यक्षों के साथ पीएम मोदी की कैमेस्ट्री कैसी है। जाहिर तौर पर ये तस्वीरें देखकर पीएम मोदी और भारत के विरोधियों के सीने पर सांप लौटते होंगे।

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जैन मुनि ने फांसी लगाकर की आत्महत्या,जांच में जुटी पुलिस

इंदौर में दिगंबर जैन संत विमद सागर महाराज ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. नंदा नगर स्तिथ श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर के करीब धर्मशाला में उनका शव मिला. वह यहां चातुर्मास के लिए पहुंचे थे. प्रारंभिक तौर पर मामला गंभीर होने के चलते पुलिस भी इस बात की पुष्टि नहीं कर रही है कि मौत की वजह क्या है. वहीं जैन मुनि के अचानक दुनिया को छोड़ कर चले जाने का ये मामला उनके अनुयायियों के लिए किसी बड़े हादसे से कम नही है. सूचना के बाद बड़ी संख्या में उनके अनुयायी जैन मंदिर पहुंचे. मौके पर परदेशीपुरा थाना पुलिस और फॉरेंसिक की टीम मौजूद है. जैन मुनि के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है.
रोज होता था प्रवचन
जानकारी के मुताबिक जैन मुनि आठ महीने पहले रतलाम से विहार के बाद इंदौर आए थे. चतुर्मास के लिए वह यहां रुके था. पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर नंदानगर में रोज सुबह 9 बजे से 10 बजे तक उनका प्रवचन होता था. 29 साल पहले लिया था संन्यास जैन मुनि विमद सागर सागर जिले के रहने वाले थे. ब्रह्मचर्य का व्रत लेने से पहले उनका नाम संजय कुमार जैन था. 29 साल पहले उन्होंने संन्यास का फैसला लिया. 1992 में उन्होंने संन्यास ले लिया. वह कभी भी नमक, तेल, चीनी और दूध नहीं खाते थे.
पोस्टमॉर्टम नहीं चाहते अनुयायी
जैन मुनि के अनुयायी नहीं चाहते कि उनके शव का पोस्टमॉर्टम किया जाए. संत समाज की परंपरा के अनुसार अनका अंतिम संस्कार होना चाहिए. वहीं इस मामले में इंदौर के CSP निहित उपाध्याय पोस्टमॉर्टम न कराने के सवाल पर कहा कि यह कानूनन एक प्रक्रिया है. क्योंकि मामला संदिग्ध परिस्थिति में मौत का है इसलिए कानून जांच जरूरी है. फिलहाल समाज की तरफ से लोगों की ऐसी कोई मांग नहीं मिली है.

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