देश - दुनिया
दिमाग की नसें ब्लॉक कर देंगे ये 4 खतरनाक Food, डॉ. ने कहा- ब्रेन स्ट्रोक से बचना है तो बना लें इनसे तुरंत दूरी
अनहेल्दी फूड है बिट्स, मोटापे, एक्सरसाइज की कमी कुछ ऐसे लाइफस्टाइल फैक्टर्स हैं जो आपके स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। भोजन में शामिल कुछ खाद्य पदार्थ भी इसके लिए
स्ट्रोक आमतौर पर तब होता है, जब मास्तिष्क के एक हिस्से में ब्लड फ्लो होना बंद हो जाता है। जाहिर तौर पर ब्रेन टिश्यू को इससे नुकसान पहुंचता है। अनहेल्दी फूड हैबिट्स, मोटापा और व्यायाम की कमी कुछ ऐसे लाइफस्टाइल फैक्टर्स हैं, जो स्ट्रोक का रिस्क बढ़ाने के लिए काफी हैं। गुरूग्राम के फोर्टिज मेमोरियल रिसर्च इंस्टीस्ट्यूट के प्रधान निदेशक और न्यूरोलॉजिकल विभाग के हेड डॉ. प्रवीण गुप्ता ने एक न्यूज वेबसाइट को जानकारी देते हुए कहा कि ब्लड प्रेशर, हार्ट डिसीज, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, तंबाकू व धूम्रपान से परहेज और तनाव को कम करने से स्ट्रोक को आसानी से मैनेज किया जा सकता है।
इसके अलावा नियमित व्यायाम और संतुलित आहार भी स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में मदद करता है। वैसे आपका भोजन भी स्ट्रोक के लिए उतना ही जिम्मेदार है। इसलिए आपको कुछ पदार्थों से दूरी बनानी होगी। तो आइए आज वर्ल्ड स्ट्रोक डे के मौके पर हम आपको उन खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अवॉइड करना स्ट्रोक से बचने के लिए जरूरी है
स्ट्रोक के जोखिम को रोकने के लिए करें इन फूड्स से परहेज
जी हां, नमक भी स्ट्रोक के लिए बड़ा खतरा है। यहां नमक से हमारा मतलब पैक्ड फूड में पाए जाने वाले नमक और प्रोसेस्ड नमक से है। बता दें कि पैक्ड फूड में जरूरत से ज्यादा नमक होता है। अगर आप नियमित रू से इस तरह के खाद्य पदार्थ का सेवन करते हैं, तो यह आपके ब्लड प्रेशर को चुटकी में बढ़ा देगा, जिससे धमनियां, मास्तिष्क और दिल भी बुरी तरह से प्रभावित होगा।
इसलिए जितना हो सके, प्रोसेस्ड और पैक्ड फूड से दूर रहें। अगर आप दिनभर में 5 ग्राम नमक का सेवन कम कर देते हैं, तो हाइपरटेंशन की समस्या से राहत मिलेगी और स्ट्रोक का खतरा भी कम हो जाएगा।
स्मोक्ड और प्रोसेस्ड मीट खाने से बचें

भले ही आप स्मोक्ड और प्रोसेस्ड मीट जैसे हॉट डॉग, बेकन, सलामी के शौकीन हों, लेकिन जितनी जल्दी इसका सेवन बंद कर दें उतना अच्छा है। दरअसल, इनमें सोडियम नाइट्रेट जैसे कुछ प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं, जो ब्लड वेसेल्स को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में व्यक्ति अगर इन खाद्य पदार्थों का सेवन कर लें, तो स्ट्रोक के खतरे से बच नहीं सकता।
डॉ.गुप्ता के अनुसार अक्सर ये प्रिजर्वेटिव्स ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस की वजह बनते हैं, जिससे वेसेल वॉल तक डैमेज हो जाती है। इसलिए पहली फुर्सत में आपको अपने आहार में प्रोसेस्ड और स्मोक्ड मीट के सवन को सीमित कर देना चाहिए।
प्रोसेस्ड फूड का सेवन बंद करें
यदि आप अपने दिन की शुरूआत ही जंक और ट्रांसफैट से भरपूर भोजन से करते हैं, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। खान-पान की ये गलत आदतें ही स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाती हैं।
डॉ.गुप्ता कहते हैं कि जंक फूड्स में आमतौर पर बहुत ज्यादा ट्रांसफैट होता है, जो एलडीएल नाम का बैड कोलेस्ट्रॉल को जन्म देता है। यह आर्टरीज वॉल में जमा होकर शरीर में सूजन का कारण बनता है। बता दें कि कोलेस्ट्रॉल शरीर की सूजन में वृद्धि और हार्ट अटैक का मुख्य कारण है।
समें कोई संदेह नहीं है कि सॉफ्ट ड्रिंक या डाइट कोक आपकी प्यास को बुझाने का बढिय़ा तरीका है। लेकिन बहुत से लोगों को यह गलतफहमी है कि इसमें मौजूद सोडा डाइट का एक बेहतर विकल्प है। जबकि ऐसा नहीं है। डॉ. गुप्ता कहते हैं कि 9 साल की एक रिसर्च में पाया गया कि जो लोग रोज, डाइट सोडा पीते थे उनमें हार्ट अटैक मरने की संभावना 48 फीसदी ज्यादा थी, उनकी तुलना में जो शायद ही कभी डाइट सोडा पीते थे।
इस तरह यहां बताए गए खाद्य पदार्थों से परहेज करने से स्ट्रोक के जोखिम को कम किया जा सकता है। इन खाद्य पदार्थों को आप जितना अवॉइड करेंगे, आपका जीवन उतना स्वस्थ और लंबा होगा।


देश - दुनिया
नाबालिग रेप पीड़िता की हत्या कर शव पेड़ से लटकाया, इंस्पेक्टर समेत तीन सस्पेंड

यूपी के अमरोहा जनपद के ढबारसी इलाके में सितम्बर महीने में दुष्कर्म का शिकार हुई नाबिलग का शव रविवार को खेत में नीम के पेड़ से फंदे पर लटकता मिला. मृतका के परिजनों ने रेप के आरोपी पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने आरोपी मोनू शर्मा, उसकी मां विमला और भाई पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया. पुलिस ने आरोपी की मां को हिरासत में ले लिया है. इस बीच एसपी ने मामले लापरवाही बरतने वाले आदमपुर थाने के इंस्पेक्टर सतीश कुमार आर्य, सिपाही राहुल कुमार और सुमित कुमार को निलंबित कर दिया. एसपी पूनम ने मामले पुलिस की भूमिका की जांच एएसपी को सौंपी है.
बता दें पूरी वारदात आदमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की है. आरोप है कि 25 सितंबर को गांव के ही एक युवक मोनू शर्मा ने घर में घुसकर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था. रविवार सुबह वह खेत पर चारा लेने गई थी. काफी देर बाद भी घर न लौटने पर जब परिजन खजने निकले तो पीड़िता का शव नीम के पेड़ पर फंदे पर लटका मिला. हाथ-पैर भी रस्सी से बंधे थे. इसके बाद माहौल गर्माता देख कई थानों की पुलिस बुलाई गई. काफी मशक्कत के बाद पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज पाई.
परिजनों ने पुलिस पर लगाया ये आरोप
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने दुष्कर्म के मामले में पहले छेड़खानी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था. लेकिन जब पीड़िता की मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज हुए तो उसका मेडिकल कराकर दुष्कर्म की धाराओं को जोड़ा गया. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी की गिरफ्तारी न होने की वजह से ही किशोरी की हत्या की गई.
अखिलेश यादव ने ट्वीट कर दी श्रद्धांजलि
उधर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना पर दुख जताते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “अमरोहा में दुष्कर्म की शिकार नाबालिग पीड़िता की हत्या का मामला बेहद गंभीर, दुखद व शर्मनाक है. श्रद्धांजलि! इस संबंध में कुछ भ्रष्ट पुलिसवालों को निलंबित करके यूपी की भाजपा सरकार बच नहीं सकती. दुष्कर्म का आरोपी सितंबर से फ़रार है। दरअसल उप्र में सरकार ही फ़रार है. निंदनीय!”

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बहन के अलग धर्म में शादी से नाराज भाई ने ,जीजा को मारी गोली
पुलिस के मुताबिक, घायल देवा परिवार के साथ आदर्श नगर इलाके में रहते हैं। वह जिम ओनर हैं। उन्होंने जहांगीरपुरी निवासी आरोपी शहनवाज उर्फ शहबाज की बहन से जुलाई महीने में
बहन के दूसरे धर्म में शादी करने से खफा भाई ने बहनोई को गोली मार दी। वारदात शनिवार देर रात मॉडल टाउन इलाके की है। आरोपी के साथ उसका दोस्त भी वारदात में शामिल था। गोली से घायल युवक की पहचान 26 वर्षीय देवा के तौर पर हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही लोकल पुलिस मौके पर पहुंची। नाजुक हालत में देवा को शालीमार बाग के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस बाबत मॉडल टाउन थाने की पुलिस ने हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर किया है। डीसीपी उषा रंगनानी के मुताबिक, जांच के दौरान जिले की स्पेशल स्टाफ पुलिस ने कुछ ही घंटे के भीतर ही मोबाइल की लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज की मदद से दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान जहांगीरपुरी के एच ब्लॉक निवासी 21 वर्षीय शहनवाज उर्फ शहबाज और उसके दोस्त यूपी के बदायूं निवासी 20 वर्षीय हर्षित उर्फ आर्यन के तौर पर हुई है। दोनों वारदात के बाद दिल्ली छोड़कर कर कहीं और भागने की फिराक में थे।
पुलिस के मुताबिक, घायल देवा परिवार के साथ आदर्श नगर इलाके में रहते हैं। वह जिम ओनर हैं। उन्होंने जहांगीरपुरी निवासी आरोपी शहनवाज उर्फ शहबाज की बहन से जुलाई महीने में शादी की थी। इस रिश्ते से लड़की का भाई और परिवार वाले खुश नहीं थे। उन्होंने इस पर आपत्ति जताई थी। जिसके चलते लड़की ने अपने भाई और परिवार से रिश्ता खत्म कर दिया था। ऐसे में भाई शहबाज इसके लिए अपने बहनोई देवा को जिम्मेदार मानता था। बताया जाता है कि शनिवार की रात को आरोपी ने अपने बहनोई को बात करने के लिए मॉडल टाउन के बिग बाजार के निकट में बुलाया। इसके बाद देवा अपनी बुलेट से वहां पहुंच गए। जहां आरोपी शहबाज और उसका दोस्त हर्षित मौजूद थे।
जहां से बातचीत के लिए तीनों बुलेट पर सवार होकर कुछ दूर आगे शालीमार पार्क के निकट पहुंचे, जहां शहबाज व उसके दोस्त ने पिस्टल से देवा के सिर व सीने में गोली मार दी। मौके से फरार हो गए। गोली लगने से खून तेजी से बहने लगा। देवा सड़क पर ही गिर पड़े। इसी दौरान वहां गश्त करते हुए कॉन्स्टेबिल संतोष कपूर पहुंचे तो उन्होंने मामले की सूचना थाने में दी। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया।
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ACB जज ने किया 14 साल के बालक के साथ कुकर्म, DSP ने पीड़ित को धमकाया, सस्पेंड

राजस्थान के भरतपुर में एक जज द्वारा 14 साल के बच्चे से कुकर्म करने की शर्मनाक घटना सामने आई है. आरोपी जज जितेन्द्र सिंह गुलिया भ्रष्टाचार निवारण मामले के विशेष न्यायाधीश हैं. आरोप है कि उनके दो अन्य कर्मचारियों ने भी नाबालिग बच्चे का यौन शोषण किया. मामला खुलने पर एसीबी के उपाधीक्षक परमेश्वरलाल यादव पर पीड़ित परिवार को धमकाने का आरोप लगा है. घटना की गंभीरता को देखते हुये हाईकोर्ट प्रशासन ने आरोपी जज को और राज्य सरकार ने एसीबी के उपाधीक्षक को निलंबित कर दिया है. इस घटना के बाद दो वीडियो भी वायरल हुये हैं उनमें आरोपी जज पीड़ित और उसके परिवार से माफी मांगता हुआ नजर आ रहा है.
इस संबंध में पीड़ित परिवार की ओर से जज के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है. भरतपुर के मथुरा गेट थाना पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर सामूहिक दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. बाद में आरोपी जज ने भी पीड़ित परिवार के खिलाफ ब्लैकमेल करने का क्रॉस केस दर्ज कराया है. यह घटना सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है.
देर रात दोनों अधिकारी निलंबित
उसके बाद रविवार देर रात पूरे मामले में एसीबी के न्यायधीश जितेंद्र सिंह गुलिया का साथ देने वाले एसीबी के सीओ परमेश्वरलाल यादव को भी निलंबित कर दिया गया. एसीबी के सीओ परमेश्वर लाल यादव पर पीड़ित परिवार को धमकाने का आरोप है. निलंबन अवधि में सीओ परमेश्वरलाल यादव आईजी कार्यालय भरतपुर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे.

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