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महिलाओं में भी आ रही है गंजेपन की ख़तरा, जानें रोकने के खास उपाय…

Women Hair Care: मौजूदा दौर में महिलाओं को बाल टूटने की परेशानियों का काफी ज्यादा सामना करना पड़ रहा है, लेकिन कुछ खास उपायों के जरिए हेयर फॉल को रोका जा सकता है.गंजेपन की परेशानी अक्सर पुरुषों में देखी जाती है.
लेकिन बदलते लाइफस्टाइल के साथ अनहेल्दी फूड हैबिट्स, प्रदूषण, केमिकल युक्त हेयर प्रॉडक्ट्स, टेंशन आदि के कारण महिलाओं में भी बाल टूटने की समस्या काफी बढ़ गई है. तेजी से हो रहे हेयर फॉल के कारण महिलाओं में भी गंजेपन खतरा बढ़ जाता है. इसे रोकने के लिए खास उपाय करने चाहिए.
हेयर फॉल रोकने के दो तरीका
1. बालों में लगाएं अश्वगंधा
अश्वगंधा को यौन स्वास्थ्य के लिए प्रभावी माना जाता है, लेकिन आप नहीं जानते हैं कि ये हेयर फॉल रोकने में भी मददगार होता है. इसके लिए आप 1 चम्मच अश्वगंधा पाउडर को 2 चम्मच नारियल तेल में मिलाकर एक पेस्ट बना लें. अब इस पेस्ट को बालों में हेयर मास्क की तरह लगाएं और 30 मिनट लगा रहने दें. इसके बाद बालों को माइल्ड शैंपू से धो लें.
2. कैस्टर ऑयल से करें मालिश
महिलाओं को बालों की देखभाल करने के लिए तेल की मालिश जरूर करनी चाहिए. जिसके लिए वह बालों में अरंडी का तेल यानी कैस्टर ऑयल इस्तेमाल कर सकती हैं. अरंडी का तेल न सिर्फ बालों को पोषण प्रदान करता है, बल्कि सिर की त्वचा में रक्त प्रवाह भी सुधारता है. हफ्ते में सिर्फ एक बार इस तेल से मालिश करके बालों को घना और मोटा बनाया जा सकता है.आप इस तेल से बना हेयर मास्क भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
बालों में यह तेल लगाने से हेयर फॉल रुकेगा, जिससे महिलाओं में गंजेपन का खतरा कम होगा.ज्यादातर महिलाएं बालों में तेल लगाती हैं, लेकिन फिर भी मनचाहा रिजल्ट नहीं आता है. इसके पीछे कारण होता है कि वो गंदे बालों में ही तेल लगा लेती हैं.
अगर आपको बाल धोए हुए कुछ वक्त बीत गया है, तो आप तेल को स्कैल्प की जगह सिर्फ बालों और उसके सिरों पर लगाएं. इसके बाद माइल्ड शैंपू करके बाल धो लें.
अब रात में बालों की जड़ों पर तेल की मालिश करके अगले दिन सिर धोया जा सकता है. इससे गंदगी स्कैल्प में नहीं जमेगी और हेयर फॉल रुक जाएगा.

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देश के 2 लाख बच्चो को दिल की बीमारी हो रही है इसकी वजह, लक्षण और बचाव के तरीके
देश में नवजात और छोटे बच्चों में जन्मजात बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इन्हीं में से एक बीमारी है कॉन्जेनिटल हार्ट डिसीज (CHD)। जब बच्चे को गर्भ में ही दिल से जुड़ी परेशानियां होने लगती हैं, तब उसे CHD का मरीज माना जाता है।
आंकड़ों के मुताबिक, भारत में हर साल लगभग 2 लाख बच्चे CHD के साथ पैदा होते हैं। इलाज की बात करें तो AIIMS के अनुसार, उत्तर भारत में 17%, दक्षिण भारत में 72% और उत्तर पूर्वी भारत में 0% बच्चों को ही उपचार मिल पाता है।
CHD के लक्षण, रिस्क फैक्टर्स और बचाव के तरीके जानने के लिए हमने मेदांता हॉस्पिटल गुरुग्राम के सीनियर कंसल्टेंट- पीडियाट्रिक्स कार्डियोलॉजी डॉ अमित मिसरी से बात की।
सवाल: CHD के रिस्क फैक्टर्स क्या हैं?
जवाब: डायबिटीज, प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले संक्रमण, एक्सरे रेडिएशन और प्रेग्नेंसी के वक्त गलत दवाओं का इस्तेमाल CHD के कुछ रिस्क फैक्टर्स हैं। इनके अलावा यदि गर्भवती महिला को स्मोकिंग और शराब की लत लगी है, तो वह बच्चे के दिल के लिए नुकसानदायक हो सकता है। CHD आनुवंशिक बीमारी भी हो सकती है।
सवाल: समय पर CHD का इलाज न होने से बच्चा कैसे प्रभावित हो सकता है?
जवाब: CHD का सही वक्त पर इलाज न हो तो बच्चे को सांस संबंधित परेशानियां हो सकती हैं। इसके साथ ही वजन न बढ़ना भी CHD का एक कॉम्प्लिकेशन है। इस बीमारी के कारण बच्चों के विकास पर भी असर पड़ता है। CHD के मरीजों के दिल की धड़कन कभी तेज तो कभी धीमी चलती है। उन्हें दिल में खून के थक्के जमने का भी खतरा होता है।
CHD का असर बच्चों की फिजिकल हेल्थ के साथ-साथ मेंटल हेल्थ पर भी पड़ता है। उन्हें लगातार मूड स्विंग्स होते हैं। शारीरिक विकास न होने की वजह से वो इनसिक्योरिटी के शिकार हो
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जंक फूड हो सक़ता आपके लिए नुक्सानदायक फैटी लिवर का शिकार होने से बचे

वर्ल्ड लिवर डे 19 अप्रैल काे है। लिवर को लेकर अमेरिका में परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। इन दिनों हर 4 में एक अमेरिकी फैटी लिवर की परेशानी से जूझ रहा है। अमेरिका की 26 करोड़ से अधिक वयस्क आबादी में से नॉन अल्कोहलिक करीब 6.4 करोड़ युवा फैटी लिवर के कारण संकट का सामना कर रहे हैं। यह दिक्कत उन्हें जंक फूड और अनहेल्दी फूड ज्यादा खाने की आदत के कारण हुई है। इसे नॉन अल्कोहल फैटी लिवर डिसीज (NAFLD) नाम दिया गया है।
इस बीमारी का पता रूटीन हेल्थ चेकअप में नहीं लग पाता है। वहीं प्रारंभिक तौर पर कोई विशेष लक्षण भी नहीं दिखते है, लेकिन कुछ साल बाद पेट का दाहिना हिस्सा सूजने लगता है। यह इतनी खतरनाक है कि लिवर फेल के साथ जान जाने का खतरा रहता है। अमेरिकन हेल्थ एसोसिएशन ने इस बारे में बताया है। इसमें बीमारी का पता लगाने के लिए मेथड बताई गई है।
अमेरिका के 10 करोड़ युवाओं में से 40% NAFLD के शिकार
रिजन यूनिवसिर्टी के डायबिटीज के एक्सपर्ट डॉ पॉल डुले ने बताया कि यह लिवर की सबसे सामान्य बीमारी है, जो लाखों मौत का कारण बन रही है। अमेरिका के 10 करोड़ युवाओं में से 40% ओवरईटिंग के कारण नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर की समस्या से जूझ रहे हैं।
डॉक्टरों का तर्क है कि ऐसे लोग जिन्हें पहले से ही डायबिटीज, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां हैं, उन्हें इससे ज्यादा खतरा है। कई लोगों को यह बीमारी आनुवंशिक रूप से भी हो सकती है। खाना न पचना, टाइप-2 डायबिटीज और अनहेल्दी फूड खाने की वजह से NAFLD तेजी से विकसित हो रहा है।
फैटी लिवर के मरीज वजन 10 किलो तक घटाएं
NAFLD से पीड़ित लोगों को बायोप्सी के बाद लिम्पोसक्शन सर्जरी कराने की सलाह दी जाती है। यही एक मात्र उपचार है, लेकिन यह महंगी होती है। वहीं कम से कम 10 किलो वजन कम करने व हेल्दी फूड और रोज एक्सरसाइज की सलाह दी जाती है। बीमारी का जल्दी पता लगाना जरूरी है, क्योंकि यह हार्ट अटैक का कारण भी बन सकती है।
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Heart Attack Treatment : हार्ट अटैक से बचना है तो करें,ये 5 काम..नहीं आयेगा अटैक

Heart Attack Treatment: बदलती लाइफस्टाइल और खान-पान के चलते आज के समय में अपने आपको फिट रख पाना मुश्किल होता जा रहा है. तो आइए जानते हैं कि आपको ऐसे कौन-से काम करने चाहिए, जिससे हार्ट अटैक के जोखिम को कम किया जा सके.
Heart Attack Treatment For Healthy life: फिट रहने के लिए हार्ट को भी फिट रखना बेहद जरूरी है. सभी जानते हैं कि देश में ज्यादातर लोगों की जान हार्ट अटैक से जाती है. ऐसे में अपने आपको हेल्दी रखने के लिए विशेष ध्यान रखना पड़ता है. आइए जानते हैं कि हार्ट को हेल्दी रखने के लिए आपको ऐसे कौन-से 6 काम करने चाहिए, जिससे हार्ट अटैक की संभावना कम हो जाती है.
1. धूम्रपान न करें
धूम्रपान बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से आपका हार्ट अटैक का जोखिम कम हो जाता है. यदि आपको धूम्रपान की बहुत ज्यादा आदत हो चुकी है तो धीरे-धीरे इस आदत को छोड़ दें.
2. रोज करें मेडिटेशन
मेडिटेशन को अपनी अपनी लाइफ में शामिल कर लें. क्योंकि हार्ट को हेल्दी रखने के लिए मेडिटेशन करना बेहद जरूरी है. योग की मदद से स्ट्रेस लेवल कम होता है. रोजाना मेडिटेशन करने से माइंड भी शांत रहता है, जिससे हार्ट अटैक का जोखिम भी कम होता है.
3. नींद पूरी लें
अगर आप नींद पूरी लेंगे तो आपको हार्ट अटैक का रिस्क कम हो जाता है. दरअसल, हार्ट को हेल्दी रखने के लिए रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद पूरी करना चाहिए. नींद पूरी नहीं होने से भी तनाव बढ़ता है, जिससे हार्ट अटैक रिस्क भी बढ़ जाता है. ऐसे में कोशिश करें कि आप नींद पूरी लें.
4.वजन रखें कंट्रोल
वजन कंट्रोल करना भी बेहद जरूरी है. क्योंकि वजन बढ़ने से आपको कई तरह की बीमारियां घेरने लगती हैं. ऐसे में कोशिश करें कि एक्स्ट्रा शुगर का सेवन न करें.
5. बीएमआई और हार्ट रेट नोट करें
इसके साथ ही बीएमआई और हार्ट रेट को नोट करते रहें. अगर आपका बीएमआई 25 से ज्यादा है और कमर 35 इंच से ज्यादा है तो आपको हार्ट हेल्थ का खतरा हो सकता है. ऐसे में आपको एक्सरसाइज करनी की आदती डालनी होगी.
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