Crime News: स्कूल के टॉयलेट में ले जाकर सफाईकर्मी ने चौथी क्लास के मासूम बच्ची के साथ किया दुष्कर्म, गिरफ्तार…
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भोपाल के पॉश इलाके कोहेफिजा के सरकारी स्कूल में चौथी क्लास की छात्रा से रेप का मामला सामने आया है। साढ़े 8 साल की बच्ची के साथ स्कूल टॉयलेट में ये वारदात हुई। पुलिस ने इस मामले में स्कूल में ही रहकर झाड़ू-पोंछा करने वाली महिला कर्मचारी के पति को गिरफ्तार किया है। उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, बच्ची का एडमिशन स्कूल में 6 दिन पहले ही हुआ है। घटना शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे की है। बच्ची लंच टाइम में बाथरुम के लिए गई थी। तभी आरोपी लक्ष्मीनारायण धानक उसका पीछा करते हुए गया और हाथ से उसकी आंख बंद कर दी। फिर उसे उठाकर बाथरुम के अंदर ले गया। बच्ची का मुंह दबाकर उसके साथ गलत काम किया, फिर आरोपी फरार हो गया।
पीले शर्ट से पहचाना गया
बच्ची को रोता देख उसके साथ पढ़ने वाले बच्चों ने टीचर को जानकारी दी। बच्ची ने टीचर को बताया कि पीली शर्ट वाले अंकल उसकी आंख बंद करके बाथरुम में लेकर गए थे। स्कूल स्टाफ की सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्कूल कर्मचारियों से पूछताछ की, तभी पता चला कि पीली शर्ट लक्ष्मी नारायण पहने था। पुलिस ने तलाशा तो वह नहीं मिला, लेकिन कुछ देर बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।
स्कूल में दो बाथरूम, नए वाले में ले गया था
TI विजय सिसौदिया ने बताया कि स्कूल कवर्ड कैंपस में है। कैंपस के अंदर ही दो बाथरूम हैं। एक को सभी बच्चे यूज करते हैं। नए वाले बाथरूम में अंधेरा होने की वजह से बच्चे नहीं जाते। पीड़ित का एडमिशन हाल ही में हुआ है इसलिए उसे पता नहीं था कि कौन से बाथरूम में जाना है। वह नए वाले में चली गई। आरोपी ने वहां अंधेरा होने का फायदा उठाकर वारदात की।
CCTV कैमरे दो दिन से बंद
TI विजय ने बताया कि स्कूल में CCTV कैमरे लगे हैं। चेक करने पर सभी बंद मिले। स्कूल मैनेजमेंट का कहना कि पानी भर जाने की वजह से दो दिन पहले ही CCTV कैमरे बंद हुए हैं। आरोपी लक्ष्मीनारायण की उम्र 26 साल है और वो स्कूल में अपने परिवार के साथ रहता है। उसके दो बच्चे भी हैं, बेटा करीब 5 साल का है और बेटी करीब 3 साल की है।

Lifestyle
ग्लूटाथियोन से पा सकते है आप भी गोरी व निखरी त्वचा, जाने इसे इस्तेमाल करने के तरीके
मौसम कोई भी क्यों न हो, लेकिन स्किन की चमक और खूबसूरती बरकरार रहे, इसके लिए शरीर को अंदर से पोषण देने की ज़रूरत है. शरीर की इस ज़रूरत को ग्लूटाथियोन बखूबी पूरी करता है.
Glutathione For Skin: खूबसूरत दिखने के लिए हम क्या कुछ नहीं करते. इसके लिए स्किन को अंदर से पोषण देना ज़रूरी है. ग्लोइंग, बेदाग और चमकदार स्किन के लिए ग्लूटाथियोन के साथ विटामिन सी के कॉम्बिनेशन से बेहतर कुछ और हो नहीं सकता. आजकल चेहरे पर झुर्रियां, दाग-धब्बों के साथ पिगमेंटेशन सबसे ज्यादा परेशानी का सबब बना हुआ है. इस परेशानी को दूर करने के लिए ग्लूटाथियोन से दोस्ती फायदे का सौदा हो सकता है. काफी लोग हैं, जिन्हें ग्लूटाथियोन के बारे में ज्यादा कुछ जानकारी नहीं होगी और ना ही ये पता होगा कि ग्लूटाथियोन स्किन को खूबसूरत बनाने के लिए कैसे काम करता है. साथ ही इसका इस्तेमाल कैसे किया जाए, इन सारे सवालों का जवाब सिर्फ इस लेख में मिलेगा
क्या है ग्लूटाथियोन?
स्टाइलक्रेज़ के मुताबिक, एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर ग्लूटाथियोन स्किन को साफ, बेदाग और स्वस्थ रखने में मदद करता है. दुनिया भर के स्किन स्पेशलिस्ट स्किन से जुड़े किसी भी तरह के उपचार में ग्लूटाथियोन की मदद लेते हैं. इसका इस्तेमाल स्किन केयर प्रोडक्ट्स में किया जाता है.
ग्लूटाथियोन कैसे करे काम
– स्किन को साफ़ और सभी तरह की अशुद्धियों को दूर करता है.
– ग्लूटाथियोन से स्किन की रंगत निखरने लगती है.
– इसकी मदद से स्किन की हाई पिग्मेंटेशन को कम करने में मदद मिलती है.
– सभी तरह के एन्जाइम्स को एक्टिव करता है.
– स्किन से विषाक्त पदार्थों को हटाता है.
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ग्लूटाथियोन का कैसे हो इस्तेमाल
– ग्लूटाथियोन का इस्तेमाल विशेषज्ञ की सलाह से करें.
– ग्लूटाथियोन स्किन व्हाइटनिंग सप्लीमेंट्स के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
– ग्लूटाथियोन की गोलियों की मदद से स्किन को साफ-सुथरा बनाया जा सकता है.
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चेहरे की त्वचा को साफ बनाए रखने के लिए सिर्फ ग्लूटाथियोन ही काफी नहीं है, इसके लिए हेल्दी आहार लेने की भी ज़रूरत होती है. आहार में टमाटर, संतरा और शतावरी सहित एवोकाडो शामिल करें, जिससे शरीर में पहले से उपस्थित ग्लूटाथियोन का स्तर अच्छा हो सके.
ज्योतिष
Vastu Tips : घर में इस तरह के है पौधे तो,हटा दो तुरंत वरना हो सकती है ये बड़ी परेशानी

Vastu Tips: घर और घर के बाहर किस तरह के पौधे लगाने चाहिए इस बारे में वास्तु शास्त्र में जिक्र किया गया है। लेकिन हम बिना जाने कई बार घर में ऐसे पौधे घर में लगा देते हैं, जिसकी वजह से हमें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।कई बार अपने घर को सजाने के चक्कर में बहुत सारी चीज़ें ले आते हैं उनम से एक हैं पौधे। ज़ाहिर सी बात है घर और आंगन में पेड़-पौधों को लगाना बहुत ही शुभ माना गया है। प्लांट्स से सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। वास्तु के अनुसार मनी प्लांट के कई फायदे हैं। इसे लगाने से घर में पैसों की तंगी दूर होती है। लेकिन हर पौधा घर में लगाना शुभ नहीं होता। कई ऐसे पौधे हैं, परिवार का सुख-चैन भी छीन लेती हैं, इसलिए उन्हें घर से दूर रखना चाहिए। आइए आपको बताते हैं कि किन पेड़ पौधों को भूलकर भी अपने घर पर नहीं लगाना चाहिए।
अमरबेल-
अमरबेल देखने में बहुत ही सुंदर लगती है। लेकिन इसे घर मेंनहीं लगाना चाहिए। इसकी बेल तेजी से बढ़ती है और धीरे-धीरे दूसरे पौधों में लिप्त जाती है।। इसलिए इसे निगेटिव पौधा कहा जाता है।कांटेदार पौधे- वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में कांटेदार पौधे नहीं लगाना चाहिए।अपने घर के अंदर कैक्टस, नागफनी जैसे पौधे भूलकर भी नहीं लगाने चाहिए। ये पौधे घर में निगेटिव वाइब्स लाते हैं और घर का सुख-चैन छीन लेते हैं।
नींबू का पौधा-
घर के मेन दरवाजे या छत पर नींबू का पौधा नहीं लगाना चाहिए। घर के आंगन के बीचों-बीच भी नींबू का पौधा न लगाएं क्योंकि आंगन को ब्रह्मस्थान माना जाता है। अगर आप इसे लगाते भी हैं, तो इसके आस-पास तुलसी का पौधा लगा दें, जिससे इसकी नेगिटिव एनर्जी खत्म हो जाएगी।
मेहंदी का पौधा-
वास्तु शास्त्र में इस पौधे को घर में लगाना अशुभ माना गया है। मान्यता है कि नेगिटिव एनर्जी इस पौधे की तरफ जल्दी आकर्षित होती हैं। पौधे की ग्रोथ के साथ-साथ नकारात्मक शक्तियां भी बढ़ती जाती हैं। ऐसे में घर परिवार के लोगों पर इसका बुरा प्रभाव दीखता है।
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Lifestyle
मॉनसून में वायरल फीवर होने पर दवा न खाकर अपनाये ये घरेलू नुस्खे, जल्द ही मिलेगा आराम
Fever In Monsoon: मानसून में वायरल फीवर आना सामान्य बात है. ऐसे में बुखार आते ही दवाई खाने से बचें. घर के किचन में मौजूद ये आसान घरेलू नुस्खे भी उतार सकते हैं आपका बुखार.
Fever Recovery Tips: मानसून के सीज़न में बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन तेज़ी से फैलने का खतरा बढ़ जाता है. बारिश के मौसम में बीमारी फैलने की सबसे मुख्य वजह हवा में नमी और रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना है. अभी कोविड का खतरा पूरी तरह से टला नहीं है, लिहाज़ा और भी ज्यादा सावधानी बरतनें की जरूरत है. वायरल फीवर होने पर तेज़ बुखार, माथा गर्म, जोड़ों में दर्द, सिर दर्द, गले में दर्द, उल्टी, दस्त और खांसी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.
वायरल फीवर एक इंसान से दूसरे इंसान में भी तेज़ी से फैलता है, लेकिन ऐसी स्थिति में तत्काल दवाई खाने से भी बचना चाहिए. आइए जानते हैं किन घरेलू उपायों को अपनाकर वायरल फीवर को दूर भगाया जा सकता है.
वायरल फीवर में तुरंत न खाएं दवा
डॉक्टरों के मुताबिक अगर आपको फीवर हुआ है तो इसका मतलब आपका इम्यून सिस्टम वायरस से लड़ रहा है, क्योंकि जब शरीर गर्म होता है तो वो वायरस को खत्म करता है. ये अपनी बॉडी का एक तरीका होता है कि, वह तापमान बढ़ाकर इंफेक्शन को बढ़ने से रोकता है, इसलिए तुरंत बुखार उतारने वाली दवाई खाने से बचना चाहिए. वैसे भी शरीर का तापमान अगर 99 है तो इसे बुखार नहीं माना जाता है. अगर आपके शरीर का तापमान 100 से ऊपर है तो आपको डॉक्टर की सलाह पर ही दवा खाना चाहिए.
इन घरेलू नुस्खों को अपनाएं
हल्दी और सोंठ पाउडर
हल्दी कई बीमारियों में रामबाण उपाय माना जाता है, साथ ही सोंठ यानी कि, अदरक पाउडर में भी फीवर को खत्म करने के गुण पाए जाते हैं. वायरल फीवर होने पर एक छोटा चम्मच हल्दी, एक चम्मच सौंठ पाउडर, एक चम्मच काली मिर्च और थोड़ी सी शक्कर मिलाएं और एक कप पानी में डालकर इसे गर्म करें. ठंडा होने के बाद इसका सेवन करें. इस उपाय से वायरल फीवर को खत्म करने में मदद मिलेगी।.
लौंग और तुलसी
सभी जानते हैं कि, तुलसी में एंटीबायोटिक गुण पाए जाते हैं, जिससे बॉडी के अंदर के वायरस तक खत्म हो जाते हैं. वायरल फीवर होने पर एक चम्मच लौंग के चूर्ण में तुलसी के 10 से 12 ताज़े पत्ते मिलाएं और एक लीटर पानी में डालकर इसे उबालें. इसे तब तक उबालते रहें जब तक पानी आधा नहीं हो जाता. अब इसे ठंडा करके हर घंटें पिएं. इससे वायरल फीवर में जल्द आराम मिलेगा.
धनिये की चाय
धनिए की चाय बनाकर पीने से भी वायरल फीवर में जल्द आराम मिलता है. दरअसल धनिया में कई प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते हैं जो शरीर के अंदर के वायरस से लड़ने में सक्षम होते हैं.
मेथी का पानी
वायरल फीवर होने पर एक कप मेथी दाना को रातभर भिगों कर रखें और सुबह इसे छानकर हर एक घंटें में पिएं इससे जल्द राहत मिलेगी.
शहद और नींबू
नींबू का रस और शहद को मिलाकर इसका सेवन करें. शहद और नींबू का रस भी वायरल फीवर के असर को कम करने में मददगार होता है.
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