प्रदेश
ऑनलाइन गेम ने तीन बहनों के इकलौते भाई को छीना, तीन पत्ती गेम में 10 लाख गंवाने के बाद ट्रेन के आगे लेटा
मध्यप्रदेश के राजगढ़ में ऑनलाइन गेम ने युवक की जिंदगी छीन ली। युवक ने ट्रेन के आगे लेटकर जान दे दी। उसका सिर और धड़ अलग हो गए। युवक ऑनलाइन गेम तीन पत्ती खेलता था। इसमें वह 10 लाख रुपए हार गया था। उसने कई लोगों से कर्ज ले रखा था। इस वजह से दबाव में था और एक महीने से वह गुमसुम रहता था।
घटना रविवार की रात आठ बजे ब्यावरा के पास पडोनिया गांव की है। युवक का शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा था। इसकी सूचना लोगों ने पुलिस को दी। शव की पहचान विनोद दांगी (30) के रूप में की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही कुछ कहना संभव होगा।विनोद दांगी (30) शादीशुदा था, उसके दो बेटे भी हैं।
10 लाख रुपए गंवा चुका था
विनोद को जानने वालों के मुताबिक युवक को तीन महीने पहले मोबाइल पर 3 पत्ती गेम खेल रहा था। उसे उसकी लत लग गई थी। तीन बत्ती गेम खेलने के लिए उसने अपनी कॉम्प्लेक्स के दुकानदारों से रुपए लिए थे। इसमें वह 10 लाख रुपए भी गंवा चुका था। वह दुकान पर बैठकर दिनभर गेम खेलता रहता था।
पहले भी फांसी का कर चुका है प्रयास
विनोद तीन बहनों में इकलौता भाई था। विनोद शादीशुदा था, उसके दो बेटे भी हैं। कुछ दिन पहले वह घर में फांसी लगाने का प्रयास कर चुका है, लेकिन परिवार वालों की नजर पड़ गई तो उसे बचा लिया गया।
पिता बडे़ किसान, ब्यावरा में कॉम्प्लेक्स
विनोद के पिता हेमराज दांगी बड़े किसान हैं। साथ ही ब्यावरा में भोपाल रोड पर सरपंच ढाबे के पास उनका बड़ा कॉम्प्लेक्स है। इसमें 7 से 8 दुकानें हैं। सभी किराए पर हैं। विनोद यह कॉम्प्लेक्स देखता था। यहां वह दिनभर बैठा रहता था। ऑनलाइन तीन पत्ती गेम खेलने की लत यहीं से पड़ी। वह गेम में रकम हारता गया और दुकानदारों से लेता गया। तीन महीने में ही उसने 10 लाख रुपए हार गए। इसमें आधा से ज्यादा कर्ज लिए हुए था। ब्यावरा देहता थाना प्रभारी आदित्य सोनी ने इस संबंध में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। पुलिस मंगलवार को पीएम कराएगी। परिवार का बयान लिया जाएगा।


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धर्मांतरण को लेकर जमकर हंगामा, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पीटा

सतना में धर्मांतरण के शक में बवाल हो गया। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने थाने के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। दो कार्यकर्ताओं को जमीन पर लिटा-लिटाकर पीटा। इसके बाद टांग पकड़कर घसीटते हुए थाने में ले गए। रविवार देर रात तक पिटाई के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ता थाने के सामने प्रदर्शन करते रहे। पुलिस अफसरों ने मामले की जांच कराने की बात कही, तब जाकर मामला शांत हुआ। धक्का-मुक्की के बीच एक गर्भवती कॉन्स्टेबल को चोट लग गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस पिटाई में बजरंग दल के पांच कार्यकर्ता घायल हुए हैं।
यहां से शुरू हुआ विवाद
सतना में नवरंग पार्क के सामने चर्च ऑफ गॉड है। उसके फादर बीजू थॉमस हैं। सुबह कुछ लोगों ने सूचना दी कि धर्मांतरण किया जा रहा है। इसके बाद यहां बजरंग दल के करीब 50 कार्यकर्ता पहुंच गए। सूचना के बाद सब-इंस्पेक्टर शैलेन्द्र पटेल भी फोर्स के साथ पहुंच गए। चर्च में देखा तो प्रार्थना चल रही थी। इसके बाद पुलिस ने बजरंग दल कार्यकर्ताओं को बाहर कर दिया। सीएसपी और कोलगवां टीआई भी आए, तो बातचीत शुरू हुई। फादर ने कहा कि हर रविवार 9 से 11 बजे तक प्रार्थना होती है। हम वही कर रहे हैं। वहां मौजूद लोगों से भी पूछताछ की, तो पता चला कि सभी स्वेच्छा से आए हैं।
गर्भवती कॉन्स्टेबल को चोट लगी
सीएसपी ने बजरंग दल कार्यकर्ताओं को वहां से चलता कर दिया। इसके बाद शाम को थाने में बयान होने लगे। वहां मौजूद कुछ लोग सकड़ पर टायर जलाकर चक्काजाम करने लगे। बयान दे रहे लोग भी सड़क पर आ गए। पुलिस की समझाइश के बाद भी नहीं माने, तो धक्का-मुक्की कर लगे। धक्का-मुक्की के दौरान गर्भवती कॉन्स्टेबल प्रियंका सिंह पटेल को चोट लग गई।
इस दौरान बजरंग दल के राजबहादुर मिश्रा, सचिन शुक्ला, सौरभ सिंह, ऋषभ शुक्ला, अनंत मिश्रा भी घायल हो गए। इन्हें कोलगवां थाना पुलिस ने रात को एसपी धर्मवीर सिंह के सामने पेश किया गया। एसपी ने मामले की जांच एडिशनल एसपी एसके जैन को सौंपी है।
देर रात तक चला प्रदर्शन
घटना से नाराज बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कोलगवां थाना के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बजरंगी सतना सीएसपी महेंद्र सिंह चौहान और कोलगवां टीआई डीपी सिंह के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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पेट्रोल-डीजल पर एमपी के मंत्री बोले, जनता की आमदनी बढ़ रही है,तो थोड़ी महंगाई भी स्वीकार करनी होगी
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जनता की आमदनी बढ़ रही है तो थोड़ी महंगाई भी स्वीकार करनी होगी। यह जनता को समझना चाहिए कि जब तनख्वाह बढ़ रही है, व्यापारियों को उत्पादों की बिक्री में लाभ ज्यादा मिल रहा है तो फिर पेट्रोल-डीजल 10 साल पुरानी कीमतों पर कैसे मिल सकता है। हर चीज सरकार मुफ्त में नहीं दे सकती है। सरकार का राजस्व भी इसी से आता है और विकास योजनाओं पर खर्च होता है। यह बात प्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिसोदिया ने पेट्रोल-डीजल मूल्य वृद्धि के मुद्दे पर कही।
उन्होंने रविवार को पत्रकारवार्ता में कहा कि किसानों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं हैं, जिनका सीधा फायदा उन्हें मिल रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ कमियां भी हैं।विभाग में भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए हम आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने कहा कि मंत्री पद की शपथ लेने के बाद मैंने अफसरों को कहा था कि हर पंचायत में एक मैदान, एक मुक्तिधाम और एक स्कूल भवन होना चाहिए। काफी हद तक हम सफल भी रहे। खाद को लेकर जहां किल्लत है, वहां समस्या सप्ताह भर में दूर की जाएगी।

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रमा एकादशी 2021: कार्तिक की रमा एकादशी में ग्वारीघाट पर उमड़ी भीड़

कार्तिक माह की रमा एकादशी में ग्वारीघाट पर नजारा देखने लायक था। महिलाओं की टोली भजन—कीर्तन के साथ नाचती झूमती पूजन में लीन दिखी। ये किसी उत्सव की तरह नजर आया। कई महिलाएं तो सारी रात घाट किनारे भजन—पूजन में जुटी रही। वहीं सुबह चार बजे से घाट पर दूर—दूर से महिलाओं की भीड़ पहुंचने लगी थी।
कार्तिक माह में व्रत रहने वाली अधिकांश महिलाएं नर्मदा घाट पर स्नान और पूजन करने पहुंचती हैं। सुबह पहले नर्मदा स्नान करने के पश्चात घाट किनारे बैठकर महिलाएं कार्तिक पूजन करती है। इस दौरान भजन और संगीत की धुन पर महिलाएं झूमकर अपनी आस्था और समर्पण का प्रदर्शन करती दिखी।
ज्योतिषाचार्य पं.शिवनारायण उपाध्याय ने बताया कि कार्तिक रमा एकादशी में माताएं बहनें नदी सरोवर में प्रात:काल स्नान करती है। इसके पश्चात भगवान सूर्य को अर्ग देती है। रमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ धन, ऐश्वर्य और वैभव की देवी माता लक्ष्मी की भी पूजा विधि विधान से की जाती है। इसके बाद दिवाली का त्योहार आता है। दिवाली से पूर्व माता लक्ष्मी की पूजा करने के लिए रमा एकादशी सबसे उत्तम दिन होता है। माता लक्ष्मी को रमा भी कहते हैं, कार्तिक एकादशी पर भगवान विष्णु संग रमा की भी पूजा होती है, इसलिए इसे रमा एकादशी कहते हैं।
ये भगवान विष्णु का महिना माना जाता है। इस दिन की पूजन—भक्ति का लाभ शीघ्र मिलता है। जीवन में आरोग्यता—स्वास्थ्यता, दामपत्य जीवन अच्छा होता है। सुख —समृद्वि मिलती है। मा लक्ष्मी का माह है इस माह दीपावली का पूजन होता है इसलिए इस माह का विशेष महात्वपूर्ण है। एकादशी होने के कारण नर्मदा स्नान के बाद दान पुण्य भी किया जाता है। घाट पर इस दौरान भारी संख्या में लोग चावल,दाल और नगद राशि का दान करते नजर आए। पूजन में सिर्फ महिलाएं ही नहीं युवा लड़कियां भी खूब बढ़चढ़कर आगे रही। ज्ञात हो कि माह भर कार्तिक पूजन महिलाएं घर मंदिर में एकसाथ करती है। लेकिन आज के दिन नदी—सरोवर के किनारे पूजन करने का विशेष महात्व होने के कारण ही गोपिकाएं नर्मदा तट पर आते हैं।

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