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हेल्थ टिप्स: मेंटल स्ट्रेस दूर करने के लिए अपने डाइट में शामिल करे ये वज्रासन, जाने प्रोसेस
भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी में खुद के लिए समय निकालना बेहद मुश्किल है. समय की कमी हमें फिजिकल वर्कआउट से दूर करती है और धीरे-धीरे हम कई बीमारियों समेत स्ट्रेस की चपेट में आ जाते हैं. जानिए स्ट्रेस दूर करने में अंजनेयासन और वज्रासन कैसे मददगार साबित होते हैं.
Benefits of yoga in Mental Stress : आजकल के बदलते दौर में सभी की लाइफस्टाइल ने लोगों की सेहत पर बुरा असर डाला है. फिजिकल वर्कआउट की कमी की वजह से लोगों में स्ट्रेस लेवल बढ़ रहा है. हर रोज बदलती तकनीकों के साथ तालमेल बिठाने के लिए हमें काफी मेहनत करने की ज़रूरत पड़ती है, जो शरीर के साथ-साथ दिमाग को भी थका देता है.
दिनभर की व्यस्तता और तनाव के कारण व्यक्ति कई तरह की शारीरिक और खासकर मानसिक बीमारियों से ग्रस्त होते जा रहे हैं. कई बार काम या अन्य किसी परेशानी का स्ट्रेस इतना बढ़ जाता है कि व्यक्ति को दवाओं का सहारा लेना पड़ता है. इससे छुटकारा पाने के लिए आप योग का सहारा ले सकते हैं, जो प्राकृतिक तरीके से ना केवल मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाता है, बल्कि सेहत के लिए भी कई तरह से फायदेमंद साबित होता है.
वज्रासन से कम करें मानसिक तनाव
-सबसे पहले मैट या जमीन पर घुटने टेककर बैठ जाएं.
-पैरों के पंजों को पीछे कूल्हों पर लगाकर कम्फर्टेबल होकर बैठ जाएं.
– ध्यान रखें कि पैरों के दोनों अंगूठे एक दूसरे से मिले हुए हों.
-मुद्रा के समय सिर और कमर को सीधा कर हाथों को घुटनों पर रखें.
-आंखें बंद कर ध्यान अपनी सांस पर केंद्रित करें.
-वज्रासन को लगभग 15 से 20 मिनट कर सकते हैं.
वज्रासन के लाभ
–हेल्थलाइन वज्रासन से मन को एकाग्रता, स्थिरता और शांति मिलती है, जिससे स्ट्रेस कम होता है.
-वज्रासन करने से मोटापा नहीं बढ़ता है और डाइजेशन भी ठीक रहता है.
इसे रूटीन में शामिल करने से कब्ज की समस्या से राहत मिलती है.
सायटिका की प्रॉब्लम से आराम दिलाएगा अंजनेयासन
-सबसे पहले जमीन पर वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं और दाहिने पैर को जमीन पर टिकाकर बाएं पैर को पीछे की ओर खींचें.
-अपने दोनों हाथों को जोड़कर सिर से ऊपर की तरफ से पीछे की ओर ले जाएं
– इसी स्ट्रेचिंग पोजीशन में लगभग 40 सेकंड तक रुकने के बाद सामान्य स्थिति में आ जाएं.
अंजनेयासन करने के फायदे
–विनयसायोगएकेडमी में छपी रिपोर्ट के मुताबिक अंजनेयासन मानसिक संतुलन और मन की एकाग्रता में सुधार लाता है, जिससे आप तनाव से दूर रहते हैं.
-बढ़ती उम्र में होने वाले साइटिका जैसे दर्द से राहत मिलती है.
-शरीर में मौजूद ग्लूटस मांसपेशियों को मजबूत करता है.

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यूरिक एसिड को कम करने में बेहद असरदार है ये 3 घरेलू ड्रिंक्स, जानिए कैसे
यूरिक एसिड का स्तर कंट्रोल करना चाहते हैं तो अदरक की चाय पीजिए।
क्या आप शरीर में दर्द, जोड़ों के दर्द या मांसपेशियों में ऐंठन महसूस कर रहे हैं तो आपको अपनी डाइट पर ध्यान देने की जरूरत है। क्योंकि ये सभी परेशानियां शरीर में यूरिक एसिड के बढ़े हुए स्तर का संकेत हो सकती हैं। यूरिक एसिड बॉडी में पनपने वाले टॉक्सिन है जो सबकी बॉडी में बनते हैं। इन टॉक्सिन को किडनी बॉडी से फिल्टर करके आसानी से यूरिन के जरिए बाहर निकाल देती है। यूरिक एसिड का बनना परेशानी की बात नहीं है लेकिन इसका बॉडी से बाहर नहीं निकलना परेशानी की बात है।
यूरिक एसिड बढ़ने का कारण: Causes of High Uric Acid Level
यूरिक एसिड ऐसी बीमारी है जिनके मरीजों की तादाद लगातार बढ़ रही है। बिगड़ता लाइफस्टाइल, खराब खान-पान और अधिक तनाव यूरिक एसिड को बढ़ाने में जिम्मेदार है। यूरिक एसिड बढ़ने से किडनी, दिल और लीवर का फंक्शन प्रभावित होता है। यूरिक एसिड बढ़ने से बॉडी की मांसपेशियों, पैरों और हाथों के जोड़ों में दर्द की शिकायत रहती है।
रक्तप्रवाह में बहुत अधिक यूरिक एसिड हाइपरयूरिसीमिया जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है जो किडनी स्टोन, गाठिया और गाउट का कारण बन सकता है। बढ़े हुए यूरिक एसिड से होने वाले नुकसान से बचना चाहते हैं तो कुछ सरल घरेलू ड्रिंक्स का सेवन करें। कुछ लिक्विड जूस शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ जूस के बारे में जो यूरिक एसिड को कंट्रोल करते हैं।
अदरक की चाय पीएं:
यूरिक एसिड का स्तर कंट्रोल करना चाहते हैं तो अदरक की चाय पीजिए। अदरक के एंटीसेप्टिक, एंटी इंफ्लामेटरी गुण यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में असरदार होते हैं। इसके अलावा, अदरक में एंटीऑक्सिडेंट और खनिज मौजूद होते हैं जो सूजन, जोड़ों के दर्द और शरीर के दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं।
खीरे का जूस पीएं:
खीरे के जूस को नींबू के साथ पीने से लीवर, किडनी को डिटॉक्सीफाई करने में मदद मिलती है। ये जूस ब्लड में यूरिक एसिड का स्तर कम करते हैं। इसमें मौजूद पोटेशियम और फास्फोरस किडनी को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करता है। इस जूस का सेवन करने से किडनी को काम करने में आसानी होती है। किडनी शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करती है।
गाजर का जूस पीएं:
एक चुटकी नींबू के रस के साथ ताजा गाजर का जूस पीने से बढ़े हुए यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। गाजर के जूस में एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन ए, फाइबर, बीटा कैरोटीन, खनिज होते हैं जो कि बढ़े हुए यूरिक एसिड के कारण होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करते हैं। जूस के साथ नींबू का सेवन करने से इस जूस के फायदे दोगुने हो जाते हैं। एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन सी से भरपूर नींबू इम्युनिटी को स्ट्रॉन्ग बनाता है और सेल्स को रिजनरेट करने में मदद करता है।
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क्या दूध के सेवन से बढ़ जाता है कोलेस्ट्रॉल इसे कंट्रोल करने के लिए बरते सावधानिया
एक नए अध्ययन के मुताबिक दूध का नियमित सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल में वृद्धि नहीं होती है।
कोलेस्ट्रॉल एक मोम जैसा-सा पदार्थ होता है, जो रक्त के अंदर पाया जाता है। कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) दो तरह का होता है खराब कोलेस्ट्रॉल और अच्छा कोलेस्ट्रॉल। बॉडी को कोलेस्ट्रॉल की जरूरत कोशिकाओं को हेल्दी रखने के लिए और नई कोशिकाओं के निर्माण के लिए होती है। खराब कोलेस्ट्रॉल का कंट्रोल रहना बेहद जरूरी है। अगर इसे कंट्रोल नहीं किया जाए तो दिल के रोगों का खतरा बढ़ सकता है।
खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का कारण:
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लिए अनुवांशिक कारक भी जिम्मेदार होते हैं। आमतौर पर कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लिए खराब लाइफस्टाइल को ही जिम्मेदार माना जाता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के बॉडी में लक्षण दिखना शुरू हो जाते हैं। लगातार मितली आना, जबड़ों और बाहों में दर्द होना, सांस लेने में परेशानी होना और ज्यादा पसीना आना इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं।
कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करना हैं तो डाइट का ध्यान रखना जरूरी है। डाइट में कुछ फूड्स का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है। दूध एक ऐसा फूड है जिसे लेकर अक्सर लोगों की धारणा रहती है कि ये खराब कोलेस्ट्रॉल को तेजी से बढ़ाता है। क्या सच में दूध का सेवन खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकता है। अगर आप भी कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करना चाहते हैं तो आप क्या खाते पीते हैं उसपर ध्यान देना शुरू कर दें।
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डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए कारगर उपाय है ये बाबा रामदेव के घरेलू नुस्खे
डायबिटीज के मरीज शुगर को कंट्रोल करने के लिए मल्टीग्रेन आटा का सेवन करें।
डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो तनाव, खराब डाइट और बिगड़ते लाइफस्टाइल की वजह से पनपती है। ये बीमारी तब पनपती है जब पैंक्रियाज इंसुलिन का उत्पादन करना कम या फिर बंद कर देता है। इंसुलिन का कम उत्पादन होने से ब्लड में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है। बाबा रामदेव के मुताबिक अगर डायबिटीज को कंट्रोल नहीं किया जाए तो किडनी, लंग्स और आंखों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ता है।
देश और दुनिया में डायबिटीज की बीमारी तेजी से पनप रही है। दुनिया में हर साल इस बीमारी की वजह से 10 लाख लोगों की मौत होती है। भारत डायबिटीज का हब है यहां शुगर के मरीजों की तादाद में इज़ाफा हो रहा है। डायबिटीज को कंट्रोल करना है तो खान-पान को सुधारना होगा। गर्मी में डायबिटीज के मरीज डाइट में आयुर्वेदिक डाइट चार्ट को अपनाएं दवाई के बिना भी ब्लड में शुगर का स्तर कंट्रोल रहेगा। आइए बाबा रामदेव से जानते हैं कि शुगर कंट्रोल करने के लिए डायबिटीज के मरीज कैसा डाइट चार्ट फॉलो करें।
डायबिटीज कंट्रोल करेगा ये जूस: डायबिटीज के मरीज शुगर को कंट्रोल करने के लिए खीरा, करेला और टमाटर का जूस पीएं। बाबा रामदेव के अनुसार ब्लड में शुगर का स्तर कंट्रोल करने के लिए रोजाना इस जूस का सेवन बेहद असरदार साबित होता है। खीरा, करेला और टमाटर बॉडी को हाइड्रेट रखेंगे, साथ ही शुगर को भी कंट्रोल करेंगे।
इस जूस का सेवन आप खाली पेट कर सकते हैं। रोजाना सुबह इस जूस का सेवन करने से इम्युनिटी स्ट्रॉन्ग होगी साथ ही कई हेल्थ प्रोब्लम का भी उपचार होगा। करेले में प्रचुर मात्रा में एंटी- ऑक्सीडेंट्स, विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन के होता है जो बॉडी को हेल्दी रखता है।
मल्टीग्रेन आटा का सेवन करें: डायबिटीज के मरीज शुगर को कंट्रोल करने के लिए मल्टीग्रेन आटा का सेवन करें। गेहूं, बाजरा, मूंग, चावल, रागी और मकई से मिक्स आटा का सेवन करने से डायबिटीज के मरीजों को फायदा पहुंचेगा। इस आटा से बनी रोटी शुगर को कंट्रोल करेगी। मल्टीग्रेन आटा से बनी रोटी बॉडी में पोषक तत्वों की पूर्ति करती है। मल्टीग्रेन आटा में आपके शरीर को भरपूर मात्रा में फाइबर मिलता है जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज की समस्या से भी निजात दिलाता है।
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डायबिटीज के मरीज फ्रूट जूस को पीएं: डायबिटीज के मरीजों के लिए फ्रूट का सेवन बेस्ट है। लेकिन कभी आप जूस पीना चाहते हैं तो नारंगी, सेब और संतरा का जूस पी सकते हैं। डायबिटीज के मरीज गर्मी में जामुन का सेवन करें। जामुन का सेवन करने से डायबिटीज कंट्रोल रहती है। आम,लीची,अंगूर और केला का सेवन कम करें।
सूखे मेवे खाएं: डायबिटीज के मरीज शुगर को कंट्रोल करने के लिए सूखे मेवे खाएं। सूखे मेवे में बादाम,अखरोट और अंजीर ज्यादा खाएं आपको फायदा होगा।
थोड़ा-थोड़ा बार-बार खाएं: डायबिटीज के मरीज एक बार में भरपेट खाना नहीं खाएं बल्कि थोड़ा-थोड़ा बार-बार खाएं। साल 2018 में डायबिटीज एंड मेटाबॉलिज्म पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार डायबिटीज के मरीजों के लिए थोड़ी थोड़ी देर बाद खाते रहना सेहत के लिए बेहतर होता है।
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