Lifestyle
गर्मियों मे अपने चेहरे की सुंदरता बढ़ाने के लिए अपनाये ये टिप्स

गर्मियों में सनस्क्रीन को स्किन केयर रूटीन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन क्या आप ये जानती हैं कि अगर इसका सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया जाए तो ये आपकी स्किन को नुकसान भी पहुंचा सकता है। स्किन स्पेशलिस्ट डॉ कशिश कालरा से जानिए कि सनस्क्रीन का इस्तेमाल कब, कैसे और कितना करना चाहिए।
सनस्क्रीन को लेकर मिथ
सनस्क्रीन और एसपीएफ यानी सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर (हवा में मिला हुआ ठोस या तरल कणों के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द) को लेकर कई मिथ ऐसे हैं, जिसके बारे में समझना बहुत जरूरी है।
बहुत सी महिलाएं सनस्क्रीन और एसपीएफ को लेकर काफी कंफ्यूज रहती हैं। एसपीएफ सनस्क्रीन में सूर्य से आने वाली यूवी रेज से सुरक्षा करता है। उदाहरण के तौर पर आप अगर 15 एसपीएफ की सनस्क्रीन इस्तेमाल कर रही हैं तो ये आपको 94 प्रतिशत प्रोटेक्शन देती है। वहीं, अगर आप 50 एसपीएफ की सनस्क्रीन इस्तेमाल कर रही हैं, तो ये आपको 98 प्रतिशत प्रोटेक्शन देती है। इसका मतलब ये केवल एक मिथ है कि अगर एसपीएफ की मात्रा दोगुनी होगी तो सनस्क्रीन हमारी स्किन को दोगुना प्रोटेक्ट करेगा।
सनस्क्रीन में जितना एसपीएफ बढ़ता है उतना ही केमिकल सनस्क्रीन में एड करना पड़ता है, जो हो सकता है कि आपको सूट न करे। इसलिए भारत में अगर 15 या 30 एसपीएफ वाला सनस्क्रीन का इस्तेमाल कर रही हैं तो ये स्किन को हानिकारक रेज से बचाने के लिए काफी हैं।
कैसे करें सनस्क्रीन का इस्तेमाल
वेस्टर्न देशों की तुलना हमारे देश में सनस्क्रीन का इस्तेमाल थोड़ा अलग तरीके से करना चाहिए, क्योंकि भारत में ज्यादातर जगहों पर अलग-अलग तरीके के मौसम होते हैं और हर मौसम में हमारी स्किन अलग तरीके से रिएक्ट करती है। जैसे कि गर्मियों में स्किन ऑयली हो जाती है, तो वहीं सर्दी में ड्राई हो जाती है। इसलिए हर मौसम में एक ही तरीके का सनस्क्रीन नहीं लगाना चाहिए। ज्यादातर महिलाएं को इसके बारे में अधूरी जानकारी होती है। आपको एक स्किन स्पेशलिस्ट ही बता सकते हैं कि आपकी स्किन कैसे रिएक्ट करती है और इसके अनुसार आपको कौन सा और कितना सनस्क्रीन लगाना चाहिए।
सनस्क्रीन कब और कितना लगाना चाहिए
ऑयली स्किन है तो आपको जेल बेस या वॉटर बेस सनस्क्रीन लगाना चाहिए। वहीं ड्राई स्किन टोन है तो लोशन बेस और क्रीम बेस सनस्क्रीन लगा सकती हैं। इसके अलावा रोजाना मेकअप करती हैं तो टिंटेड सनस्क्रीन, जिसमें कि बीबी क्रीम मिक्स होता है, उसे भी इस्तेमाल कर सकती हैं।
सनस्क्रीन लगाने से पहले जरूर लगाएं मॉइस्चराइजर
सनस्क्रीन लगाने से पहले आपको फेस वॉश कर के मॉइस्चराइजर जरूर लगाना चाहिए। कोशिश करें कि मॉइस्चराइजर लगाने के कम से कम 15 से 20 मिनट के बाद ही सनस्क्रीन लगाना चाहिए। हमेशा स्किन टाइप के अनुसार ही सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसा नहीं करने से फेस पर पिंपल्स और एक्ने की समस्या हो सकती है।

Lifestyle
Face Beauty Tips: खूबसूरत त्वचा के लिए अपनाएं गजब का निखार,पायें निखरी त्वचा;बस इस तरह करें शहद का इस्तेमाल

Honey Facial Tips: शहद का इस्तेमाल हम अक्सर डाइट के तौर पर करते हैं, लेकिन क्या आप जानते है कि इसको चेहरे की सुंदरता बढ़ाने के लिए भी यूज किया जा सकता है.बिजी शेड्यूल के चलते लड़कियां अक्सर अपने चेहरे का ध्यान नहीं रख पाती। जिससे चेहरे पर डलनेस आ जाती है। ऐसे में जरुरी है कि चेहरे की प्रॉपर केयर की जाए।
लेकिन वक्त की कमी के चलते ऐसा पॉसिबल नहीं है। ऐसे में जरुरी है कि आप दादी-नानी के बताएं नुस्खों का पालन करें। जी हॉ..कम समय में खूबसूरती पाने के लिए दादी-नानी के ये नुस्खें बड़े ही कारगर है।आइए जानते हैं इनके बारे में।
अगर आप एक ग्लोइंग स्किन पाना चाहते हैं तो शहद को अपनी ब्यूटी रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं. शहद सनबर्न के इलाज से लेकर हमारी सुस्त त्वचा जैसी कई समस्याओं के लिए फायदेमंद है.
इसे स्किन केयर रूटीन में शामिल करने का आसान तरीका इसे फेशियल की तरह इस्तेमाल करना है. फेशियल आपकी त्वचा के लिए सबसे अच्छे उपायों में से एक है.
हनी फेशियल से आएगा निखार
हनी फेशियल को आप घर पर भी कर सकते हैं. इसके लिए आपको कई दूसरी चीजों की भी जरूरत होगी. साथ ही आपको कुछ स्टेप फॉलो करने होंगे जिसके बाद चेहरे में निखार आ जाएगा.
1. क्लींजर के रूप में करें इस्तेमाल
शहद में एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और हुमेक्टैंट गुण होते हैं. ये आपकी त्वचा पर जमी गंदगी को दूर करने में मदद करता है. ये मुंहासे और त्वचा की जलन को रोकता है. इसमें मॉइस्चराइजिंग गुण भी होते हैं.
सबसे पहले चेहरे और गर्दन पर शहद लगाएं.
इन दोनों जगहों पर 20 मिनट तक शहद लगा रहने दें.
इसके बाद इसे हल्के गर्म पानी से धो लें.
2. हनी फेशियल टोनर के रूप में करें इस्तेमाल
ये आपकी त्वचा के खुले छिद्रों को बंद करने और त्वचा साफ करने में मदद करता है. आप सिर्फ दो सामग्रियों का इस्तेमाल करके ये फेस टोनर बना सकते हैं.
-सबसे पहले आप खीरा और शहद लें.
-खीरे को छीलकर काट लें और प्यूरी बना लें.
-खीरे के रस के लिए प्यूरी को छान लें.
-खीरे के रस में शहद मिलाएं.
-मिश्रण को एक बोतल में डालें और इसे अच्छे से अच्छे से मिलाएं.
-कॉटन पैड की मदद से इस फेशियल टोनर को अपने पूरे चेहरे और गर्दन पर लगाएं.
3. स्क्रब से एक्सफोलिएट करें
शहद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और मॉइस्चराइजिंग गुण इसे त्वचा के लिए बेहतरीन एक्सफोलिएटर बनाते हैं. ये आपकी त्वचा के छिद्रों को गहराई से साफ करने में मदद करता है और ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स जैसी समस्याओं से बचाता है.
-एक कटोरी में शहद और पिसी चीनी डालें और इसे अच्छी तरह मिलाएं.
-अपने चेहरे को गीला करें और इसे अपने पूरे चेहरे पर लगाएं.
-अपने चेहरे और गर्दन की धीरे से मसाज करें.
-इसे 5-10 मिनट के लिए लगा रहने दें.
-इसके बाद सादे पानी से धो लें.
4. ग्लोइंग स्किन के लिए ऐसे करें इस्तेमाल
-आधा केला लें और इसे स्लाइस में काट लें.
-कांटे की मदद से केले को काट लें.
-इसमें 1 टेबल स्पून शहद डालकर अच्छी तरह मिला लें.
-इसे अपने पूरे चेहरे और गर्दन पर लगाएं.
-10 मिनट के लिए लगा रहने दें.
-इसके बाद चेहरे को धो लें.
Lifestyle
महिलाओं में भी आ रही है गंजेपन की ख़तरा, जानें रोकने के खास उपाय…

Women Hair Care: मौजूदा दौर में महिलाओं को बाल टूटने की परेशानियों का काफी ज्यादा सामना करना पड़ रहा है, लेकिन कुछ खास उपायों के जरिए हेयर फॉल को रोका जा सकता है.गंजेपन की परेशानी अक्सर पुरुषों में देखी जाती है.
लेकिन बदलते लाइफस्टाइल के साथ अनहेल्दी फूड हैबिट्स, प्रदूषण, केमिकल युक्त हेयर प्रॉडक्ट्स, टेंशन आदि के कारण महिलाओं में भी बाल टूटने की समस्या काफी बढ़ गई है. तेजी से हो रहे हेयर फॉल के कारण महिलाओं में भी गंजेपन खतरा बढ़ जाता है. इसे रोकने के लिए खास उपाय करने चाहिए.
हेयर फॉल रोकने के दो तरीका
1. बालों में लगाएं अश्वगंधा
अश्वगंधा को यौन स्वास्थ्य के लिए प्रभावी माना जाता है, लेकिन आप नहीं जानते हैं कि ये हेयर फॉल रोकने में भी मददगार होता है. इसके लिए आप 1 चम्मच अश्वगंधा पाउडर को 2 चम्मच नारियल तेल में मिलाकर एक पेस्ट बना लें. अब इस पेस्ट को बालों में हेयर मास्क की तरह लगाएं और 30 मिनट लगा रहने दें. इसके बाद बालों को माइल्ड शैंपू से धो लें.
2. कैस्टर ऑयल से करें मालिश
महिलाओं को बालों की देखभाल करने के लिए तेल की मालिश जरूर करनी चाहिए. जिसके लिए वह बालों में अरंडी का तेल यानी कैस्टर ऑयल इस्तेमाल कर सकती हैं. अरंडी का तेल न सिर्फ बालों को पोषण प्रदान करता है, बल्कि सिर की त्वचा में रक्त प्रवाह भी सुधारता है. हफ्ते में सिर्फ एक बार इस तेल से मालिश करके बालों को घना और मोटा बनाया जा सकता है.आप इस तेल से बना हेयर मास्क भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
बालों में यह तेल लगाने से हेयर फॉल रुकेगा, जिससे महिलाओं में गंजेपन का खतरा कम होगा.ज्यादातर महिलाएं बालों में तेल लगाती हैं, लेकिन फिर भी मनचाहा रिजल्ट नहीं आता है. इसके पीछे कारण होता है कि वो गंदे बालों में ही तेल लगा लेती हैं.
अगर आपको बाल धोए हुए कुछ वक्त बीत गया है, तो आप तेल को स्कैल्प की जगह सिर्फ बालों और उसके सिरों पर लगाएं. इसके बाद माइल्ड शैंपू करके बाल धो लें.
अब रात में बालों की जड़ों पर तेल की मालिश करके अगले दिन सिर धोया जा सकता है. इससे गंदगी स्कैल्प में नहीं जमेगी और हेयर फॉल रुक जाएगा.
Lifestyle
Health Tips: क्या आपको भी दिखते है आंखो में धूधलेपन, तो हो जाइये सावधान… जाने इसे ठीक करने का छोटा सा उपाये…

कंप्यूटर पर ज्यादा काम करने वालों में बढ़ रही हैं आंखों की समस्याएं, जरूर करें ये उपायमोबाइल और कंप्यूटर की स्क्रीन पर बढ़ता समय, हमारी आंखों के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकता है। कंप्यूटर पर ज्यादा काम करने वालों में कई तरह की आंखों से संबंधित समस्याएं देखने को मिलती रही हैं। विशेषज्ञ बताते हैं, स्कीन से निकलने वाली नीली रोशनी सीधे आंखों को नुकसान पहुंचाती है, जिसके कारण आंखों में दर्द, लालिमा, जलन और समस्या बढ़ने के साथ लोगों में ड्राई आइज की दिक्कत बढ़ती जा रही है। ऑफिस में काम करने वाले या ऑनलाइन आपना समय ज्यादा बिताने वाले लोगों को आंखों की सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, स्क्रीन पर बीतने वाले अधिक समय के कारण होने वाली आंखों की समस्या को मेडिकल की भाषा में ‘डिजिटल आई स्ट्रेन’ के नाम से जाना जाता है। आमतौर पर इस समस्या पर हम ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन एक बार जब यह बढ़ने लगती है तो इसके कारण कई तरह की गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं।
जिन लोगों का रोजाना कंप्यूटर पर अधिक समय बीतता है उन्हें अपनी आंखों के विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है। कुछ बेहद सरल से उपाय इसमें आपकी मदद कर सकते हैं, जिसे हर किसी को प्रयोग में लाते रहना चाहिए। ये उपाय आपकी आंखों को होने वाली गंभीर समस्याओं से बचाने में काफी मददगार हो सकते हैं। आइए आगे इस बारे में विस्तार से जानते हैं। डिजिटल आई स्ट्रेन के कारण होने वाली दिक्कतें
डिजिटल आई स्ट्रेन आज के समय से, पहले से कहीं अधिक आम समस्या है, क्योंकि लगभग हर कोई दैनिक जीवन में स्क्रीन का उपयोग करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगभग 50 फीसदी लोगों में इस तरह की समस्याओं का खतरा हो सकता है। वैसे तो इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं है कि दीर्घकालिक तौर पर यह आपकी आंखों की रोशनी को खराब कर देता है, लेकिन यह आंखों से संबंधित कई तरह की असहज करने वाली समस्याओं का कारण जरूर बन सकती है, जिसमें आंखों में दर्द, लालिमा, चुभन और आंखों के सूखापन की समस्या काफी सामान्य है।20/20/20 नियम का पालन करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हमारी आंखें पूरे दिन सीधे किसी भी चीज को लगातार देखने के लिए डिज़ाइन नहीं की गई हैं। यही कारण है कि लगातार स्क्रीन देखते रहने वाले लोगों में इससे संबंधित कई तरह की दिक्कतें हो सकती है। इससे बचाव के लिए 20/20/20 नियम आपके लिए काफी मददगार है। इसके मुताबिक यदि आप स्क्रीन को 20 मिनट तक लगातार देखते हैं, तो आपको 20 सेकंड के लिए अपने से कम से कम 20 फीट दूर किसी चीज को देखते रहना चाहिए। यह आपके लिए काफी मददगार अभ्यास है।
पलकों को झपकाते रहें
कंप्यूटर पर काम करते समय, थोड़ी-थोड़ी देर पर अपने पलकों को झपकाते रहने की आदत डालें। इससे आंखों में पर्याप्त नमी बनी रहती है और ड्राई आइज की समस्या का जोखिम कम हो जाता है। पलकों को झपकाते रहने से आंखों को आराम भी मिलता है जिससे मांसपेशियों पर पड़ रहा अतिरिक्त दबाव कम हो जाता है।
नीली रोशनी को कम करें
विशेषज्ञों के मुताबिक कंप्यूटर-मोबाइल के कारण आंखों को होने वाले दुषप्रभावों को कम करने के लिए इससे निकलने वाली नीली रोशनी को कम रखें। आजकल सेटिंग्स में रीडिंग मोड का विकल्प होता है जो स्वत: इस रोशनी को कम कर देता है। रीडिंग मोड में काम करने से आंखों पर दुष्प्रभाव का जोखिम कम हो जाता है। आंखों की सेहत का ख्याल रखना सभी के लिए बहुत आवश्यक है।
मोबाइल और कंप्यूटर की स्क्रीन पर बढ़ता समय, हमारी आंखों के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकता है। कंप्यूटर पर ज्यादा काम करने वालों में कई तरह की आंखों से संबंधित समस्याएं देखने को मिलती रही हैं। विशेषज्ञ बताते हैं, स्कीन से निकलने वाली नीली रोशनी सीधे आंखों को नुकसान पहुंचाती है, जिसके कारण आंखों में दर्द, लालिमा, जलन और समस्या बढ़ने के साथ लोगों में ड्राई आइज की दिक्कत बढ़ती जा रही है। ऑफिस में काम करने वाले या ऑनलाइन आपना समय ज्यादा बिताने वाले लोगों को आंखों की सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, स्क्रीन पर बीतने वाले अधिक समय के कारण होने वाली आंखों की समस्या को मेडिकल की भाषा में ‘डिजिटल आई स्ट्रेन’ के नाम से जाना जाता है। आमतौर पर इस समस्या पर हम ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन एक बार जब यह बढ़ने लगती है तो इसके कारण कई तरह की गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं।
जिन लोगों का रोजाना कंप्यूटर पर अधिक समय बीतता है उन्हें अपनी आंखों के विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है। कुछ बेहद सरल से उपाय इसमें आपकी मदद कर सकते हैं, जिसे हर किसी को प्रयोग में लाते रहना चाहिए। ये उपाय आपकी आंखों को होने वाली गंभीर समस्याओं से बचाने में काफी मददगार हो सकते हैं। आइए आगे इस बारे में विस्तार से जानते हैं। डिजिटल आई स्ट्रेन के कारण होने वाली दिक्कतें
डिजिटल आई स्ट्रेन आज के समय से, पहले से कहीं अधिक आम समस्या है, क्योंकि लगभग हर कोई दैनिक जीवन में स्क्रीन का उपयोग करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगभग 50 फीसदी लोगों में इस तरह की समस्याओं का खतरा हो सकता है। वैसे तो इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं है कि दीर्घकालिक तौर पर यह आपकी आंखों की रोशनी को खराब कर देता है, लेकिन यह आंखों से संबंधित कई तरह की असहज करने वाली समस्याओं का कारण जरूर बन सकती है, जिसमें आंखों में दर्द, लालिमा, चुभन और आंखों के सूखापन की समस्या काफी सामान्य है।20/20/20 नियम का पालन करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हमारी आंखें पूरे दिन सीधे किसी भी चीज को लगातार देखने के लिए डिज़ाइन नहीं की गई हैं। यही कारण है कि लगातार स्क्रीन देखते रहने वाले लोगों में इससे संबंधित कई तरह की दिक्कतें हो सकती है। इससे बचाव के लिए 20/20/20 नियम आपके लिए काफी मददगार है। इसके मुताबिक यदि आप स्क्रीन को 20 मिनट तक लगातार देखते हैं, तो आपको 20 सेकंड के लिए अपने से कम से कम 20 फीट दूर किसी चीज को देखते रहना चाहिए। यह आपके लिए काफी मददगार अभ्यास है।
पलकों को झपकाते रहें
कंप्यूटर पर काम करते समय, थोड़ी-थोड़ी देर पर अपने पलकों को झपकाते रहने की आदत डालें। इससे आंखों में पर्याप्त नमी बनी रहती है और ड्राई आइज की समस्या का जोखिम कम हो जाता है। पलकों को झपकाते रहने से आंखों को आराम भी मिलता है जिससे मांसपेशियों पर पड़ रहा अतिरिक्त दबाव कम हो जाता है।
नीली रोशनी को कम करें
विशेषज्ञों के मुताबिक कंप्यूटर-मोबाइल के कारण आंखों को होने वाले दुषप्रभावों को कम करने के लिए इससे निकलने वाली नीली रोशनी को कम रखें। आजकल सेटिंग्स में रीडिंग मोड का विकल्प होता है जो स्वत: इस रोशनी को कम कर देता है। रीडिंग मोड में काम करने से आंखों पर दुष्प्रभाव का जोखिम कम हो जाता है। आंखों की सेहत का ख्याल रखना सभी के लिए बहुत आवश्यक है।
-
Lifestyle5 days agoVastu Tips: आईने को गलत दिशा में रखने से हो सकती है परेशनी, जाने इसे सही दिशा में रखने के उपाये…
-
जॉब6 days agoपरिवहन उप निरीक्षक की निकली भर्ती,उम्मीदवार जल्द करे आवेदन…
-
जॉब5 days agoभारतीय डाक विभाग में निकली बम्फर भर्ती,जल्द करें आवेदन
-
जॉब6 days agoबैंक ऑफ बड़ौदा में निकली 100 पदों पर बम्फर भर्ती,1 लाख 50 तक मिलेगी सैलरी..
-
जॉब4 days agoपंजाब नेशनल बैंक में 12वीं पास के लिए चपरासी पदों पर निकली बंपर भर्ती, जाने आवेदन की तिथि और शैक्षणिक योग्यता…
-
देश - दुनिया4 days agoमौसम मे आज आयगा बदलाव:दक्षिण से आ रही हवा के चलते मौसम में नमी, हल्की बूंदाबांदी के साथ धूल भरी आंधी चलने की संभावना
-
जॉब5 days agoनौकरी पाने का शानदार मौका : बैंक ऑफ बड़ौदा में निकली इतने पदों पर भर्ती,लाखोँ में मिलेगी सैलरी…
-
जॉब6 days agoबैंक ऑफ बड़ौदा मे निकली भारती,उम्मीद्वार जल्द करे आवेदन
-
जॉब5 days agoइंटेलिजेंस ब्यूरो में निकली भर्ती,उम्मीदवार जल्द करें आवेदन…
-
देश - दुनिया3 days agoसुकन्या समृद्धि योजना में हुए 5 बड़े बदलाव, जानिए क्या है ये बदलाव…


















You must be logged in to post a comment Login